ताजा खबरें


बड़ी खबर

बिजली लाइन के मरम्मत के दौरान दो मजदूर झुलसे....जिला अस्पताल में इलाज जारी

जशपुर : बिजली विभाग अंतर्गत बिजली ठेकेदार के अंदर कार्य कार्य कर रहे दो मजदूर बुरी तरह झुलस गए है,बताया जा रहा है कि कार्य करने के दौरान बिजली के झटका से दोनों मजदूर घायल हो गए है।घायल मजदूरों का नाम पवन राम और राजू सिंह बताया जा रहा है दोनो मजदूर बिजली खंबा में चढ़कर बिजली सुधार का कार्य कर रहे थे इस दौरान यहां बिजली का झटका लगा और दोनों मजदूर घायल हो गए।ग्रामीणों की सहायता से दोनों घायलों को जिला अस्पताल में उपचार हेतु भर्ती किया गया है।जहां उनका उपचार जारी है।घटना की जानकारी पाकर स्वास्थ विभाग के सीएमचओ श्री जात्रा मौके पर पहुंचे।श्री जात्रा ने बताया कि सभी घायलों का उपचार चिकित्सकों के द्वारा किया जा रहा है।


बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके से नदारद

जैसे ही मीडिया की टीम जिला अस्पताल पहुंची बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी जिला अस्पताल से तत्काल भाग खड़े हुए।इस दौरान बिजली ठेकेदार भी अस्पताल में मौजूद रहा जो पत्रकारों का कैमरा देखते ही वहां से भाग खड़ा हुआ।
बिजली विभाग के ई विनोद पंडित ने फोन में बताया कि अस्पताल में घायलों का उपचार कराया जा रहभै,ठेकदार रमेश सिंह सहित विभाग के कर्मचारी अस्पताल में ही होंगे।

और भी

राज्य की सड़कों और विकास योजनाओं पर चर्चा करने आज शाम केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

नई दिल्ली, 31 जुलाई 2025
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज शाम केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी से उनके आधिकारिक निवास पर मुलाक़ात की। इस अवसर पर दोनों नेताओं के बीच छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण, सड़क परियोजनाओं की प्रगति और भविष्य की अधोसंरचना योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने श्री गडकरी को राज्य में चल रही प्रमुख सड़क परियोजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार निर्माण कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य के दूरस्थ और वनवासी क्षेत्रों को मुख्य सड़कों से जोड़ने का प्रयास तेज़ी से किया जा रहा है, ताकि वहां के लोगों को भी बेहतर कनेक्टिविटी और आर्थिक अवसर मिल सकें।

बैठक में यह भी चर्चा हुई कि औद्योगिक क्षेत्रों, नए जिलों में सड़क नेटवर्क को मज़बूत करना राज्य के समग्र विकास के लिए जरूरी है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि सड़कें केवल यात्रा का ज़रिया नहीं, बल्कि रोज़गार, निवेश और सामाजिक बदलाव की आधारशिला हैं।

केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने छत्तीसगढ़ सरकार की प्राथमिकताओं की सराहना करते हुए भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार राज्य को हर संभव सहयोग देती रहेगी। उन्होंने कहा कि आदिवासी अंचलों तक सड़कें पहुंचने से न केवल विकास तेज़ होगा, बल्कि उन इलाकों में स्थायी परिवर्तन भी आएगा।

मुख्यमंत्री नेअँजोर “विजन 2047” के तहत राज्य की लंबी अवधि की रणनीति से भी अवगत कराया, जिसमें एकीकृत और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन व्यवस्था विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण और सीमावर्ती इलाकों में सड़क संपर्क को प्राथमिकता दे रही है, ताकि हर नागरिक तक विकास की पहुँच सुनिश्चित की जा सके।

और भी

*लंबे समय से अनुपस्थित 06 कर्मचारियों को कलेक्टर ने किया सेवा से पृथक* 

जशपुरनगर 31 जुलाई 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जिला मिशन संचालक, समग्र शिक्षा विभाग के अंतर्गत विभिन्न संविदा पदों कार्यरत 06 कर्मचारियों को सेवा से पृथक किया है। इनमें मोबाईल स्त्रोत कम लेखापाल श्रीमती पुष्पा टोप्पो, बी.आर.पी. समावेशी शिक्षा सुश्री ज्योति साहू एवं कु. मेघा दुबे, सूचना प्रबंध समन्वयक श्री नवीन कुमार पटेल, भृत्य श्रीमती सविता बाई एवं नंदकिशोर चाहौन शामिल हैं। ये सभी कर्मचारी आज पर्यन्त बिना किसी सूचना एवं आवेदन-पत्र प्रस्तुत किए लगातार कार्य पर अनुपस्थित है। इस संबंध में पूर्व में सभी कर्मचारियों को कई बार पत्र प्रेषित कर कार्य पर उपस्थित होने के निर्देश दिया गया था। किन्तु उनके द्वारा किसी भी तरह का न कोई जवाब प्रस्तुत किया और ना अपने कर्तव्य पर उपस्थित हुए। इस अनाधिकृत अनुपस्थिति के संबंध में उन्हें रजिस्टर्ड डाक द्वारा अंतिम सूचना पत्र प्रेषित कर 01 सप्ताह के अंदर कार्य पर उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था। किन्तु उनके द्वारा कोई प्रत्युत्तर प्राप्त नहीं हुआ जो कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम -03 के विपरीत है।  
          विदित हो कि कलेक्टर द्वारा छत्तीसगढ़ सिविल सेवाएं (अवकाश) नियम, 2010 के नियम 11 में प्रावधान अनुसार यदि कोई भी शासकीय सेवक, अवकाश सहित या बिना अवकाश के बाह्य सेवा से भिन्न, तीन वर्ष से अधिक निरंतर अवधि के लिए कर्तव्य से अनुपस्थित रहता है तो उसे शासकीय सेवा से त्याग पत्र दिया हुआ समझने के नियम के तहत् कार्यवाही की गई।

