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मंत्रिमंडलीय उप समिति की बैठक में हुआ निर्णय पंजीकृत किसानों से होगी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी

रायपुर, 12 सितम्बर 2025/ खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल की अध्यक्षता में धान खरीदी एवं कस्टम मिलिंग की नीति निर्धारण से संबंधित निर्णय लेने हेतु गठित मंत्रिमंडलीय उप समिति की बैठक आज मंत्रालय महानदी भवन में संपन्न हुई। बैठक में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी तथा राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा उपस्थित थे।

बैठक में आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में पंजीकृत किसानों से भारत सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य पर धान खरीदी किए जाने के लिए समुचित एवं पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। खरीफ वर्ष 2025-26 में किसानों का पंजीकरण एग्रीस्टेक पोर्टल के साथ-साथ एकीकृत किसान पोर्टल में किया जाएगा। किसान पंजीकरण का कार्य निर्धारित समय-सीमा में संपन्न करने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि किसानों को उनके द्वारा समर्थन मूल्य पर बेचे गए धान का भुगतान समय पर प्राप्त हो, इसके लिए आवश्यक प्रबंध किए जाएँ। धान उपार्जन के लिए आवश्यक नये एवं पुराने जूट बारदाने की व्यवस्था समयानुसार सुनिश्चित करने की जानकारी दी गई। धान की रिसाइक्लिंग रोकने हेतु प्रभावी प्रबंध करने और सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध धान की रोकथाम के लिए विशेष जाँच दल गठित करने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार, उपार्जित धान की मिलिंग हेतु आवश्यक तैयारियाँ करने पर भी बल दिया गया।

इस अवसर पर बैठक में सचिव खाद्य विभाग श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले, सचिव वित्त विभाग श्री मुकेश बंसल, सचिव वाणिज्य एवं उद्योग विभाग श्री रजत कुमार, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ श्रीमती किरण कौशल, संयुक्त सचिव कृषि विभाग श्री राहुल देव तथा प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक श्री के. एन. कांडे उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव ने नक्सल प्रभावित जिलों में विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर:गांव-गांव तक योजनाओं की पहुँच सुनिश्चित करने के निर्देश

रायपुर, 12 सितंबर 2025/ मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह ने आज मंत्रालय महानदी भवन में राज्य के नक्सल प्रभावित जिलों में विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में बस्तर, सुकमा, दक्षिण बस्तर, दंतेवाड़ा, उत्तर बस्तर कांकेर, नारायणपुर, कोंडागांव, बीजापुर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और गरियाबंद जिलों में हितग्राही मूलक कार्यक्रमों और योजनाओं की समीक्षा की गई।

प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह ने नक्सल प्रभावित जिलों में मनरेगा, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, उज्ज्वला योजना, जनधन खाता, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, आधार कार्ड सहित अन्य हितग्राही मूलक कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की।

बैठक में बताया गया कि एलडब्ल्यूई प्रभावित जिलों में लगभग 99 प्रतिशत से अधिक लोगों का आधार पंजीकरण पूरा कर लिया गया है। इसी प्रकार लगभग 28 लाख 18 हजार 616 किसानों का प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत पंजीकरण कर उन्हें योजना का लाभ दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत 26 लाख 21 हजार 491 हितग्राहियों के बैंक खाते खोले गए हैं। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 35 लाख 66 हजार 409 हितग्राहियों को गंभीर बीमारियों के उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। ग्रामीण इलाकों में मोबाइल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए मोबाइल टावर स्थापित किए जा रहे हैं। क्षेत्र में लोगों को अधिक से अधिक बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु विभिन्न बैंकों और डाकघरों की शाखाएं खोली जा रही हैं। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सभी पात्र हितग्राहियों को नियमित रूप से खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए राशन कार्ड बनाए गए हैं।

बैठक में प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह ने निर्देशित किया कि क्षेत्र के सभी पात्र मनरेगा हितग्राहियों को रोजगार उपलब्ध कराने हेतु उनका जॉब कार्ड अवश्य प्रदान किया जाए। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत सभी आवासों का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा किया जाए तथा सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराए जाएं।

उन्होंने निर्देश दिया कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत शेष हितग्राहियों का शीघ्र सर्वे कर उन्हें लाभान्वित किया जाए। आत्मसमर्पित नक्सलियों को कौशल विकास योजना के तहत क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप विशेष ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जाए। प्राथमिक और माध्यमिक स्तर की भवन-विहीन शालाओं के भवन शीघ्र निर्मित किए जाएं और यह सुनिश्चित किया जाए कि प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय एक ही परिसर में हों।

वीडियो कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, वित्त विभाग के सचिव श्री मुकेश बंसल, शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, उच्च शिक्षा, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, श्रम विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव डॉ. रवि मित्तल, आयुक्त बस्तर संभाग तथा पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सहित बस्तर, सुकमा, दक्षिण बस्तर, दंतेवाड़ा, उत्तर बस्तर कांकेर, नारायणपुर, कोंडागांव, बीजापुर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और गरियाबंद जिलों के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक शामिल थे।

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महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने जशपुर जिले के रूपसेरा और लोदाम आंगनबाड़ी केंद्रों का किया औचक निरीक्षण

रायपुर, 12 सितम्बर 2025/ महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े इन दिनों विभागीय योजनाओं की जमीनी हकीक़त देखने सरगुजा संभाग के दौरे पर हैं। इसी कड़ी में उन्होंने आज जशपुर जिले के ग्राम रूपसेरा और लोदाम स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया।


