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एनएमआईएमएस के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से की सौजन्य मुलाकात,एडुसिटी नया रायपुर में नारसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के कैंपस खोलने का मिला प्रस्ताव

रायपुर, 04 दिसंबर 2025// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन में नारसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (NMIMS) के प्रतिनिधि श्री जगदीश वी पारिख ने सौजन्य भेंट की। मुलाकात के दौरान प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे विशेष प्रयासों तथा नई संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।

श्री पारिख ने मुख्यमंत्री को संस्थान द्वारा नया रायपुर के एडुसिटी में अपना कैंपस स्थापित करने के प्रस्ताव से अवगत कराया। उन्होंने एनएमआईएमएस द्वारा संचालित पाठ्यक्रमों, शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी भी साझा की। साथ ही श्री पारिख ने उन्हें आज आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ पी चौधरी से हुए मुलाकात के बारे में बताया और उनके माध्यम से हर संभव विभागीय सहयोग मिलने की बात कही।
                  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के संकल्प के साथ नया रायपुर में एडुसिटी का विकास कर रही है। उन्होंने कहा कि एडुसिटी के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को राष्ट्रीय स्तर की उत्कृष्ट संस्थाओं में पढ़ने का अवसर मिलेगा और उन्हें बड़े शहरों की ओर जाने की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि नारसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के आने से राज्य के युवाओं को मैनेजमेंट और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण उच्च स्तरीय शिक्षा प्राप्त होगी। एडुसिटी में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के संचालन से युवाओं के कौशल विकास को नई दिशा मिलेगी और रोजगार के बेहतर अवसर सृजित होंगे।
          उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार नया रायपुर को एजुकेशनल हब के रूप में विकसित करने के लिए एडुसिटी का निर्माण कर रही है। इसमें मल्टी-डिसिप्लीनरी यूनिवर्सिटी, रिसर्च सेंटर, इन्क्यूबेशन हब, डिजिटल लाइब्रेरी, विज्ञान एवं नवाचार केंद्र तथा अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं की स्थापना प्रस्तावित है। इससे प्रदेश के युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा, शोध और स्टार्टअप के अवसर मिलेंगे।
नया रायपुर में पहले से ही आईआईआईटी, आईआईएम, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान संचालित हैं। एडुसिटी के विकसित होने से यहां शिक्षा का एक सशक्त और आधुनिक पारिस्थितिकी तंत्र तैयार होगा।
          इस दौरान मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, नया रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री चंदन कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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छत्तीसगढ़ में ई-गजट ऑनलाईन पोर्टल का शुभारंभ: अधिसूचना प्रकाशन की प्रक्रिया अब होगी पूरी तरह डिजिटल और त्वरित

रायपुर 4 दिसम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और त्वरित बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने मंत्रालय में ई-गजट ऑनलाईन पोर्टल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले उपस्थित  थीं। 

ई-गजट ऑनलाईन पोर्टल पोर्टल के माध्यम से अब शासन के सभी विभाग तथा जिला कलेक्टरों द्वारा जारी आदेश, अधिसूचनाएँ, अध्यादेश एवं अन्य प्रकाशन सामग्री सीधे ऑनलाईन पाण्डुलिपि रूप में संचालक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री विभाग को भेजी जाएगी, जहाँ से शासकीय मुद्रणालय इसे ई-गजट के रूप में ऑनलाइन प्रकाशित करेगा।

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा विकसित इस नई प्रणाली के तहत राजपत्र प्रकाशन की संपूर्ण प्रक्रिया अब डिजिटल माध्यम से संचालित होगी। पूर्व में विभागों एवं जिला कार्यालयों से मुद्रणालय तक पाण्डुलिपि भेजने की प्रक्रिया समयसाध्य और भौतिक संसाधनों पर आधारित थी, जिसे अब पूर्णतः ऑनलाइन कर दिया गया है। नए ई-गजट पोर्टल के माध्यम से विभाग अपने आदेश एवं अधिसूचनाएँ सीधे अपलोड करेंगे तथा प्रकाशित राजपत्र भी सभी के लिए ऑनलाइन सुलभ रहेगा।

ई-गजट प्रणाली लागू होने से अधिसूचना प्रकाशन संबंधी कार्यों में उल्लेखनीय तेजी आएगी। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से न केवल प्रक्रियाएँ सरल होंगी, बल्कि कार्य पूर्णतः पेपर-लेस होने से शासन की ई-गवर्नेंस नीतियों को भी मजबूत आधार मिलेगा। राजपत्रों का ऑनलाइन प्रकाशन पारदर्शिता, सुलभता और रिकॉर्ड प्रबंधन को भी अधिक प्रभावी बनाएगा।

छत्तीसगढ़ शासन की यह पहल राज्य में डिजिटल शासन, त्वरित निर्णय प्रक्रिया और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। ई-गजट पोर्टल के शुभारंभ से अब राजपत्र प्रकाशन अधिक सुगम, समयबद्ध और आधुनिक स्वरूप में उपलब्ध हो सकेगा।

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मुख्यमंत्री अंबागढ़ चौकी में आयोजित जनजाति गौरव समारोह में हुए शामिल,अंबागढ़ चौकी को राजस्व अनुविभाग बनाने तथा ऑडिटोरियम निर्माण करने की घोषणा

रायपुर, 03 दिसंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में केंद्र सरकार एवं छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासियों के हितों की रक्षा और उनके सर्वांगीण विकास के लिए कृतसंकल्पित है। मुख्यमंत्री आज मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के अंबागढ़ चौकी में आयोजित जनजाति गौरव दिवस एवं प्रतिभा सम्मान समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर 475 करोड़ रुपए से अधिक विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण किया। उन्होंने अंबागढ़ चौकी को राजस्व अनुभाग बनाने तथा अंबागढ़ चौकी में सर्व सुविधायुक्त ऑडिटोरियम निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की लाभार्थी महिलाओं के खाते में 22वीं किस्त की राशि का अंतरण भी किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने की।