और भी

*सिंगीबहार में निर्माणाधीन विद्युत सब स्टेशन के कार्य में व्यवधान डालने वाले असामाजिक तत्वों पर की गई दाण्डिक कार्यवाही* 

जशपुरनगर 31 जुलाई 2025/फरसाबहार एसडीएम से प्राप्त जानकारी के अनुसार फ़रसाबहार विकासखण्ड के ग्राम सिंगीबहार में निर्माणाधीन विद्युत सब स्टेशन के कार्य में व्यवधान पैदा कर कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न करने वाले असामाजिक तत्वों के विरूद्ध राजस्व एवं पुलिस प्रशासन द्वारा दाण्डिक कार्यवाही की गयी है।
            ज्ञात हो कि ग्राम सिंगीबहार में विगत दो वर्षों से शासकीय भूमि पर विद्युत सब स्टेशन का निर्माण कार्य चल रहा है। इस सब स्टेशन के बन जाने से क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को विद्युत की निर्बाध आपूर्ति दी जा सकेगी। ग्राम सिंगीबहार के ही कुछ असामाजिक लोगों द्वारा लगातार व्यवधान पैदा कर कार्य को बाधित किया जा रहा है। इससे पूर्व 14 जुलाई 2025 को सब स्टेशन के भवन निर्माण कार्य को भी इन ग्रामीणों द्वारा विवाद उत्पन्न कर रूकवाने का प्रयास किया गया था और मौके पर कार्य कर रहे कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया था, जिसके कारण इनके विरूद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 296,351 (2), 221, 190, 191 (2) के तहत शांति भंग करने और शासकीय कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने का अपराध विद्युत विभाग द्वारा थाना तपकरा में दर्ज कराया गया था। आज पुनः जिला प्रशासन द्वारा भवन की छत ढलाई का कार्य पुलिस बल की उपस्थिति में करवाया जा रहा था। इस दौरान रंजीता लकड़ा, प्रतिमा लकड़ा, निर्मला लकड़ा, दोरोथिया किस्पोट्टा, फुलजेंसिया कुजूर, फगुदादा लकड़ा, सुशील तिर्की, दीपक लकड़ा और एडवर्ड मिंज द्वारा महिलाओं को आगे कर कार्य में बाधा उत्पन्न कर दिया गया। मौके पर एसडीएम फरसाबहार एवं एसडीओपी कुनकुरी द्वारा इन लोगों को समझाईस दिया गया। किन्तु इसके बावजूद वाद विवाद की स्थिति उत्पन्न कर दी गयी। पुलिस द्वारा विरोध करने वाले उपरोक्त असामाजिक लोगों के विरूद्ध धारा 170 बीएनएसएस के तहत मामला कायम किया गया एवं गिरफ्तारी कर थाने ले जाया गया।           
          विदित हो कि विद्युत सब स्टेशन का निर्माण शासकीय भूमि पर किया जा रहा है किन्तु इन ग्रामीणों द्वारा खेल मैदान के नाम पर जानबूझकर अवरोध पैदा किया जा रहा था। प्रशासन एवं जन सहयोग से उक्त विद्युत सब स्टेशन का कार्य जारी है। यह भी ज्ञातव्य है कि ग्राम पंचायत और ग्राम सिंगीबहार के अन्य समस्त ग्रामवासी सहित आसपास के समस्त ग्रामीण इस विद्युत सब स्टेशन के निर्माण से संतुष्ट हैं और उनके द्वारा प्रशासन का आभार भी जताया गया है।

और भी

शशिकला एक सफल व्यवसाई के रूप में उभरी दूसरी महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा...बिहान योजना से जुड़ कर पेश की आत्मनिर्भरता की मिसाल

जशपुर 31 जुलाई 25/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के गृह जिला जशपुर में स्व सहायता समूह की महिलाएं स्वावलंबी बनकर दूसरी महिलाओं के लिए भी बनी प्रेरणा 

जिले के कांसाबेल विकासखंड के ग्राम केनादाड़ की श्रीमती शशिकला खलखो 'बिहान योजना' के माध्यम से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बनी हैं। एक सामान्य गृहिणी और खेती-किसानी करने वाली शशिकला ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की है, बल्कि अब वे एक सफल होटल व्यवसायी के रूप में भी उभरी हैं।

श्रीमती शशिकला खलखो वर्ष 2008 से 'जीवन ज्योति स्व सहायता समूह' की सक्रिय सदस्य हैं। इस 11 सदस्यीय समूह ने पहले सामूहिक रूप से खेती-किसानी के कार्यों में सहभागिता की। शशिकला बताती हैं कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उनके जीवन में व्यापक सकारात्मक बदलाव आए, जिससे उन्हें बच्चों को शिक्षित करने के साथ-साथ खुद आत्मनिर्भर होने में भी मदद मिली।