निरीक्षण के दौरान मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, पोषण आहार वितरण व्यवस्था, स्वास्थ्य परीक्षण, शिक्षा संबंधी गतिविधियों, स्वच्छता व्यवस्था तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा संचालित सेवाओं का विस्तार से अवलोकन किया।इस दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने मासूम बच्चों को गोद में लेकर दुलार किया और उन्हें चॉकलेट भी वितरित की। उनके इस स्नेहिल व्यवहार से बच्चे बेहद खुश नज़र आए और केंद्र का माहौल उत्साहपूर्ण हो गया। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के भविष्य को आकार देने की पहली पाठशाला है, इसे और सशक्त बनाना हमारी साझा जिम्मेदारी है।

भ्रमण के दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बच्चों से संबंधित किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों की सुदृढ़ व्यवस्था ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। इस कड़ी में उन्होंने ग्राम रूपसेरा एवं लोदाम के आंगनबाड़ी केंद्रों को और अधिक सक्षम एवं सुव्यवस्थित बनाने हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण पोषण और शिक्षा उपलब्ध कराना ही विभाग का मूल उद्देश्य है, इसमें किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी।

क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणजनों की उपस्थिति में हुए इस निरीक्षण के दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है कि प्रत्येक बच्चा स्वस्थ, शिक्षित और सुरक्षित वातावरण में बड़ा हो। इसके लिए शासन की ओर से सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

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एस डी एम कुनकुरी ने दुलदुला ब्लाक के प्रधान पाठकों की बैठक लेकर दिए आवश्यक निर्देश 

जशपुर 12 सितम्बर 2025 : आज कलेक्टर जशपुर के निर्देशानुसार विकास खण्ड शिक्षा कार्यालय दुलदुला के बी आर सी सी सभा कक्ष में अनुविभागीय अधिकारी(राजस्व) कुनकुरी द्वारा विकास खण्ड के समस्त उच्च प्राथमिक शालों के प्रधान पाठकों व संकुल शैक्षिक समन्वयकों का समीक्षा बैठक लिया गया । बैठक में विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी, सहायक विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी व विकास खण्ड स्रोत समन्वयक ने यशस्वी जशपुर के शैक्षणिक गुणवत्ता से सम्बंधित सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं को शालावार जानकारियां लिए। अनुविभागीय अधिकारी ने शैक्षणिक गतिविधियों के अलावा बच्चों में नवाचार व सृजनात्मकता पर जोर देने की बात कही। विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी श्री हेमन्त कुमार नायक ने शालाओं में पॉस्को एक्ट, लैंगिक उत्पीड़न निवारण समिति का गठन, मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता  सहित बच्चों के स्वास्थ्य व स्वच्छता के प्रति जागरूकता , शिक्षकों की शालाओं में समय पर उपस्थिति,इंस्पायर अवार्ड में पंजीयन व विभिन्न विभागीय जानकारी की विस्तृत रूप से बताया एवं उस पर अक्षरतः पालन करने के निर्देश दिए।

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जशपुर विधायक,कलेक्टर एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में नवरात्रि एवं दशहरा पर्व की तैयारी को लेकर दशहरा उत्सव समिति की बैठक आयोजित की गई।

जशपुर 12 सितम्बर 25/ विधायक जशपुर श्रीमती रायमुनी भगत और कलेक्टर श्री रोहित व्यास और एस एस पी श्री शशि मोहन सिंह ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में दशहरा समिति की बैठक ली कलेक्टर ने कहा कि जिले में दशहरा पर्व परंपरागत और उत्साह से मनाया जाएगा। उन्होंने समिति की मांगों के अनुरूप संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 
इसमें पार्किंग, बिजली व्यवस्था, आपातकालीन स्थिति हेतु स्वास्थ्य विभाग की टीम व एम्बुलेंस, बेरिकेटिंग, फायर ब्रिगेड की सुविधा एवं शहर की स्वच्छता शामिल है। नगर निगम एवं जनपद सीईओ को विशेष साफ-सफाई करने और वन विभाग को पेड़ों की छंटाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, शहर में लगे अनाधिकृत बैनर-पोस्टरों को हटाने की कार्यवाही के निर्देश भी दिए।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने दशहरा समिति को सुरक्षित आतिशबाजी, मंच व्यवस्था प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने को कहा, जिससे किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। साथ ही उन्होंने परिवहन विभाग और सड़क सुरक्षा को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, अध्यक्ष दशहरा उत्सव समिति श्री कृष्ण कुमार राय, सहायक कलेक्टर श्री अनिकेत अंकित, एसडीएम श्री विश्वास राव मस्के सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

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कांग्रेसी नेता विनयशील के आपत्तिजनक फेसबुक पोस्ट से अग्रवाल समाज का फूटा गुस्सा, पुतला दहन कर एफआईआर दर्ज करने की मांग...

जशपुरनगर11 सितम्बर 2025 :  कुनकुरी के कांग्रेसी नगर पंचायत अध्यक्ष विनयशील की आपत्तिजनक फेसबुक पोस्ट से अग्रवाल समाज का आक्रोश फूटा है।आज गुरुवार को समाज के सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे, और जय स्तम्भ चौक पर विनयशील का पुतला दहन किया और कड़ी नारेबाजी के साथ विरोध प्रदर्शन किया।
       इसके बाद आक्रोशित समाजजन रैली की शक्ल में कुनकुरी थाना पहुँचे और थाना प्रभारी को आवेदन सौंपते हुए विनयशील के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज करने की मांग की।अग्रवाल सभा कुनकुरी के अध्यक्ष विनोद कुमार अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष मुरारीलाल अग्रवाल, राधेश्याम जिंदल और बृजभूषण अग्रवाल ने आवेदन में कहा कि विनयशील ने फेसबुक पर भड़काऊ और अमर्यादित पोस्ट लिखी। पोस्ट में उन्होंने लिखा 
“बीजेपी के लिए एक अग्रवाल की जान की कीमत 50 लाख है और एक आदिवासी, ओबीसी यादव और कुम्हार की जान की कीमत 5 लाख है।” अग्रवाल समाज ने इस बयान को सीधी मानहानि करार देते हुए कहा कि यह पोस्ट न केवल समाज की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाने वाली है बल्कि जातीय विद्वेष फैलाने और शांति व्यवस्था भंग करने की साजिश है।प्रार्थियों ने स्पष्ट किया कि यह कृत्य बीएनएस की धारा 95 और 106 के तहत दंडनीय अपराध है। उन्होंने थाना प्रभारी से विनयशील के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की।

