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मुख्यमंत्री संविधान हत्या दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में हुए शामिल: आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर आयोजित प्रदर्शनी का किया अवलोकन

रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित संविधान हत्या दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह अत्यंत आवश्यक है कि लोकतंत्र की हत्या के उस काले दिन को हमारी भावी पीढ़ी भी जाने, समझे और उससे सीख ले। आपातकाल के दौर को याद करते हुए भावुक हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह कालखंड मेरे जीवन से गहराई से जुड़ा है। यह मेरे लिए मात्र एक घटना नहीं, बल्कि एक व्यक्तिगत पीड़ा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उनके बड़े पिताजी स्वर्गीय श्री नरहरि प्रसाद साय आपातकाल के दौरान 19 माह तक जेल में रहे। उस समय लोकतंत्र सेनानियों के घरों की स्थिति अत्यंत दयनीय थी—कई बार घर में चूल्हा तक नहीं जलता था। ऐसे अनेक परिवारों को मैंने स्वयं देखा है। उन्होंने कहा कि निरंकुश सत्ता ने उस समय अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचल दिया था, नागरिक अधिकार छीन लिए गए थे। वास्तव में, वह लोकतंत्र का काला दिन था, जिसका दंश हमारे परिवार ने झेला है और जिसे मैंने स्वयं जिया है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम के दौरान लोकतंत्र सेनानी परिवारों के सदस्यों से भेंट कर उन्हें सम्मानित किया तथा शॉल, श्रीफल एवं प्रतीक चिन्ह भेंट किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार लोकतंत्र सेनानी परिवारों को सम्मान देने का कार्य कर रही है। इन परिवारों को प्रतिमाह 10 हजार से 25 हजार रुपए तक की सम्मान राशि दी जा रही है—यह उनके संघर्ष और बलिदान को नमन करने का एक विनम्र प्रयास है।

कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं और युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान की रक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे आपातकाल के इतिहास को जानें, पढ़ें और समझें कि किस प्रकार उस कालखंड में संविधान को कुचला गया था। लोकतंत्र को जीवित रखने और सशक्त करने के लिए जन-जागरूकता और सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि भारत के संविधान और लोकतंत्र पर आपातकाल एक ऐसा कलंक है, जिसे इतिहास में काले अक्षरों में दर्ज किया गया है। आपातकाल थोपकर न केवल संविधान को निष्क्रिय कर दिया गया, बल्कि मौलिक अधिकारों को समाप्त कर लोकतंत्र की आत्मा को कुचल दिया गया।
उन्होंने कहा कि उस समय देश को एक खुली जेल में बदल दिया गया था, जिसमें भय और आतंक का वातावरण था। एक लाख से अधिक लोगों को बिना न्यायिक प्रक्रिया के जेलों में बंद कर दिया गया, और उन्हें यातनाएं दी गईं। यह केवल राजनीतिक दमन का दौर नहीं था, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक चेतना को समाप्त करने का सुनियोजित प्रयास था।
डॉ. सिंह ने युवाओं से आह्वान किया कि वे आपातकाल के विषय में शोध करें, पढ़ें और समझें कि लोकतंत्र की रक्षा हेतु कितने लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी। भविष्य में लोकतंत्र को सुरक्षित बनाए रखने के लिए हमें सदैव जागरूक और सजग रहना होगा।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति श्री बलदेव भाई शर्मा ने कहा कि 25 जून 1975 भारतीय लोकतंत्र का सबसे शर्मनाक और काला दिन था। इस दिन संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को जिस तरह से कुचला गया, उसका कोई दूसरा उदाहरण विश्व इतिहास में नहीं मिलता। संविधान में मनमाने ढंग से संशोधन किए गए, जिससे देश की आत्मचेतना और नागरिक अधिकारों का दमन हुआ।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर आयोजित जनजागरूकता रैली में भी भाग लिया।

*मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष ने आपातकाल पर आयोजित विशेष प्रदर्शनी का किया अवलोकन*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर आधारित विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
इस प्रदर्शनी में आपातकाल के दौरान की दमनकारी नीतियों, मानवाधिकारों के उल्लंघन और लोकतंत्र के हनन को चित्रों एवं दस्तावेजों के माध्यम से दर्शाया गया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय है, जिसे विस्मृत नहीं किया जाना चाहिए। ऐसी प्रदर्शनी नई पीढ़ी को लोकतंत्र और संविधान के महत्व को समझाने में सहायक सिद्ध होगी।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रदर्शनी लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वालों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

इस  अवसर पर उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, विधायकगण श्री पुरंदर मिश्रा, गुरु खुशवंत साहेब, श्री मोतीलाल साहू, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री सच्चिदानंद उपासने, प्रदेश अध्यक्ष श्री दिवाकर तिवारी, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा तथा संचालक संस्कृति श्री विवेक आचार्य सहित बड़ी संख्या में विद्वान, लोकतंत्र सेनानी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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कलेक्टर ने दुलदुला के जनप्रतिनिधियों, सरपंच आम नागरिकों के साथ संयुक्त बैठक लेकर उनकी मांगों और समस्याओं की ली जानकारी  

जशपुर /कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने बुधवार को दुलदुला विकास खंड शासकीय माध्यमिक स्कूल में जनप्रतिनिधियों आम नागरिकों सरपंच पंच सचिव की बैठक लेकर विकास कार्यों ,मांगों और समस्याओं की जानकारी ली।  कलेक्टर ने जनप्रतिनिधियों के साथ बस स्टैंड और नव निर्मित पुलिया का भी निरीक्षण किया और अवगत कराया कि दुलदुला विकास खंड के नया बस स्टैंड बनाने के लिए 99 लाख 99 हजार की स्वीकृति मिल गई है। शीघ्र ही काम चालू किया जाएगा।

बस स्टैंड में यात्री प्रतीक्षालय भी बनाया जाएगा इसके साथ ही दुकान के लिए काम्प्लेक्स भी बनाया जाएगा दुकान का संचालन ग्राम पंचायतों के माध्यम से किया जाएगा लाटरी पद्धति से दुकानों का आबंटन किया जाना है ग्राम पंचायत के अंतर्गत संचालित दुकानों से किराया भी लिया जाएगा और उन पैसों का उपयोग विकास कार्यों और मेंटेनेंस के लिए किया जाएगा।

कलेक्टर ने दुलदुला विकास खंड के नव निर्मित पुलिया के सामने बने खम्भे को भी शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं ताकि लोगों को आवागमन में किसी भी प्रकार की कोई समस्या न होने पाए 
इस अवसर पर सहायक कलेक्टर अनिकेत अशोक कुनकुरी एसडीएम नन्द जी पांडे जनपद पंचायत सीईओ, तहसीलदार राहुल कौशीक नायब तहसीलदार राजेश यादव उपस्थित थे।

