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*ऋण और खाद-बीज के रूप में किसानों को अब तक 52 करोड़ 04 लाख से अधिक की राशि प्रदान किया गया*

जशपुरनगर 04 अगस्त 2025/ खरीफ सीजन में किसान निश्चिंत होकर खेती-किसानी कार्य मंे लगे हुए है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव के निर्देश पर सहकारी समितियां उन्हें प्राथमिकता के आधार पर खाद और बीच उपलब्ध कराने के साथ ही अल्पकालिन ऋण भी प्रदान कर रही है। राज्य सरकार द्वारा धान प्रति क्विंटल 3100 रूपए और प्रति एकड़ 21 क्विंटल की खरीदी करने के अलावा दलहन, तिलहन, मक्का आदि के फसल लगाने वाले किसानों को कृषक उन्नति योजना का लाभ दिए जाने जैसे किसान हितैषी निर्णयों ने किसानों में खेती को लेकर अलग ही उत्साह नजर आ रहा है।
   इस खरीफ वर्ष में अब तक किसानों को दिए जाने वाले अल्पकालीन ऋण और खाद-बीज के वितरण के रूप में लक्ष्य के विरूद्ध 72.28 प्रतिशत की पूर्ति की जा चुकी है। इस खरीफ वर्ष में अल्पकालीन ऋण और खाद-बीज के वितरण के लिए 72 करोड़ का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जिसमें नगद 43.20 करोड़ रूपए और 28.80 करोड़ रूपए का खाद-बीज दिया जाना था। अब तक लक्ष्य के विरूद्ध 52 करोड़ 04 लाख 34 हजार रूपए नगद एवं खाद बीज के लिए वितरण किया जा चुका है। जिसमें 32 करोड़ 86 लाख 17 हजार रूपए नगद ऋण एवं खाद-बीज के रूप में 19 करोड़ 18 लाख 17 हजार रूपए वितरण किया जा चुका है। 
     पिछले वर्ष किसानों को दिए जाने वाले अल्पकालीन ऋण और खाद-बीज के वितरण में लक्ष्य के विरूद्ध 114.81 प्रतिशत का लक्ष्य हासिल किया गया था। पिछले वर्ष 60 करोड़ 3 हजार का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जिसमें से 69 करोड़ 38 लाख और 52 हजार रूपए नगद एवं खाद-बीज वितरण और फसल बीमा के रूप में प्रदान किया गया था।

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*हॉफ बिजली बिल योजना: 31 लाख उपभोक्ताओं को पूर्ववत् हॉफ बिजली बिल योजना का मिलता रहेगा लाभ

15 लाख बीपीएल परिवारों को पूर्ववत् योजना का मिलेगा लाभ

रायपुर 4 अगस्त 2025/ राज्य सरकार द्वारा हॉफ बिजली बिल योजना के अंतर्गत दी जाने वाली छूट की सीमा में युक्तियुक्त संशोधन किया गया है। अब प्रतिमाह दी जाने वाली 400 यूनिट की छूट के स्थान पर 100 यूनिट तक की मासिक खपत पर 50 प्रतिशत रियायत दी जाएगी।

वर्तमान में राज्य के 45 लाख घरेलू उपभोक्ताओं में से लगभग 31 लाख परिवार (करीब 70%) ऐसे हैं जिनकी खपत 100 यूनिट प्रतिमाह से अधिक नहीं है। अतएव हॉफ बिजली बिल की छूट सीमा के इस पुनरीक्षण के बावजूद इन 31 लाख जरूरतमंद सामान्य एवं कमजोर वर्ग के उपभोक्ता परिवारों को योजना का लाभ पहले की ही तरह मिलता रहेगा।  प्रदेश के लगभग 70 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ता परिवार हॉफ बिजली योजना से पूर्ववत् लाभान्वित होते रहेंगे।

इन 31 लाख परिवारों में 15 लाख बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवार भी शामिल हैं, जिन्हें पूर्ववत् हॉफ बिजली बिल योजना का लाभ मिलता रहेगा। इन परिवारों को 30 यूनिट तक की मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत पहले की तरह प्राप्त होती रहेगी, साथ ही वे हॉफ बिजली बिल योजना के अन्य सभी लाभों से भी यथावत् लाभान्वित रहेंगे।  राज्य सरकार गरीब परिवारों को बिजली खर्च में राहत देने के लिए प्रतिबद्ध है।

राज्य सरकार प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को गति दे रही है, जिसके अंतर्गत 3 किलोवॉट या उससे अधिक क्षमता के रूफटॉप सोलर प्लांट की स्थापना पर केंद्र सरकार से ₹78,000/- तथा राज्य सरकार से ₹30,000/- की कुल ₹1,08,000/- तक की सब्सिडी दी जा रही है। 2 किलोवॉट क्षमता के सोलर प्लांट पर 75% (₹90,000/-) का अनुदान उपलब्ध है, जिससे उपभोक्ता प्रतिमाह 200 यूनिट से अधिक बिजली का उत्पादन कर सकते हैं। यह उत्पादन वर्तमान में हॉफ बिजली बिल योजना से मिलने वाली अधिकतम छूट (400 यूनिट पर 200 यूनिट की छूट) से भी अधिक है।

400 यूनिट तक औसत खपत करने वाले उपभोक्ताओं का बिजली बिल आमतौर पर ₹1000/- से अधिक होता है, जो सोलर प्लांट की स्थापना के बाद लगभग शून्य हो जाएगा। इस प्रकार के उपभोक्ता हॉफ बिजली बिल योजना से “मुफ्त बिजली बिल” योजना की ओर अग्रसर होंगे, और दीर्घकालिक बचत प्राप्त करेंगे।

*उपभोक्ता स्वयं की छत पर उत्पादित बिजली के अतिरिक्त शेष बिजली को ग्रिड में प्रवाहित कर प्राप्त कर सकेंगे अतिरिक्त आय*

रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करने वाले उपभोक्ता अपनी छत पर उत्पादित बिजली का उपयोग करने के साथ-साथ शेष बिजली को ग्रिड में प्रवाहित कर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकेंगे।प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के अंतर्गत 25 प्रतिशत शेष लागत उपभोक्ता स्वयं वहन कर सकते हैं, या फिर बैंक से न्यूनतम ब्याज दर पर ऋण प्राप्त कर सकते हैं। इस ऋण की मासिक किस्त लगभग ₹800/- होगी, जो कि वर्तमान में 400 यूनिट पर देय औसत बिजली बिल ₹1000/- से भी कम है।

इस प्रकार, उपभोक्ता अपने मासिक बिजली बिल को कम करते हुए भविष्य में आत्मनिर्भर ऊर्जा उत्पादक बन सकते हैं। यह कदम न केवल आर्थिक रूप से लाभकारी है, बल्कि पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।

राज्य सरकार का यह निर्णय गरीब और मध्यमवर्गीय उपभोक्ताओं को राहत देने, तथा उन्हें ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित करने का एक सशक्त और दूरदर्शी प्रयास है। यह योजना राज्य को स्वच्छ ऊर्जा, आत्मनिर्भरता और आर्थिक बचत के पथ पर अग्रसर करेगी।

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*मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ‘शिक्षा संवाद’ कार्यक्रम में हुए शामिल....5000 नए शिक्षकों की होगी नियुक्ति, 2047 तक ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का संकल्प*