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छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति से लाभान्वित हुए युवा उद्यमी,बीजापुर में 6 टन प्रतिघंटा क्षमता के राइस मिल की स्थापना करेंगे गीदम के सोहैल रिजवी

रायपुर 11 सितम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य की औद्योगिक विकास को सर्वाधिक सम्भावनाओं से युक्त बस्तर अंचल के दूरस्थ ईलाके तक पहुंचाने की पहल का सुखद परिणाम अब धरातल पर परिलक्षित हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा इस महत्ती उद्देश्य पर ध्यान केन्द्रित कर बस्तर क्षेत्र में औद्योगिक विकास की असीम संभावनाओं के मद्देनजर इस वर्ष बीते छह महीने पहले यहां के उद्योगपति, व्यवसायियों, नव उद्यमियों के साथ ही स्टार्टअप से जुड़े युवाओं से संवाद कर सकारात्मक प्रयास किया गया था। इन सभी सार्थक प्रयासों के फलस्वरूप गुरुवार को जगदलपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ इनवेस्टर कनेक्ट बस्तर कार्यक्रम के दौरान करीब 1000 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों की स्वीकृति पत्र निवेशकों को प्रदान किए गए। जिसमें बस्तर क्षेत्र के कोंडागांव जिले की युवा महिला उद्यमी रागिनी जायसवाल सहित माओवाद प्रभावित बीजापुर जिले में सोहैल रिजवी जैसे स्थानीय उद्यमी शामिल हैं जिन्होंने इन सुदूर ईलाके में स्वरोजगार के अवसर को अपनाने के लिए चुनौती स्वीकार किया है। कोंडागांव निवासी युवा महिला उद्यमी रागिनी बीते एक वर्ष पहले शासन की प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण योजना से लाभान्वित होकर स्थानीय उत्पादों पर आधारित फिटनेस एंड न्यूट्रिशन यूनिट स्थापित कर  गर्भवती एवं पोषक माताओं सहित बच्चों को हेल्दी फूड उपलब्ध करवा रही हैं। रागिनी ने अपने इस यूनिट के लिए शासन की योजनांतर्गत 09.53 लाख रुपए की सहायता ली है, जिसमें 35 प्रतिशत अनुदान समाहित है। वहीं दंतेवाड़ा जिले के अंतर्गत गीदम के युवा उद्यमी सोहैल रिजवी बीजापुर में एक आधुनिक राइस मिल की स्थापना करने जा रहे हैं। इस राइस मिल की क्षमता प्रतिघंटा 6 टन होगी, जिसकी स्थापना पर लगभग 06 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इस परियोजना में शासन से 90 लाख रुपये का अनुदान भी प्राप्त होगा। इस राइस मिल के शुरू होने से क्षेत्र में 50 से 60 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की उम्मीद है।

        रागिनी बताती हैं कि स्थानीय परम्परागत ग्रामीण परिवेश से जुड़े परिवार तथा जन्मभूमि बस्तर होने के फलस्वरूप यहां के वनोत्पाद, आर्गेनिक कृषि उत्पाद तथा जड़ी बूटी की अच्छी जानकारी होने के साथ ही बस्तर के रहवासियों की नियमित जरूरतों एवं खानपान से पूरी तरह वाकिफ होने और प्रसंस्करण की अभिरुचि के कारण सबसे पहले माताओं एवं बच्चों की पोषण पर स्टार्टअप करने का निर्णय लिया और अब कोंडागांव में स्वयं के उत्पाद तैयार कर हेल्दी फूड कार्नर के जरिए आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर हैं। रागिनी ने बताया कि वह 10 सदस्यीय परिवार जिसमें माता-पिता और दो भाइयों का सहयोग उसे आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रही है और अब स्वयं को स्वरोजगार से जोड़कर काफी गौरवान्वित महसूस करती हैं। रागिनी कहती हैं कि वह बस्तर अंचल में सबसे ज्यादा जरूरी पोषण सम्बन्धी सेवाओं को समर्पित होकर लगातार जारी रखेंगी। वहीं दंतेवाड़ा जिले के निवासी सोहैल के पिता ने 17 वर्ष पहले गीदम में राइस मिल की स्थापना की थी, जिसके बाद सोहैल ने अपनी पढ़ाई पूरी करने के उपरांत इस पारिवारिक व्यवसाय को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। बीजापुर में इस नए उद्यम की स्थापना की योजना को उन्होंने अब अमलीजामा पहनाया है।
इसके साथ ही, सोहैल 3 करोड़ रुपये की लागत से फ्लाई ऐश ब्रिक्स का कारोबार भी संचालित कर रहे हैं, जो उनके उद्यमशीलता के दृष्टिकोण को दर्शाता है। इस राइस मिल के शुरू होने से न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा, बल्कि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। युवा स्टार्टअप रागिनी और सोहैल रिजवी का यह प्रयास सरकार के सुरक्षित, पारदर्शी एवं आकर्षक नवीन औद्योगिक नीति के साथ ही सकारात्मक पहल के दूरगामी एवं शुरुआती नतीजे हैं जो भविष्य में स्थानीय उद्योग और रोजगार सृजन के क्षेत्र में मील के पत्थर साबित होंगे।