हाल ही में, श्रीमती खलखो ने अपनी उद्यमशीलता को विस्तार देते हुए एक होटल का संचालन शुरू किया है। इस हेतु उन्होंने मुद्रा योजना के तहत ऋण और सीआईएफ  मद से 60 हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त की। वह बताती हैं कि यह नई शुरुआत है और उन्हें इस माह अच्छी आमदनी प्राप्त हुई है।

श्रीमती खलखो ने पूर्व में खाद्य विभाग की पीडीएस दुकान का संचालन भी किया है। उन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का आवास, महतारी वंदन योजना के तहत मासिक 1000 रुपये और उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर का भी लाभ मिला है।

अपनी सफलता का श्रेय देते हुए श्रीमती शशिकला खलखो ने  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया।

और भी

*माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2025 पारित : छत्तीसगढ़ में व्यापार और वाणिज्य को मिलेगी नई गति*

रायपुर, 31 जुलाई 2025/छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पारित माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2025, राज्य में व्यापार एवं वाणिज्य को सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस संशोधन विधेयक का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों को कानूनी राहत, कारोबारी प्रक्रियाओं को सरल बनाना, कर मामलों का शीघ्र निराकरण और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करना है। 

विधेयक में इनपुट टैक्स क्रेडिट के प्रावधानों को और स्पष्ट किया गया है ताकि कारोबार, कर भुगतान और क्रेडिट के उपयोग में पारदर्शिता आ सके। विशेष श्रेणी के लेन-देन (जैसे सेज, निर्यात, वेयरहाउस परिसंचरण) को स्पष्ट परिभाषित किया गया है। साथ ही वित्त अधिनियम, 2025 के केंद्र सरकार के संशोधनों के अनुरूप कई तकनीकी और प्रक्रियागत बदलाव किए गए हैं। 

माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2025 के अनुसार इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर नियम में संशोधन किया गया है। अब आईजीएसटी में रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म के अंतर्गत प्राप्त इनपूट टैक्स क्रेडिट का वितरण अपनी शाखाओं में करने की अनुमति मिलेगी। इससे जीएसटी अधिनियम की विसंगतियां दूर होंगी और ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा मिलेगा। 

विधेयक में ऐसे पेनाल्टी की राशि जिसमें टैक्स डिमांड शामिल नहीं है ऐसे प्रकरणों में अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील प्रस्तुत करने के लिए पूर्व डिपोजिट 25 प्रतिशत राशि को घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है। इसी प्रकार वाउचर टैक्स निर्धारण को और अधिक स्पष्ट किया गया है। पहले जीएसटी प्रणाली में वाउचर पर कर निर्धारण के संबंध स्थिति स्पष्ट नही थी इस पर जीएसटी कब लगेगा इन्हें जारी करने के समय या इन्हें रिडीम करते समय इस संबंध में विभिन्न एंडवास रूलिंग अथारिटी मत भिन्नता थी। संशोधन विधेयक के अनुसार अब वाउचर रिडीम करते समय जीएसटी लगेगा।

तंबाकू आदि उत्पादों के लिए ट्रैक एंड ट्रेस मैकेनिज्म लागू किया गया है, जिससे उनकी आपूर्ति श्रृंखला की कड़ी निगरानी हो सकेगी। ऐसे उत्पादों के सभी यूनिट पैकेट में एक क्यूआर कोड अंकित करना होगा, जिसे स्कैन करने पर निर्माता, उत्पाद, एमआरपी, विक्रेता, बिल आदेश, भुगतान के सभी रिकार्ड आदि जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही निर्माता और होलसेलर को इन यूनिट पैकेट के मूव्हमेंट का रिकार्ड रखना होगा। ताकि जांच एजेंसियों को किसी भी समय ऐसी सूचनाएं उपलब्ध हो सके। 

विशेष आर्थिक क्षेत्र को प्रोत्साहन के तहत इन विशेष क्षेत्रों के वेयर हाउस में रखे गए वस्तुओं के निर्यात किए जाने से पूर्व वस्तुओं के फिजिकल मूवमेंट के बिना क्रय विक्रय किए जाने पर अब जीएसटी नहीं लगेगा। यह बदलाव सेज में निवेश और कारोबार को बढ़ावा देगा तथा ये क्षेत्र अधिक प्रतिस्पर्धी होंगे। विधेयक में ‘प्लांट या मशीनरी’ शब्दों के स्थान पर ‘प्लांट और मशीनरी‘ शब्दो को प्रतिस्थापित किया गया है। प्लांट शब्द में ‘भवन‘ सम्मिलित नहीं होगा एवं इस पर इनपुट क्रेडिट की पात्रता नहीं होगी। डिजिटल मुहर, डिजिटल चिन्ह या किसी प्रकार का अन्य चिन्हांकन सहित ‘विशिष्ट पहचान चिह्नांकन’ का प्रावधान भी शामिल किया गया है।

*छत्तीसगढ़ की उपलब्धियां*
छत्तीसगढ़ में वर्ष 2024-25 में राज्य को 16,299 करोड़ रूपए जीएसटी राजस्व प्राप्त हुआ, जो राज्य के कुल कर राजस्व का 38 प्रतिशत है। इस वर्ष 18 प्रतिशत की दर से वृद्धि दर्ज की गई और छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर रहा। राज्य के भीतर माल परिवहन के लिए ई-वे बिल की सीमा 50,000 रूपए से बढ़ाकर 1,00,000 रूपए कर दी गई है, जिससे 26 प्रतिशत छोटे व्यापारियों को कागजी कार्यवाही से राहत मिली है।
नई सरकार के गठन के बाद से 43,612 नए पंजीकरण किए गए हैं। पंजीकरण प्रक्रिया को 13 दिनों से घटाकर अब सिर्फ 2 दिन में पूर्ण किया जा रहा है। पूर्व में केवल 15 जिलों में जीएसटी कार्यालय थे, अब राज्य के 33 जिलों में कार्यालय स्थापित कर दिये गये हैं। कर अपवंचन की रोकथाम के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डाटा एनालिटिक्स और बिजनेस इंटेलिजेंस यूनिट का गठन किया गया है।