रायपुर, 03 अगस्त 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय  ने आज राजधानी रायपुर में हरिभूमि और आईएनएच मीडिया समूह द्वारा आयोजित ‘ज्ञान धारा – शिक्षा संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार शिक्षा को राष्ट्र निर्माण की बुनियाद मानती है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जब से मैंने शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभाली, उसी क्षण से मेरी प्राथमिकता रही कि विभाग को गहराई से समझते हुए उसमें सुधार की ठोस पहल की जाए। सबसे पहले एक गहन समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें यह पाया गया कि राज्य में शिक्षक और छात्रों का अनुपात राष्ट्रीय औसत से बेहतर होने के बावजूद वितरण असमान है।ग्रामीण क्षेत्रों में छात्रों की संख्या अधिक है, लेकिन शिक्षक अपेक्षाकृत कम हैं, जबकि शहरी क्षेत्रों में शिक्षक अधिक संख्या में पदस्थ हैं। इस असंतुलन को दूर करने हेतु राज्य में युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया आरंभ की गई। इसके परिणामस्वरूप आज छत्तीसगढ़ का कोई भी स्कूल शिक्षक विहीन नहीं है। इस प्रभाव का विस्तार इतना व्यापक रहा कि इरकभट्टी जैसे गांवों में वर्षों से बंद पड़े विद्यालय पुनः प्रारंभ हो गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अब भी शिक्षकों की आवश्यकता बनी हुई है, जिसे ध्यान में रखते हुए 5000 नए शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया शीघ्र आरंभ की जाएगी।

नई शिक्षा नीति का प्रभावी क्रियान्वयन

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में लागू किया गया है, और राज्य में हमारी सरकार ने इसे तत्परता से अपनाया है। छत्तीसगढ़ में अब 18 स्थानीय भाषाओं एवं बोलियों में प्राथमिक शिक्षा प्रदान की जा रही है। इससे न केवल स्थानीय भाषाओं के संरक्षण को बल मिला है, बल्कि बच्चों की सीखने की क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पीएम-श्री स्कूल योजना के अंतर्गत छात्रों को हाई-टेक सुविधाएँ मिल रही हैं। विद्यालय भवनों के रखरखाव हेतु ₹133 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है। साथ ही, छात्रावासों की स्थिति सुधारने के लिए भी ठोस कदम उठाए गए हैं।

नक्सलवाद से विकास की ओर – बस्तर की नई दिशा

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज, वन, उपजाऊ भूमि और जैव विविधता से परिपूर्ण एक समृद्ध प्रदेश है, किंतु यह भी सत्य है कि यह राज्य वर्षों से नक्सलवाद की पीड़ा झेलता आया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के साथ हुई समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया कि नक्सल समस्या से दोहरे मोर्चे—सुरक्षा और विकास—पर समन्वित रणनीति से निपटा जाएगा। सरकार ने नक्सलियों से हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की, और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। अब तक 1500 से अधिक नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं।

साथ ही, सुरक्षा बलों के द्वारा चलाए जा रहे अभियान में कई सक्रिय नक्सली न्यूट्रलाइज किए गए हैं। पुनर्वास हेतु ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के माध्यम से विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद का स्थायी समाधान केवल सुरक्षा बलों से नहीं, बल्कि शिक्षा, सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से संभव है। सरकार इन क्षेत्रों में विशेष रूप से कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर के धुड़मारास गांव को विश्व के 20 प्रमुख पर्यटन ग्रामों में स्थान मिला है, जो प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा प्रदान किया गया है, और बस्तर में बोधघाट परियोजना के माध्यम से 7 लाख हेक्टेयर सिंचाई सुविधा और 200 मेगावॉट बिजली उत्पादन के लक्ष्य पर कार्य प्रगति पर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में अद्वितीय प्रगति हुई है। एक समय था जब राज्य में मात्र 1 मेडिकल कॉलेज था, आज 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। राज्य में अब तक 19 निजी विश्वविद्यालय स्थापित हो चुके हैं और 3 नए विश्वविद्यालयों की स्थापना प्रक्रिया में है।

उन्होंने कहा कि भारत प्राचीन काल से ही विश्वगुरु रहा है और आज पुनः वह स्थान प्राप्त करने की दिशा में अग्रसर है। विदेशों से छात्र भारत में शिक्षा ग्रहण करने आ रहे हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा का केंद्र बने।

2047 का लक्ष्य: विकसित भारत, विकसित छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2047 तक "विकसित छत्तीसगढ़" के लिए एक विस्तृत विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। डॉक्यूमेंट में शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

सरकार का उद्देश्य है कि राज्य के विद्यालयों और महाविद्यालयों की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो तथा राज्य की जीएसडीपी में शिक्षा का योगदान सशक्त और प्रभावशाली बने।

उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को “उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान” से अलंकृत किया गया। सम्मान प्राप्त करने वाले शिक्षकों में सुश्री के. शारदा, श्री बी. आर. साहू, श्री भरत किशोर यादव,डॉ. धनंजय पाण्डेय, श्री बलदाऊ सिंह श्याम शामिल हैं।

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं खेल एवं राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम में विधायकगण श्री पुरंदर मिश्रा, श्री मोतीलाल साहू, गुरु खुशवंत साहेब, प्रदेश के शिक्षाविद्, विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ  उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़ विधानसभा नया भवन का कार्य तीव्र गति से रजत जयंती वर्ष में संभावना है,होगा विधिवत लोकार्पण

*रजत जयंती वर्ष में छत्तीसगढ़ को मिलेगा नया विधानसभा भवन – मुख्यमंत्री श्री साय*

रायपुर 3 अगस्त 2025/ नवा रायपुर में निर्माणाधीन छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन का कार्य तीव्र गति से अपने अंतिम चरण में पहुँच रहा है। आज मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह तथा उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने विधानसभा भवन स्थल पर पहुँचकर निर्माणकार्य की प्रगति का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्य को निर्धारित समय-सीमा, सितम्बर 2025 तक हर हाल में पूर्ण किया जाए, ताकि राज्योत्सव (1 नवम्बर) के अवसर पर इसे जनता को समर्पित किया जा सके।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का यह रजत जयंती वर्ष है, जिसे पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। नवीन विधानसभा भवन का निर्माण कार्य अब पूर्णता की ओर अग्रसर है। रजत जयंती वर्ष पर राज्य को एक नया, भव्य विधानसभा भवन प्राप्त होगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को राज्योत्सव कार्यक्रम हेतु आमंत्रित किया गया है, और उनके करकमलों से इस नवीन विधानसभा भवन का लोकार्पण प्रस्तावित है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि नए विधानसभा भवन का निर्माण अब अंतिम चरण में पहुँच चुका है। आज विधानसभा सदन, विधानसभा अध्यक्ष का कक्ष, मुख्यमंत्री का कक्ष तथा सम्पूर्ण परिसर का अवलोकन कर निर्माण की प्रगति का निरीक्षण किया गया। निर्धारित समय पर नवीन विधानसभा भवन का विधिवत लोकार्पण किया जाएगा।

नवीन विधानसभा भवन में छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान, पारंपरिक वास्तुकला और आधुनिक सुविधाओं का समुचित समावेश किया गया है। भवन में तीन प्रमुख विंग निर्मित किए जा रहे हैं – विंग-ए में विधानसभा सचिवालय, विंग-बी में मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय सहित विधानसभा सदन व सेंट्रल हॉल, तथा विंग-सी में उप मुख्यमंत्रियों एवं अन्य मंत्रियों के कार्यालय स्थित होंगे।

उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि नया विधानसभा भवन केवल एक शासकीय संरचना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक भव्यता एवं वैभव का प्रतीक बनेगा।

52 एकड़ क्षेत्रफल में निर्मित यह नवीन विधानसभा भवन आधुनिक तकनीकी विशेषताओं और सांस्कृतिक सौंदर्य से युक्त एक भव्य परिसर होगा। सदन में 200 विधायकों के बैठने की क्षमता के साथ-साथ 500 दर्शकों की क्षमता वाला अत्याधुनिक ऑडिटोरियम भी होगा। परिसर में 700 वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की जा रही है तथा दो प्रस्तावित सरोवर, प्रत्येक डेढ़ एकड़ क्षेत्र में, विकसित किए जाएँगे। निर्माण पूर्ण होने के पश्चात यह भवन न केवल छत्तीसगढ़ की प्रतिष्ठा को नई ऊँचाइयाँ प्रदान करेगा, बल्कि देशभर में अपनी विशिष्ट स्थापत्य शैली और उन्नत सुविधाओं के कारण एक मिसाल के रूप में स्थापित होगा।

निरीक्षण के दौरान श्री अजय जामवाल, श्री पवन साय, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी उपस्थित थे।

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*सावन की पावन बेला में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  भव्य कांवड़ यात्रा में शामिल हो कर किया भगवान शिव का रूद्राभिषेक, प्रदेशवासियों की समृद्धि और सुख-शांति की कामना*

रायपुर, 3 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सावन मास के पवित्र अवसर पर राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी क्षेत्र में आयोजित विशाल कांवड़ यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने भगवान भोलेनाथ का रूद्राभिषेक कर छत्तीसगढ़ प्रदेश की खुशहाली, समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज मारूति मंगलम भवन, गुढ़ियारी से हटकेश्वरनाथ महादेव मंदिर तक हजारों की संख्या में कांवड़िए जलाभिषेक हेतु रवाना हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत बनाए रखने का कार्य करता है और हमारे लोक-विश्वास की गहराई को प्रकट करता है। सावन महीने में कांवड़ यात्रा शिवभक्तों की आस्था, भक्ति और समर्पण का प्रतीक है, जिसमें श्रद्धालु कई-कई किलोमीटर पदयात्रा कर भोलेनाथ को जल अर्पित करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर के महादेव घाट स्थित भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व अत्यंत गहरा है। यहां श्रद्धालु बड़ी संख्या में जलाभिषेक हेतु एकत्र होते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती भक्ति, श्रद्धा और संस्कृति का अद्वितीय संगम है। कांवड़ यात्रा जैसी आयोजन न केवल परंपरा को सहेजते हैं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता का भी संदेश देते हैं।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत, रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी, रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, पूर्व सांसद श्री अभिषेक सिंह और रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु, गणमान्य नागरिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला खरसोता में बाल संसद चुनाव एवं एक पेड़ मां के नाम के तहत विद्यालय परिसर में किया गया वृक्षारोपण 

 जशपुर -03 अगस्त 2025 : विकासखंड मनोरा के शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला खरसोता में प्राचार्य श्रीमती निर्मला भगत के मार्गदर्शन में बाल संसद चुनाव एवं एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम के तहत विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 
इस बात की जानकारी देते हुए विद्यालय के व्याख्याता रोपना उरांव ने बताया कि हमारे विद्यालय में पर्यावरण सुरक्षा मातृभक्ति एवं पर्यावरण की भावना बच्चों में उत्पन्न करने के लिए जूनियर रेड क्रॉस प्रभारी संदीप कुमार भगत एवं युवा इको क्लब प्रभारी श्रीमती मीना बाई के मार्गदर्शन में वृक्षारोपण कार्यक्रम एक पेड़ मां के नाम आयोजित कर पीपल एवं अन्य  पौधों का वृक्षारोपण किया गया तथा बाल संसद (बाल कैबिनेट ) का गठन  रामपति सायं पैंकरा और  अजित मिश्रा व्याख्याता के मार्गदर्शन  में किया गया। छात्रों के द्वारा उत्साह पूर्वक मतदान के माध्यम से शाला प्रतिनिधि चुने गये शाला नायक कुमारी विक्रानी बाई,उपशाला नायक गौरव निराला, अनुशासन मंत्री कुमारी रविना प्रधान,उप अनुशासन मंत्री कुमारी दीपिका राठिया,क्रीड़ा मंत्री पवन राम,उप क्रीड़ा मंत्री भूमिका भगत,स्वच्छता मंत्री आयुषी एक्का,उप स्वच्छता मंत्री अभिषेक कुमार, बागवानी मंत्री कुमारी किरण बाई,उप बागवानी मंत्री नितिका बाई चुने गये। सभी नव निर्वाचित बाल कैबिनेट के सदस्यों का छात्रों में ताली बजाकर स्वागत किया‌। विधालय  के सभी स्टाफ के द्वारा चयनित बाल संसद पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देकर बधाई  दी गयी।

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पीएम जनमन आवास योजना के तहत बुचुराम को  पक्का आवास का सपना हुआ पूरा ...अन्य योजनाओं का भी मिल रहा लाभ

जशपुर 3 अगस्त 25/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में राज्य में जरूरतमंद परिवारों को पक्के घर मिल रहे हैं। इसी योजना के तहत जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के ग्राम पंचायत पंडरापाठ निवासी श्री बुचूराम को प्रधानमंत्री जनमन योजना का लाभ मिला है।

श्री बुचूराम पहले लकड़ी और पैरा से बनी झोपड़ी में रहते थे, जहां बारिश, धूप और जीव-जन्तुओं से उन्हें कई परेशानियाँ होती थीं। वे मजदूरी कर अपने परिवार का गुजारा करते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण वे खुद से पक्का मकान नहीं बना सकते थे।

प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत उन्हें पक्का आवास मिला। अब उनके पास सुरक्षित और स्थायी घर है। श्री बुचूराम बताते हैं कि आज उनके पास आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड जैसी सुविधाएं भी हैं, जिससे उन्हें अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ मिल रहा है।

राज्य सरकार द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) परिवारों को जनमन योजना के माध्यम से पक्के मकान, स्वास्थ्य, राशन और अन्य जरूरी सुविधाएं दी जा रही हैं। इससे वे मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं और जीवन में आगे बढ़ रहे हैं।

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प्रधानमंत्री की विशेष पहल से बस्तर समेत प्रदेश भर में रेल सेवाओं का बढ़ा दायरा.....मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष ने नई रेलसेवा को दिखाई हरी झंडी...अब इस ट्रेन से पर्यटन, व्यापार और शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा*

रायपुर, 03 अगस्त 2025// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने आज राजधानी रायपुर रेलवे स्टेशन से रायपुर-जबलपुर नई एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और नई सेवा के लिए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी। शुभारंभ के खास मौके पर गुजरात के भावनगर में आयोजित मुख्य समारोह से केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव और मनसुख मांडविया तथा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वर्चुअली उपस्थित रहे। मुख्य समारोह में रीवा-पुणे (हड़पसर) एक्सप्रेस एवं भावनगर टर्मिनस-अयोध्या एक्सप्रेस का भी रीवा एवं भावनगर से शुभारंभ किया गया। 

          मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारे देश के  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव की विशेष पहल से आज तीन नई ट्रेन सेवाओं का शुभारंभ हुआ है और इसमें छत्तीसगढ़ को भी रायपुर-जबलपुर नई ट्रेन सेवा की बड़ी सौगात मिली है। उन्होंने नई रेल सेवा के लिए प्रदेश की 3 करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री और रेल मंत्री का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में छत्तीसगढ़ का रेल का बजट 21 गुना बढ़ा है और इस साल 6 हजार 900 करोड़ की राशि मिली है। श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 47 हजार करोड़ रुपए से अधिक की रेल परियोजनाएं संचालित है, जो छत्तीसगढ़ में रेलवे नेटवर्क और यात्री सुविधाओं को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। 
             मुख्यमंत्री ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों को 680 करोड़  की लागत से सर्वसुविधायुक्त बनाने के साथ ही पूरा कायाकल्प जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा बस्तर क्षेत्र नक्सलवाद से पीड़ित और वहां भी  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने नई रेल परियोजनाओं की सौगात दी है। रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजना सहित अन्य महत्वपूर्ण रेल परियोजनाएं भी हमारे छत्तीसगढ़ को मिली है, इसके लिए भी उन्होंने विशेष रूप से आभार जताया। श्री साय ने कहा कि रायपुर से जबलपुर के लिए वैकल्पिक रेल सेवा मिलने से पर्यटन, शैक्षणिक गतिविधियों के साथ ही व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। 
नई रेल सेवा मिलने से छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के आस्था और पर्यटन के प्रमुख केंद्र जैसे मां बमलेश्वरी की भूमि डोंगरगढ़ और भेड़ाघाट सीधे इन बड़े शहरों से जुड़ पाएंगे।
         पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने रायपुर-जबलपुर एक्सप्रेस के शुभारंभ को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह रेलसेवा  छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के बीच बेहतर संपर्क का सशक्त माध्यम बनेगी। उन्होंने बताया कि यह गाड़ी रायपुर से जबलपुर तक लगभग 410 किलोमीटर की दूरी को केवल 8 घंटे में तय करेगी। डॉ. सिंह ने कहा कि प्रदेश के यात्री अब सुगमता के साथ गोंदिया, बालाघाट और जबलपुर  की यात्रा कर पाएंगे और इससे क्षेत्रीय व्यापार व पर्यटन को भी गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि 'अमृत भारत स्टेशन योजना’ के माध्यम से प्रदेश के 32 स्टेशन का पुनर्विकास हो रहा है और रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग जैसे बड़े स्टेशनों में यात्री सुविधाएं लगातार बढ़ रही है। उन्होंने नई कनेक्टिविटी के लिए बधाई देते हुए कहा कि निश्चित रूप से आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ के रेलवे नेटवर्क का और अधिक सशक्त विस्तार होगा।
       इस अवसर पर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, महाप्रबंधक दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे श्री तरुण प्रकाश, डीआरएम रायपुर श्री दयानंद सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। 
         गौरतलब है कि यह नई एक्सप्रेस ट्रेन सेवा छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश तीन राज्यों को जोड़ रही है। यह ट्रेन रायपुर, गोंदिया और जबलपुर के बीच यात्रियों को तेज़, वैकल्पिक और सुगम मार्ग उपलब्ध कराएगी। इस नई सेवा से यात्रियों को न केवल आरामदायक सफर मिलेगा, बल्कि व्यापार, शिक्षा और पर्यटन की दृष्टि से भी यह अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि नियमित सेवा के तहत गाड़ी संख्या 11701 रायपुर से दोपहर 2:45 बजे प्रस्थान करेगी और रात 10:45 बजे जबलपुर पहुंचेगी। वहीं, वापसी में गाड़ी संख्या 11702 जबलपुर से सुबह 6:00 बजे चलकर दोपहर 1:50 बजे रायपुर पहुंचेगी। इस ट्रेन में कुल 15 कोच होंगे, जिनमें एक एसी चेयर कार, चार चेयर कार, आठ सामान्य कोच, एक पावर कार और एक एसएलआरडी कोच शामिल हैं। यह सेवा व्यापारियों, विद्यार्थियों, पर्यटकों और दैनिक यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी होगी। रायपुर, डोंगरगढ़, बालाघाट, नैनपुर और जबलपुर जैसे शहर सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक महत्व से समृद्ध हैं। नंदनवन जूलॉजिकल पार्क, माँ बमलेश्वरी मंदिर, कान्हा नेशनल पार्क, भेड़ाघाट और धुआंधार जलप्रपात जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुँच अब और आसान हो सकेगी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने इस नई रेलसेवा की शुरुआत कर यात्रियों के लिए यात्रा को और अधिक सुलभ, सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह सेवा क्षेत्रीय संपर्क को सशक्त बनाएगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देगी।

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*बगिया में मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की पहल पर  ग्राम जोरंडाझरिया के निमटोली में  पुनः बहाल हुई विद्युत आपूर्ति*

    जशपुरनगर, 03 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की पहल पर फरसाबहार, ग्राम जोरंडाझरिया के निमटोली बस्ती में खराब ट्रांसफार्मर के कारण  ठप पड़ी बिजली आपूर्ति पुनः बहाल हो गई है।  बिजली संकट झेल रहे ग्रामीणों को इससे बड़ी राहत मिली है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की है।
   उल्लेखनीय है कि तहसील फरसाबहार, ग्राम  जोरंडाझरिया के निमटोली बस्ती के ग्रामीणों ने कैंप  कार्यालय  में आवेदन प्रस्तुत कर बताया कि ट्रांसफार्मर खराब होने की वजह से बिजली की आपूर्ति बाधित है। इससे उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में विषैले जीवों का खतरा भी बना रहता है। कैंप कार्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की, जिसके तहत विद्युत विभाग द्वारा निमटोली बस्ती में ट्रांसफार्मर बदल दिया गया। इससे बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से बहाल हो गई है।
      मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा बगिया में स्थापित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में जनसमस्याओं का तत्परता के साथ समाधान किया जाता है। विशेषकर बिजली, पानी और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी आवश्यकताओं से संबंधित समस्याओं पर प्राथमिकता से कार्रवाई की जा रही है।

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गजरथ स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय नारायणपुर में पहुंच कर सैकड़ों विद्यार्थियों एवम स्टाफ को हाथी के गतिविधियों की दी जानकारी

नारायणपुर :-जिले में 'गजरथ यात्रा' की शुरुआत हुई है, जिसका मुख्य उद्देश्य मानव और हाथियों के बीच द्वंद को कम करना है। यह अभियान ग्रामीणों को हाथियों के व्यवहार, और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।
यह गज रथ यात्रा हाथी प्रभावित अति संवेदनशील क्षेत्रों में निरंतर दौरा कर हाथी के व्यवहार एवं गतिविधि के संबंध में विशेष रूप से हाथी प्रभावित क्षेत्रों के स्कूलों में कक्षा 6वीं से 12वीं के छात्र-छात्राओं को जानकारी देकर जागरूक कर रहा है 

