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हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए 30 जून से 2 जुलाई तक  जनपद  पंचयात कुनकुरी में शिविर आयोजित

जशपुर : जिले के सभी जनपद मुख्यालयो में एचएसआरपी नंबर प्लेट बनाने के लिए ब्लॉकवार  शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। जिले के नागरिकों की सुविधा के मद्देनजर यह पहल जिला परिवहन विभाग ने की है

     इसी के तहत कुनकुरी में 30 जून से 2 जुलाई तक हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRP) के लिए विशेष शिविर लगाया गया, जिसमें वाहन मालिक आसानी से आवेदन कर सकेंगे. शुल्क निर्धारित है और मोबाइल नंबर अपडेट की सुविधा भी दी जा रही.

     जिला परिवहन अधिकारी श्री निकुंज ने बताया है कि जिले के 2019 से पहले के पंजीकृत वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर लगवाने हेतु फॉर्म भरने के लिए परिवहन विभाग द्वारा 30 जून से 2 जुलाई  तक जनपद कार्यालय कुनकुरी, में शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

     ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए वाहन का पंजीयन प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, रजिस्टर्ड मोबाईल नंबर लाना आवश्यक है। इसके लिए शुल्क भी निर्धारित किया गया है। दो पहिया वाहन के लिए 466 रुपये, तीन पहिया वाहनों के लिए 528 रुपये, चार पहिया वाहनों के लिए 757 रुपये तथा भारी माल वाहनों के लिए 806 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। 

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रथ यात्रा महोत्सव : दोकडा में झारखंड के मशहूर कलाकारों ने लोक संस्कृति का बिखेरा रंग

*श्री जगन्नाथ

दोकड़ा : श्री जगन्नाथ रथ यात्रा महोत्सव के अंतर्गत मौसी बाड़ी प्रांगण में एक भव्य और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें झारखंड के सुप्रसिद्ध कलाकारों और डांस ग्रुप्स ने अपनी आकर्षक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।

श्री जगन्नाथ मंदिर समिति दोकड़ा द्वारा आयोजित इस रथ यात्रा महोत्सव में 9 दिनों तक चलने वाले धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत यह सांस्कृतिक संध्या विशेष आकर्षण का केंद्र रही।

कार्यक्रम की शुरुआत उर्मिला महतो के भावपूर्ण लोक गीतों से हुई, जिन्होंने पारंपरिक नागपुरी धुनों पर भक्तिरस से सराबोर प्रस्तुति दी। इसके बाद नितेश कच्छप की सजीव गायकी ने श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।

चिंता देवी ने अपनी लोकगीतों की प्रस्तुति से संस्कृति की आत्मा को स्वर प्रदान किया, जबकि रूपेश बड़ाइक ने सामाजिक और पारंपरिक विषयों पर आधारित गीतों से लोगों को भावविभोर किया।

मांदर सम्राट हुलास महतो ने अपने मांदर वादन और गायन से समां बांध दिया। उनकी प्रस्तुति के दौरान पूरा प्रांगण तालियों की गूंज से भर उठा।

नृत्य प्रस्तुतियों में भी स्थानीय और बाल कलाकारों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। वंशिका एवं लिटिल स्टार, भीम सुमन ग्रुप, बेबी खुशी डांस ग्रुप, और संगम दिव्या डांस ग्रुप ने पारंपरिक और आधुनिक नृत्य का सुंदर संगम प्रस्तुत किया, जिससे दर्शक झूमते नजर आए।

इस अवसर पर मौसी बाड़ी परिसर को विशेष रूप से सजाया गया था। मंच पर रंगीन रोशनी, पारंपरिक साज-सज्जा और सांस्कृतिक ध्वनि की गूंज ने वातावरण को भक्तिमय और उल्लासमय बना दिया।

कार्यक्रम में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, गणमान्य नागरिकों सहित हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे। मंदिर समिति के सदस्यों ने सभी कलाकारों का स्वागत किया ।

समिति के लोगों ने बताया कि रथ यात्रा के पावन अवसर पर प्रतिदिन विशेष पूजा, कीर्तन, भजन संध्या, झांकी, महाप्रसाद वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे जनमानस में आस्था और सांस्कृतिक चेतना का विस्तार हो रहा है।

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सौर ऊर्जा से संवरते सपने:भारी-भरकम बिजली बिल से राहत, अतिरिक्त अनुदान दे रही राज्य सरकार