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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कस्तूरा का कलेक्टर ने किया निरीक्षण....स्वास्थ्य केंद्रों में संस्थागत प्रसव अप्रैल से जून माह  एक भी नहीं हुआ वँहा के  एएनएम को नोटिस जारी कर वेतन रोकने के निर्देश और निलंबन की अनुशंसा करने के दिए निर्देश

जशपुर / कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने बुधवार को दुलदुला विकास खंड के ग्राम कस्तूरा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य विभाग के सीएचवो, आरएचवो और एएनएम की समीक्षा बैठक ली 
उन्होंने संस्थागत प्रसव प्रगति, टीबी मुक्त अभियान,आर सी एच पोर्टल में एंट्री, केन्द्र और राज्य की स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा की ।

कलेक्टर ने कहा कि लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना शासन की पहली प्राथमिकता है।
उन्होंने सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और उप स्वास्थ्य केन्द्र में संस्थागत प्रसव के दिए गए लक्ष्य को शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कस्तूरा, बनगांव,टांगरटोली, धारेन,बंगुरकेला, चांपा टोली, में गर्भवती माताओं का पंजीयन और आर सी एच पोर्टल एंट्री में धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर की।

कलेक्टर ने सभी स्वास्थ्य अमला को कड़ी हिदायत देते हुए स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार लाने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि जिन स्वास्थ्य केन्द्र में संस्थागत प्रसव नहीं हो रहा है। उन केन्द्र के सी एच वो आर एच वो और एएनएम को कारण बताओ नोटिस जारी करके उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। और काम नहीं करने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों का निलंबन और विभागीय जांच के लिए प्रस्ताव भेजने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस अवसर पर सहायक कलेक्टर श्री अनिकेत अशोक, एसडीएम कुनकुरी नंद जी पांडे, जनपद सीईओ पुष्कर पाटले मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ जी एस जात्रा और तहसीलदार राहुल कौशीक, राजेश यादव उपस्थित थे।

कलेक्टर ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण किया और स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली निरीक्षण के दौरान पंजीयन एवं दवा वितरण केन्द्र, ओपीडी, आर्युवेदिक ओपीडी, शौचालय की स्थिति, औषधि भंडार कक्ष, सामान्य वार्ड,पी एन सी वार्ड का निरीक्षण किया 

कलेक्टर ने अस्पताल के दरवाजे, बेसिन, बिजली और नल को ठीक करने के दिए निर्देश

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छत्तीसगढ़ की खनिज विविधता है देश की आर्थिक समृद्धि का आधार – खनिज सचिव श्री पी. दयानंद....... सामरिक एवं रणनीतिक खनिजों के तकनीकी सहित विभिन्न पहलुओं पर हुई विस्तृत चर्चा

रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में उपलब्ध सामरिक एवं रणनीतिक महत्व के खनिजों के सुव्यवस्थित अन्वेषण एवं दोहन के संबंध में राजधानी रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाउस के कन्वेंशन हॉल में एकदिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला के शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री के सचिव एवं खनिज संसाधन विभाग के सचिव श्री पी. दयानंद ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से परिपूर्ण एक समृद्ध राज्य है, जहाँ 28 प्रकार के प्रमुख खनिज जैसे—कोयला, चूना पत्थर, डोलोमाइट, लौह अयस्क, बाक्साइट, टिन अयस्क के साथ-साथ लीथियम, कोबाल्ट तथा रेयर अर्थ एलिमेंट्स जैसे सामरिक एवं परमाणु महत्व के खनिज प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि नेशनल प्रोग्राम ऑन एक्सप्लोरेशन स्ट्रैटेजी तथा नेशनल मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट (NMET) के अंतर्गत संचालित प्रयासों को और अधिक गति प्रदान करने के उद्देश्य से इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इसका लक्ष्य राष्ट्रीय अन्वेषण एजेंसियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना तथा राज्य में रणनीतिक खनिज परियोजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन की दिशा में ठोस कदम उठाना है।

इस कार्यशाला का आयोजन खनिज संसाधन विभाग तथा छत्तीसगढ़ भूविज्ञान एवं खनन संचालनालय द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इसका उद्देश्य भारत की क्रिटिकल मिनरल्स क्षमता के समुचित दोहन हेतु वैज्ञानिक अन्वेषण तकनीकों को प्रोत्साहित करना, प्रस्ताव प्रस्तुतिकरण प्रणाली को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना तथा राष्ट्रीय स्तर की रणनीतिक अन्वेषण नीतियों में राज्य की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करना था।

कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के श्री रविकांत गुप्ता ने छत्तीसगढ़ की भूवैज्ञानिक विशेषताओं एवं ओजीपी क्षेत्रों की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड के श्री भुवनेश्वर कुमार ने लीथियम, कोबाल्ट, ग्रेफाइट, निकल, टंगस्टन, फॉस्फेट जैसे खनिजों की खोज हेतु आधुनिक भू-भौतिकीय एवं भू-रासायनिक तकनीकों पर आधारित प्रस्तुति दी, जिससे अधिकारियों को नवीनतम विधियों की जानकारी प्राप्त हुई। एनएमईटी से श्री अक्षय वर्मा ने प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया, वित्तीय सहायता एवं अनुदान नीतियों की जानकारी साझा करते हुए एनएमईटी के अंतर्गत उपलब्ध अवसरों को रेखांकित किया और राज्य की अधिक सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया।

*वैश्विक खनिज आपूर्ति श्रृंखला में छत्तीसगढ़ की भूमिका पर बल*

कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि छत्तीसगढ़ की खनिज विविधता और गुणवत्ता इसे वैश्विक खनिज आपूर्ति श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण कड़ी बना सकती है। उन्होंने सुझाव दिया कि खनिज उत्पादन, बाज़ार मांग और भविष्य की संभावनाओं के बीच संतुलन स्थापित कर राज्य खनिज आधारित औद्योगिक विकास का नेतृत्व कर सकता है।

समापन सत्र में राज्य में अब तक किए गए खनिज सर्वेक्षणों, उनके निष्कर्षों एवं प्रस्तावित परियोजनाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने तकनीकी दक्षता तथा अंतर-विभागीय समन्वय को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया। भूविज्ञान एवं खनन संचालनालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि खनिज संसाधन किसी भी राज्य की आर्थिक प्रगति का मूल आधार होते हैं। कार्यशाला ने यह स्पष्ट किया कि पारदर्शी, तकनीकी रूप से सक्षम एवं समयबद्ध प्रक्रियाएं अपनाकर छत्तीसगढ़ न केवल निजी एवं सार्वजनिक निवेश को आकर्षित कर सकता है, बल्कि राष्ट्रीय रणनीतिक खनिज नीति में भी अग्रणी भूमिका निभा सकता है। सभी प्रतिभागियों ने खनिज आधारित सतत औद्योगिक विकास हेतु संयुक्त प्रयास और दीर्घकालिक रणनीतिक दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दिया।

