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कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जनदर्शन में सुनी आमजन की समस्याएँ,अधिकारियों को समयबद्ध एवं पारदर्शी निराकरण के दिए निर्देश

जशपुरनगर 16 फरवरी 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज सोमवार को जिला कार्यालय में आयोजित जनदर्शन में आम नागरिकों से सीधे रूबरू होकर उनकी समस्याएँ एवं मांगों की जानकारी ली। उन्होंने प्राप्त आवेदनों का गंभीरतापूर्वक अवलोकन किया और संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
      कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि आवेदकों को उनके आवेदन पर की गई कार्यवाही की जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए, जिससे उन्हें अपनी समस्या के समाधान की स्थिति स्पष्ट रूप से ज्ञात हो सके। उन्होंने जनसुविधाओं से जुड़े प्रकरणों पर संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्रवाई करने पर जोर दिया। आज आयोजित जनदर्शन में कुल 36 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें मुख्य रूप से राजस्व प्रकरण, स्वच्छता एवं साफ-सफाई, अधोसंरचना निर्माण, आजीविका उन्नयन तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने संबंधित आवेदन शामिल थे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भगवान राजीव लोचन एवं कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर में की पूजा अर्चना : महानदी महाआरती में हुए शामिल, छत्तीसगढ़ की समृद्धि की प्रार्थना की

रायपुर 15 फरवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने धर्म नगरी राजिम में आयोजित राजिम कुंभ कल्प 2026 के भव्य समापन अवसर पर सर्वप्रथम प्राचीन एवं ऐतिहासिक राजीव लोचन मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। भगवान श्री राजीव लोचन के श्रीचरणों में नमन करते हुए उन्होंने समस्त प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली की मंगलकामना की। उन्होंने कहा कि यह पावन तीर्थ हमारी सनातन आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता का जीवंत प्रतीक है।

इसके पश्चात मुख्यमंत्री श्री साय ने त्रिवेणी संगम के मध्य स्थित कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर में जलाभिषेक कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने प्रदेश की निरंतर प्रगति, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि राजिम कुंभ कल्प केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी आध्यात्मिक ऊर्जा, सांस्कृतिक एकता और लोक परंपराओं का विराट उत्सव है, जो समाज को जोड़ने का कार्य करता है।

मंदिर दर्शन के उपरांत मुख्यमंत्री श्री साय महानदी तट पर आयोजित भव्य महाआरती में शामिल हुए। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और दीपों की पावन ज्योति से आलोकित वातावरण ने पूरे संगम क्षेत्र को दिव्य आभा से भर दिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रद्धापूर्वक महानदी मैया की आरती उतारकर प्रदेश की उन्नति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राजिम कुंभ कल्प हमारी परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम है और यह सामाजिक सद्भाव, विश्वास तथा समरसता को सुदृढ़ करता है।

इस अवसर पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री दयालदास बघेल, पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, राजिम विधायक श्री रोहित साहू, अभनपुर विधायक श्री इंद्र कुमार साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि, साधु-संत एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

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नगरीय निकायों में ऐतिहासिक जनादेश का एक वर्ष: सुशासन, पारदर्शिता और विकास पर जनता की मुहर — मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर 15 फरवरी 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि पिछले वर्ष आज ही के दिन राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के सभी 10 नगर निगमों में प्राप्त ऐतिहासिक जनादेश जनता के अटूट विश्वास का प्रमाण है। यह परिणाम सुशासन, पारदर्शिता और विकास के प्रति जनता की स्पष्ट आस्था की अभिव्यक्ति है।

मुख्यमंत्री श्री साय आज रायगढ़ प्रवास के दौरान महापौर श्री जीवर्धन चौहान से भेंट कर एक वर्ष पूर्व इसी तिथि को मिले जनादेश को स्मरण कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एक साधारण चाय विक्रेता से महापौर तक की श्री चौहान की यात्रा लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति और जनता के आशीर्वाद का जीवंत उदाहरण है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार नगरीय निकाय चुनावों में किए गए प्रत्येक वादे को पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ धरातल पर उतार रही है। स्वच्छता, पेयजल, सड़कों, स्ट्रीट लाइट तथा अन्य नागरिक सुविधाओं के विस्तार में निरंतर और ठोस प्रगति हो रही है।उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में सुशासन की स्थापना, आधुनिक सुविधाओं का विस्तार तथा आम नागरिकों को सरल, सुलभ और पारदर्शी सेवाएँ उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। राज्य सरकार ने शहरी विकास को जन-विश्वास और जन-भागीदारी से जोड़ते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार में नगरीय विकास के क्षेत्र में आवास, स्वच्छता, जल आपूर्ति, सीवरेज, हरित सार्वजनिक परिवहन, डिजिटल सेवाओं तथा आधारभूत अधोसंरचना के विस्तार में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल हुई हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत बड़ी संख्या में आवास पूर्ण किए गए हैं और नए लक्ष्यों पर तेजी से कार्य जारी है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, गार्बेज फ्री सिटी रेटिंग तथा राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कारों के माध्यम से प्रदेश के नगरीय निकायों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। मिशन अमृत 2.0 के जरिए जल प्रदाय एवं सीवेज परियोजनाओं को नई गति मिली है। वहीं, पीएम ई-बस सेवा के माध्यम से शहरों में आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया गया है। 15वें वित्त आयोग तथा मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के माध्यम से नगरीय अधोसंरचना को सुदृढ़ किया गया है।

उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए नालंदा परिसर जैसे आधुनिक अध्ययन केंद्रों का विस्तार किया जा रहा है। साथ ही “मोर संगवारी सेवा” और विभिन्न ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिकों को घर बैठे सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन समन्वित प्रयासों से नगरीय क्षेत्रों में सुशासन, पारदर्शिता और जनसुविधाओं का दायरा निरंतर सशक्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सभी महापौरों एवं नगरीय निकाय प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए कहा कि जनता का विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि विकास, विश्वास और जवाबदेही के इस संकल्प को हम और अधिक मजबूत करते हुए प्रदेश के शहरों को समृद्ध, आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सतत कार्य करते रहेंगे।

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अघोरेश्वर भगवान राम महाविभूति स्थल स्थापना दिवस पर नारायणपुर-चिटकवाईन आश्रम में भक्ति का महासंगम, सुबह से शुरू हुआ विशेष पूजन और अखण्ड अष्टयाम संकीर्तन, देश-प्रदेश से पहुंचे श्रद्धालु, अंतिम दिन महाआरती के साथ होगा भव्य समापन

निरंजन मोहन्ती-नारायणपुर

नारायणपुर, 15 फरवरी 2026। नारायणपुर के चिटकवाईन स्थित अघोर परिषद् ट्रस्ट एवं अघोर पीठ जनसेवा अभेद आश्रम में अघोर परंपरा के महान संत अघोरेश्वर भगवान राम महाविभूति स्थल स्थापना दिवस का छठवां वार्षिकोत्सव श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर दो दिवसीय धार्मिक आयोजन के तहत महाशिवरात्रि पूजन, अखण्ड अष्टयाम संकीर्तन, सद्ग्रंथ पाठ, आध्यात्मिक गोष्ठी और विशेष आरती का आयोजन किया जा रहा है।

रविवार सुबह लगभग 7:30 बजे बाबा उत्साही राम जी के द्वारा महाशिवरात्रि का विशेष पूजन संपन्न कराया गया। इसके पश्चात सुबह 9:30 बजे आश्रम स्थित मंदिर एवं महाविभूति स्थल पर विधिवत पूजा-अर्चना कर अखण्ड अष्टयाम संकीर्तन की शुरुआत हुई। संकीर्तन के दौरान श्रद्धालु “अघोरानाम परो मंत्रः नास्ति तत्वम गुरौ : परम” मंत्र का जाप करते हुए भक्ति में लीन दिखाई दिए। आश्रम परिसर में भजन, कीर्तन और मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।

आयोजन के दौरान श्रद्धालु 24 घंटे सर्वेश्वरी मंदिर एवं समाधि स्थल की परिक्रमा करते हुए निरंतर संकीर्तन में शामिल हो रहे हैं। आयोजन समिति के अनुसार अघोरेश्वर भगवान राम के महानिर्वाण दिवस के पुण्य स्मरण में अखण्ड संकीर्तन का आयोजन किया गया है, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक साधना का अवसर मिल रहा है।

सोमवार 16 फरवरी को सुबह महाविभूति स्थल पर विशेष पूजन एवं आरती के साथ अष्टयाम संकीर्तन का समापन किया जाएगा। इसके बाद “सफलयोनि” सद्ग्रंथ का पाठ एवं आध्यात्मिक गोष्ठी का आयोजन होगा, जिसमें अघोरेश्वर भगवान राम के जीवन, उनके सिद्धांतों और समाज के प्रति उनके योगदान पर प्रकाश डाला जाएगा।

वार्षिकोत्सव के समापन अवसर पर अंतिम पूजन और महाआरती का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। आयोजन में प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु पहुंचे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आश्रम परिसर में पेयजल, प्रसाद वितरण और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई हैं।

पूरे आयोजन के दौरान आश्रम परिसर में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का विशेष वातावरण बना हुआ है, जिससे नारायणपुर क्षेत्र एक बार फिर धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया है।

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अघोर पीठ, श्री सर्वेश्वरी समूह के  पड़ाव आश्रम में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई गई महाशिवरात्रि, पूज्यपाद बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम जी के सान्निध्य में हुआ पार्थिव शिवलिंग पूजन

वाराणसी 15 फरवरी 2026 । महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर रविवार, 15 फरवरी 2026 को पड़ाव स्थित संस्थान देवस्थानम् अंतर्गत संचालित में महाशिवरात्रि पर्व श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पूज्यपाद बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम जी के सान्निध्य में सैकड़ों शिष्य, साधक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे और भगवान शिव की आराधना कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में प्रातःकाल आश्रम परिसर में स्वच्छता एवं श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें शिष्यों एवं श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सभी ने मिलकर आश्रम परिसर की साफ-सफाई कर सेवा और समर्पण का संदेश दिया। इसके पश्चात सुबह लगभग 9:00 बजे आश्रम के गणेश पीठ प्रांगण में पूज्यपाद बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम जी के द्वारा पार्थिव शिवलिंग का विधिवत पूजन-अर्चन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार, धूप-दीप और घंटानाद के बीच संपन्न हुए पूजन से पूरा वातावरण शिवमय हो गया।

इस दौरान परमपूज्य द्वारा दिए गए अमृत संदेश का वाचन श्री पृथ्वीपाल जी द्वारा किया गया। संदेश में महाशिवरात्रि के आध्यात्मिक महत्व, भगवान शिव की उपासना के लाभ तथा मानव जीवन में सेवा, त्याग और साधना के महत्व पर प्रकाश डाला गया। श्रद्धालुओं ने इस संदेश को श्रद्धापूर्वक सुना और अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।