और भी

जशपुर में प्रशासनिक कार्यशैली को मिल रही नई पहचान : जनता के बीच पहुंचकर कलेक्टर रोहित व्यास सुन रहे समस्या*

जशपुर, 31 जुलाई 25/ जिले में कलेक्टर रोहित व्यास की कार्यशैली इन दिनों आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। उनके नेतृत्व में जिले का प्रशासन अब फाइलों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि आम जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनने और समाधान देने में जुटा हुआ है।

कलेक्टर व्यास लगातार विभिन्न विकासखंडों का दौरा कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने पत्थलगांव में विधायक श्रीमती गोमती साय के साथ भ्रमण कर क्षेत्रीय जनता से सीधे संवाद किया। इस दौरान उन्होंने ऑडिटोरियम निर्माण, हाइटेक बस स्टैंड और अटल परिसर जैसे विकास कार्यों का भी निरीक्षण किया।

आम जनता के लिए 'खुला दरबार' जैसा माहौल
कलेक्टर व्यास का ज़ोर केवल प्रशासनिक बैठकों तक सीमित नहीं है। वे विभागीय अधिकारियों के साथ सतत् समीक्षा बैठकें कर रहे हैं, जिससे जमीनी स्तर पर काम की गति तेज हुई है। गांवों में जाकर सीधे लोगों से संवाद करने और समस्याओं को मौके पर ही हल करने का उनका तरीका उन्हें जनता के करीब ला रहा है।

मुख्यमंत्री के गृह जिले में तेज होते विकास के  कार्य
जशपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का गृह जिला है और प्रशासन इस विशेष जिम्मेदारी को गंभीरता से निभा रहा है। श्री व्यास की अगुवाई में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं की मॉनिटरिंग में तीव्रता आई है।

विकास के लिए जमीनी जुड़ाव जरूरी कलेक्टर रोहित व्यास का मानना है कि यदि अधिकारी आम नागरिकों से सीधे संवाद नहीं करेंगे, तो योजनाएं केवल कागज़ पर ही सीमित रह जाएंगी। यही कारण है कि वे स्वयं हर सप्ताह फील्ड में रहकर निरीक्षण और जनसंवाद कर रहे हैं।

जिले के कई गांवों और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में कलेक्टर के इस सक्रिय दौरे से न सिर्फ आम जनता में भरोसा बढ़ा है, बल्कि कई पुरानी समस्याओं का भी तेजी से निराकरण हो रहा  है।

और भी

*छत्तीसगढ़ में कृषि भूमि के बाजार मूल्य निर्धारण के नियमों में हुआ बड़ा बदलाव : किसानों को मिल सकेगा न्यायसंगत मुआवजा.....मुख्यमंत्री श्री साय की अध्यक्षता में मंत्रीपरिषद ने दी मंजूरी*

रायपुर, 31 जुलाई 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में कल मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित मंत्रीपरिषद की बैठक में वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग के एक महत्त्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यह प्रस्ताव राज्य में ग्रामीण क्षेत्रों की कृषि भूमि के बाजार मूल्य निर्धारण से संबंधित है, जिसमें किसानों, भू-अर्जन से प्रभावित हितग्राहियों और राजस्व से जुड़े मामलों में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने का प्रयास किया गया है।

  अनुमोदित प्रस्ताव के तहत ग्रामीण कृषि भूमि के बाजार मूल्य की गणना के लिए 500 वर्गमीटर तक के भू-खण्ड की दर को समाप्त करते हुए सम्पूर्ण रकबा की गणना हेक्टेयर दर से की जाएगी। भारतमाला परियोजना और बिलासपुर के अरपा भैंसाझार में जिस तरह की अनियमितताएँ सामने आई थीं, उनसे बचने के लिए यह व्यवस्था मददगार होगी। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र की परिवर्तित भूमि का मूल्यांकन सिंचित भूमि के ढाई गुना करने के प्रावधान को विलोपित करने के साथ ही शहरी सीमा से लगे ग्रामों की भूमियों और निवेश क्षेत्र की भूमियों के लिए वर्गमीटर में दरों का निर्धारण किया जाएगा। इस प्रस्ताव के लागू होने से भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामलों में विवादों की संख्या घटेगी और किसानों को पारदर्शी और न्यायसंगत मुआवजा मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि यह निर्णय नीति निर्माण की दिशा में एक दूरदर्शी कदम है। उन्होंने इस निर्णय को किसानों और भूमि अधिग्रहण से प्रभावित हितग्राहियों के हित में एक ऐतिहासिक कदम बताया है। उनका मानना है कि गाइडलाइन दरों की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाकर हम न सिर्फ किसानों को न्याय दिलाएंगे बल्कि राज्य की विकास परियोजनाओं की रफ्तार को भी गति देंगे। यह बदलाव राज्य में भूमि मूल्य निर्धारण की प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सरल और विवाद-मुक्त बनाने की दिशा में एक सार्थक प्रयास होगा।