इस अवसर पर कार्यशाला में आईआईटी धनबाद के प्रो. साहेंद्र सिंह, आईबीएम के श्री प्रेम प्रकाश, संचालक श्री रजत बंसल, संयुक्त संचालक श्री अनुराग दीवान एवं श्री संजय कनकाने सहित विभिन्न केंद्रीय एवं राज्य स्तरीय एजेंसियों, अनुसंधान संस्थानों, नीति सलाहकारों एवं तकनीकी विशेषज्ञों ने सहभागिता की।

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प्रेम संबंध और चरित्र शंका से किया गया ट्रिपल हत्याकांड का जशपुर पुलिस-ने किया पर्दाफाश......बेल्ट से गला घोंट कर तीनो की थी हत्या......आरोपी साउथ इंडिया फरार होने का प्लान कर रहा था,रांची से धर दबोचा गया,

जशपुर :-जशपुर जिले में बीते दिन एक सनसनीखेज मामला सामने आया था ।तपकरा थाना क्षेत्र के ग्राम साजबाहर में आरोपी प्रमोद गिद्धी 36 वर्ष ने चरित्र शंका को लेकर एक महिला और दो मासूमों की बेल्ट से गला घोंटकर उतियाल नाला के बालू में दफन कर फरार हो गया था इस ट्रिपल मर्डर से पूरे इलाके में सनसनी फ़ैल गई थी। वहीं अब पुलिस ने ट्रिपल मर्डर करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

     पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार तपकरा पुलिस  23 जून को मुखबिर से सूचना मिला कि एक व्यक्ति शराब के नशे में कही बोल रहा था कि वह थाना तपकरा क्षेत्र के साजबहार (उतियाल नदी) में 01 महिला और 02 बच्चों को मारकर नदी के किनारे दफना दिया है, इस सूचना पर स्वयं पुलिस की टीम तत्काल साजबहार (उतियाल नदी) में जाकर तस्दीक करने मौके पर गई एवं 02 घंटे तक मशक्कत कर उभार वाले रेत को बारी-बारी से हटाकर देखने पर 01 लड़का बच्चा (उम्र लगभग 06 साल) एवं 01 बच्ची (उम्र लगभग 14 साल) का शव मिला एवं कुछ दूर आगे जंगल में 01 महिला (उम्र लगभग 36 साल) का शव मिला, जिसका पहचान परिजनों एवं साजबहार के ग्रामवासियों द्वारा की गई। इसके बाद पुलिस ने अपनी विवेचना प्रारंभ की।
                      विवेचना दौरान ज्ञात हुआ कि मृतका सुभद्रा ठाकुर का गाँव के ही प्रमोद गिद्धी से सम्बंध है, यही व्यक्ति था जो पहले इस तरह की बातें किया था और वह फरार भी है, उसके बाद पुलिस की टीम उसकी खोजबीन में लग गई। प्रमोद गिद्धी के सारे दोस्त एवं रिश्तेदारों के यहां पुलिस की अलग-अलग टीम लगातार दबिश दे रही थी, 

  पुलिस ने रांची से किया आरोपी को गिरप्तार

प्रमोद गिद्धी पहले भी रांची में काम करने गया था, इसी संभावना पर से एक टीम प्रत्याशा में रांची की ओर भेजी गई थी, इसी दौरान टेक्निकल टीम द्वारा सूचना मिला कि वह रांची में मौजूद है इस पर तत्काल दबिश देकर भाग रहे आरोपी प्रमोद गिद्धी को अभिरक्षा में लिया गया, इस दौरान आरोपी को लाते समय रास्ते में इंट्रोगेशन के दौरान पता चला कि उसने आत्महत्या करने के इरादे से लगभग 08 घंटा पूर्व जहर का सेवन कर लिया है, पुलिस द्वारा तत्काल उसे जशपुर अस्पताल में एडमिट कराया गया। आरोपी के इलाज होने के बाद अब हालत स्थिर है, पूछताछ में आरोपी ने प्रेम संबंध और चरित्र शंका पर सुभद्रा ठाकुर की बेल्ट गला घोंटकर हत्या की, उसके बाद दोनों बच्चों को भी बारी-बारी से हत्या किया। आरोपी ने उक्त अपराध को घटित करना स्वीकार कर लिया है।
                              उक्त कार्यवाही में उप पुलिस अधीक्षक श्री भावेश समरथ, निरीक्षक संदीप कौशिक, उप निरीक्षक नसरुद्दीन अंसारी,स.उ.नि. हरिशंकर राम, स.उ.नि. नसरुद्दीन खान, HC मिराज किस्पोट्टा एवं अन्य सम्मिलित रहे। 
                              एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह द्वारा घटना के संबंध में बताया गया है किः- *" तिहरे हत्याकांड के आरोपी को पकड़ना पुलिस के लिए बहुत बड़ी चुनौती थी, 05 अलग-अलग पुलिस की टीम बनाकर संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही थी, अंततः प्रत्याशा में रांची भेजी गई एक टीम द्वारा उसे गिरफ्तार कर लाया गया है, गिरफ्तारी में सम्मिलित पुलिस टीम को नगद ईनाम नाम से पुरस्कृत किया गया है।"

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रोहतक पहुंचकर स्वर्गीय परमेश्वरी देवी को मुख्यमंत्री श्री साय ने अर्पित की श्रद्धांजलि

रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज हरियाणा के रोहतक पहुंचे, जहाँ उन्होंने हरियाणा सरकार के पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के निवास सिंधु भवन पहुंचकर शोक संवेदनाएँ व्यक्त कीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कैप्टन अभिमन्यु की पूज्य माताजी श्रीमती परमेश्वरी देवी जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने शोकाकुल परिजनों से भेंट कर उन्हें सांत्वना दी तथा ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

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जशपुर के कल्याण आश्रम में रानी दुर्गावती की पुण्यतिथि पर हुआ कार्यक्रम ......रानी दुर्गावती का बलिदान हमारे लिए  प्रेरणादायी है - हेमा शर्मा 

जशपुर : कल्याण आश्रम जिला महिला समिति द्वारा महोबा के प्रसिद्ध चंदेल वंश की वंशज और गढ़ा-कटंगा के गोंड साम्राज्य की रानी, स्वाभिमान और बलिदान की प्रतिमूर्ति, रानी दुर्गावती की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि  देने हेतु नगर के कल्याण आश्रम में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया । 
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती हेमा शर्मा सदस्य  बाल कल्याण समिति जशपुर एवं मुख्य वक्ता श्रीमती अर्चना अग्रवाल सदस्य किशोर न्याय बोर्ड जशपुर ने रानी दुर्गावती के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।  


