“जशपुर में नारी सम्मान का भव्य आयोजन: सजल समूह के महिला दिवस समारोह में साहित्य, खेल, समाजसेवा और कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं का हुआ गौरवपूर्ण सम्मान”
जशपुर 9 मार्च 2026 :प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी सजल समूह के द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का कार्यक्रम बालासाहेब देशपांडे स्मारक भवन में आयोजित किया ।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कुँवरानी जया सिंह जूदेव थी एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में डायट की उप प्राचार्य सरोज संगीता भोई , विकासखंड शिक्षा अधिकारी जशपुर कल्पना टोप्पो, डॉ त्रिपद चाइल्ड स्पेशलिस्ट कल्याण आश्रम चिकित्सालय, लेखिका एवं कलाकार अंकिता जैन,शुभा मिश्रा लेखिका, कल्याण आश्रम माध्यमिक शाला की प्रधान पाठक जयमुनी सिंह और जूही सिद्दी की थी ।कार्यक्रम की शुरुआत ममता सिन्हा द्वारा सजल समूह और सजल सदस्यों के परिचय से किया गया।अक्षरा सिन्हा ने गणपति वंदना नृत्य की प्रस्तुति दी।कार्यक्रम में भरतनाट्यम की प्रस्तुति मनीषा भगत के द्वारा एवं कत्थक की प्रस्तुति सरस्वती कला केंद्र की छात्राओं के द्वारा दी गई । इस कार्यक्रम में वस्फी सिद्दिकी,इशि साहू, खुशी साहू और शिवांश झा के द्वारा भी प्रस्तुति दी गई ।बीच-बीच में ज्योति श्रीवास्तव के द्वारा बहुत ही मनोरंजक तरीके से लकी लेडिस गेम के जरिए महिलाओं को प्रोत्साहित किया जाता रहा ।अलग-अलग समय में कुछ चिट्स निकालकर महिलाओं से गेम और प्रश्नों के माध्यम से कार्यक्रम को अत्यंत मनोरंजक बनाया गया। उपस्थित सभी महिलाओं ने पूरे उत्साह के साथ इस कार्यक्रम में भाग लिया। अतिथियों के बीच में से भी कुछ महिलाओं ने अपनी प्रस्तुति कविताओं और गीतों के माध्यम से दी। प्रत्येक वर्ष इस कार्यक्रम में ऐसी महिलाओं को सम्मानित किया जाता है जो अपने क्षेत्र में विशेष कार्य कर रही हो।इस बार यह पुरस्कार शुभा मिश्रा जो कि एक अधिवक्ता और लेखिका है, इन्हें सर्वश्रेष्ठ साहित्यकार पुरस्कार 2020 के अलावा भी बहुत सारे पुरस्कार भी मिल चुके हैं ।दूसरा संघर्षरत महिला पुरस्कार बिफनी बाई को दिया गया जो कि सोनक्यारी के सतालू टोली में मितानिन का कार्य कर रही है। अगस्त माह में एक प्रसूता को पीठ में बांधकर नदी पार करा के सोनक्यारी हॉस्पिटल पहुंचाई थी। तीसरा पुरस्कार आकांक्षा रानी को गया जो कि जशपुर जिले की है और अंडर-19 में छत्तीसगढ़ के लिए क्रिकेट खेलती हैं।इसके अलावा एक विशेष पुरस्कार अनीता चौधरी स्मृति पुरस्कार भी सजल समूह के द्वारा दिया जाता है जो कि उनकी दिवंगत सखी के नाम पर होता है यह पुरस्कार अंकिता जैन को दिया गया जो कि एक स्कल्पचर आर्टिस्ट,पर्यावरणविद, उद्यमी और लेखिका हैं। उन्होंने अनेक किताबें लिखी हैं और उसके लिए उन्हें युवा साहित्यकार , मेदिनी पुरस्कार और इफको यंग लिटरेरी पुरस्कार के अलावा भी बहुत सारे सम्मान प्राप्त हैं। मुख्य अतिथि जया सिंह जूदेव ने अपने उद्बोधन में कहा कि इस तरह के कार्यक्रम महिलाओं में उत्साह का वर्धन करते हैं आज की नारी बहुत कुछ कर रही है अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों के अलावा भी वह सामाजिक जिम्मेदारियों का भी सफलतापूर्वक निर्वहन कर रही है ।विशिष्ट अतिथि कल्पना टोप्पो ने भी सभी महिलाओं को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई देते हुए अपनी कविता की प्रस्तुति दी । अंकिता जैन ने अपने वक्तव्य में कहा कि मुझे बहुत खुशी हुई क्योंकि यहां समस्त कार्य महिलाओं के द्वारा ही किया जा रहे हैं। और महिलाओं को अपने आप को बेचारी बिल्कुल नहीं समझना चाहिए वह हर कार्य करने में सक्षम है। सरोज संगीता भोई ने भी अपने स्वरचित गीत की प्रस्तुति दी।कार्यक्रम के प्रत्येक जिम्मेदारी सजल समूह के महिलाओं के द्वारा निभाई गई। दीप प्रज्वलन कराने की जिम्मेदारी हेमा शर्मा की थी तो बैच लगाने का काम अभिलाषा गुप्ता और सुलोचना महापात्रे ने किया। मेहमानों को स्वागत तिलक और गुलाल लगाकर किया जा रहा था और यह जिम्मेदारी निभाई किरण महतो, और रीना सोनी ने और मंच पर उपस्थित रहकर पूरे समय अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन किया ज्योति साहनी ने और सजल के कार्यों का एक वीडियो में संकलन कर प्रोजेक्टर के माध्यम से शशि साहू ने प्रदर्शित किया । कार्यक्रम में प्रथम खंड में मंच संचालन सीमा गुप्ता द्वारा और पूरे कार्यक्रम का संचालन सरिता साहू और मंजुला झा के द्वारा हिंदी छत्तीसगढ़ी दोनों भाषाओं में रोचक अंदाज से किया गया। रेखा सिंह , नीतू और डॉली कुशवाहा के द्वारा पुरस्कारों की व्यवस्था की गई थी। सजल समूह की महिलाओं के द्वारा सजावट, बुके बनाने और बैच बनाने का का कार्य भी स्वयं किया गया था। सजल सेल्फी जोन भी बनाया गया था। प्रत्येक प्रस्तुति के लिए पुरस्कारों की व्यवस्था भी की गई थी।इन सभी महिलाओं के अथक प्रयास से यह कार्यक्रम बेहद मनोरंजक एवं शानदार रहा।