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मुख्यमंत्री श्री साय 97वीं नेशनल कॉन्फ्रेंस “फोरम ऑफ रेगुलेटर्स” की बैठक में हुए शामिल....ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देना हमारा लक्ष्य

रायपुर, 11 सितंबर 2025/छत्तीसगढ़ विद्युत उत्पादन के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में से एक है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत मार्च 2027 तक प्रदेश के 1 लाख 30 हजार घरों की छतों पर सौर पैनल लगाने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन हमारा प्रयास इससे भी आगे बढ़कर इसे 5 लाख छतों तक पहुँचाने का है। इस योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं को बड़ी सब्सिडी दी जा रही है। 1 किलोवॉट से 3 किलोवॉट क्षमता तक के सोलर संयंत्र लगाने पर 30 हजार से लेकर 78 हजार रुपये तक की केंद्रीय सहायता सीधे बैंक खाते में दी जा रही है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार भी अतिरिक्त सब्सिडी दे रही है। इससे उपभोक्ताओं को कुल लागत का 75 प्रतिशत तक सब्सिडी मिल रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर में आयोजित 97वीं नेशनल कॉन्फ्रेंस “फोरम ऑफ रेगुलेटर्स” को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज हम अपने राज्य स्थापना का रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं। इन 25 वर्षों में हमारी उत्पादन क्षमता करीब 30,000 मेगावाट तक पहुँच गई है। स्टेट सेक्टर, निजी क्षेत्र और केंद्रीय सेक्टर की भागीदारी से आज छत्तीसगढ़ की धरती से 30 हजार मेगावाट से अधिक बिजली का उत्पादन हो रहा है। हाल ही में हमने 32 हजार मेगावाट से अधिक क्षमता वाले बिजलीघरों की स्थापना के लिए एमओयू किए हैं। इनमें ताप विद्युत, पंप स्टोरेज, परमाणु, बैटरी स्टोरेज और सौर ऊर्जा परियोजनाएँ शामिल हैं। हमारा लक्ष्य आने वाले वर्षों में 60 हजार मेगावाट से अधिक बिजली उत्पादन करने वाला राज्य बनने का है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि प्रति व्यक्ति बिजली खपत के मामले में छत्तीसगढ़ देश से काफी आगे है। यहाँ खपत 2,211 यूनिट है, जबकि भारत में यह औसत केवल 1,255 यूनिट है। छत्तीसगढ़ अपनी आवश्यकता से अधिक बिजली का उत्पादन कर रहा है और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। हम अपने राज्य के साथ ही पड़ोसी राज्यों को भी बिजली उपलब्ध करा रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दो दिन पहले ही हमने कैबिनेट बैठक में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 2030 तक लागू रहने वाली नीति में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके तहत नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को औद्योगिक नीति में प्राथमिकता दी गई है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने देश के विभिन्न राज्यों से आए विद्युत नियामक आयोगों के अध्यक्षगण, पदाधिकारियों और विशेषज्ञों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि देश के ऊर्जा क्षेत्र की प्रगति के लिए जो गहन विचार-विमर्श हुआ है, इसका उपभोक्ताओं सहित हम सभी को दूरगामी लाभ मिलेगा। उन्होंने आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ को चुनने हेतु विशेष आभार भी प्रकट किया।

इस अवसर पर केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष श्री जिश्नु बरुआ, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष श्री हेमंत वर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री रोहित यादव सहित राज्य विद्युत नियामक आयोग के अन्य सदस्य एवं अन्य राज्यों से आए सदस्यगण उपस्थित थे।

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राज्योत्सव पर होगा भारतीय वायु सेना का शौर्य प्रदर्शन,सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम आसमान में दिखाएगी  आकर्षक करतब

रायपुर, 11 सितंबर 2025/ छत्तीसगढ़ की रजत जयंती वर्ष में आयोजित होने वाले राज्योत्सव पर भारतीय वायु सेना का शौर्य प्रदर्शन होगा। सेना की सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम आसमान में आकर्षक करतब दिखायेगी। इस शौर्य प्रदर्शन में वायु सेना के हेलीकॉप्टर भी हिस्सा लेंगे।

अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू की अध्यक्षता में राज्योत्सव की तैयारियां को लेकर आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित बैठक में विमानन विभाग एवं वायु सेना के अधिकारियों ने विभिन्न तकनीकी जानकारी प्रस्तुत की। अपर मुख्य सचिव श्री साहू ने वायु सेना के शौर्य प्रदर्शन के संबंध में संबंधित विभागों के अधिकारियों को तैयारियों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

बैठक में लोक निर्माण, परिवहन, संस्कृति, जनसंपर्क, गृह और सामान्य प्रशासन विभाग सहित जिला प्रशासन रायपुर के अधिकारी शामिल हुए।

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आयुष्मान भारत : मरीजों को लगातार मिल रही है निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ


रायपुर 11 सितंबर 2025/आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पंजीकृत निजी अस्पतालों द्वारा आयुष्मान कार्डधारक मरीजों का उपचार लगातार किया जा रहा है। वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 1,600–1,700 दावे प्रस्तुत किए जा रहे हैं, जिनकी राशि प्रतिदिन 4 करोड़ रुपये से अधिक है।

वित्तीय वर्ष 2025–26 में राज्य सरकार द्वारा अब तक रु. 375 करोड़ जारी किए जा चुके हैं। इस राशि से जुलाई 2025 तक के लगभग रु. 280 करोड़ के दावे भुगतान कर दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार से रु. 130 करोड़ इस सप्ताह प्राप्त होने की संभावना है, जिससे निरंतर अस्पतालों के दावे भी भुगतान किये जाएंगे।