मानव-हाथी द्वंद को कम करने और वन्यजीव संरक्षण के लिए जन जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से शुरू की गई यह यात्रा 2 अगस्त को शासकीय स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय नारायणपुर पहुंची। वन विभाग से प्रशिक्षित महत्तम सोनी,मनसाय राम,गणेश राम ने 
छात्रों, ग्रामीणों व समस्त स्कूल स्टाफ को हाथियों से सतर्कता और सुरक्षा के उपायों को विस्तार से बताया।अधिकारियों ने बताया कि इस यात्रा के माध्यम से स्कूलों, ग्राम पंचायतों और हाट-बाजारों में पहुंचकर हाथियों के व्यवहार, सुरक्षा उपायों का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है।
 ज्ञात हो कि जिले में लगातार हो रही मानव-हाथी संघर्ष की घटनाओं को रोकने के लिए राज्य सरकार और वन विभाग ने गजरथ यात्रा के माध्यम से जागरूकता अभियान को हथियार बनाया है।
 वन विभाग के गजरथ यात्रा में आये अधिकारियों के द्वारा छात्र छात्राओं को इस संबंध में परीक्षा का आयोजन किया गया जिसमें 10 वीं और12 वीं के विद्यार्थीयों ने भाग लिया। इस परीक्षा में 10 वीं के 7 और 12 वीं के 5 विद्यार्थियों ने शत प्रतिशत नम्बर लाया वन्ही बाकी विद्यार्थियों ने 30 से 40 अंक प्राप्त किये।प्रथम अंक प्राप्त करने वालों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। संस्था के प्राचार्य श्रीमती ए तिग्गा ने कहा कि इस गजरथ यात्रा से हाथी प्रभावित क्षेत्र से सुरक्षा अवश्य मिलेगी।  हाथी- मानव द्वंद कम होगी।

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*प्रदेश भाजपा संगठन के उत्कृष्ट सदस्यता सम्मान समारोह में पूर्व जिलाध्यक्ष सुनील गुप्ता को रायपुर में किया गया सम्मानित*

जशपुर- भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष सुनील गुप्ता को रायपुर में प्रदेश भाजपा संगठन द्वारा आयोजित उत्कृष्ट सदस्यता सम्मान समारोह में विशेष रूप से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें पार्टी के सदस्यता अभियान के दौरान जिले में हजारों नए सदस्यों को जोड़ने में किए गए असाधारण योगदान के लिए प्रदान किया गया।

सम्मान समारोह नया रायपुर स्थित न्यू सीएम हाउस में आयोजित किया गया, जहां पार्टी के वरिष्ठ नेताओं एवं पदाधिकारियों की उपस्थिति में पूर्व जिलाध्यक्ष को यह सम्मान दिया गया।सुनील गुप्ता ने सदस्यता अभियान के दौरान दिन-रात मेहनत कर जिले के कोने-कोने तक पहुंचकर कार्यकर्ताओं और आम जनता को पार्टी से जोड़ने का कार्य किया। उनकी इस कड़ी मेहनत और संगठनात्मक कौशल की सराहना पार्टी के उच्च स्तर तक हुई।

सुनील गुप्ता का यह योगदान आने वाले समय में पार्टी संगठन को और मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। जशपुर जिले में भी कार्यकर्ताओं में इस खबर से उत्साह का माहौल है।भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने सुनील गुप्ता को बधाई देते हुए इसे जिले के लिए गौरव का क्षण बताया है।

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कलेक्टर ने सड़क निर्माण को लेकर अधिकारियों और ठेकेदारों को दी कड़ी चेतावनी, विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं : गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं 

जशपुर 2 अगस्त 25/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने शनिवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में सभी निर्माण एजेंसी लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का  विभाग, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के विभाग, गृह निर्माण मंडल, राष्ट्रीय राजमार्ग, आर ई एस विभाग ,नगरीय निकाय  सहित अधिकारियों और ठेकेदारों की संयुक्त बैठक लेकर विभागीय निर्माण कार्यों की विस्तार से समीक्षा की 

कलेक्टर ने सभी अधिकारियों और ठेकेदारों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
 
कलेक्टर ने बताया कि जशपुर में विकास कार्यों के पूल पुलिया, सड़क, स्कूल, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केन्द्र, स्टेडियम और अधोसंरचना के विभिन्न विकास कार्यों की स्वीकृति दी गई। उन कार्यों को गंभीरता से और समय सीमा में करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने बताया कि लगभग 1856 करोड़ रुपए के कार्यों की स्वीकृति मिल गई है। और आगे भी विकास कार्यों के लिए स्वीकृत मिलती रहेगी।
कलेक्टर ने निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की कलेक्टर ने कहा कि आम जनता को अच्छी सुविधाएं देना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है।
और इसमें किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। 
कलेक्टर ने निर्माण एजेंसी के अधिकारियों और ठेकेदारों को सख्त निर्देश दिए हैं। अपने कार्य शैली में सुधार लाएं लोगों के जनहित के लिए कार्य करें गुणवत्ता के साथ कार्यों को पूर्ण करें ।

कलेक्टर ने कहा कि लापरवाही बरतने वाले कोई भी अधिकारी और ठेकेदार बच नहीं पाएंगे जिनकी गलती होगी उन पर कार्रवाई निश्चित है। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर हरिओम द्विवेदी संबंधित विभाग के अधिकारीगण और कार्यपालन अभियंता और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

कलेक्टर ने समीक्षा बैठक में ठेकेदारों की समस्याओं का भी समाधान किया और आवश्यक दिशा-निर्देश।

कलेक्टर ने पीएम जनमन योजना की भी समीक्षा की और सड़क निर्माण कार्यों को गंभीरता से करने के निर्देश दिए।

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*मुख्यमंत्री श्री साय ने संपूर्णता अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले आकांक्षी जिलों और विकासखंडों को किया पुरस्कृत......दो जिलों और छह विकासखंडों को मिला स्वर्ण पदक*

रायपुर. 2 अगस्त 2025. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने संपूर्णता अभियान में निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने में उत्कृष्ट कार्य करने वाले आकांक्षी जिलों और विकासखंडों को पुरस्कृत किया। उन्होंने आज राजधानी रायपुर के नवीन विश्राम भवन में आयोजित कार्यक्रम में जुलाई-2024 से सितम्बर-2024 तक राज्य के आकांक्षी जिलों और आकांक्षी विकासखंडों में तीन महीनों तक संचालित संपूर्णता अभियान में निर्धारित संकेतकों को संतृप्त करने और लक्ष्यों को हासिल करने वाले जिलों और विकासखंडों को पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने इन जिलों और विकासखंडों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों को भी पुरस्कृत किया। संपूर्णता अभियान के दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले आकांक्षी जिलों बस्तर और कोंडागांव तथा आकांक्षी विकासखंडों शंकरगढ़, मैनपुर, माकड़ी, कोयलीबेड़ा, ओरछा और प्रतापपुर को स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल तथा विधायक सर्वश्री सुनील सोनी, मोतीलाल साहू और गुरू खुशवंत साहेब भी सम्मान समारोह में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत की संकल्पना में सभी वर्गों का विकास समाहित है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वालों और विशेष पिछड़ी जनजातियों (PVTGs) को विकास की सबसे ज्यादा जरूरत है। भारत सरकार ने इसे गहराई से समझकर प्रधानमंत्री जनमन योजना प्रारंभ की है। इस योजना से सुदूर वनांचलों में आवास, पेयजल, बिजली, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाएं पहुंच रही हैं। धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान जैसे कार्यक्रमों से जिसमें छत्तीसगढ़ के भी 6661 गांव शामिल हैं, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच के अनुरूप विकास की रोशनी सुदूर गांवों तक पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में केंद्र सरकार की आकांक्षी जिलों और विकासखंडों में शामिल गांव तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। 