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण और जनजाति समाज के कल्याण में पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र व राज्य सरकार के द्वारा जनजातीय और विशेष पिछड़ी जनजातियों के सर्वांगीण विकास हेतु निरंतर कार्य किये जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री जनमन एवं ग्राम उत्कर्ष योजना के अंतर्गत जनजातीय परिवारों को मुख्यधारा में शामिल करने के लिए सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 13 दिसंबर को छत्तीसगढ़ सरकार के दो वर्षों का कार्यकाल पूर्ण होने जा रहा है। हमारी सरकार ने दो वर्षों के कार्यकाल में मोदी की गारंटी के तहत किए गए सभी वायदों को पूरा किया है। महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह माता-बहनों के खातों में हर माह 1000 रुपए की राशि अंतरित की जा रही है। किसानों से 3100 रुपए की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी के साथ ही तेंदूपत्ता संग्रहण दर प्रति मानक बोरा 5500 रुपए का भुगतान किया जा रहा है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए चरण पादुका का वितरण फिर से शुरू किया गया है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के द्वारा देश एवं राज्य के विकास में सबसे बड़ी बाधा माओवाद को मार्च 2026 तक समाप्त करने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा केंद्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर माओवाद आतंक से मुक्त करने की दिशा में अत्यंत ठोस एवं सार्थक कार्य किया जा रहा हैं। जल्द ही छत्तीसगढ़ राज्य माओवाद के आतंक से मुक्त हो जाएगा। 

मुख्यमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा को आदिवासी समाज सहित संपूर्ण भारतवर्ष का गौरव बताते हुए, स्वाधीनता आंदोलन एवं राष्ट्र के नव निर्माण में जनजाति समाज के महापुरुषों एवं राष्ट्र भक्तों के योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरगुजा में आयोजित भगवान बिरसा मुंडा के जयंती के अवसर पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का आगमन हम सभी के लिए सौभाग्य एवं गर्व का विषय है। 

 छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार के जनकल्याणकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के परिणाम स्वरूप छत्तीसगढ़ राज्य में भी व्यापक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में जनजाति समाज के साथ-साथ पूरे छत्तीसगढ़ में विकास नई इबारत लिखी जा रही है। जिसके फलस्वरूप आज बस्तर से लेकर सरगुजा तक राज्य के प्रत्येक क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहा है। इस मौके पर उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार की जनहितैषी कार्यों और नीतियों की विस्तार से जानकारी दी।

समारोह को उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, सांसद श्री संतोष पांडे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह और जनजाति समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री एमडी ठाकुर ने भी सम्बोधित किया। समारोह में विभिन्न क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनजातीय समाज के प्रतिभाओं को सम्मानित करने के अलावा प्रधानमंत्री आवास के हितग्राहियों को आवास पूर्णता प्रमाण पत्र एवं विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं में सफलता अर्जित करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। 

कार्यक्रम में विधायक श्री भोलाराम साहू, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री योगेश दत्त मिश्रा सहित कई पूर्व विधायक, पंचायत एवं नगरीय संस्थाओं के जनप्रतिनिधि, सामाजिक बंधु और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

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कन्या हाई स्कूल की बाउंड्रीवाल न होने से छात्राओं की सुरक्षा से हो रहा खिलवाड़,चारदीवारी नहीं रहने के कारण बच्चों को कई समस्याओं का करना पड़ रहा सामना,खेलने का भी नही है सुरक्षित जगह.....

जशपुर/नारायणपुर : स्टेट हाईवे के पास बाउंड्रीवाल न होने से कई स्कूलों के बच्चों के लिए गंभीर सुरक्षा का खतरा बना हुआ है, जिससे हमेशा दुर्घटनाएं होने की संभवाना बनी रहती हैं। नारायणपुर के कन्या हाई स्कूल, स्टेट हाईवे 17 के ठीक बगल में हैं, जहां हमेशा सैकड़ो भारी वाहनों आवागमन होता है।  इस विद्यालय में बाउंड्रीवाल की कमी के कारण बच्चे खेलते समय या स्कूल आते-जाते समय सीधे सड़क पर आ सकते हैं, जिससे उनके साथ बड़ा हादसा होने का खतरा बना रहता है

          ज्ञात हो कि नारायणपुर के कन्या हाई स्कूल में वर्षों से  वाउंड्रीवाल की मांग की जा रही है परन्तु अब तक यंहा वाउंड्रीवाल का निर्माण नहीं कराया गया है। स्टेट हाइवे चराईडाँड़ -बतौली मुख्य सड़क से सटा होने के कारण यह स्थिति छोटे बच्चों के लिए दुर्घटना का खतरा पैदा करती है। छात्राएं सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों से हमेशा भयभीत रहते हैं।
यह कन्या हाई स्कूल बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से खतरे में है। स्कूल स्टेट हाईवे के बिलकुल किनारे स्थित है। रोजाना सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन और भारी ट्रक इस सड़क से गुजरते हैं। स्कूली बच्चे इसी हाईवे से होते हुए स्कूल पहुंचते हैं। वहीं, स्कूल का खेल मैदान भी सड़क से सटा हुआ है। बाउंड्रीवॉल नहीं होने के कारण बच्चे खेलते-खेलते अक्सर सड़क तक आ जाते हैं। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इस स्कूल के सौ मीटर आगे जंहा अंधा मोड़ से जाना जाता है  जंहा हमेशा  छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं होते आ रही हैं। इस स्थिति में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

       स्थानीय सूत्रों के अनुसार, विद्यालय के सामने से गुजरने वाली सड़क पर बाइक और अन्य वाहनों की आवाजाही तेज गति से होती है। इसके अलावा, स्कूल परिसर में आवारा पशुओं के प्रवेश से छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा को खतरा बना रहता है।

       पालकों और ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द स्कूल परिसर में बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया जाए, ताकि बच्चे सुरक्षित रह सकें और स्कूल परिसर में ही सीमित रहें। ग्रामीणों का कहना है कि यह मुद्दा कई बार शिक्षा विभाग और प्रशासन के संज्ञान में लाया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। 

       ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से भी अपील की है कि छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द कन्या हाई स्कूल की चाहरदीवारी का निर्माण  कराया जाए ताकि छात्र-छात्राएं सुरक्षित और शांत वातावरण में शिक्षा ग्रहण कर सकें।

 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हायर सेकेंडरी स्कूल भी बाउंड्रीवाल विहीन