और भी

*रसोईया और सफाई कर्मचारियों को कलेक्टर दर पर वेतन दे सरकार .... नौकरी का हो नियमितीकरण... अन्य बाकी लाभ भी दे सरकार - छत्तीसगढ़ संयुक्त कर्मचारी मोर्चा *

रायपुर -31 जुलाई 2025 :   प्रदेश भर के प्राथमिक एवं मिडिल स्कूलों में बच्चों के लिए दोपहर का गरमागरम भोजन तैयार करने वाले मध्याह्न भोजन रसोइया कर्मचारियों ने विगत तीन दिवस का हड़ताल कर अपना मानदेय बढ़ाने की मांग की है। तीन दिनों बाद हड़ताल को समाप्त कर राज्य सरकार को लगभग एक माह का अल्टीमेटम देते हुए स्पष्ट तौर पर कहा है कि यदि सरकार हमारी मांगों को नहीं मानी तो आने वाले दिनों में प्रदेश भर के रसोईया अनिश्चितकालीन आंदोलन में चले जाएंगे।
         "छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त कर्मचारी मोर्चा" के प्रदेश संयोजक एवं "छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ" के प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू ने स्कूल सफाई कर्मचारीयो की हड़ताल का समर्थन करते हुए उनकी मांगों को जायज बताया है।
          मोर्चा एवं संघ के प्रदेश पदाधिकारीगण बीरेंद्र साहू, राजेंद्र लाड़ेकर, शिवकुमार साहू, प्रदेश महासचिव भोजराम साहू, गायत्री मंडलोई, महेश्वर कोटपरिहा, प्रदेश संयुक्त सचिव हरिशंकर पटेल, कमलेश कुमार भारती, प्रदेश प्रवक्ता, नरेंद्र तिवारी, केशव पटेल, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रोहित कुमार पटेल, अमर दास बंजारे, रामसेवक पैकरा, राजेंद्र कुमार साहू, जगदीश साहू, दिनेश कुमार लहरें.... 
            ..... देवेंद्र वर्मा, प्रमोद कुंभकार, दिनेश निर्मलकर, संतोष जैन, मनोज यादव, अभिषेक तिवारी, सुषमा प्रजापति, नारद सहारे, मुकेश दिवाकर, शंभूराम साहू, चंद्रशेखर सारथी, रेखा पुजारी, अरविंद पांडे, देवीदयाल साहू, फूलदेव गुप्ता, हीरालाल विश्वकर्मा, ज्वाला बंजारे, महेश शर्मा, बिमला लकड़ा, मंजू शर्मा, तुलसा मंडावी, नंदकुमार पटेल, रूलिका लकड़ा, नूरजहां खान, रूपेंद्र कुमार साहू, कोमल सिंह गुरु, तिलक खांडे, कुलदीप सिन्हा, कौशल्या कोले, शशिमा कुर्रे, विनोद सिंह राजपूत, मनीषा मिंज, कजला महिलांगे, कुलेश्वरी साहू, कैलाशचंद्र ठाकुर आदि ने संगठन की ओर से संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि मध्यान भोजन रसोईया एवं स्कूल सफाई कर्मचारी यह दोनों स्कूल शिक्षा विभाग के अभिन्न अंग है। 
        स्कूल शिक्षा विभाग में कर्मचारियों के तौर पर सभी स्कूलों में शिक्षक, बच्चों के लिए भोजन बनाने वाले मध्यान भोजन रसोईया, स्कूलों की साफ सफाई करने वाले कर्मचारी आदि की नियुक्त की है। यह तीनों कर्मचारी शिक्षा विभाग में एक दूसरे के पूरक हैं। किसी भी कर्मचारी के बिना स्कूल शिक्षा विभाग की कल्पना नहीं की जा सकती।
           क्योंकि एक ओर जहां शिक्षक दिनभर बच्चों को सभी विषयों का अध्ययन अध्यापन कराते है। वहीं दूसरी ओर प्रदेश के स्कूलों में मध्याह्न भोजन पकाने का काम रसोइया भाई बहन करते हैं। जो बच्चों के लिए बढ़िया गरम भोजन तैयार करते हैं। बच्चों के दोपहर की भूख मिटाते हैं। ठीक इसी प्रकार स्कूल सफाई कर्मचारियों के द्वारा स्कूलो की साफ सफाई का पूरा ध्यान रखा जाता है। शौचालय, टॉयलेट आदि की पूरी साफ सफाई की जाती है।
         संगठन ने कहा है कि यह देखने और सुनने में आ रहा है कि विगत 20-25 सालों से अर्थात जब से ये कर्मचारी काम कर रहे हैं तब से इनका मानदेय तीन चार सौ से लेकर पांच सौ, एक हजार, डेढ़ हजार तक ही हो पाया है।
        अभी रसोइयों को मात्र दो हजार रुपए की मासिक मानदेय मिलती है। इसी प्रकार स्कूल सफाई कर्मचारियों को लगभग तीन हजार रुपए की राशि मिलती है। चूंकि आज महंगाई का दौर है। इस दौर में सभी के बच्चों की पढ़ाई लिखाई, काफी, पुस्तक, दिनचर्या के रूप में सब्जी, भाजी, टमाटर, कपड़े, नून, तेल आदि। सभी सामान की जरूरत पड़ती है।
        कर्मचारी मोर्चा के प्रदेश संयोजक जाकेश साहू ने बताया कि आज की तारीख में चार सदस्यों के एक न्यूनतम परिवार का किराना सामान का ही बिल के दो से तीन हजार रुपए का बन जाता है। कपड़े, जूते, चप्पल, दैनिक उपयोग की पुस्तक, सब मिलकर हर व्यक्ति का महीने में 8 से 10 हजार रुपए से अधिक खर्च हो जाता है।
       इन कर्मचारियों का मानदेय नहीं बढ़ाना अथवा इन पर ध्यान नहीं देना। यह एक बड़ा ही गंभीर समस्या है। संगठन ने मांग की है कि राज्य सरकार को मानवीय संवेदना का ध्यान रखते हुए मध्यान भोजन रसोईया एवं स्कूल सफाई कर्मचारियों का वेतन बढ़ाते हुए इन्हें कलेक्टर दर पर वेतन देना चाहिए। साथ ही सम्मानजनक वेतन इनको मिलनी चाहिए। ताकि यह भी सम्मान पूरक अपना जीवन यापन कर सके एवं मन लगाकर स्कूल का कार्य कर सके।