इसके पश्चात आश्रम के शिष्यों, साधकों एवं श्रद्धालुओं ने भी पार्थिव शिवलिंग का पूजन कर भगवान शिव से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। दिनभर आश्रम परिसर में भजन-कीर्तन, मंत्रजाप और आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होता रहा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिरस में सराबोर रहा।

कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया। महाशिवरात्रि के इस आयोजन ने आश्रम में सेवा, साधना और श्रद्धा की परंपरा को और सुदृढ़ किया तथा श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता से भर दिया। इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक, शिष्यगण एवं श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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शहर के कई वार्डों में आंगनबाड़ी केंद्र जर्जर भवनों में संचालित, कहीं भवन ही नहीं — छोटे बच्चों और कार्यकर्ताओं को हो रही भारी परेशानी, स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियवंदा सिंह जूदेव को सौंपा ज्ञापन और की त्वरित कार्रवाई की मांग


जशपुरनगरः 15 फरवरी 2026 शहर में आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति को सुधारने के लिए राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियवंदा सिंह जूदेव पहल करेगी। शनिवार को समस्या से अवगत कराने के लिए पहुंचे पूर्व पार्षद और आंगनबाड़ी केंद्रों के कर्मचारियों को जूदेव ने यह आश्वासन दिया। ज्ञापन सौंपतें हुए वार्ड क्रमांक 8 के पूर्व पार्षद गणेश साहू ने बताया कि उनके वार्ड का आंगनबाड़ी भवन को नगरपालिका ने लगभग 3 साल पहले ही जर्जर घोषित कर चुकी है। लेकिन अब तक नए भवन के लिए कोई पहल नहीं की गई है। इससे यहां अक्षर ज्ञान प्राप्त करने के लिए आने वालों बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होनें बताया कि यही स्थिति शहर के दूसरे आंगनबाड़ी केंद्रों की भी है। उन्होनें बताया कि तेली टोली के अलावा दर्जी मुहल्ला,बनिया टोली,खजांची टोली और शिव मंदिर पारा के भवनों की हालत भी खराब हो चुकी है। इनके मरम्मत और नए भवन निर्माण की जरूरत है। 
जल्द होगा समस्या का निराकरण -
   प्रियवंदा सिंह जूदेव ने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा व विकास,मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार की प्राथमिकता में सबसे पहले है। बीते दो साल में इस दिशा में तेजी से काम हो  रहा है। उन्होनें कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र,बच्चों को अक्षर ज्ञान देने के साथ ही पोषण के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इसके लिए आवश्यक है कि हर आंगनबाड़ी केंद्र में स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण रहे। उन्होने आश्वस्त किया कि आंगनबाड़ी भवनों की मरम्मत और नए भवनों के लिए जल्द ही महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े से चर्चा करेगी।

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महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर लोरो के प्राचीन शिव मंदिर में संघ का भव्य घोष वादन — शंख, आनक और प्रणव की दिव्य ध्वनि से गुंजायमान हुआ पूरा क्षेत्र, श्रद्धालुओं ने अनुभव की अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा

जशपुर/नारायणपुर 15 फरवरी 2026 : महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जशपुर जिला के स्वयंसेवकों द्वारा लोरो स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में भव्य घोष वादन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से संपूर्ण वातावरण शिवमय हो उठा और श्रद्धालुओं में अद्भुत उत्साह का संचार हुआ।

संघ परंपरा के अनुसार महाशिवरात्रि पर्व को “घोष दिवस” के रूप में भी मनाया जाता है। इसी क्रम में स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में अनुशासित घोष वादन करते हुए विविध रचनाओं में घोष वादन प्रस्तुत किया। शंख, आनक, प्रणव, झल्लरी, त्रिभुजी सहित अनेक वाद्ययंत्रों की सुमधुर ध्वनि से मंदिर परिसर गुंजायमान हो उठा। घोष की तालबद्ध धुनों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति से सराबोर कर दिया।

कार्यक्रम का प्रारंभ शाखा  से हुआ। तत्पश्चात स्वयंसेवकों ने घोष की पारंपरिक धुनों के माध्यम से भक्ति एवं राष्ट्रभाव का समन्वय प्रस्तुत किया। संचलन के दौरान अनुशासन, एकरूपता और समरसता का प्रेरक दृश्य उपस्थित रहा, जिसे देखने के लिए क्षेत्र सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे।

स्थानीय , गणमान्य नागरिकों एवं मंदिर समिति के सदस्यों ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से समाज में संगठन, संस्कार और सांस्कृतिक चेतना का विस्तार होता है। उपस्थित भक्तजनों ने श्रद्धा भाव से घोष वादन का श्रवण किया और स्वयंसेवकों के अनुशासन एवं प्रस्तुति की प्रशंसा की।

महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर लोरो में आयोजित घोष वादन कार्यक्रम ने भक्ति, संस्कृति और संगठनात्मक शक्ति का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया, जो देर तक क्षेत्रवासियों के मन में अंकित रहा।

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महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस — नारायणपुर के ऐतिहासिक नगरवन शिव मंदिर परिसर का पवित्र तालाब विभागीय लाफ़रवाही की वजह से बदहाली की चरम स्थिति पर,धार्मिक कार्यों के लिए अनुपयोगी ,श्रद्धालु परेशान