इस अवसर पर  कार्यक्रम की मुख्य अतिथि हेमा शर्मा ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए बताया कि रानी दुर्गावती गढा राज्य की महारानी थी । इनका जन्म 5 अक्टूबर 1524 को कलिंजर दुर्ग में  दुर्गा अष्टमी के दिन 
हुआ था इसी कारण इनका नाम दुर्गावती रखा गया । 24 जून 1564 को 39 वर्ष की अल्पायु में इनका निधन हो गया था । रानी दुर्गावती का नाम भारतीय इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज ऐसा नाम है जिन्होंने मुग़ल शासकों को मुंह की खाने पर मजबूर कर दिया था । ये बाल्यकाल से ही घुड़सवारी, तलवारबाजी , तीरंदाजी युद्ध कलाओं में निपुण थी । इन्हें अपने पति की मृत्यु के उपरांत गढ़मंडला का शासन संभालना पड़ा उस समय इनके पुत्र की आयु मात्र 5  वर्ष थी । इन्होंने गढ़मण्डला में 16  वर्ष तक शासन कर कुशल प्रशासक के रूप में अपनी छवि निर्मित की । रानी दुर्गावती ने अपनी मातृभूमि और आत्म सम्मान की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया । मातृभूमि की रक्षा हेतु इनका महान बलिदान हमें युगों-युगों तक 'राष्ट्र प्रथम' के भाव से पोषित करता रहेगा।
इस अवसर पर कार्यक्रम की मुख्य वक्ता श्रीमती अर्चना अग्रवाल ने अपने वक्तव्य में कहा कि रानी दुर्गावती 16 वीं शताब्दी की एक महान गोंडवाना शासक थी । जिन्होंने मुग़ल साम्राज्य के ख़िलाफ़ अपने राज्य की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ी । 1564 में मुग़ल शासक अकबर ने रानी दुर्गावती के राज्य पर आक्रमण कर दिया जिसका रानी ने वीरता पूर्वक सामना किया अंततः मुग़ल सेना रानी दुर्गावती की सेना पर भारी पड़ने लगे तो रानी दुर्गावती ने आत्म समर्पण करने की बजाय अपनी तलवार से ख़ुद को मार डाला और वीरगति प्राप्त की । रानी दुर्गावती को अपनी वीरता और साहस के लिए याद किया जाता है । उन्हें आज एक महान योद्धा , एक महान शासक और नारी सशक्तिकरण के रूप में याद किया जाता है । 
कार्यक्रम का संचालन आर्या पाठक ने किया ।इस कार्यक्रम में कल्याण आश्रम जिला महिला समिति की अध्यक्ष जगन्ती भगत , जिला महिला प्रमुख कल्याण आश्रम उर्मिला ,कल्याण आश्रम नगर महिला समिति सचिव अनिता पैंकरा , प्रांत संगठन मंत्री महेश्वर सिंह , जिला संगठन मंत्री रवींद्र शिखर  , विद्यालय की प्राचार्य जयमुनि सिंह ,शिक्षिका सोनम सोनी सहित काफ़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थी ।

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*मध्य क्षेत्रीय परिषद की अगली बैठक का आयोजन बस्तर में होगी*

रायपुर / मध्य क्षेत्रीय परिषद की वाराणसी में आयोजित 25वीं बैठक के दौरान यह जानकारी दी गई कि अगली बैठक का आयोजन छत्तीसगढ़ के बस्तर में किया जाएगा। यह निर्णय देश के दूरस्थ और चुनौतीपूर्ण अंचलों को राष्ट्रीय नीति-निर्धारण की मुख्यधारा में लाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। बस्तर जैसे क्षेत्र में इस स्तर की बैठक का आयोजन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के समावेशी विकास और सुशासन की नीति का सशक्त प्रतीक है।

बैठक के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने आशा व्यक्त की कि अगली परिषद बैठक तक बस्तर में नक्सल उन्मूलन की दिशा में उल्लेखनीय और निर्णायक प्रगति हो चुकी होगी। इस विश्वास के साथ, परिषद ने बस्तर क्षेत्र को शांति, स्थायित्व और विकास के एक मॉडल के रूप में प्रस्तुत करने का लक्ष्य रखा है। यह घोषणा राज्य और केंद्र के बीच बेहतर समन्वय और सामूहिक इच्छाशक्ति का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि बस्तर में इस तरह की उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन न केवल क्षेत्र के लिए गौरव की बात है, बल्कि इससे वहां के विकास को नई ऊर्जा भी प्राप्त होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से बस्तर अब संघर्ष का नहीं, संभावनाओं का प्रतीक बनने की ओर अग्रसर है।

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मध्य क्षेत्रीय परिषद केन्द्र और राज्यों के बीच सहयोग और समन्वय का सशक्त मंच...मध्य भारत के विभिन्न क्षेत्रों के विकास की नई दिशा मिली : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर /उत्तरप्रदेश के वाराणसी में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 25वीं बैठक में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह परिषद केन्द्र और राज्यों के बीच सहयोग और समन्वय का सशक्त मंच बन चुकी है, जिसके माध्यम से छत्तीसगढ़ सहित मध्य भारत के विभिन्न क्षेत्रों के विकास को नई दिशा मिली है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में मध्य क्षेत्रीय परिषद ने ठोस योगदान दिया है। छत्तीसगढ़ राज्य की अर्थव्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा, सांस्कृतिक पर्यटन और बुनियादी ढांचे के विकास में परिषद की भूमिका निर्णायक रही है।

*नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक बढ़त, बस्तर में विकास का नया युग

मुख्यमंत्री श्री साय ने नक्सल समस्या पर बोलते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय से छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध बड़ी सफलता मिली है। बसवराजू और सुधाकर जैसे शीर्ष नक्सली नेताओं के न्यूट्रलाइज होने को उन्होंने नक्सलवाद की रीढ़ टूटने जैसा करार दिया। उन्होंने बताया कि बस्तर के विकास के लिए बोधघाट-महानदी इंद्रावती लिंक जैसी कई हजार करोड़ की परियोजनाओं पर भी हम काम कर रहे हैं। रावघाट-जगदलपुर रेललाइन परियोजना को मिली मंजूरी भी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

विकास और सुशासन की दिशा में ठोस कार्य

मुख्यमंत्री ने परिषद को अवगत कराया कि पिछली बैठक में दिए गए सुझावों पर तेजी से अमल हुआ है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 28 नई बैंक शाखाएं, डॉयल-112 सेवा का विस्तार, 82 हजार से अधिक बच्चों को कुपोषण से बाहर निकालना जैसी उपलब्धियाँ राज्य के विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों ने स्थानीय खेल और सांस्कृतिक प्रतिभाओं को मंच दिया है। आयुष्मान भारत योजना के तहत 87.2 प्रतिशत नागरिकों को कार्ड वितरित किए जा चुके हैं, और 1075 में से 1033 शासकीय अस्पताल इससे जोड़े जा चुके हैं।