और भी

*कोतबा में बनने वाले सीएचसी और हार्टिकल्चर कॉलेज के लिए प्रस्तावित स्थलों का विधायक श्रीमती साय और कलेक्टर ने किया अवलोकन*

*

जशपुरनगर, 31 जुलाई 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर राज्य के दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं के समुचित विस्तार पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में विधायक श्रीमती गोमती साय एवं कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने बुधवार को कोतबा में बनने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और हार्टिकल्चर कॉलेज के लिए प्रस्तावित स्थलों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
   कोतबा में लगभग 4.37 करोड़ रुपए की लागत से 50 बिस्तरों वाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया जाएगा। इसके लिए विधायक श्रीमती साय और कलेक्टर श्री व्यास ने मंडी प्रांगण के समीप स्थित भूमि का अवलोकन किया। यह स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र के ग्रामीणों को सुलभ और सशक्त स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगा। इसके साथ ही उन्होंने हार्टिकल्चर कॉलेज के लिए भूमि चयन हेतु प्रस्तावित स्थल ग्राम काजूबाड़ी, ग्राम पंचायत फ़रसाटोली, गोलियागढ़, टेंगरा एवं ग्राम भेलवागोड़ा एवं अन्य स्थलों का अवलोकन किया और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान एसडीएम श्री ऋतुराज सिंह बिसेन, हार्टिकल्चर कॉलेज के डिन श्री अरविंद साय सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी शामिल रहे।

और भी

*विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी सना, छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण: सी एम श्री साय ने दी शुभकामनाएं*

रायपुर : 30 जुलाई 2025 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) की महिला बॉक्सर सना माचू को भारतीय बॉक्सिंग टीम में चयनित होने पर हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि सना का चयन न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है। बिलासपुर रेल मंडल में सीसीटीसी के पद पर पदस्थ सना माचू अब इंग्लैंड के लिवरपूल में 4 से 14 सितंबर तक आयोजित होने वाली विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की बेटियों की बढ़ती प्रतिभा, मेहनत और आत्मविश्वास का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास जताया कि सना अपने दमदार प्रदर्शन से देश का नाम विश्व पटल पर रोशन करेंगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेंगी। मुख्यमंत्री ने सना को चैंपियनशिप के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

और भी

मुख्यमंत्री के सुशासन में नागरिकों को मिल रहा है प्रभु श्रीरामलला के दर्शन का सौभाग्य : 204 श्रद्धालु दर्शन हेतू अयोध्या धाम के लिए हुआ रवाना 

‌जशपुर 30 जुलाई 25/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में श्रद्धालुओं प्रभु श्री रामलला अयोध्या धाम के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है।
बुधवार को जिले के सभी विकास खंड के जनपद पंचायत कार्यालय और नगरीय निकाय से जनप्रतिनिधियों ने अयोध्या धाम के लिए श्रद्धालुओं की बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
जशपुर जनपद पंचायत से विधायक जशपुर श्रीमती रायमुनी भगत, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविन्द भगत, जनपद पंचायत कुनकुरी से जनपद सदस्य श्री विश्व नाथ सिदार बगीचा से नगर पंचायत अध्यक्ष श्री प्रभात सिदाम ने श्रद्धालुओं को अपनी शुभकामनाएं देते हुए तीर्थ यात्रा के लिए रवाना किया गया।

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जिले के स्थानीय निवासियों को "श्रीरामलला दर्शन अयोध्या धाम यात्रा योजना अंतर्गत दिनांक 30 जुलाई से 2 अगस्त 2025 के यात्रा हेतु जिले से कुल-204 श्रद्धालुओं को रवाना किया गया।

और भी

*रायपुर में खुलेगा APEDA का क्षेत्रीय कार्यालय.....मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रयासों से कृषि निर्यात को मिलेगा नया प्रोत्साहन, राज्य बनेगा एक्सपोर्ट हब*

रायपुर, 30 जुलाई 2025/  कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात को प्रोत्साहन देने की दिशा में छत्तीसगढ़ को एक बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रयासों एवं उद्योग विभाग की सक्रिय पहल के फलस्वरूप भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने रायपुर में APEDA (Agricultural and Processed Food Products Export Development Authority) का क्षेत्रीय कार्यालय खोलने की स्वीकृति प्रदान की है।

इस क्षेत्रीय कार्यालय के प्रारंभ होने से छत्तीसगढ़ के किसानों, उत्पादकों और निर्यातकों को अनेक लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगे। अब उन्हें ट्रेनिंग, प्रमाणन, पैकेजिंग, मानकीकरण और निर्यात संबंधी सेवाओं के लिए अन्य राज्यों के कार्यालयों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा।

