नदी की तेज धारा को चुनौती देकर प्रसूता की जान बचाने वाली साहसी महिला बिफनी बाई का भव्य सम्मान, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर छूट गया था सम्मान, ‘सजल’ टीम ने जिला मुख्यालय जशपुर में किया गर्मजोशी से अभिनंदन
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नदी की तेज धारा को चुनौती देकर प्रसूता की जान बचाने वाली साहसी महिला बिफनी बाई का भव्य सम्मान, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर छूट गया था सम्मान, ‘सजल’ टीम ने जिला मुख्यालय जशपुर में किया गर्मजोशी से अभिनंदन

जशपुर, 15 मार्च। साहस, संवेदनशीलता और मानवता की मिसाल बनीं बिफनी बाई को आखिरकार वह सम्मान मिल ही गया जिसकी वे हकदार थीं। 8 मार्च अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में किन्हीं कारणों से उपस्थित नहीं हो पाने के कारण उन्हें उस दिन सम्मानित नहीं किया जा सका था, लेकिन सामाजिक संस्था “सजल” की टीम ने यह संकल्प लिया था कि उनके संघर्ष और साहस को सम्मान जरूर मिलेगा।

इसी कड़ी में आज सुबह जब बिफनी बाई जिला मुख्यालय जशपुर पहुंचीं तो सजल की टीम ने उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। इस अवसर पर उन्हें मोमेंटो, साड़ी, बुके, श्रीफल और सम्मान राशि के लिफाफे के साथ सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर बिफनी बाई भावुक हो उठीं और उन्होंने सजल टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस दौरान सजल के सदस्यों ने उनसे उस साहसिक घटना के बारे में फिर से पूछा, तो उन्होंने बताया कि किस तरह उन्होंने प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला को अपनी पीठ पर बांधकर नदी पार कराई थी। यदि उस समय उन्होंने त्वरित निर्णय लेकर ऐसा साहसिक कदम नहीं उठाया होता, तो प्रसूता और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे दोनों की जान पर बन सकती थी।

दरअसल, “सजल” नामक यह समूह 15 सदस्यों का एक सामाजिक ग्रुप है, जिसके सदस्य हर महीने कुछ राशि जमा करते हैं। इस राशि का उपयोग जरूरतमंद और संकट में फंसे लोगों की मदद के लिए किया जाता है। समाज सेवा की इसी भावना के साथ यह समूह हर वर्ष अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर एक भव्य कार्यक्रम आयोजित करता है।

इस कार्यक्रम में अनीता स्मृति पुरस्कार, संघर्षशील महिला पुरस्कार, लेखन पुरस्कार और खेल से जुड़े पुरस्कार महिलाओं को प्रदान किए जाते हैं। सजल सदस्य ममता सिन्हा ने बताया कि आने वाले वर्ष में भी इससे भी बड़ा और वृहद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, ताकि समाज में प्रेरणादायी कार्य करने वाली महिलाओं को मंच मिल सके और उनके कार्यों को पहचान मिल पाए।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अगले वर्ष सजल समूह अपने क्षेत्र में बच्चों के लिए विशेष और सराहनीय कार्य करने वाले दो शिक्षकों को भी “सजल सम्मान” से नवाजेगा।

इस अवसर पर सजल के सदस्य ज्योति श्रीवास्तव, सीमा गुप्ता, रेखा सिंह, ममता सिन्हा, हेमा शर्मा, अभिलाषा गुप्ता, ज्योति साहनी, सरिता साहू, रीना सोनी, शशि साहू, मंजुला झा, किरण महतो, डॉली कुशवाहा, नीतू श्रीवास्तव और सुलोचना महापात्रे उपस्थित रहीं।

साहस और सेवा की मिसाल बनी बिफनी बाई का सम्मान न केवल एक महिला के संघर्ष को सलाम है, बल्कि समाज में मानवता और सहयोग की भावना को भी मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है।

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