नारायणपुर 15 फरवरी 2026  नगर की ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान माने जाने वाले नगरवन शिव मंदिर के समीप स्थित तालाब इन दिनों अपनी बदहाली की चरम स्थिति में पहुंच गया है। बादलखोल अभ्यारण्य विभाग द्वारा बनवाया गया यह तालाब, जो कभी स्वच्छ जल, धार्मिक आस्था और सामाजिक आयोजनों का प्रमुख केंद्र हुआ करता था, आज गंदगी, कचरे और बदबू का अड्डा बन चुका है।

तालाब में फैली गंदगी और दूषित जल को देखकर मंदिर आने वाले श्रद्धालु काफी निराश और आहत नजर आ रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि तालाब की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि अब इसका उपयोग धार्मिक कार्यों और जलाभिषेक जैसे पवित्र अनुष्ठानों के लिए करना संभव नहीं रह गया है।

महाशिवरात्रि और सावन में सैकड़ो की संख्या में  उमड़ती है भीड़

नगरवन शिव मंदिर क्षेत्र का प्रमुख आस्था केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। विशेष रूप से सावन माह, महाशिवरात्रि और अन्य धार्मिक पर्वों पर यहां सैकड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है।

महाशिवरात्रि जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए पवित्र जल की अपेक्षा करते हैं, लेकिन मंदिर के सामने स्थित तालाब की गंदगी देखकर श्रद्धालुओं को भारी निराशा का सामना करना पड़ रहा है। कई श्रद्धालुओं ने बताया कि पहले इस तालाब का जल धार्मिक कार्यों में उपयोग किया जाता था, लेकिन अब इसकी स्थिति अत्यंत खराब हो चुकी है।


गंदगी और बदबू से लोगों का जीना दूभर — सफाई के अभाव में तालाब बन रहा संक्रमण का खतरा

स्थानीय लोगों के अनुसार तालाब में लंबे समय से सफाई नहीं होने के कारण उसमें कचरा, गंदगी और जलकुंभी जमा हो गई है, जिससे बदबू फैल रही है। तालाब के आसपास का वातावरण भी अस्वच्छ हो गया है, जिससे श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते तालाब की सफाई नहीं कराई गई तो यह संक्रमण और बीमारियों का कारण भी बन सकता है।

 श्रद्धालुओं में नाराजगी — महाशिवरात्रि से पहले सफाई नहीं होने पर विभाग पर उठे सवाल

तालाब की दुर्दशा को लेकर श्रद्धालुओं और मंदिर समिति के सदस्यों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि महाशिवरात्रि जैसे बड़े धार्मिक पर्व से पहले बादलखोल अभ्यारण्य विभाग को तालाब की साफ-सफाई करानी चाहिए थी, लेकिन विभाग की लापरवाही के कारण ऐसा नहीं हो सका।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि बादलखोल अभ्यारण्य के अधिकारी और कर्मचारी इस महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल के तालाब को सफाई कराने में रुचि नही दिखा रहे हैं, जिससे श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो रही हैं।

 ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर पर मंडरा रहा संकट — वर्षों से धार्मिक आयोजनों का रहा है प्रमुख केंद्र

नगरवन शिव मंदिर के समीप स्थित विभाग यह तालाब केवल एक जलाशय नहीं, बल्कि नारायणपुर की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा है। वर्षों से यहां धार्मिक अनुष्ठान, जलाभिषेक, पर्व-त्योहार और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं।

तालाब की वर्तमान स्थिति को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि यदि शीघ्र ही उचित कदम नहीं उठाए गए तो यह ऐतिहासिक धरोहर धीरे-धीरे अपनी पहचान खो सकती है।

 स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं ने एलिफेंट रिजर्व सरगुजा के उपनिदेशक से की तत्काल हस्तक्षेप की मांग

तालाब की बदहाली को लेकर स्थानीय नागरिकों, श्रद्धालुओं और मंदिर समिति के सदस्यों ने एलिफेंट रिजर्व सरगुजा के उपनिदेशक को समाचार के माध्यम से तत्काल हस्तक्षेप कर तालाब की व्यापक सफाई कराने की मांग की है। लोगों ने कहा कि यह तालाब न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि नगर की पहचान भी है, इसलिए इसकी साफ-सफाई और संरक्षण अत्यंत आवश्यक है।

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से अपील की है कि जल्द से जल्द तालाब की सफाई कराकर इसे पुनः स्वच्छ और उपयोग योग्य बनाया जाए, ताकि श्रद्धालु पूर्व की तरह पवित्र जल का उपयोग कर सकें और इस ऐतिहासिक धरोहर की गरिमा भी बनी रहे।

तालाब सफाई का बजट का अभाव है । तालाब सफाई का बजट आएगा तो सफाई कराई जाएगी। 

आशुतोष भगत-अधीक्षक बादलखोल अभ्यारण्य-नारायणपुर

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल से नारायणपुर में विकास की पकड़ी रप्तार — नगरवन शिव मंदिर (महादेव गुड़ी) मार्ग पर कपरी नाला में 2 करोड़ 98 लाख की लागत से स्टॉपडेम सह पुलिया निर्माण कार्य प्रारंभ, वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी, ग्रामीणों में खुशी की लहर