*स्थानीय स्तर पर मिलेगी वैश्विक गुणवत्ता की सुविधा*

राज्य में APEDA  कार्यालय की स्थापना से अब फाइटो-सेनेटरी प्रमाणपत्र, गुणवत्ता प्रमाणन, लैब टेस्टिंग, और निर्यात से जुड़ी प्रक्रियाएं यहीं पूरी की जा सकेंगी। इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि किसानों और निर्यातकों की लागत में भी कमी आएगी।

*छत्तीसगढ़ के उत्पादों को मिलेगी ब्रांडिंग और वैश्विक पहचान*

APEDA  कार्यालय से फल, सब्ज़ियाँ, चावल, GI टैग वाले उत्पाद, मिलेट्स और अन्य कृषि उत्पादों का सीधे अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में निर्यात आसान होगा। इससे उत्पादों को उचित दाम, व्यापारियों को नए बाज़ार, और राज्य को वैश्विक मंच पर पहचान मिलेगी।

*किसानों की आय और ज्ञान दोनों में वृद्धि*

निर्यात से किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी। साथ ही, नई तकनीकों, गुणवत्ता नियंत्रण, आधुनिक पैकेजिंग और अंतरराष्ट्रीय मार्केटिंग की जानकारी और प्रशिक्षण उन्हें स्थानीय स्तर पर मिल सकेगा।

*निर्यात बुनियादी ढांचे को मिलेगा प्रोत्साहन*

APEDA न केवल प्रमाणन और ब्रांड प्रमोशन में सहयोग करता है, बल्कि निर्यात बुनियादी ढांचे के निर्माण और रख-रखाव में भी सहायता करता है। इससे राज्य में फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स, कोल्ड स्टोरेज, पैक हाउस जैसे सुविधाओं का विकास होगा, जिससे कृषि व्यापार को नई गति मिलेगी।

*विशेष योजनाएं और सब्सिडी का लाभ राज्य को मिलेगा*

APEDA  द्वारा चलाए जा रहे एक्सपोर्ट प्रमोशन, स्किल डेवलपमेंट और सब्सिडी योजनाओं का लाभ अब छत्तीसगढ़ के किसान, स्टार्टअप और MSMEs को सहजता से मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस ऐतिहासिक पहल पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों और उत्पादकों को अब वैश्विक बाजार से जोड़ने का मजबूत माध्यम मिल गया है। यह कार्यालय न केवल कृषि निर्यात को प्रोत्साहन देगा, बल्कि राज्य की आर्थिक समृद्धि की दिशा में भी एक निर्णायक कदम सिद्ध होगा। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को ‘वोकल फॉर लोकल टू ग्लोबल’ की दिशा में एक अग्रणी राज्य बनाएगी और समृद्ध कृषि उत्पादों के निर्यात के लिए क्षेत्र में नए अवसरों के द्वार खोलेगी।

और भी

*नवा रायपुर में स्थापित होगी अत्याधुनिक क्रिकेट एकेडमी ...*मुख्यमंत्री श्री साय की विशेष पहल पर नियमों को शिथिल कर लिया गया निर्णय* 

रायपुर, 30 जुलाई 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप राज्य के उभरते क्रिकेट खिलाड़ियों के प्रशिक्षण एवं विकास को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ को नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-3, ग्राम-परसदा में 7.96 एकड़ भूमि क्रिकेट एकेडमी की स्थापना हेतु आबंटित करने का निर्णय लिया गया है। यहां यह उल्लेखनीय है कि सरकारी व्ययन नियमों के तहत, गैर-लाभकारी संस्थाओं को सीधे भूमि आवंटन का प्रावधान नहीं है, लेकिन इस विशेष मामले में राज्य शासन ने नियमों को शिथिल कर यह निर्णय लिया है, जिससे खिलाड़ियों के हित में क्रिकेट एकेडमी की स्थापना हो सके।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ को 2016 में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से पूर्णकालिक मान्यता प्राप्त है। इसके लिए नगर विकास प्राधिकरण ने कुल 7.96 एकड़ भूमि चिन्हित की है। 

छत्तीसगढ़ राज्य में क्रिकेट के क्षेत्र में अपार संभावनाएँ हैं। प्रदेश के कई खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं। नवा रायपुर में शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम मौजूद है, परंतु अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं और प्रशिक्षण के लिए एकेडमी की जरूरत महसूस की जा रही थी। इस निर्णय से प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं को क्रिकेट में आगे बढ़ने के बेहतरीन अवसर मिलेंगे और राज्य को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान मिलेगी। छत्तीसगढ़ सरकार का यह कदम न केवल प्रदेश के युवा क्रिकेटरों के लिए अवसर के नए द्वार खोलेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ को खेल के क्षेत्र में मजबूत पहचान दिलाने में सहायक होगा।

और भी

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मनोरा के  शासकीय कालेज भवन निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 61 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति दी* 

जशपुर जिले में शिक्षा के दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम

मुख्यमंत्री की घोषणा पर त्वरित अमल : मनोरा कॉलेज भवन निर्माण के लिए 4.61 करोड़ रूपये की स्वीकृति

