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हाथी - मानव द्वंद रोकने हेतु जनजागरूकता अभियान शुरू,मुख्यमंत्री ने गजरथ यात्रा को हरी झंडी दिखा किया रवाना

जशपुरनगर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर में एक अभिनव पहल ‘‘गजरथ यात्रा‘‘ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस यात्रा का उद्देश्य मानव-हाथी द्वंद को रोकना और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जनजागरूकता फैलाना है। गजरथ यात्रा राज्य भर के स्कूलों और ग्राम पंचायतों में भ्रमण करेगी, जहां लोगों को हाथियों के व्यवहार, उनके संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी जाएगी।
        कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘‘मानव और हाथियों के बीच बढ़ते टकराव को रोकने के लिए हमें जनसहभागिता और जागरूकता की जरूरत है। यह यात्रा लोगों को शिक्षित करने का माध्यम बनेगी।‘‘ यह पहल राज्य में मानव-वन्यजीव सहअस्तित्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने हाथी मानव द्वंद को रूकने की दिशा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वन विभाग के कर्मचारियों को सम्मानित किया 
           इस अवसर पर समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, योग आयोग के अध्यक्ष रूप नारायण सिन्हा, पूर्व सांसद रणविजय सिंह जूदेव, पद्मश्री जागेश्वर राम यादव, जशपुर विधायक रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, राज्य के सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, माटीकला बोर्ड, शंभूनाथ चक्रवर्ती, नगरपालिका अध्यक्ष अरविन्द भगत, उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गे, आईजी दीपक झा, कलेक्टर रोहित व्यास, एसएसपी शशि मोहन सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, स्कूली बच्चे और योग संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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जशपुर के रणजीता स्टेडियम परिसर में मुख्यमंत्री ने लगाए सिंदूर के पौधे,,,, गजरथ को दिखाई हरी झंडी

जशपुरनगर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अंतरास्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रणजीता स्टेडियम परिसर में सिंदूर का पौधा लगाया। उन्होंने हाथी मानव द्वंद को रोकने और जनजागरूकता के लिए गजरथ वाहन को हरी झंडी दिखाई। जशपुर वनमण्डल द्वारा निकाली गई यह रथ विशेषकर स्कूलों और हाट बाजारों में पहुंचकर हाथी के बारे में लोगों को जागरूक करेगा। उन्होंने जागरूकता के लिए लघु फिल्म और जानकारी युक्त लघु पुस्तिका का भी विमोचन किया। 
      उन्होंने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर सभी को एक पेड़ माँ के  नाम अभियान के तहत पेड़ लगाने अपील किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री एवं अतिथियों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए और आमजन को अधिक से अधिक वृक्ष लगाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वृक्ष हमारे जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। स्वच्छ हवा, जल संरक्षण और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में वृक्षों की अहम भूमिका होती है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए लगातार विभिन्न योजनाएं चला रही है।
       इस अवसर पर समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, योग आयोग के अध्यक्ष रूप नारायण सिन्हा, पूर्व सांसद रणविजय सिंह जूदेव, पद्मश्री जागेश्वर राम यादव, जशपुर विधायक रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, राज्य के सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, माटीकला बोर्ड, शंभूनाथ चक्रवर्ती, नगरपालिका अध्यक्ष अरविन्द भगत, उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गे, आईजी दीपक झा, कलेक्टर रोहित व्यास, एसएसपी शशि मोहन सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, स्कूली बच्चे और योग संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव ने हजारों लोगों के साथ जिला मुख्यालय जशपुर में किया योगाभ्यास....योग करें स्वस्थ रहें,,,,,,नालंदा परिसर सहित 108 करोड़ के कार्यो का किया भूमिपूजन-लोकार्पण