नारायणपुर के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हायर सेकेंडरी स्कूल बाउंड्रीवाल विहीन हैं, जिससे स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं को पूर्ण सुरक्षा उपलब्ध नहीं हो पा रही है।यह विद्यालय ग्राम के मुख्य सड़क किनारे संचालित हो रहा जिससे भारी वाहनों के कारण दुर्घटनाएं होने की आशंका बनी रहती है। जनप्रतिनिधियों द्वारा बाउंड्रीवाल के नाम राषि स्वीकृत कराने का केवल आश्वासन ही आज तक शिक्षा विभाग व यंहा के ग्रामीणजनों को मिलता रहा है।

   सुरक्षा मानकों के तहत विद्यालय में बाउंड्रीवाल होना जरूरी है।गौर करने वाली बात है कि इस विकास खण्ड के अधिकांश स्कूल बाउंड्रीवाल विहिन रहकर सड़क के किनारे स्थित हैं ऐसे में बच्चों के स्कूल आते-जाते हर वक्त भय बना रहता है। शिक्षक और अभिभावक दोनों ही बच्चों की सुरक्षा को लेकर सहमे रहते हैं, जबकि विभाग इससे बेखबर चुप्पी साधे बैठा है। बताते हैं कि बाउंड्रीवाल निर्माण को लेकर कई बार सर्वे कराया गया था। वाउंड्रीवाल निर्माण के लिए इस स्कूल की सूची शासन को भेजी गई थी, लेकिन अब तक बाउंड्रीवाल बनाने के लिए स्वीकृति नहीं मिली। 

विद्यालय परिसर में घूमते हैं मवेशी,साथ ही चोरी होने का डर

बाउंड्रीवाल विहीन विद्यालय पशुओं का चारागाह बने हुए हैं। इनके परिसर में पूरे दिन पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। वहीं छुट्टी के दिनों में शरारती तत्व जमे रहते हैं। चोर-उचक्कों का भय भी बराबर बना हुआ है। पूर्व में इस स्कूल से 8 से 10 कम्प्यूटर की चोरी हो चुकी है,उसके बाद भी विभाग यंहा वाउंड्रीवाल बनवाने में रुचि नही ले रहा है।

समय समय पर विभाग को सड़क किनारे स्कूलों की वाउंड्रीवाल नही होने की जानकारी दिया जाता है। शासन की प्राथमिकता में भी है कि सड़क किनारे स्कूलों का बाउंड्रीवाल कराने का। जैसे ही स्वीकृत होगा वाउंड्रीवाल का भी निर्माण हो जाएगा।

सुदर्शन पैंकरा- विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी -कुनकुरी

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नारायणपुर सहित कुछ और स्कूलों का वाउंड्रीवाल का प्रस्ताव बना कर भेजा गया है जब स्वीकृत हो कर आ जायेगा तो वाउंड्रीवाल बन जायेगा

पी.के.भटनागर

जिला शिक्षा अधिकारी-जशपुर

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग 2024 के टॉप 10 अभ्यर्थियों ने की सौजन्य भेंट

रायपुर, 03 दिसंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग 2024 के टॉप 10 अभ्यर्थियों ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी चयनित अभ्यर्थियों और उनके परिजनों को सफलता के लिए शुभकामनाएं और बधाई दी। इस अवसर पर विधायक श्री ललित चंद्राकर और राजभाषा अधिकारी श्री छगन लाल नागवंशी भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों से उनकी तैयारी के अनुभव, परीक्षा के दौरान आने वाली चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच के कारण विद्यार्थियों ने यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग 2024 में प्रदेश के युवाओं का उत्कृष्ट प्रदर्शन हम सबके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आपको हमेशा यह भी याद रखना होगा कि आगे आपकी भूमिका लोकसेवक की होगी। आपको अपने दायित्वों के निर्वहन में धैर्य, विनम्रता और लोक सेवक की सीमाओं का हमेशा ध्यान रखना होगा। आम जनमानस में प्रशासन का विश्वास कायम रखने की दिशा में आप सभी को संवेदनशीलता से प्रयास करना है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि  हमारी सरकार ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की प्रतिष्ठित परीक्षा को पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित करने का निर्णय लिया है और वह परीक्षा परिणामों में  साफ नजर आ रहा है। 

टॉपर विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि यह उपलब्धि उनके लिए जिम्मेदारी का नया अध्याय है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ जनता की सेवा करेंगे और प्रदेश के विकास में योगदान देंगे।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग 2024 के टॉप 10 चयनित अभ्यर्थी श्री देवेश प्रसाद साहू, श्री स्वप्निल वर्मा, श्री यशवंत कुमार देवांगन, श्री पोलेश्वर साहू, श्री पारस शर्मा, सुश्री शताक्षी पाण्डेय, श्री अंकुश बैनर्जी, सुश्री सृष्टि गुप्ता, श्री प्रशांत वर्मा और श्री सागर वर्मा सपरिवार उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना :20 से 23 दिसम्बर तक शिरडी, शनिसिंघनापुर, त्रयम्बेश्वर के लिए तीर्थ यात्री कर सकेंगे यात्रा,आवेदन  08 दिसम्बर तक आमंत्रित 