रायपुर, 31जुलाई 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मनोरा विकासखंड के शासकीय कॉलेज भवन के निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 61 लाख 25 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। यह स्वीकृति मुख्यमंत्री द्वारा अपने जशपुर प्रवास के दौरान की गई घोषणा के अनुरूप दी गई है, जिस पर राज्य सरकार द्वारा तत्परता से अमल किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि जशपुर जिले के विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना और सड़क-पुल निर्माण से जुड़े कार्यों के लिए लगातार स्वीकृतियाँ दी जा रही हैं, ताकि विकास योजनाएं तेज़ी से धरातल पर उतर सकें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि दूरस्थ अंचलों के बच्चों को भी उच्च शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उनके निकट ही उपलब्ध हों। इसी उद्देश्य से मनोरा में कॉलेज भवन का निर्माण कराया जा रहा है। इसके साथ ही जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में भी ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।

मनोरा में कॉलेज भवन निर्माण की स्वीकृति से क्षेत्र के विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए अब बाहर नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने मुख्यमंत्री की इस पहल के लिए उनका आभार प्रकट किया है।

और भी

बैठक में कलेक्टर की दो टूक- सड़क निर्माण में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नही, PWD,PMGSY,MMGSY के अधिकारियों को कहा क्वालिटी में कॉम्प्रोमाइज किया तो……

गुणवत्ता में लापरवाही करने पर ठेकेदार पर होगी कार्रवाई 

सभी अस्पतालों में एंटी रेबीज इंजेक्शन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए 

कृषि अधिकारी को स्वयं फिल्ड विजिट करके किसानों की समस्याओं का समाधान करने के निर्देश 

जशपुर 30 जुलाई 25/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने मंगलवार को साप्ताहिक समय सीमा की बैठक लेकर मुख्यमंत्री जनदर्शन, मुख्यमंत्री की घोषणा का क्रियान्वयन और कलेक्टर जनदर्शन के आवेदनों का समीक्षा करते हुए सभी अधिकारियों को प्रकरणों का निराकरण गंभीरता करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने पीएम जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा बसाहटों तक पूल पुलिया, सड़क, आंगनबाड़ी केंद्र स्वास्थ्य केन्द्र, आश्रम छात्रावास के निर्माण कार्यों को भी गंभीरता करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू सभी एसडीएम, जनपद सीईओ और जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित थे ‌।
कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से सभी स्वास्थ्य केन्द्र में एंटी रेबीज इंजेक्शन की उपलब्धता की जानकारी ली।
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी स्वास्थ्य केन्द्र में एंटी रेबीज इंजेक्शन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और मरीज इंजेक्शन लगवाने आते हैं तो उनको तत्काल लगाया जाए ।

कलेक्टर ने कहा कि इस संबंध में शिकायत नहीं आनी चाहिए और लापरवाही बरतने वाले पर कार्रवाई के भी निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के  अधिकारियों को सड़क की गुणवत्ता को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा जो ठेकेदार गुणवत्ता का ध्यान नहीं रख रहा है उन पर कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने अधिकारियों को अवगत कराया की केन्द्र सरकार द्वारा जिन बसाहटों तक पूल पुलिया सड़क, अस्पताल आश्रम छात्रावास, आंगनबाड़ी केंद्र और अन्य कार्य की आवश्यकता है तो उसका प्रस्ताव मांगा गया है। कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों से इस संबंध में जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने कृषि अधिकारी से खाद बीज उपलब्धता के संबंध में जानकारी ली और सोसायटी के माध्यम से सभी किसानों को खाद बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने कृषि अधिकारी को स्वयं फिल्ड विजिट करके किसानों की समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए।

और भी

किक बॉक्सिंग पदक विजेता खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री से की सौजन्य मुलाकात*

रायपुर, 30 जुलाई 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग प्रतियोगिता में पदक विजेता खिलाड़ियों ने सौजन्य भेंट की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने खिलाड़ियों को और अधिक मेहनत कर प्रदेश का नाम राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने के लिए प्रोत्साहित किया।

प्रदेश के विजेता खिलाड़ियों में रजत पदक विजेता अन्नू देवी कुंवर, दीप्ति साहू तथा कांस्य पदक विजेता संजना कन्नौजिया और हर्षा सेन शामिल थीं। प्रशिक्षक श्री विशाल हियाल भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ किक बॉक्सिंग संघ के प्रदेशाध्यक्ष श्री छगन लाल मुंदड़ा तथा महासचिव श्री आकाश गुरुदीवान  उपस्थित थे।

और भी

*मुख्यमंत्री श्री साय से केरल एवं ओडिशा के सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात*

रायपुर, 29 जुलाई 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज मंत्रालय, महानदी भवन में केरल एवं ओडिशा के सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में लोकसभा सांसद चलाकुडी से श्री बेनी बेहनन, कोट्टायम से श्री के. फ्रांसिस जॉर्ज, कोल्लम से श्री एन. के. प्रेमचंद्रन, कोरापुट से श्री सप्तगिरि उल्का, और केरल विधानसभा सदस्य श्रीमती रोजी एम. जॉन शामिल थे।प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से राज्य में हाल ही में चर्चा में आए धर्मांतरण प्रकरण की जानकारी साझा की। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक शांतिप्रिय और समरसता में विश्वास रखने वाला प्रदेश है, जहाँ सभी धर्मों के लोग सौहार्दपूर्वक रहते हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि मामले की जांच न्यायिक प्रक्रिया के तहत की जा रही है। कानून स्वतंत्र रूप से अपना कार्य कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश की बेटियाँ और नागरिक सुरक्षित और सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत करें।

और भी