जशपुरनगर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जिला मुख्यालय जशपुर में हजारों लोगों के साथ योगाभ्यास किया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा की योग हमारे देश के लिए कोई नई विधा नहीं है। सनातन काल से योग हमारे जीवन में चला आ रहा है। हमारे ऋषि मुनियों ने इसका इजाद किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने विश्व पटल पर योग की महत्ता को स्थापित किया। संयुक्त राष्ट्र महासभा में वर्ष 2014 में आवाज उठाई और इसे विश्व स्तर पर स्वीकृति दिलाई। वर्ष 2015 से प्रति 21 जून को विश्व योग दिवस मनाया जा रहा है। हम सब लोगों के लिए बड़े सौभाग्य की बात है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा सहित 175 देशों में योग की आवाज गूंज रही है। मुख्यमंत्री के साथ जनप्रतिनिधिगण, स्कूलों बच्चों, आम नागरिकों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साह से योगाभ्यास किया। योग प्रशिक्षक के दौरा चक्र आसन, अर्ध चक्र आसन, कपाल भारती, अनुलोम-विलोम, प्राणायाम, वज्राशन सहित विभिन्न आसन से योगाभ्यास करवाया गया।
          श्री साय ने कहा कि सभी लोग योग को अपने दिनचर्या में शामिल करें। योग से मन और आत्मा संतुलित रहता है। दिन-रात के 24 घंटे में से कुछ समय योग के लिए जरूर निकाले। इससे बड़ी-बड़ी बीमारियां ठीक हो जाती हैं। शरीर स्वस्थ रहने के साथ ही भविष्य में बीमारियां होने की संभावना भी नहीं रहती। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में  दवाई की जरूरत पड़ने पर जेनेरिक दवाइयां के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह भी एलोपैथिक दवाइयां जैसे ही असर करती हैं। इनका दाम बहुत कम होता है। गरीबों की पहुंच की सीमा में और ज्यादा फायदेमंद है। इसका उपयोग जरूर सभी करें। बड़ी संख्या में बच्चे भी आज के योग कार्यक्रम में शामिल हुए। इससे बच्चों का मन शांत व स्थिर रहता है और पढ़ने पर मन लगता है। 
           मुख्यमंत्री ने आज नालंदा परिसर का भूमि पूजन भी किया। 500 सीटर इस परिसर की लागत 11 करोड़ 29 लाख रुपया है। 2 एकड़ में या बनेगा। इसमें गार्डन भी विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गरीब बच्चों को परिसर का ज्यादा लाभ मिलेगा। अब जागरूकता के कारण गांव और गरीब लोग भी बड़े-बड़े परीक्षा दे रहे हैं और सफल भी हो रहे हैं। सब लोग बड़े शहर आकर पढ़ाई नहीं कर सकते। इसलिए राज्य सरकार ने सभी जिला मुख्यालय व बड़े शहरों में नालंदा परिसर का निर्माण का जिम्मा लिया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर 107.81 करोड़ के 64 कार्यो का भूमिपूजन-लोकार्पण किया। इनमें जशपुर विधानसभा क्षेत्र के 61 करोड़ 20 लाख के 85 कार्यों का भूमिपूजन और 15 करोड़ 80 लाख के 6 कार्यों का लोकार्पण किया। इसी प्रकार कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत् फरसाबहार विकासखंड के 24 करोड़ 90 लाख के 15 कार्यों का भूमिपूजन और 5 करोड़  91 लाख के 4 कार्यों का लोकार्पण भी किया। 
          मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में एक पेड़ मां के नाम लगाने का आग्रह भी किया। उन्होंने कहा कि बारिश शुरू हो चुकी है। समय अनुकूल है। यदि मां साथ में है तो उन्हें समक्ष में रखकर अथवा स्वर्गीय होने पर उनका फोटो सामने रखकर मां के नाम पौधे जरूर लगाए। आजीवन इसकी सुरक्षा का दायित्व भी संभाले। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर योग आयोग के प्रशिक्षकों को प्रशस्ति-पत्र और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।
           समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि योग सभी तरह के भेदभाव से ऊपर है। जाति, धर्म, महिला, पुरुष सभी समान रूप से अभ्यास में लाकर लाभान्वित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि सभी इसका लाभ उठाएं। यह साल के सबसे बड़ा दिन 21 जून को पूरे विश्व में मनाया जाता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने योग को अंतर्राष्ट्रीय मंच में ले जाकर इसे पहचान दिलाई है। इस साल का योग हरित योग पर आधारित है। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने की अपील सभी लोगों से की। श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि इस साल योग दिवस की थीम ‘‘एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य‘‘ है जो पृथ्वी एवं मानव स्वास्थ्य के आपसी संबंध को बताता है। 
       योग आयोग के अध्यक्ष रूप नारायण सिन्हा ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि जशपुर की वादियां बहुत ही सुन्दर और योग के लिए अनुकूल है। जशपुर चायपत्ती, काजू, नाशपाती,आदि अन्य फसलों की अच्छी पैदावार होती है। उन्होंने कहा जशपुर का प्राकृतिक वातावरण स्वर्ग से सुन्दर की अनुमति करता है। योग पठन-पाठन का विषय नहीं है, यह रोज अभ्यास करने और जीवन में अपनाने का है। जीवन जीने का एक तरीका है इसे हर आदमी आजीवन  निरोग रह सकता है। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने योग दिवस के कार्यक्रम में सभी का आभार व्यक्त किया। स्वागत भाषण समाज कल्याण विभाग की संचालक रोक्तिमा यादव ने दिया। योग प्रशिक्षक श्री छबिलाल साहू, ज्योती साहू और उनकी टीम को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
       इस अवसर पर पूर्व सांसद रणविजय सिंह जूदेव, पद्मश्री जागेश्वर राम यादव, जशपुर विधायक रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, राज्य के सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, माटीकला बोर्ड, शंभूनाथ चक्रवर्ती, नगरपालिका अध्यक्ष अरविन्द भगत, उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गे, आईजी दीपक झा, कलेक्टर रोहित व्यास, एसएसपी शशि मोहन सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, स्कूली बच्चे और योग संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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पीएम जनमन योजना से जशपुर के पहाड़ी अंचलों के बसाहटों तक पहुंची सड़कें... किन कारणों से नव निर्मित सड़कों को मिल रहा है भारी जख्म....विभाग क्यों नही कर रहा है कोई कार्यवाही....विस्तार से जानने पढ़ें पूरी खबर

जशपुर :- मनोरा के पहाड़ी अंचलों में बसे विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर परिवारों के उनकी सामाजिक, आर्थिक व शैक्षणिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए संचालित पीएम जनमन योजना उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लेकर आई है,अब तक समाज की मुख्य धारा से नहीं जुड़ पाए इन बिरहोर बसाहटों तक पक्की सड़क बन चुकी है। ये सड़कें इन बिरहोर परिवारों के सर्वांगीण विकास की एक नई  उम्मीद है।बारिश के दिनों में उनको कच्ची सड़कों से होने वाली समस्याओं से उन्हें निजात मिलेगी।

 परंतु जनमन योजना के तहत बनी सड़कों पर भारी वाहनों के चलने से सड़कें ज्यादा दिन तक सुरक्षित रह पाना मुश्किल है । इस जनमन सड़क पर भारी वाहनों का आवागमन इस योजना के उद्देश्यों और नियमों के विरुद्ध है। यह योजना मुख्य रूप से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs) की बस्तियों को बारहमासी सड़कों से जोड़ने के लिए बनाई गई है, ताकि उन्हें स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं तक बेहतर आवागमन की सुविधा  मिल सके. नव निर्मित सड़कें पर भारी वाहनों के चलने से भारी नुकसान पहुंच रहा है,टिकाऊपन आगे चलकर कम हो सकती है। जिससे इन बस्तियों को मिलने वाली सुविधाओं में आगे चल कर समस्या आ सकती है।
  जशपुर जिले के मनोरा ब्लाक में जनमन योजना के तहत सड़के बनाई गई है जिसमे  टीआर-05 से बंधकोना "बी" लम्बाई 1.70 किमी. टीआर-05 से भंवरपाठ लम्बाई 1.70 किमी. एवं एल-45 से भुरूघाट लम्बाई 4.70 किमी.12-042 से वासतळा कोदोपानी 10.10 किमी,TROS T० रेमने-1.88 किमी,TR TROS TO नावाझर 7.70 किमी,यह सड़क सुदूर पहाड़ी इलाके में बसे विशेष रूप से कमजोर जनजाति समूह और राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहलाने वाले पहाड़ी कोरवा जनजाति जो की मुख्य धारा से जोड़ने में एक अहम भूमिका अदा कर रही है। 