ऊर्जा, निवेश और औद्योगिक विकास में राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद राज्य को अब तक 5.5 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें 3.5 लाख करोड़ पावर सेक्टर से हैं। छत्तीसगढ़ देश में विद्युत उत्पादन में दूसरे स्थान पर है और 2030 तक प्रथम स्थान का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में 23 घंटे 27 मिनट और शहरी क्षेत्रों में 23 घंटे 51 मिनट की औसत विद्युत आपूर्ति राज्य के ऊर्जा प्रबंधन की दक्षता को दर्शाता है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत 6 लाख घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का कार्य प्रगति पर है।

सुगम सेवाएँ, सशक्त पंचायतें और नई श्वेत क्रांति

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में डेढ़ लाख से अधिक सोलर कृषि पंप किसानों को सिंचाई सुविधा प्रदान कर रहे हैं। एनडीडीबी के साथ हुए एमओयू से राज्य में दुग्ध उत्पादन में नया विस्तार होगा। अटल डिजिटल सुविधा केंद्र पंचायतों में डिजिटल सुशासन के सेतु बन रहे हैं और लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के प्रभावी क्रियान्वयन से सेवाओं की पारदर्शी और समयबद्ध डिलीवरी सुनिश्चित हुई है।

विकास और सुशासन में छत्तीसगढ़ बना मॉडल राज्य

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के अभियान में पूरी निष्ठा से सहभागी है। मध्य क्षेत्रीय परिषद के माध्यम से संवाद और समन्वय का यह मंच छत्तीसगढ़ को और भी आगे ले जाने में सहायक सिद्ध हो रहा है।

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कलेक्टर ने निर्माण एजेंसी को सड़क की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के दिए निर्देश..... किसानों के लिए बनाएं किसान क्रेडिट कार्ड 

जशपुर / कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने मंगलवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय सीमा की बैठक लेकर मुख्यमंत्री जनदर्शन कलेक्टर जनदर्शन, टीएल के प्रकरणों की जानकारी ली और लंबित प्रकरणों का निराकरण गंभीरता से करने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर ने समीक्षा के दौरान सभी निर्माण एजेंसी को सड़क,पूल पुलिया के निर्माण कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। किसी भी स्थिति में गुणवत्ता के साथ समझौता नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि बारिश का मौसम है खेती बाड़ी का सीजन चालू हो गया है किसानों के लिए प्राथमिकता से किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के निर्देश दिए है ताकि किसानों को खाद बीज लेने में आसानी हो सके।
    इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार सहायक कलेक्टर श्री अनिकेत अशोक अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू सभी एसडीएम जनपद सीईओ और जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

कलेक्टर ने समीक्षा के दौरान सभी अधिकारियों से अपने विभाग के निलंबित अधिकारियों और कर्मचारियों की जानकारी मांगी है साथ ही उनका मुख्यालय कहां दिया गया है। उनकी नियमित उपस्थिति और वर्तमान में उनके कार्यों की गतिविधियों की जानकारी देने भेजने के लिए कहा हैं। 
कलेक्टर ने केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान की भी समीक्षा की और जिले में चिन्हांकित 417 ग्राम पंचायतों में सभी केन्द्र और राज्य शासन की योजनाओं का लाभ देने के निर्देश दिए हैं। 

उन्होंने चिन्हांकित गांव में , आश्रम छात्रावास, आंगनबाड़ी, सड़क, बिजली, पानी, की सुविधा और गांव के प्रत्येक व्यक्ति का राशनकार्ड, आयुष्मान कार्ड, किसानों का क्रेडिट कार्ड, ई श्रम कार्ड ,आय ,जाति, निवास, मोबाइल नेटवर्क की सुविधा आदि महत्वपूर्ण योजना का लाभ शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिन गांवों में आश्रम छात्रावास, आंगनबाड़ी, सड़क की आवश्यकता है उसका प्रस्ताव भेजने के लिए कहा है।

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शासकीय प्राथमिक विद्यालय दासडुमरटोली में विद्यालय प्रवेश उत्सव: नन्हे-मुन्नों का हुआ भव्य स्वागत, उज्ज्वल भविष्य की दी शुभकामनाएं

जशपुर : छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की शिक्षा के प्रति दूरदर्शी सोच और बच्चों के सुनहरे भविष्य की मंशा को साकार करते हुए जशपुर जिले में विद्यालयों में नए सत्र का आरंभ बड़े उत्साह और उमंग के साथ किया जा रहा है। इसी क्रम में जशपुर जिले के जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रमोद कुमार भटनागर के निर्देशन तथा विकासखंड शिक्षा अधिकारी जशपुर श्रीमती कल्पना टोप्पो के विशेष मार्गदर्शन में शासकीय प्राथमिक शाला दासडुमरटोली में विद्यालय प्रवेश उत्सव बड़े धूमधाम और गरिमामयी माहौल में संपन्न हुआ। इस अवसर ने न केवल बच्चों में शिक्षा के प्रति उत्साह जगाया बल्कि अभिभावकों को भी सरकारी विद्यालयों में उत्कृष्ट शिक्षा की ओर आकर्षित किया।

भव्य स्वागत से खिले नन्हे-मुन्नों के चेहरे

विद्यालय परिसर इस अवसर पर उत्सव स्थल में तब्दील हो चुका था। नन्हे-मुन्ने बच्चों का स्वागत परंपरागत रीति से किया गया। छोटे-छोटे बच्चों के माथे पर तिलक-चंदन लगाया गया, आरती उतारी गई और पुष्प वर्षा से उनका अभिनंदन किया गया। उनका पहला विद्यालय आगमन पूरे ग्राम समुदाय के लिए उत्सव जैसा दृश्य प्रस्तुत कर रहा था। बच्चों के मासूम चेहरे पर मुस्कान और उनकी आंखों में सपनों की चमक हर किसी का मन मोह रही थी।

गौरवमयी उपस्थिति ने बढ़ाई कार्यक्रम की शोभा

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वार्ड क्रमांक 12 के पंच श्री विक्रम भगत और विशिष्ट अतिथि वार्ड क्रमांक 13 की पंच श्रीमती बबीता भगत रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री टुमनू गोसाई ने की। इनके अतिरिक्त शाला की प्रधानपाठिका श्रीमती फिरदौस खानम, सहायक शिक्षक श्री मुकेश कुमार, विद्यालय के अन्य शिक्षकगण,, नॉन टीचिंग स्टाफ, ग्राम के गणमान्य नागरिक, पालकगण एवं विद्यालय के पूर्व छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना से हुआ शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने अपने हाथों से बनाए पुष्पगुच्छ देकर सभी अतिथियों एवं उपस्थित पालकों का आत्मीय स्वागत किया। प्रधानपाठिका श्रीमती फिरदौस खानम द्वारा स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया गया, जिसमें उन्होंने विद्यालय की उपलब्धियों, शैक्षिक वातावरण और आगामी योजनाओं की जानकारी दी।