स्वास्थ्य विभाग लगातार इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के साथ परामर्श कर रहा है और सभी पंजीकृत अस्पताल लाभार्थियों को सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। कोई भी गरीब अथवा कमजोर वर्ग का परिवार आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत नि:शुल्क उपचार से वंचित न हो, यह सुनिश्चित किया गया है। सभी पैनल में शामिल अस्पतालों को निर्देशित किया गया है कि मान्य आयुष्मान कार्डधारकों को कैशलेस उपचार उपलब्ध कराएं और किसी भी प्रकार का शुल्क न लें।

स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक योजना के नियमों का उल्लंघन करने वाले 118 अस्पतालों के विरुद्ध कार्रवाई की जा चुकी है, जिसमें 24 अस्पतालों का डी-एम्पैनलमेंट तथा 11 अस्पतालों का निलंबन शामिल है। भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

राज्य सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है कि इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे और उन्हें गुणवत्तापूर्ण उपचार बिना किसी आर्थिक बोझ के प्राप्त हो।

योजना के बेहतर क्रियान्वयन हेतु राज्य सरकार शीघ्र ही एक स्टेकहोल्डर्स कार्यशाला आयोजित करने जा रही है, जिसमें सभी संबंधित पक्षों के साथ योजनागत मुद्दों और उनके समाधान पर चर्चा की जाएगी।

डा. सुरेंद्र शुक्ला, चेयरमैन, हॉस्पिटल बोर्ड ऑफ इंडिया छत्तीसगढ़ ने बताया कि विभागीय मंत्री की पहल पर 375 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों ने आज यह भी जानकारी दी कि इसके अतिरिक्त 130 करोड़ रुपये केंद्र से आबंटित किए जा चुके हैं, जो इस सप्ताह प्राप्त हो जाएंगे। इस प्रकार लगभग 505 करोड़ रुपये निजी अस्पतालों के लंबित बकाया भुगतान हेतु उपलब्ध हो जाएंगे।

राज्य एवं जिला शाखाओं के प्रतिनिधियों ने मरीजों के हित में लिए गए इस निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब शासन द्वारा बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जा चुका है, तो ऐसी स्थिति में मरीजों का निःशुल्क इलाज किसी भी परिस्थिति में बंद नहीं किया जाएगा।

आयुष्मान भारत योजना का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुँचे और कोई भी नागरिक आर्थिक तंगी के कारण इलाज से वंचित न रहे, इसके लिए राज्य सरकार दृढ़ संकल्पित है। पारदर्शी भुगतान व्यवस्था, सख्त निगरानी और निरंतर सुधार के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रदेश में निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सभी नागरिकों को उपलब्ध हो।

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सीएम कैंप कार्यालय की त्वरित पहल, अंधेरे में डूबा गांव हुआ रोशन – ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जताया आभार


जशपुरनगर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जनसमस्याओं के निराकरण के लिए स्थापित सीएम कैंप कार्यालय बगिया अब क्षेत्र के लोगों के लिए आशा और विश्वास का केंद्र बन गया है।ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने और उनका त्वरित समाधान करने की वजह से आमजन सीधे राहत महसूस कर रहे हैं।हाल ही में जिले के फरसाबहार तहसील क्षेत्र के ग्राम अंकिरा के ग्रामीण बिजली ट्रांसफार्मर खराब की समस्या से जूझ रहे थे,और समस्या को सीएम कैंप कार्यालय बगिया को अवगत कराया था।जिसके बाद गंभीरता से लेते हुए विद्युत बहाल करने के लिए विभाग को निर्देशित किया था।जिस पर विभाग ने दूसरे ही दिन त्वरित कार्यवाही कर नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिया, जिससे पूरा गांव रोशन हो गया।ग्रामीणों ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया और कहा कि यह सरकार वास्तव में जनता के साथ खड़ी है।

लोगों की उम्मीदों का केंद्र बना सीएम कैंप कार्यालय बगिया

सीएम कैंप कार्यालय बगिया में प्रतिदिन सैकड़ों लोग अपनी-अपनी समस्याएं लेकर पहुंच रहे हैं।यहां लोगों की समस्या को गंभीरता से उसका निराकरण किया जाता है।चाहे वह बिजली की परेशानी हो, सड़क की समस्या, पेयजल की मांग या फिर अन्य विकास कार्य सभी मामलों पर तुरंत संज्ञान लिया जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि पहली बार उन्हें ऐसा अनुभव हो रहा है कि उनकी समस्याएं सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंच रही हैं और तत्काल हल भी हो रहा है।

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जिले वासियों के लिए खुशखबरी: जशपुर कलेक्टरेट परिसर में जशपुर टी बार नया स्वरूप में शुरू

जशपुर 11 सितम्बर 2025 : जशपुरवासियों और विशेषकर कलेक्टर कार्यालय आने-जाने वाले लोगों के लिए खुशखबरी है। कलेक्टरेट परिसर में जशपुर टी बार नाम से होटल का नया स्वरूप आज से अपनी सेवाएँ शुरू कर चुका है। होटल में आने वाले ग्राहकों के लिए चाय की गरमागरम चुस्कियों के साथ स्वादिष्ट नाश्ते की विशेष व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही शुद्ध एवं स्वादिष्ट भोजन की उत्तम सुविधा भी उपलब्ध है।
   होटल का शुभारंभ आज नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत ने किया। इस अवसर पर श्री मनिजर राम, श्री सोनू पाण्डेय, श्री अमित साय, श्री संतोष ओहदार सहित शहर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।  होटल प्रबंधन श्री आकाश कंसारी और श्री अनूप नगेशिया ने बताया कि जशपुर टी बार में ग्राहकों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा गया है।  यहाँ पर चाय-नाश्ते के साथ शुद्ध शाकाहारी भोजन की भी उत्तम व्यवस्था उपलब्ध है। होटल में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि होटल में आने वाले ग्राहक संतुष्ट होकर लौटेंगे।