परन्तु इन नवीन निर्मित सड़को का फायदा उठा कर लोग वाहन क्षमता से अधिक ओवर लोड ट्रक, हाइव आवागमन करा रहे है जिससे सड़क सहन क्षमता से अधिक लोड ले  जाने के कारण सड़क खराब होने की पूरी संभावना है। इसे लेकर पड़ताल की तो पता चला कि जनमन योजना के तहत जो सड़कें बनाई जाती है उनकी क्षमता 12 टन तक भार वाली गाड़ियों के गुजरने की ही होती है लेकिन इन सड़कों से तो 15 से 20 टन से भी अधिक भार लेकर गाड़ियां गुजरती दिखाई दे रही हैं 

जबकि इस योजना के तहत बनी सड़कों पर 12 टन से अधिक भार लेकर चलने वाले वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित होता है और बोर्ड भी सड़कों पर लगा होता है। इसके बावजूद सड़कों पर भारी वाहन प्रवेश करते हैं जो सड़कों के खराब होने का प्रमुख कारण बनते हैं जनमन सड़कें ग्रामीणों को सुविधा देने के नाम बनाई जाती है लेकिन इनका दुरूपयोग ओवरलोडेड वाहनों द्वारा किया जाता है
 जनमन योजना के तहत बनी सड़कों पर भारी वाहनों के चलने को रोकने के लिए, स्थानीय प्रशासन को सख्त नियम लागू करने चाहिए और उनका पालन सुनिश्चित करवाना चाहिए। इसके अलावा, स्थानीय समुदायों को भी जागरूक होना होगा कि वे इन सड़कों का उपयोग कैसे करें, ताकि वे सुरक्षित रहें और योजना का लाभ उठा सकें।

  मनोरा ब्लाक में जनमन योजना से नव निर्मित सड़कें बनी है लोग वाहन क्षमता से अधिक ओवर लोड  ट्रक हाइव आवागमन कर रहे है सड़क सहन क्षमता से अधिक लोड गाड़ियों के खिलाफ की जाएगी सख्त कार्रवाई।

राजेश कुमार दुबे -एसडीओ - प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क

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प्रदेशवासियों को मुख्यमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की दी बधाई,निरोगी शरीर के लिए योग को जीवन शैली का हिस्सा बनाएं - मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को ग्यारहवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि योग को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य को बनाए रखने  का उत्तम साधन माना गया है। यह भारत की प्राचीन परंपरा है। हमारे ऋषि-मुनियों ने इसके महत्व को बहुत पहले से ही जान लिया था। अब पूरा विश्व योग का महत्व समझ रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि योग मूल रूप से शरीर, मन और आत्मा को शुद्ध करने की एक प्रक्रिया है। योग स्वस्थ, तनावमुक्त और अनुशासित जीवन जीने की एक शैली है। उन्होंने कहा कि सभी लोग निरोगी और स्वस्थ जीवन के लिए योग करें। श्री साय ने कहा है कि शारीरिक ऊर्जा, स्वास्थ्य और रोग प्रतिरोधक क्षमता के विकास पर योग का काफी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है। उन्होंने लोगों से योग को जन-जन तक पहुंचाने और इसे जीवन शैली का हिस्सा बनाने की अपील की है।

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नागरिक आपूर्ति निगम की संचालक मंडल की बैठक में कर्मचारियों के हित में लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय ,,,,महंगाई भत्ते में वृद्धि सहित अनुकम्पा नियुक्ति को मिली स्वीकृति

रायपुर /छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज़ कॉरपोरेशन लिमिटेड (नागरिक आपूर्ति निगम) के नव नियुक्त अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव की अध्यक्षता में निगम मुख्यालय, नवा रायपुर में संचालक मंडल की 95वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में निगम कर्मचारियों के हित में कई निर्णय लिए गए। वर्षों से लंबित अनुकम्पा नियुक्ति के विषय पर संवेदनशीलता और तत्परता से कार्य करते हुए निगम के पांच दिवंगत सेवायुक्तों के आश्रित परिजनों को अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान करने का निर्णय लिया गया। यह निर्णय संबंधित परिवारों के लिए न केवल राहत का माध्यम बनेगा, बल्कि उनके जीवन को स्थायित्व देने वाला भी सिद्ध होगा।

बैठक में वित्तीय वर्ष 2022-23 के लेखों का अंतिमीकरण कर वित्तीय पत्रकों को अनुमोदित किया गया। साथ ही वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए नागरिक आपूर्ति निगम के बजट का संचालक मंडल द्वारा अनुमोदन किया गया। बैठक में मार्च 2025 से शासन द्वारा घोषित महंगाई भत्ते में वृद्धि को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इससे निगम के समस्त कर्मचारियों में हर्ष का वातावरण बना और उन्होंने इस निर्णय हेतु अध्यक्ष एवं संचालक मंडल के प्रति आभार व्यक्त किया।

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मुख्यमंत्री श्री साय "पंख खेल उपलब्धि पुरस्कार 2025" कार्यक्रम में हुए शामिल , प्रतिभावान खिलाड़ियों को दी शुभकामनाएं

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित एक निजी होटल में बंसल न्यूज़ द्वारा आयोजित "पंख खेल उपलब्धि पुरस्कार 2025" कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने खेल के क्षेत्र में ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच देने के लिए बंसल न्यूज़ की पहल की सराहना की और आयोजकों एवं सम्मानित युवा खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विगत तीन वर्षों से बंसल न्यूज़ द्वारा प्रदेश भर के ग्रामीण अंचलों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सम्मानित करने का जो कार्य किया जा रहा है, वह अत्यंत सराहनीय और प्रेरणादायी है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिवर्ष चयनित खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि के रूप में 50,000 रुपए प्रदान किए जा रहे हैं, जो उन्हें खेल गतिविधियों और अभ्यास को निरंतर बनाए रखने तथा बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र के सजग प्रहरी के रूप में बंसल न्यूज़ प्रदेशवासियों के लिए एक सशक्त मंच के रूप में उभरा है। उन्होंने संस्थान को साधुवाद देते हुए कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में भी यह एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने उपस्थित जनसमूह को 21 जून को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं दीं और सभी से योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का आग्रह भी किया।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, खेल मंत्री श्री टंकराम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक श्री किरण देव सहित जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में खिलाड़ीगण उपस्थित रहे।

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जिला चिकित्सालय ने सर्पदंश से बचाव के लिए आमजन को सतर्क और जागरूक रहने अपील के साथ  कैसे करें सर्पदंश से बचाव के तरीके की दी जानकारी,5400 से अधिक एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध

*जिला चिकित्सालय ने सर्पदंश से बचाव के लिए आमजन को सतर्क और जागरूक रहने अपील के साथ  कैसे करें सर्पदंश से बचाव के तरीके की दी जानकारी,5400 से अधिक एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध

जशपुरनगर, / जिला चिकित्सालय ने बरसात के मौसम में सर्पदंश से बचाव और सर्पदंश की स्थिति में क्या करना है, क्या नहीं करना है इस बारे में जानकारी देते हुए आमजन को सतर्क और जागरूक रहने की अपील की है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ अधिकारी ने बताया कि सर्पदंश से बचाव के लिए खिड़की के पास मौजूद पेड़ की शाखाएं और लताओं की कटाई करवाएँ, रात में घर से बाहर निकलते समय हमेशा जुता पहनें और टॉर्च लेकर चलें, सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें, और जमीन पर ना सोयें, पलंग व खाट पर सोंयें घर, आंगन और धान्यागार में मौजूद चूहों के बिल, छेद आदि को बंद करें, मवेशी और मुर्गीशालाओं को सोने की जगह से दूर रखें, गोबर और सुखी लकड़ीयों के ढेर को घर से दूर रखें और अगर सांप का सामना हो तो हलचल ना करें, इससे सांप घबराकर काट सकता है।
   सर्पदंश होने की स्थिति पर व्यक्ति को आश्वस्त करें और शांत रहें, सांप से दूर हो जायें, घाव वाले अंग को स्थिर रखें, तथा सर्पदंश वाली जगह पर गहने आदि हो तो निकाल दें और पीड़ित को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र लेकर जायें।सर्पदंश होने पर क्या ना करें इस बारे में बताया कि पीड़ित को अत्यधिक दबाव या घबराहट ना होने दें। सांप को मारने की कोसिस ना करें, सर्पदंश वाले घाव को ना काटें ना ही खून निकालने की कोसिस करें, घाव को बांधकर रक्त संचार को रोकने की कोसिस ना करें और पारम्परिक तरीके से बैगा, गुनिया से उपचार ना करायें।
   उन्होंने  नागरिको से अपील है कि सर्पदंश के मामले में तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचे इसके लिए 108 पर कॉल करके एम्बुलेंस बुलायें, आवश्कता पड़ने पर 104 पर कॉल करके भी आवश्यक परामर्श लिया जा सकता है। विकासखण्ड स्तर पर खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनय भगत फरसाबहार मो.नं. 7987405032, डॉ. सुनिल लकड़ा बगीचा मो.नं. 7587376008, डॉक्टर आसुतोष तिर्की जशपुर (लोदाम) मो.नं. 8839993723, डॉ. रोशन बरियार मनोरा मो.नं. 9753843311, डॉ. जेम्स मिंज पत्थलगांव मो.नं. 9424180229, डॉ. संध्यारानी टोप्पो कांसाबेल मो.नं. 8319929221, डॉ. अंजलि निराला दुलदुला मो.नं. 8224028522, डॉ. किरंती कुजुर कुनकुरी मो.नं. 9424192468 से भी तत्काल उपचार हेतु संपर्क कर सकते हैं, जिससे सर्पदंश से होने वाले मौत को  रोका जा सके और सभी मरीज स्वस्थ होकर वापस घर जा सकें।
       सीएमएचओ ने बताया कि छत्तीसगढ़ के नागलोक नाम से प्रसिद्ध विकासखण्ड बगीचा, फरसाबहा क्षेत्र एवं पुरे जशपुर जिला में सांपों की अनेक प्रजातियां पाई जाती है। बरसात का मौसम प्रारम्भ होने के साथ ही जिला में सर्पदंश के मामले बढ़ जाते हैं।  पिछले वर्ष 2024-25 में कुल 516 सर्पदंश के मरीज अस्पताल पहुंचे, जिसमें से 501 मरीज स्वस्थ होकर घर वापस गये, जबकि 15 लोगों की मृत्यू हो गई। वहीं इस वर्ष 2025-26 में 16 जून तक कुल 87 सर्पदंश के मामले अस्पताल पहुंचे जिसमें से 84 मरीज स्वस्थ होकर वापस घर गये जबकि 03 लोगों की मृत्यू हो गई। सर्पदंश से निपटने के लिए जिला चिकित्सालय जशपुर, सिविल अस्पताल पत्थलगांव सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में एण्टी स्नेक वेनम की व्यवस्था किया गया है। 16 जून 2025 की स्थिति में जिला में कुल 5425 वॉयल एण्टी स्नके वेनम है।

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छात्र दुर्घटना बीमा योजना : दो दिवंगत विद्यार्थियों के परिजनों को जिला शिक्षा अधिकारी पी.के. भटनागर ने एक-एक लाख रुपए की सहायता राशि की प्रदान

जशपुर :- जशपुर जिले में छात्र दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत दो छात्र-छात्राओं के परिजनों को एक-एक लाख रुपये की सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया।
      विकासखंड कुनकुरी के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला उपरकापा में  बालेश्वर राम, पिता स्व. जगदेव राम , कक्षा 8वीं का छात्र था। दिनांक 25.10.2023 को नाले में डूबने से उसकी मृत्यु हो गई थी। विकासखंड शिक्षा अधिकारी कुनकुरी के प्रतिवेदन के आधार पर छात्र दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद कुमार भटनागर के द्वारा दिवंगत विद्यार्थी की माता श्रीमती सूली बाई को एक लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई। वही
विकासखंड बगीचा से अन्य छात्रा संध्या भगत शासकीय प्राथमिक शाला कपूटोली में कक्षा 4थीं में थी। दिनांक 25.09.2024 को नाले में डूबने से उनकी मृत्यु हो गई थी। इनके पिता श्री जेंडर राम को भी सहायता राशि प्रदान की गई है।
          यह सहायता राशि शासन की छात्र दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत स्वीकृत की गई है, जिसका उद्देश्य आकस्मिक दुर्घटनाओं की स्थिति में पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है।

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करो योग रहो निरोग प्रेरणादायी संदेश के साथ जिले में मनाया जा रहा है योग सप्ताह, छठवें दिन भी लोगों ने किया उत्साह के साथ योगाभ्यास