नारायणपुर 15 फरवरी 2026 :-  क्षेत्र के ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही मांग को आखिरकार सरकार ने धरातल पर उतार दिया है। विष्णु देव साय की पहल और विशेष रुचि के बाद नारायणपुर के ऐतिहासिक नगरवन शिव मंदिर (महादेव गुड़ी) के समीप कपरी नाला पर स्टॉपडेम सह पुलिया निर्माण कार्य विधिवत प्रारंभ हो गया है। जल संसाधन विभाग द्वारा इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए 2 करोड़ 98 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसके बाद निर्माण एजेंसी ने स्थल पर कार्य शुरू कर दिया है।

यह परियोजना बरडांड से महादेव गुड़ी होते हुए चारभांटी मार्ग तक आवागमन को सुगम बनाएगी। बरसात के दिनों में कपरी नाला उफान पर होने से ग्रामीणों और श्रद्धालुओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब स्टॉपडेम सह पुलिया बनने से यह समस्या स्थायी रूप से समाप्त होने की उम्मीद है।

स्टॉपडेम सह पुलिया से ग्रामीणों को बहुआयामी लाभ — पेयजल, निस्तार, सिंचाई और भू-जल संवर्धन को मिलेगा मजबूती

इस निर्माण कार्य से क्षेत्र को कई स्तरों पर लाभ मिलने वाला है  बरसात में नाला पार करना जोखिम भरा होता था। पुलिया निर्माण के बाद स्कूली बच्चों, किसानों, महिलाओं और श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुगम मार्ग मिलेगा। गांवों के बीच संपर्क बेहतर होगा। स्टॉपडेम में जल संग्रहण होने से ग्रामीणों को निस्तार और घरेलू उपयोग के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध रहेगा। गर्मी के मौसम में भी जल संकट की समस्या काफी हद तक कम होगी। इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ किसानों को मिलेगा। जल संग्रहण से लगभग 150 हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई संभव हो सकेगी। किसान स्वयं के साधनों से खेतों तक पानी पहुंचाकर फसल उत्पादन बढ़ा सकेंगे, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी। स्टॉपडेम के कारण पानी का ठहराव होगा, जिससे आसपास के क्षेत्रों में भू-जल स्तर बढ़ेगा। हैंडपंप और कुओं में पानी की उपलब्धता सुधरेगी। नगरवन शिव मंदिर (महादेव गुड़ी) क्षेत्र धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल है। सड़क और पुलिया निर्माण से श्रद्धालुओं की आवाजाही आसान होगी, जिससे क्षेत्र में धार्मिक गतिविधियों और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।

ग्रामीणों ने जताया आभार, कहा — “वर्षों की मांग अब  हुई पूरी”

ग्रामीणों का कहना है कि कपरी नाला पर डेम सह पुलिया निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही थी। बरसात में गांव का यह मार्ग बन्द हो जाता था और किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता था। अब निर्माण कार्य शुरू होने से क्षेत्र में खुशी की लहर है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया है।

   स्टॉपडेम सह पुलिया निर्माण कार्य न केवल एक बुनियादी ढांचा परियोजना है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि विकास, जल संरक्षण और धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देने वाला कदम है। आने वाले समय में यह परियोजना नारायणपुर क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास का मजबूत आधार साबित होगी।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सपत्नीक श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा धाम में की पूजा-अर्चना,प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना-श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र बाबा धाम – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायगढ़, 15 फरवरी 2026। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय के साथ रायगढ़ प्रवास के दौरान रात एक बजे ग्राम कोसमनारा स्थित श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा धाम पहुंचे। उन्होंने भगवान भोलेनाथ एवं श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाल जीवन की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पूरे प्रदेश वासियों को महाशिवरात्रि पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। 

 पूजा अर्चना के बाद मंदिर परिसर के सामने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जिला खनिज न्यास मद के अंतर्गत 1 करोड़ 20 लाख रुपए की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का विधिवत शिलान्यास किया। प्रस्तावित कार्यों में मुख्य भवन के सामने ग्रेनाइट फर्श सहित शेड निर्माण, आगंतुकों के विश्राम एवं भोजन के लिए शेड निर्माण, शौचालय परिसर भवन का निर्माण तथा पार्किंग क्षेत्र के लिए सीमेंट कांक्रीट सड़क निर्माण शामिल हैं। उन्होंने इन कार्यों के लिए क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि कोसमनारा स्थित यह धाम श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा समाज को सकारात्मक दिशा और आत्मबल प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गुरुजनों के आशीर्वाद और जनता के विश्वास के साथ जनकल्याण के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ रही है। 
      रायगढ़ जिला मुख्यालय से लगभग 7 किलोमीटर दूर स्थित यह धाम वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा एवं भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। स्थानीय जनश्रुति के अनुसार, श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा वर्ष 1998 से कठोर तपस्या में लीन हैं। वर्ष 2003 में उन्हें ‘श्री श्री 108’ की उपाधि प्राप्त हुई, जिसके बाद धाम की ख्याति और अधिक बढ़ी। बताया जाता है कि बाबा ने पत्थरों को एकत्र कर शिवलिंग का स्वरूप निर्मित किया और उसी स्थान को अपनी तपोभूमि बनाया। वर्षा, ग्रीष्म और शीत—तीनों ऋतुओं में खुले स्थान पर रहकर भगवान भोलेनाथ की साधना करना उनकी तपस्या की विशेष पहचान बन चुकी है। इस अवसर पर महापौर श्री जीवर्धन चौहान,  श्री नगर निगम सभापति श्री डिग्रीलाल साहू, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, सरपंच, गणमान्य नागरिक, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