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देश-विदेश में है 75 दिनों तक मनाए जाने वाले "बस्तर दशहरा" के कार्यक्रम में शामिल होने मुख्यमंत्री को मिला न्योता

रायपुर, 10 सितंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप के नेतृत्व में बस्तर दशहरा समिति, जगदलपुर के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री को विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व 2025 में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।

प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री को  बताया कि 75 दिनों तक चलने वाला यह पर्व हरेली अमावस्या से प्रारंभ होकर आश्विन शुक्ल पक्ष के 13वें दिन तक मनाया जाता है। इस वर्ष इसकी शुरुआत 24 जुलाई को पाटजात्रा पूजा विधान के साथ हुई है। आगामी प्रमुख आयोजनों में 21 सितंबर को काछनगादी पूजा, 29 सितंबर को बेल पूजा तथा 4 अक्टूबर को मुरिया दरबार का आयोजन शामिल है।मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर दशहरा के आमंत्रण के लिए प्रतिनिधि मंडल का आभार व्यक्त किया और आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जगदलपुर में 11 सितम्बर को छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट का करेंगे शुभारंभ

रायपुर, 10 सितंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 11 सितम्बर को जगदलपुर में छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट का शुभारंभ करेंगे। इस आयोजन से बस्तर अंचल में औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आएगी, वहीं रोजगार के अवसरों के नए द्वार खुलेंगे। 

उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में बस्तर का विकास सदैव अग्रणी रहा है। इन्वेस्टर कनेक्ट इसी संकल्प को और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। समावेशी विकास की इस सोच के अंतर्गत उद्योग और निवेश को केवल आर्थिक गतिविधियों तक सीमित न रखकर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सशक्तिकरण जैसे मूलभूत क्षेत्रों से जोड़ा गया है, ताकि बस्तर का विकास केवल औद्योगिक प्रगति तक सीमित न रहकर सामाजिक उन्नति का आधार भी बन सके।

इन्वेस्टर कनेक्ट न केवल बस्तर में नए उद्योगों और व्यापक रोजगार के अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगा, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगा कि विकास की प्रत्येक उपलब्धि का लाभ सीधे स्थानीय समुदायों तक पहुँचे और वे इस प्रगति यात्रा के सक्रिय भागीदार बनें।

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छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल ने 435 करोड़ का राजस्व अर्जित कर रचा कीर्तिमान

रायपुर 10 सितंबर 2025/
छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों में मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों को सुविधा युक्त आवास का सपना छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल पूरा कर रहा है। मंडल ने पिछले छह माह में 2230 संपत्तियों का विक्रय कर 435 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व अर्जित किया है, जो पिछले पाँच वर्षों में अर्जित राजस्व की तुलना में कहीं अधिक है। इस उपलब्धि में वन टाइम सेटलमेंट योजना-2 गेम चेंजर साबित हुई है।

आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल संपत्तियों का विक्रय नहीं, बल्कि हर परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक छत प्रदान करना है। यह उपलब्धि हितग्राहियों के विश्वास और टीम के समर्पण का परिणाम है। अब हम गुणवत्ता आधारित आवास उपलब्ध कराने की दिशा में और तेजी से काम करेंगे।

गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने कहा कि मंडल ने आने वाले समय में किफायती दरों पर हाउसिंग प्रोजेक्ट्स लॉन्च करने की योजना बनाई है। मंडल द्वारा डिजिटल रजिस्ट्रेशन, ई-आवास और भुगतान प्रक्रिया को और सरल एवं पारदर्शी बनाने पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मात्र छह माह में 2200 से अधिक परिवारों का ‘अपने घर का सपना’ पूरा हुआ है। हमारा लक्ष्य छत्तीसगढ़ को आवास क्रांति में देश का अग्रणी राज्य बनाना है।

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल ने औसतन प्रतिवर्ष 1387 संपत्तियों का विक्रय किया, जिनका वार्षिक मूल्य लगभग 262 करोड़ रुपये रहा। वहीं मार्च 2025 से अगस्त 2025 तक मात्र छह माह में ही यह आँकड़ा 2230 संपत्तियों और 435 करोड़ रुपये तक पहुँच गया। इसमें अटल विहार एवं सामान्य आवास योजना के तहत 1070 संपत्तियाँ 259 करोड़ रुपये में तथा ओटीएस-2 योजना के अंतर्गत 30 प्रतिशत तक की छूट के साथ 1160 संपत्तियाँ 176 करोड़ रुपये में विक्रय की गईं।

छत्तीसगढ़ सरकार की इस वर्ष लागू वन टाइम सेटलमेंट योजना-2 ने आम नागरिकों को बड़ी राहत दी है। इस योजना के तहत 1160 संपत्तियों का 176 करोड़ रुपये मूल्य का विक्रय हुआ। इसके पहले, सितंबर 2021 से मार्च 2024 तक लागू ओटीएस-1 योजना के अंतर्गत तीन वर्षों में केवल 506 संपत्तियाँ 88 करोड़ रुपये में विक्रय हो पाई थीं।

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जशपुर के संकल्प शिक्षण संस्थान में वित्तीय साक्षरता वर्कशॉप का शुभारंभ,डिजिटल बैंकिंग, बजट प्रबंधन और निवेश पर दी गई विशेष जानकारी