उत्सव में बिखरी प्रेरणादायी संदेशों की सुगंध

मुख्य अतिथि श्री विक्रम भगत और सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री टुमनू गोसाई ने बच्चों को आशीर्वाद स्वरूप तिलक चंदन लगाया, पाठ्यपुस्तकें और गणवेश वितरित किए। श्री गोसाई ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा, “आज की पीढ़ी को 21वीं सदी की चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप खुद को तैयार करना होगा। पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों में अच्छे संस्कार, अनुशासन और आत्मनिर्भरता विकसित करना आवश्यक है। हमारे शासकीय विद्यालय किसी भी प्राइवेट स्कूल से कम नहीं हैं। यहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है।”

उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया कि वे सरकारी स्कूलों पर भरोसा करें और अपने बच्चों का नामांकन शासकीय विद्यालयों में कराएं ताकि सभी को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल सके।

विशिष्ट अतिथि श्रीमती बबीता भगत ने अपने संबोधन में कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप विद्यालय में शिक्षा की ऐसी व्यवस्था की गई है जिससे बच्चों का शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास हो सके। उन्होंने कहा कि बच्चों में पढ़ने-लिखने, सोचने-समझने और विचार अभिव्यक्ति की क्षमता विकसित करने के लिए शिक्षक, अभिभावक और विद्यार्थी मिलकर प्रयास करें।

शिक्षकों का संदेश: शिक्षा ही असली पूंजी

प्रधानपाठिका श्रीमती फिरदौस खानम ने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने, स्वच्छता का ध्यान रखने, बड़ों का आदर करने और विद्यालय की गतिविधियों में सक्रिय भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

विद्यालय के सहायक शिक्षक श्री मुकेश कुमार ने कहा कि आज की प्रतिस्पर्धा भरी दुनिया में अंग्रेजी भाषा, हिंदी और गणित जैसे विषयों में दक्षता जरूरी है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं विद्यालय में अतिरिक्त इंग्लिश स्पोकन क्लास संचालित करेंगे ताकि बच्चों को अंग्रेजी बोलने में आत्मविश्वास मिले और वे भविष्य में किसी भी चुनौती का सामना कर सकें। उन्होंने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

आभार और समापन

कार्यक्रम का संचालन भी श्री मुकेश कुमार ने अत्यंत कुशलता और सजीवता से किया। कार्यक्रम के अंत में प्रधानपाठिका श्रीमती फिरदौस खानम ने सभी अतिथियों, पालकों और ग्रामवासियों का हृदय से आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय के शिक्षक, शिक्षिका, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, नॉन टीचिंग स्टाफ और ग्रामवासी बच्चों को उत्तम शिक्षा देने और विद्यालय को नए शिखर पर ले जाने के लिए एकजुट हैं।

सरकारी स्कूल: बच्चों का सुनहरा भविष्य

शासकीय प्राथमिक शाला दासडुमरटोली के इस विद्यालय प्रवेश उत्सव ने यह प्रमाणित किया कि सरकारी स्कूलों में न केवल पढ़ाई बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए भरपूर अवसर और संसाधन उपलब्ध हैं। यहां योग्य और समर्पित शिक्षकगण, आधुनिक शिक्षण पद्धतियां, नैतिक मूल्यों पर आधारित शिक्षा और बच्चों को प्रोत्साहित करने वाला माहौल है।

आज जब समाज में शिक्षा को लेकर अनेक विकल्प मौजूद हैं, तब यह कार्यक्रम अभिभावकों को यह सोचने पर मजबूर करता है कि सरकारी विद्यालय वास्तव में उनके बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कुंजी बन सकते हैं। सरकारी स्कूलों में मुफ्त पाठ्यपुस्तकें, गणवेश, मध्यान्ह भोजन, योग्य शिक्षकों का मार्गदर्शन और बच्चों के सर्वांगीण विकास पर बल देने वाली योजनाएं मौजूद हैं, जिससे बच्चों को प्राइवेट स्कूलों से कहीं बेहतर सुविधाएं और शिक्षा मिल रही है।

पेरेंट्स के लिए संदेश

शासकीय प्राथमिक शाला दासडुमरटोली सभी अभिभावकों का आह्वान करता है कि वे अपने बच्चों को इस विद्यालय में नामांकित करें और उनकी शिक्षा की मजबूत नींव रखें। यहां बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और नैतिक शिक्षा दी जाती है ताकि वे एक अच्छे नागरिक बन सकें और समाज तथा राष्ट्र की प्रगति में योगदान दें।

विद्यालय के इस सफल और प्रेरक आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया है कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर निरंतर ऊंचाई छू रहा है। विद्यालय प्रवेश उत्सव की यह गौरवमयी गाथा न केवल बच्चों के मन में पढ़ाई के प्रति उत्साह भरती है बल्कि अभिभावकों को सरकारी शिक्षा प्रणाली पर गर्व करने का अवसर भी देती है।

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काशी के कोतवाल' श्री काल भैरव जी के दरबार में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने की पूजा-अर्चना

रायपुर  : देवों के अधिदेव भगवान शंकर की पावन नगरी काशी में स्थित ‘काशी के कोतवाल’ श्री काल भैरव जी महाराज के दिव्य मंदिर में आज मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और देश के कल्याण हेतु प्रार्थना की।

इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने बाबा काल भैरव की विधिवत आराधना की और संपूर्ण राष्ट्र के लिए मंगलकामना की। उन्होंने कहा कि बाबा भैरवनाथ की कृपा समस्त देशवासियों पर निरंतर बनी रहे, यही मेरी प्रार्थना है। उन्होंने देश के नागरिकों के जीवन में सुरक्षा, समृद्धि और कल्याण के प्रकाश के निरंतर प्रवाह की कामना भी की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ राज्य की शांति, विकास और जनकल्याण की दिशा में अग्रसर यात्रा के लिए बाबा काल भैरव जी से आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ईश्वर की कृपा से प्रदेश और देश में सुशासन और समृद्धि का मार्ग और अधिक सुदृढ़ होगा।

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जिले में पहली बार एग्री -हॉटी क्रेता विक्रेता सम्मेलन का आयोजन....देश के कई राज्यों की कंपनियां होंगी शामिल.....किसान करेंगे एफ.पी.ओ. के जरिये क्रेता कंपनी से समझौता