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महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर अघोर पीठ जनसेवा अभेद आश्रम में भक्ति, साधना और संकीर्तन का दिव्य संगम — अघोरेश्वर भगवान राम महाविभूति स्थल स्थापना दिवस पर 24 घंटे गूंजेगा अघोर मंत्र, श्रद्धालुओं को मिलेगा आध्यात्मिक ऊर्जा का अवसर

????️ महाशिवरात्रि पर नारायणपुर के अघोर पीठ अभेद आश्रम में उमड़ेगी आस्था की विशाल धारा — अघोरेश्वर भगवान राम महाविभूति स्थल स्थापना दिवस का छठवां वार्षिकोत्सव, 24 घंटे अखण्ड अष्टयाम संकीर्तन, पूजन-अर्चन, सद्ग्रंथ पाठ और आध्यात्मिक गोष्ठियों से भक्तिमय होगा पूरा क्षेत्र, देशभर से श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद।

नारायणपुर, 15 फरवरी 2026। महाशिवरात्रि पर्व के पावन अवसर पर अघोर परिषद् ट्रस्ट एवं अघोर पीठ जनसेवा अभेद आश्रम, नारायणपुर-चिटकवाईन में अघोरेश्वर परंपरा के महान संत अघोरेश्वर भगवान राम महाविभूति स्थल स्थापना दिवस का छठवां वार्षिकोत्सव श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उत्साह के साथ आज मनाया जाएगा। इस अवसर पर आश्रम परिसर में दो दिवसीय धार्मिक आयोजन के तहत महाशिवरात्रि पूजन, अखण्ड अष्टयाम संकीर्तन, सद्ग्रंथ पाठ, गोष्ठी और विशेष आरती का आयोजन किया जाएगा है।

आयोजन समिति के अनुसार, कार्यक्रम का शुभारंभ रविवार 15 फरवरी 2026 को सुबह 07:30 बजे महाशिवरात्रि के विशेष पूजन के साथ होगा। इसके पश्चात आश्रम स्थित मंदिर एवं महाविभूति स्थल पर विधिवत पूजन एवं महाआरती की जाएगी। इसी क्रम में अष्टयाम संकीर्तन प्रारंभ होगा, जिसमें श्रद्धालु “अघोरानाम परो मंत्रः नास्ति तत्वम गुरौ : परम” मंत्र का जाप करते हुए भक्ति में लीन रहेंगे। पूरे आश्रम परिसर में भजन, कीर्तन और मंत्रोच्चार से वातावरण भक्तिमय बना रहेगा।

दूसरे दिन सोमवार 16 फरवरी को प्रातः 09:00 बजे महाविभूति स्थल पर पूजन एवं आरती के साथ अष्टयाम संकीर्तन का समापन किया जाएगा। इस बीच श्रद्धालुओं द्वारा 24 घंटे आश्रम स्थित सर्वेश्वरी मंदिर एवं समाधि स्थल के चारों ओर परिक्रमा करते हुए सतत संकीर्तन करेंगे। इसके पश्चात “सफलयोनि” सद्ग्रंथ का पाठ एवं लघु आध्यात्मिक गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें संतों एवं विद्वानों द्वारा अघोरेश्वर भगवान राम के जीवन, उनके सिद्धांतों और समाज के लिए उनके योगदान पर प्रकाश डाला जाएगा।

आयोजन समिति ने बताया कि अघोरेश्वर भगवान राम के महानिर्वाण दिवस के पुण्य स्मरण में आश्रम में 24 घंटे तक अखण्ड संकीर्तन किया जाएगा। इस दौरान श्रद्धालु निरंतर भगवान के नाम का स्मरण करते हुए आध्यात्मिक साधना में सहभागी बनेंगे। यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त करने और संतों के विचारों को आत्मसात करने का महत्वपूर्ण अवसर होगा।

वार्षिकोत्सव के समापन अवसर पर सोमवार सुबह 09:00 बजे महाविभूति स्थल पर अंतिम पूजन एवं महाआरती के साथ अष्टयाम संकीर्तन का विधिवत समापन किया जाएगा।

आयोजन को लेकर आश्रम एवं आसपास के क्षेत्रों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। आयोजकों ने बताया कि इस भव्य आयोजन में प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आश्रम परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।

आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं एवं भक्तजनों से इस पावन अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर अघोरेश्वर भगवान राम के पुण्य स्मरण में सहभागी बनने और आध्यात्मिक लाभ अर्जित करने की अपील की है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने महाशिवरात्रि की प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएँ

रायपुर 15 फरवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पावन महाशिवरात्रि के अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महाशिवरात्रि आस्था, साधना और आत्मचिंतन का पावन पर्व है। यह पर्व हमें संयम, सेवा, त्याग और समर्पण की भावना से जीवन जीने की प्रेरणा देता है। भगवान शिव का जीवन करुणा, धैर्य और लोकमंगल का प्रतीक है, जो हमें समाज और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का स्मरण कराता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कामना की कि भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती की असीम कृपा से प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आनंद का वास हो तथा छत्तीसगढ़ निरंतर विकास और प्रगति के पथ पर अग्रसर रहे।

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अघोर गुरु पीठ बनोरा पहुंचे मुख्यमंत्री श्री साय, गुरु दर्शन कर लिया आशीर्वाद - आध्यात्मिक मूल्यों एवं संस्कारों की पाठशाला है अघोर गुरु पीठ ब्रह्मनिष्ठालय बनोरा