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि देश में वर्ष 2018 से आकांक्षी जिलों में काम शुरू हुआ है। विकास की दौड़ में पिछड़े जिलों और विकासखंडों को आगे लाने का काम इसमें हो रहा है। इसके अंतर्गत शामिल गांवों में अलग-अलग सेक्टर में काम कर मानव सूचकांकों को सुधारा जा रहा है। उन्हें संतृप्ति के स्तर पर लाया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि एक-एक व्यक्ति के विकास और कल्याण से विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का मार्ग प्रशस्त होगा। 

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने समारोह में कहा कि आकांक्षी जिलों और विकासखंडों में भौतिक प्रगति से अलग मानव सूचकांकों को बेहतर करने के लिए काम किए जा रहे हैं। लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें संतृप्त करने अहम इंडीकेटर्स पर काम हो रहे हैं जिनकी तरफ सामान्यतः ज्यादा ध्यान नहीं जाता है। राज्य के आकांक्षी जिलों और विकासखंडों में और भी बेहतर काम हो, इसके लिए मैं सभी जिलों व विकासखंडों को शुभकामनाएं देता हूं। मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन और योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद ने समारोह में संपूर्णता अभियान के दौरान किए गए कार्यों तथा उपलब्धियों की जानकारी दी। नीति आयोग के सदस्य-सचिव श्री आशीष भट्ट, सदस्य श्री के. सुब्रमण्यम और योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव भी कार्यक्रम में मौजूद थीं। 

छह सूचकांकों पर अच्छा काम करने वाले जिलों और विकासखंडों को किया गया पुरस्कृत

आकांक्षी जिला कार्यक्रम के 49 संकेतकों में से छह और आकांक्षी विकासखंडों के 40 संकेतकों में से छह संकेतकों को चिन्हित कर इन्हें संतृप्त करने संपूर्णता अभियान संचालित किया गया था। इनमें एएनसी पंजीकरण, पूरक पोषण ले रही गर्भवती महिलाओं, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, पूर्ण टीकाकरण वाले बच्चे, बिजली वाले स्कूल, शैक्षणिक सत्र शुरू होने के एक महीने के भीतर पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने वाले स्कूल, मधुमेह जांच, उच्च रक्तचाप जांच, परिक्रामी निधि प्राप्त करने वाले स्वसहायता समूहों की संख्या जैसे संकेतक शामिल थे। 

संपूर्णता अभियान के दौरान सभी छह संकेतकों में पूर्ण संतृप्ति हासिल करने वाले आकांक्षी जिलों व विकासखंडों को आज स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। पांच संकेतकों में पूर्ण संतृप्ति हासिल करने वाले जिलों व विकासखंडों को रजत पदक, चार संकेतकों में पूर्ण संतृप्ति हासिल करने वालों को कांस्य पदक तथा तीन संकेतकों में पूर्ण संतृप्ति हासिल करने वाले जिलों और विकासखंडों को ताम्र पदक से सम्मानित किया गया।  

बस्तर और कोंडागांव जिले को स्वर्ण पदक

संपूर्णता अभियान के दौरान सभी छह संकेतकों में पूर्ण संतृप्ति हासिल करने वाले आकांक्षी जिलों बस्तर और कोंडागांव तथा आकांक्षी विकासखंडों शंकरगढ़, मैनपुर, माकड़ी, कोयलीबेड़ा, ओरछा और प्रतापपुर को स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। आकांक्षी जिलों दंतेवाड़ा, कोरबा, कांकेर, नारायणपुर तथा आकांक्षी विकासखंडों लखनपुर, बैकुंठपुर, दुर्गकोंदूल, गौरेला-2, कोरबा और पिथौरा को रजत पदक प्रदान किया गया। आकांक्षी जिला बीजापुर और आकांक्षी विकासखंडों गरियाबंद, उसूर, पोड़ी उपरोड़ा, बोड़ला, तोकापाल एवं कुआंकोंडा को कांस्य पदक तथा आकांक्षी जिलों मानपुर-मोहला-अंबागढ़ चौकी, महासमुंद, सुकमा एवं आंकांक्षी विकासखंड अंबागढ़ चौकी को ताम्र पदक से सम्मानित किया गया। संबंधित जिलों के वर्तमान और तत्कालीन कलेक्टरों ने ये पुरस्कार ग्रहण किए।

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*आयुष्मान भारत योजना में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल: अब तक लाखों हितग्राहियों ने उठाया निःशुल्क इलाज का लाभ*

रायपुर,2 अगस्त 2025/

छत्तीसगढ़ ने आयुष्मान भारत - प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के सफल क्रियान्वयन में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए देश भर में उपचार प्रदान करने के मामलों में चौथा स्थान प्राप्त किया है। यह सफलता राज्य सरकार की समावेशी और सुलभ स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए।

राज्य सरकार ने एबी-पीएमजेएवाई को छत्तीसगढ़ की अपनी दो विशेष योजनाओं — शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना — के साथ प्रभावी रूप से समन्वित किया है। इस एकीकृत व्यवस्था से अधिकतम लाभार्थियों को नगद रहित इलाज की सुविधा मिल रही है।

अब तक 78 लाख से अधिक लाभार्थी सार्वजनिक और निजी अस्पतालों में निःशुल्क इलाज का लाभ उठा चुके हैं। सार्वजनिक अस्पतालों में उपचार की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो सरकार के स्वास्थ्य ढांचे में जनता के बढ़ते विश्वास का संकेत है।

वरिष्ठ नागरिकों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए वय वंदन योजना को भी राज्य में मजबूत किया गया है। इसके तहत अब तक 4.5 लाख से अधिक वय वंदन कार्ड बनाए जा चुके हैं, जिससे राज्य के 48% राशन कार्डधारी वृद्धजन लाभान्वित हुए हैं।

पंजीयन को प्रोत्साहित करने के लिए आशा कार्यकर्ता, ग्राम सभाएं, शहरी स्वास्थ्य मंच, वृद्धाश्रमों और आवासीय कॉलोनियों में लक्षित पहुंच सुनिश्चित की गई है। साथ ही, 104 कॉल सेंटर के माध्यम से निरंतर संपर्क और सेवा सुविधा दी जा रही है। विशेष प्रयास के तहत 6 जिलों को ‘वय मित्र जिला’ के रूप में चिह्नित कर राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बना रही है।

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*छत्तीसगढ़ को उच्च तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि : कोनी शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में यूजी इंजीनियरिंग प्रोग्राम को मिला राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (NBA) से वर्ष 2028 तक मान्यता विस्तार*

रायपुर 29 जुलाई 2025/ शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, बिलासपुर (कोनी), छत्तीसगढ़ को उच्च तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। महाविद्यालय के यांत्रिकी अभियांत्रिकी (Mechanical Engineering) स्नातक प्रोग्राम को राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (National Board of Accreditation - NBA) द्वारा शैक्षणिक सत्र 2025-26 से 2027-28 तक की मान्यता प्रदान की गई है।