जशपुरनगर, / योग से होने वाले लाभों की समझ जैसे-जैसे बढ़ रही है लोग तेजी से योग को अपनाने लगे हैं। केंद्र और राज्य सरकार योग के प्रति जागरूकता प्रसार के तहत विविध कार्यक्रमों कर आयोजन कर जनमानस में इससे होने वाले फायदों के बारे में बता रही है। इसी क्रम में जिले में योग सप्ताह का अयोजन किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को योग के लाभों से अवगत कराना और उन्हें नियमित योग अभ्यास के लिए प्रेरित करना है। आज छठवें दिन 19 ग्रामों में योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
       जशपुर विकासखंड में हाईस्कूल नीमगांव, शा.उ.मा. वि. गम्हरिया, मनोरा विकासखंड में शा. हाईस्कूल गजमा, शा. प्रा. शाला अलोरी। बगीचा विकासखंड में शा. प्रा. शाला बम्बा, शा. प्रा. शाला सुलेशा, शा. प्रा. शाला खेडार, शा. प्रा. शाला कुर्रोग। कांसाबेल विकासखंड में शा.उ.मा. वि. डांडपानी, शा.उ.मा. वि. दोकड़ा। कुनकुरी विकासखंड में शा. प्रा. शाला ठेठेटांगर, शा. प्रा. शाला बेमताटोली। दुलदुला विकासखंड में शा. हाईस्कूल जामपानी। फरसाबहार विकासखंड में शा.उ.मा. वि. अंकिरा, शा. प्रा. शाला खुटगांव। पत्थलगांव विकासखंड मंे पंचायत भवन छातासरई, शा. प्रा. शाला इंजको, शा. प्रा. शाला खुटापानी, मा. शाला फरसाटोली में योगाभ्यास किया गया। इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। 
   योग कार्यक्रम में प्रशिक्षकों के द्वारा शलभासन, उत्तानपादासन, वृक्षासन, ताड़ासन, पद्मासन, पवनमुक्तासन सहित विभिन्न योगासन एवं प्राणयाम का अभ्यास कराया गया। उल्लेखनीय है कि ग्यारहवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राज्य शासन के निर्देशानुसार 15 से 21 जून तक योग महाकुंभ योग को उत्सव के रूप में मनाने एवं अधिक से अधिक जनसामान्य को प्रेरित करने हेतु योग सप्ताह के रूप में विविध योग संबंधी गतिविधियों का आयोजन जिले में किया जा रहा है।

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प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अध्यक्षता में पैरालीगल वॉलिटियर्स के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ आयोजन

जशपुर, :छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के स्टेट प्लॉन ऑफ एक्शन वर्ष 2025-26 के अनुसार प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश व अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जशपुर श्री सत्येन्द्र कुमार साहू की अध्यक्षता में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत आम नागरिकों एवं जन समुदाय तक कानूनी सहायता-सलाह तथा उनके अधिकारों के बारे में जागरूक किये जाने के प्रयोजनार्थ 20 जून 2025 को जिला न्यायालय के सभाकक्ष में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जशपुर के अंतर्गत जिला एवं तालुका स्तर के अधिकार मित्रों (पैरालीगल वॉलिटियर्स) का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
            उक्त कार्यक्रम में श्री सत्येन्द्र कुमार साहू द्वारा मर्यादा एवं कानून के दायरे में रहकर आमजनों एवं जनसमुदाय के मध्य विधिक सलाह एवं सहायता प्रदान करने तथा उनके अधिकारों के हितों की रक्षा करने एवं अन्य कानूनी सेवाएं प्रदाय किये जाने के संबंध में अधिकार मित्रों (पैरालीगल वॉलिटियर्स) को निर्देशित किया गया। उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एनडीपीएस) जशपुर, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) जशपुर, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जशपुर, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जशपुर, व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी जशपुर, प्रथम अतिरिक्त व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी जशपुर, द्वितीय अतिरिक्त व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी जशपुर, तृतीय अतिरिक्त व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी जशपुर उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय गृहमंत्री के छत्तीसगढ़ प्रवास की तैयारियों की समीक्षा की


रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  आज सवेरे अपने निवास कार्यालय में केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह  के छत्तीसगढ़  प्रवास की तैयारियों की समीक्षा की। श्री साय ने तैयारियों को लेकर अधिकारियों जरूरी निर्देश दिए। बैठक में  छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव सर्व श्री राहुल भगत, श्री पी. दयानंद, डॉ. बसव राजू एस तथा प्रशासन एवं पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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देश और दुनिया का एक मात्र माता कौशल्या धाम बनेगा सर्व धर्म संभाव का केन्द्र.....श्रद्धालुओं एवं दर्शनार्थियों के लिए बनेगा आस्था एवं आकर्षण का केन्द्र