जशपुरनगर 03 दिसंबर 2025/ मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजनान्तर्गत जशपुर जिले के लिए माह दिसम्बर 2025 में तीर्थ स्थल की यात्रा निर्धारित की गई है। जिसके अनुसार 20 से 23 दिसम्बर 2025 तक शिरडी, शनिसिंघनापुर, त्रयम्बेश्वर के लिए  391 तीर्थ यात्री यात्रा करेंगे
          समाज कल्याण विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार तीर्थ स्थल की यात्रा हेतु  व्यक्तियों से आवेदन पत्र, दो प्रतियों में फोटोग्राफ (पासपोर्ट साइज), आधार कार्ड, राशन कार्ड, मतदाता परिचय पत्र की छायाप्रति साथ ही पृथक से संलग्न मेडिकल प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है।
        वरिष्ठ नागरिक, विधवा एवं परित्यक्त महिलाएं, छत्तीसगढ़ का निवासी, शासन द्वारा उक्त निर्धारित संख्या में ग्रामीण क्षेत्र  के 75 प्रतिशत व नगरीय क्षेत्र के 25 प्रतिशत  तीर्थ यात्रियों के लिए बीपीएल के हितग्राही 80 प्रतिशत तथा एपीएल के हितग्राही 20 प्रतिशत होगा। एपीएल के हितग्राही जो आयकर दाता की श्रेणी में न हो। इस योजना का पूर्व में लाभ नहीं लिया हो। वर्तमान या भूतपूर्व शासकीय सेवक न हो गंभीर संक्रामक रोग से ग्रसित न हो। 65 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे व्यक्ति, जिसमें अकेले यात्रा करने हेतु आवेदन किया है, उन्हें अपने साथ एक सहायक को यात्रा में ले जाने की पात्रता होगी, जिसकी आयु 21-50 वर्ष होगी। यदि आवेदक पति व पत्नि में से किसी का नाम चुना जाता है तो उसका जीवन साथी भी यात्रा पर जा सकेगा, आवेदक के जीवन साथी की आयु 60 वर्ष से कम हो तब भी आवेदक के साथ यात्रा की जा सकती है, आवेदन करते समय ही आवेदक को बताना होगा कि उसका जीवन साथी भी उसके साथ यात्रा करने का इच्छुक है, ऐसी स्थिति में उक्त जीवन साथी का आवेदन भी संलग्न करना होगा, यदि सहायक को यात्रा पर साथ ले जाने की पात्रता है, तो उस सहायक का आवेदन भी जमा किया जावेगा। चयनित यात्री के यात्रा पर नहीं जाने की स्थिति में प्रतीक्षा सूची में सम्मिलित व्यक्ति को यात्रा पर भेजा जा सकेगा।
केवल यह व्यक्ति ही जिसका चयन किया गया है, यात्रा पर जा सकेगा, वह अपने साथ अन्य किसी अनाधिकृत व्यक्ति को नहीं ले जा सकेगा एवं चयन उपरांत वह व्यक्ति यात्रा पर न जाने की स्थिति में अपने स्थान पर अन्य किसी दूसरे व्यक्ति को नहीं भेज सकेगा।
         आवेदक से आवेदन पत्र निर्धारित प्रारूप में आवश्यक दस्तावेज सहित 08 दिसम्बर 2025 सायं 050:00 बजे तक प्राप्त किए जाएंगे। विलंब से प्राप्त होने वाले आवेदनों पर विचार नहीं किया जावेगा।

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सहायक कलेक्टर श्री अनिकेत अशोक ने धान बैरियर का किया निरीक्षण,वाहन की कड़ाई से जांच करने तथा वाहनों का पूरा रिकॉर्ड संधारित करने के दिए निर्देश

जशपुर:03 दिसम्बर 2025 : राज्य शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी 15 नवंबर से सुचारू रूप से जारी है। इसी के मद्देनज़र कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जिले में अन्य राज्यों से अवैध रूप से परिवहित एवं संग्रहित धान पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने धान खरीदी केंद्रों और सभी चेकपोस्ट पर सतत एवं कठोर निगरानी रखने पर विशेष जोर दिया है। कलेक्टर के निर्देशों का पालन करते हुए जिला प्रशासन सक्रिय रूप से निगरानी और कार्रवाई में जुटा हुआ है। अवैध धान की आवक रोकने हेतु जिले की सीमाओं पर 21 चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं, जहां निरंतर जांच की जा रही है।
    इसी क्रम में सहायक कलेक्टर श्री अनिकेत अशोक द्वारा साईटांगरटोली धान बैरियर का निरीक्षण किया गया। उन्होंने मौके पर उपस्थित सभी कर्मचारियों को समय पर ड्यूटी में उपस्थित रहने, प्रत्येक वाहन की कड़ाई से जांच करने तथा वाहनों का पूरा रिकॉर्ड संधारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी वाहनों के टोकन की प्रतियां अनिवार्य रूप से सुरक्षित रखी जाएं। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार, नायब तहसीलदार जशपुर, मंडी सचिव तथा फूड इंस्पेक्टर उपस्थित रहे।

लाइंसेस लिमिट से ज्यादा धान पाए जाने पर जप्ती की कार्यवाही

    इसके अलावा सहायक कलेक्टर श्री अनिकेत अशोक द्वारा लोदाम स्थित एक फुटकर व्यापारी के गोदाम का भी निरीक्षण किया गया। जांच में पाया गया कि व्यापारी ने लाइसेंस में निर्धारित सीमा से 136 बोरी अधिक धान का भंडारण कर रखा है। टीम द्वारा मौके पर 136 बोरी धान की जप्ती बना कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की गई। इस दौरान तहसीलदार, नायब तहसीलदार, मंडी सचिव एवं फूड इंस्पेक्टर की टीम उपस्थित रही।

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सशस्त्र सेना झण्डा दिवस 7 दिसम्बर को मनाया जाएगा,कलेक्टर ने की अपील अधिक से अधिक अंशदान राशि देकर वीर सपूतों के प्रति अपना स्नेह और सम्मान करें व्यक्त 

जशपुरनगर 03 दिसम्बर 2025/ देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का सर्वोत्तम बलिदान करने वाले अमर वीर शहीदों और सैनिकों को सम्मानित करने के लिए प्रतिवर्ष 07 दिसम्बर को सशस्त्र सेना झण्डा दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जिले के सभी सशस्त्र सेना के सेवारत जवानों, भूतपूर्व सैनिकों, वीर नारियों एवं उनके आश्रितों का हार्दिक अभिनंदन करते हुए कहा कि झण्डा दिवस हमारे लिए सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारजनों के प्रति आदर व्यक्त करने के लिए एक अवसर है। 
           कलेक्टर श्री व्यास ने जशपुर जिले सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि इस अवसर पर अधिक से अधिक अंशदान देकर अपने वीर सपूतों के प्रति अपना स्नेह और सम्मान व्यक्त करें। उन्होंने कहा कि हमारी सेना देश का विश्वास, गौरव और प्रेरणा है। हमारी सशस्त्र सेना ने देश की सीमाओं की रक्षा, आतंकवाद का सामना एवं प्राकृतिक आपदाओं में अपने वीरता, समर्पण एवं सेवा भाव से अनूठी मिशाल कायम की है। जिसके लिए समस्त देशवासी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज हुई कैबिनेट की बैठक में राज्य के घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली बिल में रियायत देने के साथ ही कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए

रायपुर :03 दिसम्बर 2025

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में राज्य के घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली बिल में रियायत देने के साथ ही अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए - 

 मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान (M-URJA) - राज्य के घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत देने के लिए मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान राज्य में 01 दिसम्बर 2025 से लागू है, जिसके तहत घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को 100 यूनिट से बढ़ाकर अब 200 यूनिट प्रति माह तक बिजली बिल में 50 प्रतिशत छूट का लाभ मिलेगा। यह लाभ 400 यूनिट तक खपत वाले उपभोक्ताओं को भी मिलेगा। 