रायगढ़, 14 फरवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय अपने रायगढ़ प्रवास के दौरान आज ग्राम बनोरा स्थित अघोर गुरु पीठ ब्रह्मनिष्ठालय पहुंचे। उन्होंने आश्रम के उपासना स्थल पर अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी की प्रतिमा के दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने अघोरेश्वर के प्रिय शिष्य बाबा प्रियदर्शी भगवान राम जी के दर्शन कर आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन भी प्राप्त किया। 
            मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक परंपरा हमारी सबसे बड़ी धरोहर है। अघोर गुरु पीठ जैसे संस्थान समाज को संस्कार, सेवा और सद्भाव का संदेश दे रहे हैं। यहां आकर आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए भी प्रतिबद्ध है। समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा, स्वास्थ्य और सेवा की भावना पहुंचाना ही सच्चा राष्ट्र निर्माण है।
           इस अवसर पर नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्रीलाल साहू, श्री अरुणधर दीवान, पूर्व विधायक श्री विजय अग्रवाल, श्री गुरुपाल भल्ला, श्री श्रीकांत सोमावार, श्री सुभाष पाण्डेय, श्री विजय केडिया, श्री कौशलेष मिश्रा, श्री पवन शर्मा, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह सहित प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायगढ़ के पंडरीपानी महालक्ष्मी मंदिर में की पूजा-अर्चना - प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना

रायगढ़, 14 फरवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज रायगढ़ प्रवास के दौरान ग्राम पंडरीपानी में गजमार पहाड़ी के पीछे स्थित महालक्ष्मी मंदिर पहुंचे। मंदिर परिसर पहुँचकर उन्होंने माता महालक्ष्मी की भव्य महाआरती में हिस्सा लिया और विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना की। इस अवसर पर मां महालक्ष्मी सेवा एवं कल्याण समिति के सदस्यों और पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
            इस आध्यात्मिक अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्रीलाल साहू, श्री अरुणधर दीवान, पूर्व विधायक श्री विजय अग्रवाल, श्री गुरुपाल भल्ला, श्री सुभाष पाण्डेय, श्री विजय केडिया, श्री कौशलेष मिश्रा, श्री पवन शर्मा, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह सहित प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। 
            मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित श्री रविभूषण शास्त्री ने बताया कि इस भव्य मंदिर की आधारशिला वर्ष 2017 में रखी गई थी, जिसका निर्माण कार्य 2023 में पूर्ण हुआ और दिसंबर माह के शुभ मुहूर्त में यहाँ प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न हुई। मंदिर की विशेषता इसकी अद्वितीय मूर्तियां हैं, जहाँ माँ तारा, काली, छिन्नमस्ता, षोडशी, भुवनेश्वरी, त्रिपुरभैरवी, धूमावती, बगुलामुखी, मातंगी और माँ कमला जैसी 10 महाविद्याएं विराजमान हैं। इनके साथ ही माँ विमला, माँ मंगला और भैरव बाबा की प्रतिमाएं भी स्थापित की गई हैं।

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राष्ट्रीय शिक्षा नीति की भावना को साकार करने मनोरा में सामाजिक विज्ञान शिक्षकों का पांच दिवसीय उन्नयन प्रशिक्षण सम्पन्न, नई पुस्तकों से बच्चों को रोचक तरीके से पढ़ाने पर दिया गया जोर


मनोरा 14 फरवरी 2026 : जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान जशपुर एवं विकास खंड शिक्षा अधिकारी मनोरा के निर्देशानुसार विकास खंडश्रोत कार्यालय मनोरा के प्रशिक्षण कक्ष में कक्षा 6वीं हेतू एनसीईआरटी द्वारा निर्मित व एससीईआरटी के द्वारा अनुकूलित पाठ्य-पुस्तकें विद्यालय में लागू की गयी है इन पुस्तकों पर उच्च प्राथमिक विद्यालयों के सामाजिक विज्ञान विषय शिक्षकों का विकासखंड स्तरीय पांच दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न हुआ। समापन समारोह को संबोधित करते हुए मनोरा बीआरसी आशुतोष शर्मा नें कहा कि हम शिक्षकों का पढ़ाई व व्यवहार बच्चों के साथ ऐसा होना चाहिए जिससे बच्चे उत्साहित रहें, हमें बच्चों को प्रेरित कर आगे लाना है उनका उत्साह बढ़ाना है। उक्त प्रशिक्षण डीआरजी बलदेव ओहदार बीआरजी जीवनलाल सारथी माधुरी मिंज हरीश कुमार भगत के द्वारा विकास खंड मनोरा के 36 शिक्षकों को सामाजिक विज्ञान के नई पाठ्य पुस्तक से संबंधित गतिविधियां आधारित प्रशिक्षण दिया गया इसमें अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के श्री मुकेश सर का सक्रिय सहयोग रहा। यह प्रशिक्षण राष्ट्रीय शिक्षा नीति के आधार पर तैयार किया गया है। प्रशिक्षण के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरण किया गया। प्रशिक्षण को व्यवस्थित सम्पन्न कराने में नरेंद्र बघेल लेखापाल बीआरसी मनोरा का पूर्ण सहयोग रहा।

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मजबूत समाज के निर्माण से ही समृद्ध और सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय - झरिया यादव महासम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए मुख्यमंत्री