बालोद : छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश एवं दुनिया में सनातन संस्कृति एवं आस्था के प्रमुख केन्द्र के रूप में स्थापित बालोद जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के सुदूर वनांचल में स्थित पाटेश्वर आश्रम में भव्य एवं विशाल कौशल्या धाम बनाने का परिकल्पना शीघ्र साकार होने वाला है। पाटेश्वर सेवा संस्थान के संचालक श्री राम बालकदास महात्यागी ने बताया कि कौशल्या धाम का निर्माण कार्य अंतिम चरण पर है। उन्होंने कहा कि माता कौशल्या धाम के निर्माण कार्य पूरा हो जाने के बाद 2026 में इसका विधिवत लोकार्पण किया जाएगा। 
संत श्री राम बालकदास ने बताया कि समाज के सभी वर्गों के सहयोग से निर्मित की जा रही भव्य एवं विशाल कौशल्या माता धाम पूरे देश और दुनिया का एक मात्र कौशल्या धाम होगा। उन्होंने कहा कि पाटेश्वर आश्रम परिसर के लगभग 04 एकड़ भूमि में निर्माणाधीन तीन मंजिला कौशल्या धाम मंदिर के द्वितीय तल पर भगवान श्री रामलला को अपनी गोद में ली हुई 07 फीट का माँ कौशल्या की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह प्रतिमा पूरे देश और दुनिया में अपने तरह की पहली प्रतिमा होगी। कौशल्या धाम के पहले तल में शिव लिंग स्थापित की जाएगी। इसके साथ ही तीसरे तल पर पंचमुँखी हनुमान की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। संत श्री राम बालकदास ने बताया कि तीनों प्रतिमा के निर्माण कार्य अंतिम चरण पर है। इसके अलावा इस भव्य एवं विशाल तीन मंजिला कौशल्या धाम में अग्नि, वायु, सहस्त्रबाहु, कबीर, संत रविदास, झुलेलाल, कर्मा माता, परमेश्वरी माता आदि सभी जाति एवं सम्प्रदायों के कुल 108 आराध्य देवी-देवताओं तथा महापुरूषों की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इसके फलस्वरूप यह कौशल्या धाम सभी धर्मों और जातियों के आस्था एवं सर्व धर्म संभाव के केन्द्र के रूप मंे स्थापित होगा। बालोद जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के आदिवासी बहुल बड़ा जुंगेरा ग्राम घनघोर जंगल और पहाड़ों के बीच प्रकृति के मनोरम वादियों में स्थित पाटेश्वर आश्रम में माता कौशल्या धाम के निर्माण कार्य पूरा हो जाने के पश्चात् यह धाम श्रद्धालुओं और दर्शनार्थियों के लिए आस्था एवं आकर्षण का प्रमुख केन्द्र के रूप में स्थापित होगा। 
 उल्लेखनीय है कि लगभग 12 एकड़ के विशाल क्षेत्र में स्थित  पाटेश्वर धाम छत्तीसगढ़ राज्य सहित पूरे देश में सनातन संस्कृति के लोगों का प्रमुख आस्था का केन्द्र है। यहाँ पर माघी पूर्णिमा, गुरू पूर्णिमा के अवसर पर विशाल मेला के आयोजन के अलावा प्रतिदिन श्रद्धालुओं और दर्शानार्थी पाटेश्वर धाम में पहुँचते है। इस पाटेश्वर धाम को जामड़ीपाट के नाम से भी जाना जाता है। इसका ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व भी है। यह स्थल प्रारंभ से ही आदिवासी समाज तथा अंचल के लोगों के लिए आस्था का केन्द्र रहा है। इस आश्रम परिसर के ऊपरी पहाड़ी में 416 सीढ़ी चढ़ने के पश्चात् अंचल के 12 गांव तथा आदिवासी समाज के लोगों का आराध्य देव स्थापित है। यहाँ पर विभिन्न पर्वों के अवसर पर आदिवासी समाज एवं अंचल के लोगों के द्वारा पूजा-अर्चना किया जाता है। पाटेश्वर धाम सेवा संस्थान के संचालक संत श्री राम बालकदास ने बताया कि उनके गुरू देव श्री राज योगी बाबा जी सन् 1975 में पाटेश्वर धाम आगमन के पश्चात् पेड़ के नीचे अखंड धुनि जलाई थी। इस स्थान पर अनवरत रूप से अखंड धुनि प्रज्ज्वलित हो रही है। इसके अलावा पाटेश्वर धाम के मंदिर परिसर में 1977 से दक्षिण मुँखी हनुमान की प्रतिमा स्थापित की गई है। पाटेश्वर धाम परिसर में पानी का कंुड स्थापित है, इस कुंड का पानी कभी सूखता नही है। उल्लेखनीय है कि पाटेश्वर धाम परिसर में सीता रसोई का भी संचालन किया जा रहा है। जहाँ पर पाटेश्वर धाम परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं, दर्शानार्थियों एवं आगन्तुकों को निःशुल्क भोजन प्रदान किया जाता है। संत श्री राम बालकदास ने बताया कि 2015 में जगत गुरू राजेन्द्र देवाचार्य एवं चारों जगत गुरूओं की उपस्थिति में आयोजित कथा वाचन के दौरान पाटेश्वर धाम परिसर में माँ कौशल्या धाम स्थापित करने का सुझाव दिया गया था। जिसे आत्मसात कर इस स्थान पर माँ कौशल्या धाम का निर्माण कार्य प्रारंभ कर इसे मूर्त रूप दिया जा रहा है। 
 इस तरह से भगवान श्री रामचंद्र जी का ननिहाल एवं माता कौशल्या का मायका छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में देश और दुनिया का एक मात्र कौशल्या धाम का निर्माण करने का परिकल्पना शीघ्र साकार होने वाला है। यहाँ पर नन्हें बालक भगवान श्री रामलला को अपने गोद में ली हुई माता कौशल्या की 07 फीट ऊँची प्रतिमा को कौशल्या धाम में विराजित की जाएगी। माता कौशल्या की इस प्रतिमा का निर्माण राजस्थान के लाल पत्थरों से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस भव्य एवं विशाल मंदिर के निर्माण में समाज के सभी वर्ग के लोगों ने अपना सहयोग दिया है। यह कौशल्या धाम जन सहयोग से बनने वाला अपने आप में अनुपम एवं अद्वितीय होगा और बालोद जिला का यह स्थाना माँ कौशल्या धाम के नाम से पूरे विश्व में विख्यात होगा।

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पहली बार राजधानी पहुंचे बीजापुर के सुदूर गांवों के युवा, मुख्यमंत्री से आत्मीय मुलाकात कर रखी अपनी बात,सीएम ने कहा मार्च 2026 तक नक्सलवाद का जड़ से होगा खत्म