राज्य में 200 से 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को अगले एक वर्ष तक 200 यूनिट तक, बिजली बिल में 50 प्रतिशत छूट का लाभ मिलेगा, इससे 6 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे, ताकि इस अवधि में वे अपने घरों में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर प्लांट स्थापित करा सके।

इस तरह मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान से प्रदेश के 42 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे, वहीं प्रधानमंत्री सूर्य घर मुक्त बिजली योजना का लाभ प्रदेश के सभी उपभोक्ताओं को मिलेगा। 

गौरतलब है कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत राज्य शासन की ओर से सब्सिडी दी जा रही है, जिसके तहत 1 किलोवॉट क्षमता के सोलर प्लांट पर 15,000 रुपये तथा 2 किलोवॉट या उससे अधिक क्षमता के प्लांट पर 30,000 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी दी जा रही है। यह व्यवस्था राज्य में सौर ऊर्जा अपनाने को प्रोत्साहित करेगी और आने वाले समय में उपभोक्ताओं को हाफ बिजली से फ्री बिजली की ओर ले जाएगी।

 छत्तीसगढ़ भण्डार क्रय नियम, 2002 में स्थानीय लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों से क्रय को प्रोत्साहन देने तथा जेम पोर्टल में क्रय की स्पष्टता के लिए संशोधन किए जाने का निर्णय लिया गया। इन संशोधन से क्रय प्रक्रिया का सरलीकरण होगा, पारदर्शिता में वृद्धि होगी, प्रतिस्पर्धा को बढा़वा मिलेगा तथा समय और संसाधनों की बचत होगी। 

 मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक, 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। 

 मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना (नियोजन एवं सेवा की शर्तों का विनियमन) अधिनियम, 2017 (क्र. 21 सन् 2018) में संशोधन हेतु छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना संशोधन विधेयक, 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। जिससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के रिफॉर्म्स और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। 



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जशपुर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुनील गुप्ता बने सरगुजा के सहप्रभारी

जशपुर- भाजपा संगठन ने बड़े फेरबदल के तहत सरगुजा संभाग के लिए नई जिम्मेदारी सौंपते हुए भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुनील गुप्ता को सरगुजा का सहप्रभारी नियुक्त किया है। संगठन में उनकी एंट्री के साथ ही जिले भर के भाजपा कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई है। सोशल मीडिया पर लगातार बधाई संदेशों का सिलसिला जारी है।

सरल और सौम्य स्वभाव के लिए पहचाने जाने वाले सुनील गुप्ता को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने से कार्यकर्ताओं में नया उत्साह देखने को मिल रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उनके अनुभव और संगठनात्मक पकड़ से सरगुजा में भाजपा और अधिक मजबूत होगी।

गौरतलब है कि सुनील गुप्ता के जिलाध्यक्ष रहते जशपुर जिले की सभी तीन विधानसभा सीटों पर भाजपा को ऐतिहासिक जीत मिली थी, जिसके बाद से उनकी संगठनात्मक क्षमता को प्रदेश स्तर पर भी सराहना मिली थी।

इसी क्रम में प्रदेश भाजपा ने कल जिला संगठन प्रभारियों की सूची जारी की, जिसमें सुनील गुप्ता का नाम सहप्रभारी के रूप में शामिल किया गया है। उनकी नियुक्ति को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह है और लगातार बधाइयाँ दी जा रही हैं।

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पाञ्चजन्य कॉनक्लेव – दंतेश्वरी डायलॉग’ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने साझा किए सुशासन के दो वर्षों के अनुभव

रायपुर, 03 दिसंबर 2025/ राजधानी नया रायपुर स्थित मेफेयर लेक रिसॉर्ट में आयोजित पाञ्चजन्य कॉनक्लेव ‘दंतेश्वरी डायलॉग’ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य सरकार के दो वर्ष के कार्यकाल, बस्तर एवं सरगुजा क्षेत्रों में विकास, नक्सल उन्मूलन, औद्योगिक निवेश, महिला सशक्तिकरण तथा नई टेक्नोलॉजी आधारित विकास मॉडल सहित अनेक विषयों पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विभिन्न सवालों के सरल और स्पष्ट उत्तर देकर सरकार की योजनाओं और आगामी रोडमैप की जानकारी दी।

*महिला सशक्तिकरण सबसे बड़ी उपलब्धि*

मुख्यमंत्री ने कहा कि दो वर्षों में महतारी वंदन योजना महिला सशक्तिकरण का सबसे बड़ा माध्यम बनी है।70 लाख महिलाओं को हर महीने 1000 रुपए की सम्मान राशि दी जा रही है, जिससे परिवारों में पोषण, बच्चों की शिक्षा और घरेलू जरूरतों में सकारात्मक बदलाव आया है।


*टेक-ड्रिवन छत्तीसगढ़ – नई औद्योगिक नीति में विशेष प्रावधान*

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में नई उद्योग नीति लागू की गई है, जिसमे रोजगार को विशेष महत्व दिया गया है। साथ ही नई औद्योगिक नीति में निवेश को आकर्षित करने के लिए आकर्षक अनुदान,सिंगल विंडो सिस्टम,250 से अधिक ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधार को भी शामिल किया गया है। इसी का परिणाम है कि अभी तक लगभग 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। नई औद्योगिक नीति में आईटी, एआई, ग्रीन टेक व सेमीकंडक्टर जैसी नई पीढ़ी की इंडस्ट्री को प्रोत्साहन दिया गया है।नवा रायपुर को आईटी हब, सेमीकंडक्टर प्लांट, और एआई डेटा सेंटर पार्क के रूप में विकसित करने का काम जारी है।

*बस्तर का विकास – स्थानीय पहचान और आधुनिक अवसरों का संतुलित मॉडल*

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर का विकास स्थानीय संस्कृति के संरक्षण और आधुनिक सुविधाओं के संतुलन के आधार पर होगा। कृषि, सिंचाई, जैविक खेती, वनोपज प्रसंस्करण, पर्यटन और स्थानीय रोजगार पर विशेष फोकस किया जा रहा है।

*वनोपज संग्राहकों के लिए बेहतर सुविधा*

प्रधानमंत्री वनधन योजना और वनोपज आधारित प्रसंस्करण के विस्तार से संग्राहकों की आय में वृद्धि हो रही है।