रायपुर. . प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना पूरे देश की तरह बिलासपुर जिले के लोगों के लिए भी फायदेमंद साबित हो रही है। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि महंगाई के इस दौर में भारी-भरकम बिजली बिल से भी राहत मिल रही है। बिलासपुर की अशोक नगर निवासी श्रीमती अंजलि सिंह ने अपनी छत पर तीन किलोवाट का सोलर प्लांट स्थापित किया है। उन्होंने बताया कि इस सोलर प्लांट की कुल लागत एक लाख 85 हजार रुपए आई। इसमें केंद्र सरकार से 78 हजार रुपए की सब्सिडी भी मिली है।
     
श्रीमती अंजलि सिंह ने बताया कि सोलर प्लांट लगाने से पहले उसके घर का मासिक बिजली बिल ढाई से तीन हजार रुपए तक आता था। लेकिन अब उसका बिजली बिल आधा हो गया है। इससे उन्हें आर्थिक रूप से बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच से अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान मिल रहा है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना में अब राज्य सरकार भी केंद्र सरकार के साथ मिलकर उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचा रही है।      
     
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की कैबिनेट ने अक्षय ऊर्जा को प्रोत्साहन देने और बिजली उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना में 30 हजार रुपए तक का अतिरिक्त अनुदान देने का निर्णय लिया है। बिलासपुर की श्रीमती अंजलि सिंह ने बताया कि पहले बिजली चले जाने पर दिक्कतें होती थीं, बार-बार शिकायत करनी पड़ती थी। अब इन समस्याओं से छुटकारा मिल गया है। उन्होंने बताया कि आवेदन करने के दस दिनों के भीतर सेट-अप भी लग गया था। उन्होंने योजना के लिए सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि सोलर सिस्टम का रखरखाव बेहद सरल है और इसमें कोई अतिरिक्त खर्च नहीं आता है। उन्होंने हर व्यक्ति के लिए इसे उपयोगी बताते हुए इस योजना से जुड़ने का सुझाव दिया है।

*सरकार से मिल रही सब्सिडी, वेबसाइट या एप से कर सकते हैं पंजीयन*

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत स्थापित सोलर रूफ-टॉप संयंत्र विद्युत ग्रिड से नेट मीटरिंग के माध्यम से जोड़ा जाता है। उपभोक्ता अपनी जरूरत से अधिक बिजली का उत्पादन कर ग्रिड को सप्लाई कर सकते हैं, जिससे उनका बिजली बिल शून्य होने के साथ-साथ अतिरिक्त आय भी प्राप्त होती है। योजना के अंतर्गत एक किलोवाट का सोलर प्लांट स्थापित करने पर केंद्र सरकार से 30 हजार रुपए और राज्य सरकार से 15 हजार रुपए यानि कुल 45 हजार रुपए की सब्सिडी मिलती है। दो किलो वॉट पर केंद्र सरकार से 60 हजार रुपए और राज्य सरकार से 30 हजार रुपए तथा तीन किलोवाट का सोलर पैनल स्थापित करने पर केंद्र सरकार से 78 हजार रुपए और राज्य सरकार से 30 हजार रुपए यानि कुल एक लाख आठ हजार रुपए का अनुदान प्राप्त होगा। वेबसाइट https://pmsuryaghar.gov.in या पीएम सूर्यघर मोबाइल एप पर पंजीयन कराकर प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लिया जा सकता है।

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जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं ने सुनी प्रधानमंत्री मोदी के मन की बात का प्रसारण...दिखे उत्साहित

जशपुर :- प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा प्रस्तुत 'मन की बात' कार्यक्रम का श्रवण आज जशपुर जिले के विभिन्न बूथों पर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं, पार्षदों, बूथ अध्यक्षों एवं पदाधिकारियों द्वारा किया गया। इस अवसर पर जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, पूर्व प्रदेश महामंत्री कृष्ण कुमार राय, भाजपा जिलाध्यक्ष भरत सिंह सहित वरिष्ठ नेताओं ने अपने-अपने क्षेत्र के बूथों में कार्यकर्ताओं के साथ कार्यक्रम को सुना और संवाद किया।