रायपुर,  // इच्छाशक्ति, संवेदना और समावेशी नीति से हमने बस्तर में बदलाव की नई शुरुआत की है। बस्तर के युवाओं का आत्मबल ही हमारी प्रेरणा है और हम सब मिलकर नया बस्तर गढ़ेंगे। आप सभी ने पहली बार राजधानी रायपुर को देखा है, आप सभी का यहां स्वागत है और आपकी यह यात्रा सुखद और चिरस्मरणीय हो। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज अपने निवास में प्रदेश के सुदूर और नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के नियद नेल्ला नार ग्राम पंचायतों के 96 युवक-युवतियों के दल से आत्मीय संवाद कर रहे थे। 
        मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार 'नियद नेल्ला नार' जैसी योजनाओं के माध्यम से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास की नई राह खोल रही है। उन्होंने कहा कि आप छत्तीसगढ़ के भविष्य हैं और आप सभी की भागीदारी से ही हम बस्तर क्षेत्र और प्रदेश को आगे लेकर जायेंगे। श्री साय ने कहा कि 'नियद नेल्ला नार’ योजना से जुड़कर जहां गांवों की तस्वीर बदल रही है, वहीं युवाओं को भी आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि हमारी सरकार आपके क्षेत्र में शांति व्यवस्था स्थापित करने में जुटी हुई है और केंद्रीय मंत्री श्री अमित शाह ने ठान लिया है कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करना है। उन्होंने कहा कि माओवादी आपके क्षेत्र में विकास नहीं चाहते, लेकिन विकास के रास्ते आने वाली सभी बाधाओं को हम दूर करेंगे। बस्तर का मनोबल हमें नक्सलवाद जैसी कुरीतियों को जड़ से समाप्त करने की ऊर्जा दे रहा है।
       मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर आपके क्षेत्र में घने जंगल, मनमोहक झरने और ऊँचे पहाड़ हैं। वहां भूमि उपजाऊ है और अच्छी खेती होती है। हमारी सरकार खेती को समृद्ध बनाने के लिए पानी की सुविधा आप तक पहुंचाने का काम कर रही है। श्री साय ने कहा कि आप सभी खेती को बढ़ावा दें और जो विद्यार्थी हैं, वे मन लगाकर अच्छी शिक्षा प्राप्त करें। प्रदेश के विकास में आपका सहयोग हमारे लिए बहुत जरूरी है। उन्होंने ‘बस्तर ओलंपिक’ और ‘बस्तर पंडुम’ जैसे आयोजनों का उल्लेख करते हुए कहा यह बस्तर की आत्मा की अभिव्यक्ति हैं। इन आयोजनों में हजारों युवाओं, महिलाओं और बच्चों की भागीदारी ने दुनिया को यह संदेश दिया है कि बस्तर अब नए युग की ओर अग्रसर है। बस्तर की कला, संस्कृति और धरोहर को संजोने का कार्य हम सब मिलकर आगे भी करते रहेंगे। आज बस्तर वासियों ने यह दिखा दिया है कि वे हिंसा नहीं, शांति और विकास चाहते हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर की धरती वीरता, धैर्य और स्वाभिमान की प्रतीक रही है और अब हम सब मिलकर इसे विकास और समृद्धि के रास्ते पर आगे लेकर जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की विभिन्न योजनाओं, कौशल प्रशिक्षण, खेल और शिक्षा के माध्यम से सरकार हर युवा को एक नया अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है।
श्री साय ने युवाओं से आह्वान किया कि वे मुख्यधारा से जुड़कर समाज में बदलाव के वाहक बनें और मजबूत, सुरक्षित व समृद्ध बस्तर के निर्माण में सहभागी बनें। 

*मुख्यमंत्री से युवाओं ने  साझा किए अपने विचार, कहा – “बस्तर को बदलने का बनेंगे माध्यम*

बीजापुर जिले के सुदूर गांवों से राजधानी पहुंचे युवाओं ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से खुलकर संवाद किया। युवाओं ने न सिर्फ अपने अनुभव साझा किए, बल्कि अपने सपनों और संकल्पों की भी बात की। उन्होंने कहा कि हम शिक्षा, खेल, हुनर और सेवा के रास्ते पर चलकर अपने जीवन को बेहतर बनाना चाहते हैं। बस्तर को बदलना है, और हम इस बदलाव के सहभागी बनना चाहते हैं। युवाओं ने बताया कि 'नियद नेल्ला नार' योजना ने उन्हें नई पहचान और दिशा दी है। 
       इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम के साथ ही वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद रहे।

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लगातार चार दिनों से हो रही बारिश से नदी-नालों उफान पर,सड़कों पर भरा पानी,नाली की सफाई नही होने से घरों में घुसा पानी

नारायणपुर :- जिले में लगातार चार दिनों से हो रही बारिश से नदी-नालों उफान पर हैं। जिससे कई गांवों का संपर्क टूट चुका है और सड़कों पर पानी भर गया है। 

    सोमवार रात से शुरू - हुई बारिश एक क्षण भी अब तक नहीं रुकी है। बीते 72 घंटे सेे  अधिक समय से  लगातार बारिश हो रही है। क्षेत्र में मानसून की दस्तक 16 जून से हुई है। इस भारी बारिश से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। किसानों के खेतों में लबालब पानी भर चुके हैं। कई जगहों पर पुलिया रपटा के ऊपर से बरसात का पानी बह रहा है। जिससे आवागमन ठप पड़ गया है। क्षेत्र की ईब, डोड़‌की,  कपरी नदी नाले उफान पर बह रही है। वहीं कई गांव में सड़कों पर जल-जमाव से आवागमन बाधित है. भारी बारिश की वजह से सड़क पर पानी भर जाने से गांव से बाहर जानेवाले स्कूली छात्रों व ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।नारायणपुर के  ग्रामीणों ने बताया कि सड़क के किनारे बनी नाली के बंद हो जाने के कारण सड़क पर जमा पानी कई घरों में घुस रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि नाली की सफाई व मरम्मत के लिए ग्राम पंचायत से कहा गया, लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला, इधर लगातार बारिश से क्षेत्र से होकर गुजरने वाली कपरी व ईब नदी भी उफान पर है

   नारायणपुर क्षेत्र के कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। वहीं बारिश के कारण मुख्य सड़कों पर भी पानी जमा दिखाई दिया। गांव के नीचले इलाकों के खेतों में पानी लबालब भर गया,लगातार हो रही बारिश की वजह से हर तरफ जनजीवन प्रभावित है। नारायणपुर की बात करें तो यहां सड़कों पर सत्राटा पसरा नजर आया। बाजार में ज्यादा चहल पहल नहीं होने की वजह से शाम को दुकानें जल्दी बंद हो गई।

 बगीचा ब्लाक के कलिया,बुटूंगा,गायलुंगा ये गांव एक ओर  बादलखोल अभ्यारण्य ओर तीन ओर नदी नालों ओर पहाड़ो के बीच बसे है यह गांव की यही कहानी है कि हर साल बारिश में यह गांव टापू में तब्दील हो जाता है।

             स्कूल प्रांगण बना तालाब

 लगातार हो रही बारिश से स्कूल प्रांगण तालाब बना जिससे नारायणपुर के जनपद प्राथमिक ओर माध्यमिक शाला के शिक्षकों और छात्रों को स्कूल भवन तक पहुंचने के लिए भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा। पंचयात के द्वारा नाली सफाई समय रहते करवाने से स्कूल का जमा पानी नाली से बह कर निकल जाता परन्तु सफाई नही होने के कारण जलभराव की स्थिति  बन गया।

                 किसानों की बढ़ी चिंता: 

खेतों में पानी भरकर ओवरफ्लो हो रहा है। कई किसान अपने खेतों बीज लगा चुके ऐसे किसानों को  चिंता है कि उनके द्वारा लगाया गया धान बीज बहकर ना निकल जाए