*नक्सलवाद के विरुद्ध ‘सामाजिक मनोवैज्ञानिक मोड़’*

मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली जाकर नक्सल पीड़ितों द्वारा अपनी बात रखना ऐतिहासिक कदम है। इससे बस्तर के लोगों में बड़ा आत्मविश्वास आया और देश के सामने माओवादी हिंसा का वास्तविक चेहरा उजागर हुआ।

*मतांतरण पर सख्त कार्रवाई और सांस्कृतिक सुरक्षा पर जोर*

उन्होंने कहा कि प्रलोभन या दबाव से होने वाले मतांतरण रोकने के लिए लगातार कड़ी कार्रवाई हो रही है।इसके लिए विधानसभा में विधेयक लाने की भी तैयारी की जा रही है।

*जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य व डिजिटल कनेक्टिविटी में तेजी से सुधार*

मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर और सरगुजा में मोबाइल टावरों की स्थापना, स्कूलों का पुनः संचालन और युक्तियुक्तकरण के माध्यम से शिक्षा गुणवत्ता में तेजी से वृद्धि हुई है।

*नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास और सुविधाओं का विस्तार*

नियद नेल्ला नार योजना के अंतर्गत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, KCC कार्ड, बिजली, पानी, सड़क और अन्य सुविधाएँ तेजी से उपलब्ध कराई जा रही हैं।

*दो वर्षों में गारंटियों का सफल क्रियान्वयन*

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित अधिकांश गारंटियाँ पूरी की जा चुकी हैं। इनमें 18 लाख आवास स्वीकृत,किसानों को बेहतर समर्थन मूल्य,महतारी वंदन योजना,तेंदूपत्ता संग्राहकों की बढ़ी हुई राशि,भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता आदि शामिल है। इसके अलावा प्रदेश में माओवाद पर निर्णायक प्रहार किया गया है।

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पारदर्शी व्यवस्था से खुशहाल किसान—3100 रुपये समर्थन मूल्य से नंद कुमार ने जताया मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार


रायपुर,02 दिसंबर 2025/

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाई जा रही पारदर्शी और किसान हितैषी धान खरीदी व्यवस्था ने किसानों के चेहरे पर संतोष और भरोसे की नई चमक ला दी है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत 15 नवंबर से शुरू हुई धान खरीदी के दौरान नारायणपुर जिले के 17 उपार्जन केंद्रों में बारदाना, छाया, पेयजल, मेडिकल किट जैसी सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। खरीदी प्रक्रिया को ज्यादा सहज और पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन टोकन प्रणाली लागू की गई है, जिससे किसानों को अब लंबी कतारों और अनावश्यक प्रतीक्षा से मुक्ति मिल रही है। वहीं नोडल अधिकारियों की नियमित मॉनिटरिंग के कारण किसानों को किसी प्रकार की दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ा। धान विक्रय के बाद भुगतान भी दो दिनों के भीतर किसानों के खातों में अंतरित किया जा रहा है, जिससे उन्हें बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा।

नारायणपुर जिले के माहका धान खरीदी केंद्र में अपना धान बेचने पहुंचे किसान नंद कुमार शर्मा ने अपने अनुभव साझा करते हुए सरकार की इस व्यवस्था की सराहना की। पाँच एकड़ खेत में इस वर्ष 60 क्विंटल धान का उत्पादन करने वाले श्री शर्मा ने बताया कि 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मानक से किसानों को वास्तविक लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन टोकन प्रणाली ने प्रक्रिया को आसान बना दिया है और केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाएँ संतोषजनक हैं।

श्री नंद कुमार ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की यह पहल किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने धान बिक्री से प्राप्त राशि का उपयोग खेती-बाड़ी सुधार और पारिवारिक आवश्यकताओं को पूरा करने में करने की बात कही।

केंद्र में मौजूद अन्य किसानों ने भी धान खरीदी की सुदृढ़ व्यवस्था की प्रशंसा करते हुए उम्मीद जताई कि ऐसी सुविधाएँ आने वाले वर्षों में भी जारी रहेंगी और सरकार के प्रयासों से किसानों का विश्वास निरंतर बढ़ता रहेगा।

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विज्ञान प्रतिभा खोज परीक्षा-पतराटोली से दो छात्राओं का राज्य स्तरीय कैंप हेतु चयनित

जशपुर : भारत की सबसे बड़ी डिजिटल आधारित विज्ञान प्रतिभा खोज परीक्षा- विद्यार्थी विज्ञान मंथन के तीसरे चरण में जशपुर जिले के सात छात्रों ने राज्य स्तरीय कैंप के लिए स्थान बनाकर जिले का मान बढ़ाया है। इस क्रम में सेजेस पतराटोली, विकासखंड - दुलदुला, जिला, जशपुर छ ग के दो प्रतिभावान छात्राओं - निशा कुजूर (कक्षा 9वी) तथा आयुषी पन्ना (कक्षा 9 वीं) ने राज्य स्तरीय कैंप हेतु चयनित होकर संस्था तथा विकास खंड दुलदुला का मान बढ़ाया है। 
इन दोनों प्रतिभावान छात्राओं को विद्यालय के प्रार्थना सभा में आदरणीय प्राचार्य महोदय श्री डेनियल लकड़ा (प्राचार्य) द्वारा ₹ 500 - 500 नगद तथा एक एक पेन प्रदान कर शुभकामनाएं प्रदान किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य महोदय द्वारा डिजिटल क्रांति में सहभागिता हेतु विशेष आह्वान किया गया। आपने कहा कि वर्तमान समय टेक्नोलॉजी का समय है। अब 21वीं सदी डिजिटल क्रांति का समय है। इसी प्रकार के कई परीक्षाएं ऑनलाइन आयोजित किए जाते हैं। विद्यार्थियों को इस प्रकार के अवसर को कभी नहीं चूकना चाहिए।कार्यक्रम में विद्यार्थियों के साथ साथ समस्त शैक्षणिक स्टाफ उपस्थित थे।

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अगले महीने रायपुर में होगा साहित्य उत्सव, देश भर के 100 से अधिक साहित्यकार जुटेंगे,मुख्यमंत्री श्री साय ने किया उत्सव के लोगो का अनावरण