जशपुरनगर / जिले में किसानों के विकास, कृषि - उद्यान एवं रेशम उत्पाद को बढावा देने "कृषि क्रांति" अभियान की शुरूआत जिला प्रशासन की पहल से शुरू की गई है, अभियान अंतर्गत जिला जशपुर में पहली बार क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का दो दिवसीय आयोजन जिला पंचायत जशपुर में किया जा रहा है। 28 तथा 29 जून 2025 तक आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम के प्रथम दिवस में क्रेता-विक्रेता परिचय एवं फसल विशेष संग्रहण, संरक्षण, प्रसंस्करण एवं कृषि, उद्यानिकी, रेशम एवं वन उत्पाद के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए गुणवत्ता नियंत्रण, मापदण्ड एवं नियमों की जानकारी प्रदान की जाने के साथ फसल प्रदर्शनी का आयोजन की जावेगी, तथा द्वितीय दिवस 29 जून.2025 को विभिन्न राज्यों से आये उद्यमियों को किसान के खड़ी फसलों के भ्रमण का कार्यक्रम तय किया गया है। सम्मेलन में जिले के प्रगतिशील कृषक, देश के कई राज्यों की उद्यमी, निर्यातक के विशेषज्ञ, लघु वनोपज संघ के प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। जिला प्रशासन की ओर से राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर के कई कृषि संबंद्ध कंपनियों से संपर्क किया गया है, जिसमें अधिक से अधिक कंपनियों के प्रतिनिधी के भाग लेने की संभावना है। जशपुर जिले में जैविक उत्पादों का बहुत बड़ा बाजार है, तथा जंगल में काफी मात्रा में औषधीय, वन उपज उपलब्ध है जिसके साथ ही जिले में अधिक मात्रा में रेशम पालन की जाती है। इस सम्मेलन के माध्यम से जिले के किसानों को अपने उत्पाद को अधिक मूल्य में बेचने के लिए एक प्लेटफार्म तैयार किया जा रहा है, तथा किसानों को अपने उत्पाद के वर्तमान स्थिति, चुनौती और बाजार को समझने के साथ भविष्य की योजना तैयार करने में मदद मिलेगी, किसान एफ.पी.ओ. के माध्यम से उत्पाद संग्रहण कर क्रेता कंपनी को विक्रय करेंगे, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी। सम्मेलन में नाशपाती, आम फसल कृषकों के मध्य प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जावेगा ।

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मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की पहल पर श्रवण दोष से पीड़ित  बुंदा लकड़ा  को प्रदान किया गया श्रवण यंत्र खुशी जाहिर कर मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद

मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की पहल पर श्रवण दोष से पीड़ित  बुंदा लकड़ा  को प्रदान किया गया श्रवण यंत्र
खुशी जाहिर कर मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद
जशपुरनगर, : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा स्थापित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और आवश्यक सहायताएं उपलब्ध कराने में संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रहा है। इसी कड़ी में श्रवण दोष से पीड़ित श्रीमती बुंदा लकड़ा को  श्रवण यंत्र प्रदान किया गया।
 ग्राम पाकरगांव, तहसील पत्थलगांव की श्रीमती लकड़ा ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत कर श्रवण यंत्र प्रदान करने की मांग की थी। आवेदन में उन्होंने अपनी कठिनाई को साझा करते बताया कि सुनने में असमर्थता के कारण उन्हें दैनिक जीवन में अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
   मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय ने उनके आवेदन को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की और उन्हें उनके गांव  जाकर श्रवण यंत्र उपलब्ध कराया गया। श्रवण यंत्र प्राप्त होने पर श्रीमती बुंदा लकड़ा ने अत्यंत प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताया और कहा कि यह उनके लिए एक नई जिंदगी की शुरुआत जैसा है।

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कलेक्टर ने खाद्य एवं सम्बद्ध विभागों की ली समीक्षा बैठक,,,,मांग अनुसार आपूर्ति हेतु दिए निर्देश

 जशपुर, / जिले में खाद्य एवं सम्बद्ध विभागों के कार्यों की समीक्षा हेतु सोमवार को कलेक्टर रोहित व्यास द्वारा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कलेक्टर ने जिले में खरीफ फसलों के लिए आवश्यक खाद एवं बीजों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने जिले में एनपीके, डीएपी, यूरिया, सुपरफास्फेट आदि के संग्रहण एवं वितरण की स्थिति की जानकारी लेते हुए प्रत्येक किसान को मांग अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिले में हाइब्रिड अनुत्पादक या नकली बीजों को लेकर सतर्क रहते हुए किसानों द्वारा शिकायत प्राप्त होने पर तुरंत उसकी जांच करवाने के निर्देश दिए।
            उन्होंने सहकारिता विभाग के अंतर्गत प्राथमिक साख समितियों की नियमानुसार 30 जून तक ऑडिट पूर्ण कराने को कहा। उन्होंने जिले में रिक्त सहकारिता विस्तार अधिकारियों के पदों के लिए राज्य शासन को मांग भेजने के लिए निर्देश दिए। उन्होंने मिलर्स द्वारा धान उठाव, माइक्रो एटीएम, अपेक्स बैंक द्वारा केसीसी निर्माण आदि पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने सभी पीडीएस केंद्रों के माध्यम से तीन माह का चावल नियमानुसार एकमुश्त वितरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि 3 माह का राशन वितरण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी होती है तो संबंधित केंद्र संचालकों पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
       कलेक्टर ने राशन कार्ड से मृत व्यक्तियों का नाम विलोपित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी खाद्य निरीक्षकों को जिले के नगरीय क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से एलपीजी के अतिरिक्त अन्य परंपरागत ईंधनों के प्रयोग को रोकने के निर्देश दिये। उन्होंने सभी दुकान, होटल एवं अन्य व्यवसायिक संस्थानों में व्यवसायिक एलपीजी सिलेंडर का उपयोग को सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सहकारी समितियों की ऑनलाइन ऑडिट में विलंब को देखते हुए 30 जून तक ऑडिट ना पूर्ण होने पर संबंधित अधिकारी- कर्मचारी पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस बैठक में सहायक कलेक्टर अनिकेत अशोक, जिला खाद्य अधिकारी आशीष कुमार चतुर्वेदी सहित कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, अपेक्स बैंक, नान, सहकारिता निरीक्षक, खाद्य निरीक्षक उपस्थित रहे।

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जनदर्शन में कलेक्टर ने सुनी आमजनों की समस्याएं,आवेदनों के समयबद्ध निराकरण को लेकर अधिकारियों को दिए निर्देश

जशपुरनगर / कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज सोमवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित जनदर्शन में आम नागरिकों की समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों का गंभीरतापूर्वक अवलोकन कर संबंधित विभागों के अधिकारियों को  प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए।
   इसके साथ ही उन्होंने प्राप्त आवेदनों का निराकृत होने पर उसकी सूचना संबंधित व्यक्ति को देने के लिए कहा, ताकि उनको अनावश्यक रूप से भटकना न पड़े। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने कहा कि शासन की मंशा है कि आम जनता को त्वरित और प्रभावी रूप से शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ मिले। जनदर्शन के माध्यम से आमजन सीधे प्रशासन से जुड़कर अपनी समस्याएं साझा कर सकते हैं और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर पात्र व्यक्ति को समयबद्ध समाधान प्राप्त हो। 
     आज जनदर्शन में कुल 59 आवेदन प्राप्त हुए।  इसमें मुख्य रूप से राजस्व संबंधी मामले, स्कूल में प्रवेश, बारिश के दौरान उत्पन्न होने वाली समस्याओं के निराकरण संबंधित मामले सहित विभिन्न विषयों से संबंधित मांगें शामिल थीं।