जशपुर विकासखंड के 10 विद्यालयों के 150 विद्यार्थियों और शिक्षकों ने लिया हिस्सा

जशपुर 10 सितम्बर 2025 : 
जिले के कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में संकल्प शिक्षण संस्थान जशपुर में वित्तीय साक्षरता वर्कशॉप का शुभारंभ किया गया।
शिक्षा विभाग के प्रभारी अधिकारी प्रशांत कुशवाहा और जिला शिक्षा अधिकारी पी.के. भटनागर के निर्देशन में आयोजित इस वर्कशॉप में जशपुर विकासखंड के 10 विद्यालयों से आए लगभग 150 विद्यार्थी और शिक्षक सम्मिलित हुए। 


संकल्प संस्थान के प्राचार्य विनोद गुप्ता ने बताया कि विद्यार्थियों को वित्तीय अनुशासन और डिजिटल साक्षरता  के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन की पहल पर कार्यक्रम आयोजित कराया जा रहा है। जिले के सभी विकासखंडो में एक-एक वर्कशाप आयोजित होना है।


भोपाल से आए डिजिटल कोच वीरेंद्र मिश्रा ने आज के वर्कशॉप में विद्यार्थियों को पैसे के महत्व और उसे सही तरीके से मैनेज करने, बैंकिंग की मूलभूत प्रक्रिया, सेविंग अकाउंट, यूपीआई, एटीएम और मोबाइल बैंकिंग के बारे में बताया । छात्रों को खर्च और बचत में संतुलन बनाने, बजट प्लान तैयार करने और इमरजेंसी फंड पर चर्चा हुई।

विद्यार्थियों को वित्तीय प्रणाली, बैंकिंग उपकरणों, डिजिटल लेन-देन और वित्तीय सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को बचत की आदत विकसित करने, बजट बनाने की विधि, आपातकालीन निधि की आवश्यकता तथा निवेश के मूलभूत सिद्धांतों को सरल ढंग से समझाया।

सत्र में स्मार्ट स्पेंडिंग पर चर्चा करते हुए जरूरत और चाहत के बीच फर्क, विज्ञापनों और पीयर प्रेशर के प्रभाव से बचने की सीख दी गई। बचत की शक्ति, एसआईपी और चक्रवृद्धि ब्याज के फायदे भी छात्रों को समझाए गए। साथ ही लोन और क्रेडिट स्कोर पर बात करते हुए ईएमआई ट्रैप से बचने के उपाय बताए गए।

साथ ही निवेश की मूलभूत जानकारी देते हुए म्यूचुअल फंड्स, स्टॉक मार्केट के विषय में अवगत कराया गया। ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग और पोंजी स्कैम से बचाव के तरीके साझा किए गए और सुरक्षित वित्तीय आदतें अपनाने की प्रेरणा दी गई।
पूरे सत्र को इंटरएक्टिव गतिविधियों, वर्कशीट्स और खेलों के माध्यम से संचालित किया गया, ताकि विद्यार्थी वित्तीय साक्षरता को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में आसानी से लागू कर सकें।

कार्यक्रम में यशस्वी जशपुर के संजीव शर्मा, अवनीश पांडेय और केंद्रीय विद्यालय, मॉडल स्कूल,  सेजेस ,एकलव्य, महारानी लक्ष्मी बाई कन्या विद्यालय सहित 10 स्कूलों के विद्यार्थी और शिक्षक उपस्थित रहे।

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आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं होगी – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

रायपुर 10 सितंबर 2025/
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज कोरबा  कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक आयोजित हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन के बाद आज की यह प्रथम बैठक एक नए संकल्प और दृष्टिकोण के साथ आयोजित हो रही है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय के कल्याण और समग्र विकास के लिए सरकार सभी ठोस कदम उठा रही है। विकास कार्यों के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं होगी। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने मध्य क्षेत्र अंतर्गत निवासरत अनुसूचित जनजाति समुदाय के बेहतर विकास के लिए प्राधिकरण की बजट राशि 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये करने की घोषणा की।

*जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने प्राधिकरणों का पुनर्गठन*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर, सरगुजा और मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरणों के साथ-साथ अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण तथा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरणों का गठन कर समावेशी विकास की दिशा में मजबूत कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इन प्राधिकरणों का उद्देश्य आदिवासी क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देना, पारदर्शिता सुनिश्चित करना और जनसुविधाओं को हर गाँव, हर परिवार तक पहुँचाना है। पूर्व सरकार की लचर कार्यप्रणाली के कारण प्राधिकरणों के कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी रही। निगरानी के अभाव में कई योजनाएँ धरातल पर नहीं उतर पाईं। हमारी सरकार ने इस स्थिति को बदलने के लिए प्राधिकरणों का पुनर्गठन किया है।

प्राधिकरण में जनप्रतिनिधित्व को और व्यापक बनाने के लिए सदस्यों की संख्या में वृद्धि की गई है। अब प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा और लोकसभा सांसद, जिला पंचायत अध्यक्ष और अन्य महत्वपूर्ण जनप्रतिनिधि इसके सदस्य बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, आदिवासी विकास के क्षेत्र में कार्यरत दो समाजसेवियों और विशेषज्ञों को प्राधिकरण का सदस्य मनोनीत करने का निर्णय लिया गया है, ताकि उनके अनुभव और विशेषज्ञता का लाभ विकास योजनाओं को मिल सके। 

*पीएम जनमन योजना ने खोलीं नई संभावनाएँ*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के क्षेत्र में आदिवासी समुदायों के लिए विशेष योजनाएँ लागू करने पर सरकार विशेष जोर दे रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में शुरू की गई धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और पीएम जनमन योजना ने छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएँ खोली हैं। इन योजनाओं के तहत आवास, सड़क, बिजली, पानी और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे बुनियादी ढाँचों का विकास तेजी से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मध्य क्षेत्र में आदिवासी महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए स्व-सहायता समूहों को और मजबूत करने पर बल दिया जा रहा है। इन समूहों के माध्यम से महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, ऋण सुविधाएँ और बाजार से जोड़ने की पहल की जाएगी, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। मध्य क्षेत्र के युवाओं के लिए तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार और स्व-रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा।