उल्लेखनीय है कि महाविद्यालय के उक्त प्रोग्राम को पूर्व में 2022-23 से 2024-25 तक के लिए NBA द्वारा प्रत्यायन प्राप्त था, जिसकी वैधता 30 जून 2025 तक थी। प्रत्यायन की निरंतरता हेतु 21 जून 2025 को NBA विशेषज्ञ दल द्वारा कॉलेज का निरीक्षण किया गया था।

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*समृद्ध और खुशहाल किसान –किसान सम्मान निधि की 20वीं किश्त की राशि जारी......विकसित छत्तीसगढ़ का मजबूत आधार : मुख्यमंत्री श्री साय.....विशेष पिछड़ी जनजाति के किसानों को भी मिल रहा है योजना का लाभ*

रायपुर, 02 अगस्त 2025/ सावन के पवित्र महीने में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी (उत्तर प्रदेश) से देशभर के 9.7 करोड़ से अधिक किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किश्त के रूप में 20500 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके खातों में हस्तांतरित की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर स्थित उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के सभागार से प्रदेश के किसानों के साथ वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस वृहद किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत 2019 से अब तक देशभर के किसानों को 3.75 लाख करोड़ रुपये की राशि सीधे उनके खातों में भेजी जा चुकी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर काम कर रही है और पीएम किसान निधि इसका सशक्त उदाहरण है। श्री मोदी ने कहा कि कृषि विकास में पिछड़े जिलों के लिए ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना’ की शुरुआत की गई है और इसके लिए 24 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री ने बताया कि सिंचाई योजनाओं पर भी सरकार बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है ताकि खेतों तक पानी पहुंच सके और उत्पादन में वृद्धि हो। प्राकृतिक आपदाओं से किसानों को राहत देने के उद्देश्य से ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ संचालित है, जो उन्हें संकट से उबारने का कार्य करती है। प्रधानमंत्री ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि 1.5 करोड़ से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं और 3 करोड़ के लक्ष्य में से आधा काम हमने पूरा कर लिया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को पवित्र श्रावण मास की शुभकामनाएं देते हुए भगवान महादेव से छत्तीसगढ़ के सतत् कल्याण, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से छत्तीसगढ़ के लगभग 25 लाख से अधिक किसानों को 553 करोड़ 34 लाख रुपये की धनराशि प्राप्त हुई है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री श्री मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अन्नदाताओं को आर्थिक संबल देकर उनके परिश्रम का सम्मान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार “मोदी की गारंटी” के अनुरूप किसानों की उन्नति के लिए निरंतर समर्पित भाव से कार्य कर रही है। हमने किसानों से जो वादा किया था, उसे पूरा किया है। आज छत्तीसगढ़ में किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की कीमत दी जा रही है, जो उनकी आय को और सुदृढ़ कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार गठन के दस दिनों के भीतर ही 3716 करोड़ रुपये की 2 वर्ष की बकाया बोनस राशि का भुगतान कर हमने किसानों के भरोसे को और मजबूत किया। पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में ‘किसान क्रेडिट कार्ड योजना’ की शुरुआत हुई, जिसने खेती-किसानी को लाभकारी व्यवसाय में परिवर्तित कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पहले किसान भारी ब्याज दरों पर उधार लेकर खेती करते थे, लेकिन आज केसीसी (KCC) के माध्यम से शून्य ब्याज दर पर ऋण मिल रहा है, जिससे खेती-किसानी और आसान हो गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाने के लिए तेज़ी से कार्य किया जा रहा है। बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है और हम बोधघाट परियोजना, महानदी और इंद्रावती नदी को जोड़ने जैसी योजनाओं के माध्यम से बस्तर को सिंचित और समृद्ध क्षेत्र बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। श्री साय ने कहा कि दलहन-तिलहन फसलों को प्रोत्साहित करने के लिए 10 हजार रुपये की सहायता राशि का प्रावधान किया गया है। साथ ही, भूमिहीन कृषि मजदूरों को भी 10 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार खेती ही नहीं, बल्कि मत्स्यपालन, दुग्ध उत्पादन और पशुपालन जैसे सहायक कृषि कार्यों को भी सशक्त करने में जुटी है। ‘दुधारू पशु वितरण योजना’ को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रदेश के 6 जिलों से प्रारंभ किया गया है, जिसे नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के माध्यम से लागू किया जा रहा है। इससे दूध का उत्पादन बढ़ेगा और किसानों को उसकी उचित कीमत मिलेगी।
श्री साय ने कहा कि मिलेट्स (श्री अन्न) जैसे पौष्टिक अनाजों का उत्पादन, कोदो, कुटकी और रागी जैसी पारंपरिक फसलों की खेती को बढ़ावा देकर किसानों को बाजार में बेहतर दाम दिलाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ के किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार निरंतर किसानों को इस योजना के तहत राशि सीधे उनके खाते में हस्तांतरित कर रही है। उन्होंने इस मौके पर कहा कि श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में गांव-गांव में पक्की सड़कें बन गई हैं। किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से अब किसानों को बिना ब्याज के अल्पकालिक ऋण उपलब्ध हो रहा है। हमारी सरकार ने अनेक योजनाएं धरातल पर लाकर किसानों की बेहतरी के लिए कार्य किया है।

कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि आज इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 25.47 लाख से अधिक किसानों के खातों में डीबीटी के माध्यम से 20वीं किश्त की राशि 553 करोड़ 34 लाख रुपये अंतरित की गई है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार जय-जवान, जय-किसान, जय-विज्ञान और जय-अनुसंधान की परिकल्पना के साथ आधुनिक कृषि उपकरणों और तकनीकों का उपयोग कर खेती-किसानी को नई दिशा दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वृहद रूप से ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ चलाया गया। इस अभियान में कृषि वैज्ञानिकों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने एक लाख से अधिक किसानों से मुलाकात कर खेती-किसानी के तरीकों और उनके फायदों की जानकारी दी।

कार्यक्रम में हितग्राहियों को कृषि उपकरणों एवं योजनाओं के तहत अनुदान राशि के चेक प्रदान किए गए।

कार्यक्रम में विधायकगण सर्वश्री सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, गुरु खुशवंत साहेब, इंद्रकुमार साहू, रायपुर संभाग के आयुक्त श्री महादेव कावरे, छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लि. के प्रबंध संचालक श्री अजय अग्रवाल, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आर.आर. सक्सेना सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

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संकल्प के प्राचार्य विनोद गुप्ता ने उन्मुखीकरण में लिया विशेष सत्र: शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन के लिए प्राथमिक शाला के प्रधान पाठकों का हुआ उन्मुखीकरण जशपुर