रायपुर, 02 दिसंबर 2025/नए वर्ष की शुरुआत के साथ छत्तीसगढ़ एक बार फिर साहित्यिक ऊर्जा से सराबोर होने को तैयार है। आगामी महीने रायपुर साहित्य उत्सव का आयोजन नवा रायपुर में 23 से 25 जनवरी तक होगा, जिसमें देश भर से 100 से अधिक प्रतिष्ठित साहित्यकार शामिल होंगे। राज्य स्थापना के रजत वर्ष पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा इस आयोजन की परिकल्पना की गई थी। उनकी यह परिकल्पना अब साकार रूप लेने जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में रायपुर साहित्य उत्सव के लोगो का अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शंशाक शर्मा, जनसंपर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, वरिष्ठ साहित्यकार श्री सुशील त्रिवेदी, डॉ. चितरंजन कर, श्री गिरीश पंकज, डॉ. संजीव बक्शी, श्री प्रदीप श्रीवास्तव और श्रीमती शकुंतला तरार उपस्थित थे।

लोगो अनावरण के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर पूरा प्रदेश रजत महोत्सव मना रहा है, और रायपुर साहित्य उत्सव उसी श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। उन्होंने कहा कि यह उत्सव न केवल छत्तीसगढ़ को, बल्कि पूरे देश के मूर्धन्य साहित्यकारों को एक साझा मंच प्रदान करेगा, जहाँ उनके अनुभव, विचार और रचनात्मक धारा से अवगत होने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ को साहित्यिक जगत में एक नई पहचान प्रदान करेगा तथा जनसमुदाय को साहित्य, लेखन और पठन-पाठन की ओर प्रेरित करेगा। साथ ही यह उत्सव राज्य की विकास योजनाओं के लिए भी सकारात्मक सामाजिक चेतना और विमर्श का मंच बनेगा।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संकल्पना पर आधारित इस आयोजन की व्यापक कार्ययोजना मात्र दो माह में तैयार की गई है। यह तीन दिवसीय महोत्सव 23, 24 एवं 25 जनवरी 2026 को जनजातीय संग्रहालय के समीप आयोजित होगा।

इस उत्सव में कुल 11 सत्र शामिल होंगे। इनमें 5 समानांतर सत्र, 4 सामूहिक सत्र, और 3 संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें साहित्यकारों एवं प्रतिभागियों के बीच सीधा संवाद और विचार-विमर्श होगा। 

*छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक-साहित्यिक विरासत का प्रतीक उत्सव का लोगो* 


अगले महीने आयोजित होने जा रहे रायपुर साहित्य उत्सव के लोगो में छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को एक प्रभावशाली प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया है। यह लोगो न सिर्फ राज्य की पहचान को दर्शाता है, बल्कि बस्तर की जैव-विविधता, जनजातीय परंपराओं, और छत्तीसगढ़ की आत्मा माने जाने वाले सल्फी पेड़ की सांस्कृतिक महत्ता को भी सशक्त रूप में उजागर करता है।

लोगो में सल्फी के पेड़ को छत्तीसगढ़ राज्य के नक्शे का रूप देकर यह संदेश दिया गया है कि राज्य की सभ्यता, संस्कृति और साहित्य सदियों से इसी भूमि की जड़ों से पोषित होते आए हैं। सल्फी का यह पेड़ आदिकाल से चली आ रही पौराणिक परंपराओं, भाईचारे और एकजुटता का प्रतीक माना जाता है। जनजातीय समाज के जीवन में गहराई से रचे-बसे इस पेड़ को साहित्य उत्सव के लोगो में शामिल करने से यह संदेश भी मिलता है कि छत्तीसगढ़ का जनजातीय साहित्य, लोकविश्वास और पारंपरिक ज्ञान-धारा आज भी समकालीन साहित्यिक प्रवाह के केंद्र में है।

लोगो में अंकित *‘आदि से अनादि तक’* वाक्य साहित्य की उस अटूट यात्रा को दर्शाता है, जिसमें आदिकालीन रचनाओं से लेकर निरंतर विकसित हो रहे आधुनिक साहित्य तक सभी रूप समाहित हैं। यह संदेश स्पष्ट रूप से प्रकट होता है कि साहित्य कालातीत है, वह समय, समाज, भाषा और पीढ़ियों को जोड़कर चलने वाली निरंतर धारा है। इसी प्रकार लोगो में शामिल *‘सुरसरि सम सबके हित होई’* वाक्य साहित्य को गंगा की तरह मुक्त, समावेशी और सर्वहितकारी शक्ति के रूप में स्थापित करता है। साहित्य सभी जाति, वर्ग, परंपरा और जीवन-रीतियों को अपनी व्यापकता में समाहित कर समाज को दिशा देता है और सबके हित का मार्ग प्रशस्त करता है।

रायपुर साहित्य उत्सव का यह लोगो पूरे छत्तीसगढ़ के लिए सांस्कृतिक गर्व का विषय है, क्योंकि इसमें राज्य की हजारों वर्षों पुरानी साहित्यिक जड़ें, जनजातीय परंपराएँ, सामाजिक समरसता और आधुनिक रचनात्मक दृष्टि-सभी का सुंदर, सार्थक और कलात्मक संगम दिखाई देता है। यह लोगो जनमानस तक यह सशक्त संदेश पहुँचाता है कि छत्तीसगढ़ की साहित्यिक यात्रा ‘आदि से अनादि’ तक अविचल, जीवंत और समृद्ध रही है और आगे भी इसी धारा में निरंतर विकास की नई कहानियाँ लिखती रहेगी। रायपुर साहित्य उत्सव के लोगो से छत्तीसगढ़ में आदि-अनादि काल से मजबूत साहित्य की जड़ों और उनसे जुड़ाव का सशक्त संदेश जनमानस तक पहुंचेगा।

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इंफाल में आयोजित 15वें मणिपुर अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में छत्तीसगढ़ को मिली ऐतिहासिक उपलब्धि,मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दी बधाई

रायपुर, 01 दिसम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री  निवास कार्यालय में अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में शामिल छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने सौजन्य भेंट की। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने टीम के सदस्यों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन पर बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है। उन्होंने खिलाड़ियों को भविष्य में भी इसी उत्साह और मेहनत के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के आदिवासी युवाओं में खेल की अपार प्रतिभा है और राज्य सरकार के सहयोग से घुड़सवारी एवं पोलो खेल को नई दिशा मिली है।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ ने पहली बार इतिहास रचते हुए 22 से 29 नवम्बर 2025 तक इंफाल में आयोजित 15वें मणिपुर अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में हिस्सा लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। यह अवसर इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि देश के इतिहास में पहली बार किसी राज्य को अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए आमंत्रित किया गया।