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नवा रायपुर में सुरक्षा बलों के जवानों के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया संवाद.... जल्द ही देश नक्सलवाद से मुक्त होगा, वो क्षण आजादी के बाद के सबसे महत्वपूर्ण क्षणों में से एक होगा: अमित शाह

रायपुर / केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में सुरक्षा बलों के जवानों के साथ संवाद किया। बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्य मंत्री श्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, केन्द्रीय गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो के निदेशक, बीएसएफ के महानिदेशक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि आज यहाँ उपस्थित केंद्रीय सुरक्षा बलों, कोबरा टीम, छत्तीसगढ़ पुलिस बल और डीआरजी के साहस, शौर्य, बलिदान और समर्पण को नमन करता हूँ। उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि सुरक्षा बल के जवान अपने शौर्य और परिश्रम से ही नक्सलियों के साथ मुठभेड़ को सफल बनाते हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि सुरक्षा बलों ने जिस शौर्य, धैर्य और समर्पण के साथ  माओवादियों के बनाये अड्डों को तहस-नहस किया है, उसने विश्व के सभी सुरक्षा बलों को आश्चर्यचकित कर दिया है। उन्होंने कहा कि मुझे मालूम है कि सेना के जवान जो तय करते हैं, वो हासिल करते हैं। सुरक्षा बलों के इसी भरोसे से मैं देश में 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के खात्मे का ऐलान करता हूं।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि नक्सलवाद गरीब आदिवासी क्षेत्र के लिए बड़ी विभीषिका रही है, जिससे पिछले 35 साल में लगभग 40 हजार लोगों की मौत हुई है या फिर वो अपाहिज होकर जीवन व्यतीत कर रहे हैं ।नक्सलवादी हिंसा ने गरीब आदिवासी तक खाना, बिजली, शिक्षा, घर, शौचालय और पीने का शुद्ध पानी जैसे मूलभूत सुविधाओं को नहीं पहुंचने दिया और उद्योग को तो भूल ही जाइए। इतने लंबे वर्षों तक इतना बड़ा क्षेत्र गुलामी के कालखंड में जीने को मजबूर रहा। इसका मूल कारण नक्सलवाद है।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि मुझे आज आनंद है कि आज जिस क्षेत्र से नक्सलवाद खत्म होता है, वहां हमारी सरकार अनाज, स्वास्थ्य सुविधा, शिक्षा, बिजली, घर, शौचालय और पीने का शुद्ध पानी पहुंचाकर लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ रही है। उन्होंने कहा कि जब बच्चा हाथ में बंदूक की जगह पेंसिल पकड़कर क, ख, ग लिखता है, तो न सिर्फ एक क्षेत्र का बल्कि पूरे देश का भविष्य संवरता है। यह क्षण जल्द ही आने वाला है। 

केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में जब 31 मार्च, 2026 को देश नक्सलवाद से मुक्त होगा, वो क्षण आजादी के बाद का सबसे महत्वपूर्ण क्षणों में से एक होगा।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जब नक्सलवाद के खात्मे का इतिहास लिखा जायेगा, उसमे सुरक्षा बलों के जवानों का त्याग, बलिदान और परिश्रम स्वर्णिम अक्षरों से अंकित होगा।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में ‘लियोर ओयना’ - नक्सलियों द्वारा आदिवासियों के भीषण संहार और बस्तर को बचाने के  प्रयासों पर लिखित पुस्तक का लोकार्पण भी किया। नक्सलियों ने जिन मासूम, निहत्थे लोगों को अपनी हिंसा का शिकार बनाया है, उनकी पीड़ा समझने में यह पुस्तक सहायक होनेवाली है। यह पुस्तक ह्यूमन राईट के नाम पर नक्सलियों से संवेदना दिखाने वालों के आँखों के आगे से पर्दा हटाने और उन्हें एक्सपोज करने में भी उपयोगी सिद्ध होगी।

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नाला किनारे एक महिला और दो मासूम बच्चों की लाश मिलने का सनसनीखेज मामला....हत्या की आशंका..... पुलिस कर रही है विवेचना,,,विस्तार से जानने पढ़ें पूरी खबर

नदी किनारे एक साथ तीन लाश मिलने का मामला 

जशपुर :-तपकरा थाना के साजबहार में सोमवार को  उतियाल नाला किनारे तीन लाश मिलने से क्षेत्र दहल उठा. पुलिस ने प्रथम दृष्टया हत्या का मामला के संदेह में आरोपी को तलाश करने के लिए छापेमारी कर रही है.

तपकरा पुलिस को आज दिनांक सूचना मिला कि एक व्यक्ति प्रमोद गिद्धी शराब के नशे में ग्रामीणों को बोल रहा था कि थाना तपकरा क्षेत्र के साजबहार (उतियाल नदी) में 01 महिला और 02 बच्चों को मारकर नदी के किनारे दफना दिया है, इस सूचना पर पुलिस तत्काल साजबहार (उतियाल नदी) में तस्दीक करने मौके पर गई एवं उभार वाले रेत को हटाकर देखने पर 01 लड़का बच्चा (उम्र लगभग 06 साल) एवं 01 बच्ची (उम्र लगभग 11 साल) का शव मिला एवं कुछ दूर आगे जंगल में 01 महिला (उम्र लगभग 36 साल) का शव मिला, जिसका पहचान परिजनों एवं साजबहार के ग्रामवासियों द्वारा की गई है। मामले में मर्ग कायम कर जाॅंच कार्यवाही की जा रही है। प्रथम दृष्टया मामला हत्या का लग रहा है, मामले में अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण के हर पहलुओं की बारीकी से विवेचना की जा रही है।   
                              एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह द्वारा घटना के संबंध में बताया गया है किः- "प्रथम दृष्टया मामला हत्या का लग रहा है, चूंकि संदेही प्रमोद गिद्धी ने ग्रामीणों के समक्ष हत्या करने की बात बोला है एवं वह घटना के बाद से फरार है, अतः मुख्य संदेही प्रथम दृष्टया यही प्रतीत होता है, लेकिन पुलिस द्वारा घटना के सारे संभावित बिन्दुओं पर बारीकी से जाॅंच की जा रही है, अंतिम निष्कर्ष जाॅंच के बाद ही प्राप्त होगा।"

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