जशपुर : कलेक्टर रोहित व्यास और सीईओ जिला पंचायत अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में संचालित यशस्वी जशपुर कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन, नेतृत्व क्षमता एवं उपचारात्मक शिक्षण विषय पर प्राथमिक शालाओं के प्रधान पाठकों का प्रशिक्षण संकल्प शिक्षण संस्थान जशपुर में आयोजित किया गया। डीईओ पीके भटनागर के निर्देश पर आयोजित इस उन्मुखीकरण में पहले दिन दुलदुला और फरसाबहार विकासखंड और दूसरे दिन कांसाबेल विकासखंड के प्रधान पाठकों ने हिस्सा लिया। 
यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद गुप्ता के द्वारा प्रधान पाठकों को पूरे मन और पूरी क्षमता से कार्य करने के साथ कर्तव्य बोध के लिए विशेष मोटिवेशनल सत्र लिया गया। उन्होंने मनोवैज्ञानिक सिद्धांत समझाते हुए कहा कि मनुष्य की आवश्यकताएं अनंत होती हैं, परंतु उसकी वास्तविक आवश्यकता मानसिक संतोष और खुशी है, अपने कर्तव्य के प्रति समर्पित होकर छात्रों के भविष्य के लिए कार्य करना इसी श्रेणी में आता है । उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में शासकीय विद्यालयों से पालकों के  विश्वास को बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है। इसके लिए प्रधान पाठकों को विद्यालय में बेहतर कार्य कर बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में ठोस प्रयास करने होंगे।
यशस्वी जशपुर के अवनीश पांडेय ने यशस्वी जशपुर कार्यक्रम की गतिविधियां, प्रदेश में जशपुर का शिक्षा में स्थान के साथ प्रशिक्षण की अपेक्षाओं के विषय में बताया और बेसलाइन,विनोवा पर प्रतिदिन की उपस्थिति, नवोदय विद्यालय प्रवेश की तैयारी समय -सीमा में करने की जानकारी दी। विनोवा एप का उपयोग कैसे करें, यह जानकारी देने के लिए ओपन लिंक फाउंडेशन से सोमनाथ साहू उपस्थित रहे। 
प्रशिक्षण में जिले के चयनित मास्टर ट्रेनरों के द्वारा प्राथमिक खंड के विषयों पर सत्र लिए गए।  स्कूल रेडिनेस की अवधारणा पर आधारित सत्र में बच्चों को भयमुक्त वातावरण में खेल व गतिविधियों के माध्यम से सीखने के अवसर दिए जाने के विषय में बताया गया।  उत्कृष्ट शिक्षक व उत्कृष्ट शाला निर्माण, बहुभाषी शिक्षण,  "जादुई पिटारा" के माध्यम से शिक्षण , विभिन्न शैक्षणिक सामग्रियों जैसे पपेट, कार्ड, गोली, खिलौनों का उपयोग कर रोचक गतिविधियाँ  भी कराईं गई। 

श्रीमती सीमा गुप्ता ने सीमित संसाधनों और शिक्षको की कमी की स्थिति में भी बच्चों के समग्र विकास के लिए निरंतर कैसे कार्य करें, विषय पर प्रेरित किया। मास्टर ट्रेनर के रूप में मनोज अंबष्ट, मुकेश कुमार, श्रीमती मीना सिंन्हा, श्रीमती अर्चना यादव और श्रीमती देवकी प्रधान शिक्षकों को प्रशिक्षित कर रहे हैं हैं। कार्यक्रम के आयोजन के लिए यशस्वी जशपुर के संजीव शर्मा एवं राजेंद्र प्रेमी उपस्थित रहे।

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*प्रारंभिक जांच में ही पकड़ी गई खराबी :किसी मरीज या अस्पताल को नहीं हुआ गुणवत्ताहीन कैल्शियम टैबलेट्स का वितरण*

रायपुर, 02 अगस्त 2025/ गुणवत्ताहीन कैल्शियम की गोलियों का वितरण किसी भी मरीज या अस्पताल को नहीं किया गया है। कैल्शियम विटामिन डी 3 टैबलेट्स की खराबी वेयरहाऊस के कर्मियों ने प्रारंभिक जांच में ही पकड़ ली थी। कर्मियों ने इन टैबलेट्स के स्ट्रिप्स से बाहर निकालने पर ही टूटने की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों, सीजीएमएससी के क्वालिटी कंट्रोल विभाग और मुख्यालय को दी थी। इसी सूचना पर इन टैबलेट्स के बैच को तत्काल ब्लॉक कर दिया गया था और सप्लाईकर्ता संस्था के प्रतिनिधि को स्पष्टीकरण के लिए बुलाया गया था। स्ट्रिप्स से निकालते ही टूटने वाली कैल्शियम विटामिन डी 3 टैबलेट्स को किसी भी मरीज को नहीं दिया गया है नही इन टैबलेट्स को किसी अस्पताल में भेजा गया है। 

सीजीएमएससी से मिली जानकारी के अनुसार कैल्शियम विटामिन डी 3 की 500 मिली ग्राम की टैबलेट हेल्थ लाईफ फार्म लिमिटेड द्वारा सप्लाई की गई थी। कुल 65 बॉक्सों में 65 सौ यूनिट की यह खेफ कोरबा वेयरहाऊस को प्राप्त हुई थी। टेबलेट्स के प्राप्त होते ही वेयरहाऊस में ही कर्मियों द्वारा इसका प्रारंभिक परीक्षण किया गया था। परीक्षण में पाया गया था कि टेबलेटस स्ट्रिप्स से बाहर निकालते ही टूट रही हैं। कर्मियों ने इसकी सूचना तत्काल सीजीएमएससी के क्वालिटी कंट्रोल विभाग को दी और इन गुणवत्ताहीन टैबलेट्स के पूरे बैच को ब्लॉक किया गया। सीजीएमएससी ने बताया कि इस खेप का अभी तक कोई मटेरियल प्राप्ति प्रमाण पत्र तैयार नहीं किया गया है। सीजीएमएससी की नीति के अनुसार कोई भी दवा बिना मटेरियल प्राप्ति सर्टिफिकेट के न तो इनवेंटरी में शामिल की जाती है नही किसी संस्था को वितरित की जाती है। ऐसे में गुणवत्ताहीन कैल्शियम विटामिन डी 3 टेबलेट्स को न किसी मरीज को दिया गया है न ही किसी सरकारी अस्पताल में पहुंचाया गया है। प्रदायकर्ता संस्था हेल्दी लाईफ फार्म प्राईवेट लिमिटेड को उपस्थित होकर सैंपल प्रस्तुत करने और स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही प्रदायकर्ता संस्था को खराब बैच वाली दवाओं को बदलकर नई दवाएं देने के भी निर्देश दिए गए हैं। सप्लायर द्वारा टेंडर शर्तों के अनुसार उचित कार्यवाही नहीं करने पर दंडात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी भी सीजीएमएससी ने दी हैं।

सीजीएमएससी ने छत्तीसगढ़ वासियों को आश्वस्त किया है कि राज्य में दवा आपूर्ति प्रणाली न केवल सतर्क है बल्कि गुणवत्ता निगरानी व्यवस्था भी पूरी तरह से मजबूत है। दवा की सप्लाई होती ही सबसे पहले वेयर हाऊस में ही हर एक बैच का निरीक्षण-परीक्षण होता है। सभी दवाओं का परीक्षण एन.ए.बी.एल. मान्यता प्राप्त लैबों में कराया जाता है। सीजीएमएससी ने यह भी बताया कि जनता को केवल गुणवत्तायुक्त प्रमाणित दवाई ही उपलब्ध कराई जाती हैं। गुणवत्ताहीन पाए जाने पर दोषपूर्ण बैच को तुरंत रोककर इसका वितरण प्रतिबंधित किया जाता है। दोषी सप्लायर के विरूद्ध तेजी से कार्रवाई की जाती है।

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