छत्तीसगढ़ टीम ने अमेरिका, कोलंबिया, इंडियन पोलो एसोसिएशन और अन्य अंतरराष्ट्रीय टीमों के साथ प्रतिस्पर्धा कर यह गौरव अर्जित किया। यह उपलब्धि आदिवासी युवाओं की खेल जगत में बढ़ती भागीदारी का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

गौरतलब है कि इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे कई संस्थानों का संयुक्त योगदान रहा जिसमे छत्तीसगढ़ शासन,भारतीय सेना (एनसीसी),दंतेवाड़ा जिला प्रशासन,कांकेर जिला प्रशासन,ब्रीगो एंड हेक्टर इक्वेस्ट्रियन मैनेजमेंट कंपनी, रायपुर मुख्य रूप से शामिल रहे। इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की टीम के सदस्यों में लेफ्टिनेंट कर्नल अमन सिंह, एनसीसी,लांस नदिम अली (सेवानिवृत्त),वेदिका शरण,चित्रभानु सिंह,सैमुअल विश्वकर्मा,गोलू राम कश्यप,सुभाष लेकामि,देवकी कड़ती शामिल रहे। इससे पूर्व भी कु. वेदिका शरण ने सितंबर 2025 में बेंगलुरु में आयोजित घुड़सवारी की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेकर अपने आयु वर्ग में भारत में दूसरा तथा विश्व स्तर पर 15 वा स्थान प्राप्त कर प्रदेश व देश का नाम रोशन किया है l

उल्लेखनीय है कि "खेल से शक्ति" पहल के अंतर्गत दंतेवाड़ा और कांकेर जिले के प्रतिभाशाली छात्रों को घुड़सवारी और पोलो का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। यह प्रशिक्षण ब्रीगो एंड हेक्टर इक्वेस्ट्रियन मैनेजमेंट कंपनी द्वारा भारतीय सेना के अनुभवी पोलो खिलाड़ियों के सहयोग से संचालित किया गया।

यह पहल आदिवासी युवाओं को खेल, शिक्षा और प्रशिक्षण के माध्यम से सशक्त बनाने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है। इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आवश्यक संसाधन और अवसर उपलब्ध कराना है। इस अवसर पर आयुक्त छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल श्री अवनीश शरण और घुड़सवारी प्रशिक्षक सुश्री गीता दहिया उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना: जिला के बेरोजगार युवक-युवतियों के लिए  रोजगार का सुनहरा अवसर,मिलेगा निःशुल्क प्रशिक्षण

जशपुरनगर 02 दिसम्बर 2025/ मुख्यमंत्री कौशल विकास योजनान्तर्गत जिले में एनिमेटर, फायर फाइटर, जनरल ड्यूटी असिस्टेंट, कस्टमर केयर सीनियर एग्जीक्यूटिव (वौइस् एंड नॉन वौइस), सिक्यूरिटी गार्ड, लैब तकनीशियन, ट्रेवल कंसलटेंट, असिस्टेंट इलेक्ट्रीशियन, योग इंस्ट्रक्टर जैसे कोर्स में निः शुल्क आवासीय प्रशिक्षण प्रदाय किया जा रहा है। जिला के बेरोजगार युवक-युवतियों के लिए  रोजगार का ये सुनहरा अवसर है। 
               इन कोर्स में प्रशिक्षण हेतु न्यूनतम आयु सीमा 18 वर्ष एवं अधिकतम आयु सीमा 30 वर्ष है तथा न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वी पास है।  प्रशिक्षण की अवधि 2 माह से 6 माह तक की है, प्रशिक्षण समापन उपरान्त रोजगार शत प्रतिशत प्रदाय किया जायेगा जिसमें मासिक वेतन 08 से 15  हजार रूपए तक रहेगी। प्रशिक्षण निःशुल्क और प्रशिक्षण ले रहे हितग्राही के लिए आवासीय है। प्रशिक्षण हेतु अपना नाम जिला कौशल विकास प्राधिकरण कार्यालय रंजीता स्टेडियम के सामने जशपुरनगर में दर्ज करा सकते हैं अथवा 7697584747 पर संपर्क कर सकते हैं।

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एकादशी पर्व पर दोकड़ा में भव्य आयोजन, श्री जगन्नाथ मंदिर में हुआ द्विप प्रज्वलन, उमड़ी भक्तों की श्रद्धा.....

नारायणपुर/दोकडा 01 दिसम्बर 2025। एकादशी पर्व के पावन अवसर पर दोकड़ा स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में भव्य द्विप प्रज्वलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। शाम होते ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने भगवान जगन्नाथ के समक्ष दीप जलाकर सुख-समृद्धि की कामना के साथ आरती गायन किया गया,इस मौके पर बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं।पूरे मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन की गूंज से एक दिव्य वातावरण बना रहा। भक्तिमय माहौल में सभी आयु वर्ग के लोगों ने भजन संध्या में भाग लिया। कार्यक्रम के उपरांत प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्मलाभ लिया।एकादशी पर्व पर आयोजित यह धार्मिक कार्यक्रम दोकड़ा में आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का अद्भुत संगम बनकर उभरा।

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मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय से प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों ने की सौजन्य भेंट,कानून-व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर हुई विस्तृत चर्चा


 
 रायपुर, 01 दिसम्बर 2025
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज शाम राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य भेंट की। भेंट के दौरान राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था एवं कानून-व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को कर्तव्यनिष्ठा, संवेदनशीलता और सजगता के साथ कार्य करने की सलाह दी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आदिवासी एवं वनांचल क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। ऐसे क्षेत्रों में सेवा देते समय अधिकारियों को विशेष रूप से सतर्क रहते हुए त्वरित, जिम्मेदार और संवेदनशील तरीके से अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए उन्हें राज्य की कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर आईजी श्री अजय यादव, एसपी श्री अभिषेक पल्लव, एएसपी श्री पंकज शुक्ला तथा प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी श्री आदित्य कुमार, श्रीमती अंशिका जैन, श्री प्रतिक दादा साहेब और श्रीमती मानषी उपस्थित थे।

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