        सर्वाधिक वर्षा कुनकुरी तहसील

जशपुर जिले में 01 जून से अब तक 1730.3 मिमी वर्षा हो चुकी है। जिले में बीते 10 वर्षों की तुलना में 20 जून तक की स्थिति में 705.5 मिमी औसत वर्षा हुई है। बीते दिवस जिले में 726.8 मिमी वर्षा हुई है।
       प्राप्त जानकारी के अनुसार 01 जून से अब तक तहसील जशपुर में 220.4 मिमी, मनोरा में 236.2 मिमी, कुनकुरी में 250.8 मिमी, दुलदुला में 141.1 मिमी, फरसाबहार में 148.5 मिमी, बगीचा में 160.5 मिमी, कांसाबेल में 157.8 मिमी, पत्थलगॉव में 86.8 मिमी, सन्ना में 246.2 मिमी एवं बागबहार में 82.0 मिमी वर्षा हो चुकी है। सर्वाधिक वर्षा कुनकुरी तहसील में दर्ज की गई है।

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अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस : मुख्यमंत्री  21 जून को जशपुर में करेंगे योगाभ्यास,सभी जिला मुख्यालयों में आयोजित योगाभ्यास में शामिल होंगे नामांकित अतिथि*

रायपुर, / अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जशपुर जिले के रणजीता स्टेडियम में सुबह योगाभ्यास करेंगे। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कैबिनेट मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े करेंगी। उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव मुंगेली तथा उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा कबीरधाम जिले में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

बिलासपुर में केन्द्रीय संघ राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, राजनांदगांव में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, बलरामपुर-रामानुजगंज में मंत्री श्री रामविचार नेताम, बेमेतरा में मंत्री श्री दयालदास बघेल, नारायणपुर में मंत्री श्री केदार कश्यप, कोरबा में मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल, रायगढ़ में मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी, महासमुंद में मंत्री श्री टंकराम वर्मा, बलौदाबाजार-भाटापारा में सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, दुर्ग में सांसद श्री विजय बघेल, खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई में सांसद श्री संतोष पाण्डेय, सरगुजा में सांसद श्री चिन्तामणी महाराज, गरियाबंद में सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सांसद श्री राधेश्याम राठिया, जांजगीर-चांपा में सांसद श्री कमलेश जांगड़े, सुकमा में सांसद श्री महेश कश्यप, कांकेर में सांसद श्री भोजराज नाग, सक्ती में सांसद श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह, बीजापुर में विधायक सुश्री लता उसेंडी, धमतरी में विधायक श्री अजय चंद्राकर, बस्तर में विधायक श्री किरण सिंह देव, कोरिया में विधायक श्री भैयालाल राजवाड़े, सूरजपुर में विधायक श्रीमती गोमती साय, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में विधायक श्री गुरू खुशवंत साहेब, दंतेवाड़ा में विधायक श्री चैतराम अटामी, बालोद में विधायक श्री ललित चन्द्राकर, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में विधायक श्री प्रणव कुमार मरपच्ची और कोण्डागांव में विधायक श्री नीलकंठ टेकाम मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित रहेंगे।

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*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश  पर जिले के बंदरचुवा और दुलदुला में बस स्टैंड निर्माण हेतु 1.99 करोड़ की मिली स्वीकृति, यात्रियों को मिलेगी बेहतर सुविधाएं.....*


    जशपुरनगर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में जनसुविधा आधारित अधोसंरचना विकास को नई गति मिल रही है। उनके कार्यभार संभालते ही किसानों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और आम नागरिकों की आवश्यकताओं को केंद्र में रखते हुए विभिन्न विकास कार्यों को निरंतर स्वीकृति मिल रही है और योजनाएं तेज़ी से ज़मीन पर उतर रही हैं। 
   इसी क्रम में मुख्यमंत्री घोषणा मद से जशपुर जिले के बंदरचुवा में सर्वसुविधायुक्त बस स्टैंड तथा दुलदुला में बस स्टैंड निर्माण हेतु कुल 1 करोड़ 99 लाख 98 हजार रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इन निर्माण कार्यों से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, यात्रा सुगम होगी और क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री की पहल पर  बंदरचुवा में सर्वसुविधायुक्त बस स्टैंड के निर्माण के लिए 99.99 लाख रुपए और दुलदुला में बस स्टैंड निर्माण के लिए 99.99 लाख रुपए की स्वीकृति मिली है।

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*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की निर्देश पर बगिया और बंदरचुआं स्कूलों के जीर्णोद्धार और  अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए 3.04 करोड़ की मिली स्वीकृति*

जशपुरनगर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी पहल और जनसुविधाओं को प्राथमिकता देने की नीति के परिणामस्वरूप जशपुर जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना विकास के कार्यों को निरंतर स्वीकृति मिलने के साथ ही विकासकार्य  तीव्र गति से संचालित हो रहे हैं। इससे जिले का समग्र विकास सुनिश्चित हो रहा है और इसकी  तस्वीर तेजी से बदल रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री के निर्देश पर सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण द्वारा जिले के चार स्कूलों के जीर्णोद्धार सहित अन्य कार्य तथा एक स्कूल में अतिरिक्त कक्ष निर्माण हेतु कुल 3 करोड़ 4 लाख 26 हजार रुपये की राशि स्वीकृत मिली है। इन निर्माण कार्यों के पूर्ण हो जाने से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण और सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे उनकी शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार होगा
   मुख्यमंत्री की पहल पर जिन निर्माण कार्यों की स्वीकृति मिली है उनमें 89 लाख रुपए की लागत से हायर सेकण्ड्री स्कूल बंदरचुंवा में अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्य , 70 लाख रुपए की लागत से हायर सेकण्ड्री स्कूल बंदरचुंवा का जीर्णोद्धार कार्य, 48.16 लाख रुपए की लागत से माध्यमिक शाला बगिया का जीर्णोद्धार एवं किचन डायनिंग हॉल का निर्माण कार्य, 48.92 लाख रुपए की लागत से हाई स्कूल बगिया का जीर्णोद्धार एवं शौचालय निर्माण कार्य और 48.18 लाख रुपए की लागत से  प्राथमिक शाला बगिया का जीर्णोद्धार कार्य, नाली निर्माण, अतिरिक्त कक्ष निर्माण, आहाता एवं गेट का निर्माण तथा हेण्डपंप खनन कार्य शामिल है।

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