जशपुरनगर 14 फरवरी 2026 / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज कुनकुरी विकासखंड अंतर्गत खारीझरिया में आयोजित झरिया यादव महासम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने खारीझरिया में मंगल भवन एवं सांस्कृतिक मंडप निर्माण की घोषणा की। साथ ही बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले समाज के प्रतिभावान विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
   इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि समाज के महासम्मेलन सामाजिक कुरीतियों को दूर करने और समाज को आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक चिंतन का अवसर प्रदान करते हैं। इससे सामाजिक ढांचा मजबूत होता है और मजबूत समाज से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है। उन्होंने शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि प्रत्येक समाज को अपने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने का संकल्प लेना चाहिए। राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में विशेष प्रयास कर रही है। आज प्रत्येक ब्लॉक में कॉलेज संचालित हैं, साथ ही प्रदेश में  मेडिकल एवं इंजीनियरिंग संस्थान उपलब्ध हैं। राष्ट्रीय महत्व के संस्थान भी छत्तीसगढ़ में स्थापित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के वंशज के रूप में यादव समाज ने गौवंश सेवा की अद्वितीय परंपरा को सहेजा है, जो अनुकरणीय है। उन्होंने समाज के प्रबुद्धजनों से नशामुक्त समाज निर्माण के लिए आगे आने का आह्वान किया।
    उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में नरेंद्र मोदी द्वारा प्रदेश की जनता से की गई अधिकांश गारंटियों को राज्य सरकार ने सफलतापूर्वक पूरा किया है। सरकार के प्रथम कैबिनेट निर्णयों में 18 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए, जिससे प्रदेश में आवास क्रांति की शुरुआत हुई। अब तक कुल 26 लाख आवासों की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 70 लाख माताओं-बहनों के खातों में अब तक 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है। किसानों के हित में कृषक उन्नति योजना के तहत 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान की खरीदी की जा रही है तथा होली पर्व से पूर्व अंतर की राशि किसानों को प्रदान कर दी जाएगी। 
     उन्होंने कहा कि वनवासी परिवारों के कल्याण हेतु तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक दर 4000 रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की गई है, जिससे संग्राहक परिवारों को सीधा लाभ मिल रहा है। साथ ही चरण पादुका योजना को पुनः प्रारंभ कर श्रमिकों के सम्मान एवं सुरक्षा को सुनिश्चित किया गया है। मुख्यमंत्री ने नवीन औद्योगिक नीति का लाभ उठाकर उद्योग एवं व्यवसाय के क्षेत्र में आगे बढ़ने का भी आह्वान किया। कार्यक्रम में कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, छत्तीसगढ़ झरिया यादव समाज के प्रदेशाध्यक्ष श्री जगनिक यादव सहित समाज के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।
     
*मुख्यमंत्री ने 11.75 करोड़ के 6 विकासकार्यों का लिया भूमिपूजन और लोकार्पण*

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुनकुरी विधानसभा अंतर्गत 11 करोड़ 75 लाख 94 हजार रुपए लागत के 6 विकासकार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। जिनमें 9 करोड़ 42 लाख 48 हजार रुपए लागत के 5 विकासकार्यों का भूमिपूजन एवं 2 करोड़ 33 लाख 46 हजार रूपए लागत के 01 विकासकार्य का लोकार्पण शामिल हैं।
   मुख्यमंत्री ने 9 करोड़ 42 लाख 48 हजार रुपए लागत के जिन 5 विकासकार्यों का भूमिपूजन किया उनमें 3.68 करोड़ रूपए लागत के जोकारी से मद्धेश्वर पहाड़ तक पहुंच मार्ग लं. 3.00 कि.मी., 2.85 करोड़ रुपए लागत के एन.एच.-43 से मयाली डेम तक लं. 1.30 किमी, 10 लाख रुपए लागत के सी.सी. रोड़ निर्माण कार्य बंदरचुंवा सरदार बस्ती से सरना पहुंच मार्ग तक ग्राम पंचायत बंदरचुंआ और 7 लाख रुपए लागत के कण्डोरा में उचित मुल्य दुकान का निर्माण कार्य शामिल ही। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने 2.33 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित एस.एच. 17 से पुटकेला पहुंच मार्ग लं. 2.20 कि.मी. का लोकार्पण भी किया।

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मुख्यमंत्री ग्राम केंदापानी पहुंचकर वरिष्ठ नागरिक स्व. कालेश्वर सिंह के छायाचित्र में पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी

जशपुर 14 फरवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज दुलदुला विकास खंड के ग्राम केंदापानी पहुंचकर वरिष्ठ नागरिक स्व. कालेश्वर सिंह के छायाचित्र में पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा, पूर्व राज्यसभा सांसद श्री रणविजय सिंह जुदेव , जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जुदेव नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जुदेव, श्री रामप्रताप सिंह पवन साय, भरत सिंह समेत जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।

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धमतरी सड़क दुर्घटना में कोबरा बटालियन के जवानों के निधन पर मुख्यमंत्री ने जताया गहरा शोक

रायपुर 14 फरवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज धमतरी में हुए सड़क हादसे में कोबरा बटालियन के वीर जवानों के असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रसेवा में समर्पित हमारे जांबाज जवानों का निधन अत्यंत हृदयविदारक है और यह क्षति अपूरणीय है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने दिवंगत जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने में कोबरा बटालियन के जवानों की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रही है। मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा घायल जवान के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर आवश्यक सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को घायल जवान के समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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