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति समृद्ध है। हमें जनजातीय संस्कृति एवं परंपरा को संरक्षित रखने की दिशा में कार्य करना होगा। विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि की व्यवस्थाओं में प्राधिकरण मुख्य भूमिका निभाएगा। उन्होंने आदिवासी समाज के लोगों को शराब छोड़ने के लिए प्रेरित करने हेतु पुनर्वास केंद्र, प्रारंभिक शिक्षा, खेल और विशेष पिछड़ी जनजातियों के किसानों के खेतों में सिंचाई हेतु स्थायी पंप कनेक्शन उपलब्ध कराने के सुझाव दिए।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय स्वयं पूरी सरकार के साथ बैठक करने कोरबा आए हैं। 30 नवंबर 2019 के बाद यह बैठक नहीं हुई थी। मुख्यमंत्री स्वयं अनुसूचित क्षेत्र में जाकर बैठक कर रहे हैं। यह उनकी प्रतिबद्धता दर्शाता है।

प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री प्रणव कुमार मरपच्ची ने कहा कि बजट राशि बढ़ाए जाने से आदिवासी बहुल क्षेत्र में विकास कार्यों में वृद्धि होगी।

*शिक्षा, खेल, पर्यटन और सिंचाई को मिली सौगात*

मुख्यमंत्री श्री साय ने आदिवासी बच्चों और युवाओं की प्रतिभा को निखारने के लिए विशेष घोषणाएँ कीं। उन्होंने कोरबा में बालक-बालिका क्रीड़ा परिसर के निर्माण और संचालन के लिए 10-10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए। इसी तरह विशेष पिछड़ी जनजातियों के खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने के लिए दो बालक-बालिका खेल परिसरों हेतु 10-10 करोड़ रुपये की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने विशेष पिछड़ी जनजाति के विद्यार्थियों के लिए आवासीय विद्यालय स्थापित करने हेतु 5 करोड़ रुपये स्वीकृत करने की भी घोषणा की।

*आधारभूत संरचना और पर्यटन*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कोरबा शहर में आवागमन को सुव्यवस्थित करने के लिए महत्वपूर्ण सुनालिया पुल निर्माण हेतु 9 करोड़ रुपये की घोषणा की। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बुका-सतरेंगा पर्यटन प्रोजेक्ट पर तेजी से काम करने के निर्देश वन विभाग के अधिकारियों को दिए। उन्होंने वन विभाग को 2 माह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2015 से पहले की 115 अधूरी सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने के लिए 2,800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर लगभग 76 हजार हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

मध्य क्षेत्र आदिवासी प्राधिकरण के अंतर्गत वर्ष 2021-22 में 32 करोड़ 67 लाख रुपये के 544 विकास कार्य स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से 539 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। इसी प्रकार वर्ष 2022-23 में 32 करोड़ 72 लाख रुपये के कुल 491 स्वीकृत कार्यों में से 482 कार्य पूर्ण हो गए। वर्ष 2023-24 में 32 करोड़ 67 लाख रुपये के कुल 464 स्वीकृत कार्यों में से 424 कार्य पूर्ण हुए। वर्ष 2024-25 में 48 करोड़ 28 लाख रुपये के कुल 508 स्वीकृत कार्यों में से 123 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं तथा शेष कार्य प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री ने सभी अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

बैठक में मंत्रीगण श्री रामविचार नेताम, श्री दयालदास बघेल, श्री केदार कश्यप, श्री लखनलाल देवांगन, श्री श्याम बिहारी जायसवाल, श्री ओ.पी. चौधरी, श्री टंकराम वर्मा, श्री गजेंद्र यादव, श्री गुरु खुशवंत साहेब, श्री राजेश अग्रवाल, सांसद लोकसभा  श्री संतोष पांडेय सहित विधायकगण, जिला पंचायत अध्यक्ष एवं सदस्यगण, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, श्री मनोज पिंगुआ, प्राधिकरण के सचिव श्री बसवराजू, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, बिलासपुर संभागायुक्त श्री सुनील जैन, प्रभारी आईजी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री वी. श्रीनिवास राव, कलेक्टर कोरबा श्री अजीत वसंत सहित अन्य जिलों के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

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पत्थलगांव की मांग मुख्यमंत्री ने किया पूरा 5 करोड़ की लागत से बनेगा मॉर्डन बस स्टैंड, नगरवासियों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार

जशपुरनगर 10 सितम्बर 2025 : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले को निरंतर विकास की नई सौगातें मिल रही हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री की घोषणा अनुरूप नगर पालिका परिषद पत्थलगांव को आधुनिक बस स्टैंड निर्माण हेतु 5 करोड़ रुपये की अंतिम स्वीकृति प्रदान की गई है।मुख्यमंत्री की घोषणा पूरी होने पर नगर वासियों ने उनका आभार जताया है।
 
 पत्थलगांव में बनेगा अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त बस स्टैंड

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पत्थलगांव वासियों को बड़ी सौगात दी है, अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त बस स्टैंड में यात्रियों के लिए प्रतीक्षालय, पेयजल, शौचालय, पार्किंग, टिकट काउंटर एवं अन्य आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी,साथ ही नगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी।यह सौगात मिलने पर पत्थलगांव क्षेत्र के नागरिकों में हर्ष की लहर है। लंबे समय से यहाँ के लोग आधुनिक बस स्टैंड की मांग कर रहे थे। इसके निर्माण से यात्रियों को बेहतर सुविधा तो मिलेगी ही, साथ ही नगर के यातायात प्रबंधन में भी सुधार होगा।

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