विधायक रायमुनी भगत ने कहा:
"‘मन की बात’ केवल संवाद नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक सशक्त पहल है। प्रधानमंत्री जी समाज के हर वर्ग की भावनाओं को स्थान देते हैं, जिससे कार्यकर्ताओं को सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। हम सभी ने अपने-अपने बूथों में इसे सुनते हुए संकल्प लिया है कि मोदी जी के विचारों को आम जनता तक पहुंचाया जाएगा।"

पूर्व प्रदेश महामंत्री कृष्ण कुमार राय ने अपने उद्बोधन में कहा:
"प्रधानमंत्री जी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम जनता के साथ सरकार का आत्मीय संबंध स्थापित करता है। भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता इसे प्रेरणा के रूप में ले और समाज सेवा को प्राथमिकता दे — यही हमारी पहचान है।"

भाजपा जिलाध्यक्ष भरत सिंह ने कहा:
"जिले के सभी बूथों पर कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक 'मन की बात' कार्यक्रम में भाग लिया। यह कार्यक्रम हमारी विचारधारा, सेवा और संगठन के मूल्यों को मजबूती देता है। हम इस अभियान को सतत रूप से बूथ स्तर तक सक्रिय बनाए रखेंगे।"

उक्त जानकारी देते हुए जिला मीडिया प्रभारी फैज़ान सरवर खान ने बताया कि कार्यक्रम पश्चात बूथों में संगोष्ठियों का भी आयोजन हुआ, जिसमें कार्यकर्ताओं ने अपने विचार साझा किए और संगठन की आगामी योजनाओं पर चर्चा की।

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*स्वाभिमान और सुरक्षा का प्रतीक बनी चरण पादुका योजना.....तेंदूपत्ता संग्राहकों के सम्मान में ‘चरण पादुका योजना’ का पुनः शुभारंभ – मुख्यमंत्री श्री साय*

रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज दुर्ग जिले के जामगांव में महिला तेंदूपत्ता संग्राहकों को चरण पादुका पहनाकर ‘चरण पादुका योजना’ का पुनः शुभारंभ किया गया। प्रदेश के 12 लाख 40 हजार से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को अब यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की एक और गारंटी का प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार वनवासियों और तेंदूपत्ता संग्राहक भाइयों-बहनों के जीवन स्तर को सशक्त और सुरक्षित बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। चरण पादुका योजना उन परिश्रमी हाथों के प्रति हमारी कृतज्ञता का प्रतीक है, जो कठिन परिस्थितियों में वनोपज संग्रहण का कार्य करते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों का राज्य की अर्थव्यवस्था, वनोपज आधारित रोजगार और स्थानीय समृद्धि में अमूल्य योगदान है। उनकी मेहनत से ही छत्तीसगढ़ की वनोपज परंपरा जीवंत बनी हुई है और लाखों परिवारों को आजीविका का सहारा मिलता है। ‘चरण पादुका योजना’ हमारे संकल्प पत्र "मोदी की गारंटी" का महत्वपूर्ण वादा था, जिसे हमारी सरकार ने पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूरा किया है। यह योजना केवल चरण पादुका वितरण भर नहीं, बल्कि तेंदूपत्ता संग्राहकों के श्रम और स्वाभिमान का सम्मान है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस योजना के माध्यम से हम तेंदूपत्ता संग्राहकों के उस परिश्रम को नमन कर रहे हैं, जो जंगलों की पगडंडियों से होकर प्रदेश की समृद्धि तक पहुँचता है। सरकार उनके हर सुख-दुख में सहभागी है और उनके जीवन में गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य है।

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*मुख्यमंत्री श्री साय से केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने की सौजन्य मुलाकात*

रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में केंद्रीय राज्य मंत्री महिला एवं बाल विकास श्रीमती सावित्री ठाकुर ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रीमती ठाकुर के साथ प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के सर्वांगीण विकास के संकल्प के तहत विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों को सशक्त बनाने पर ध्यान दे रही है। उन्होंने बताया कि नक्सल प्रभावित बीजापुर, सुकमा, कांकेर, दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिलों में नियद नेल्लानार योजना के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 159 आंगनबाड़ी केंद्रों का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। यह पहल उन दुर्गम क्षेत्रों में शासन की योजनाओं को सीधे अंतिम पंक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी अवगत कराया कि महतारी वंदन योजना अंतर्गत मार्च 2024 से जून 2025 की अवधि में 70 लाख से अधिक महिलाओं को ₹10,431.30 करोड़ की राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है। इससे महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत आधार मिला है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीमती ठाकुर को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। मुलाकात के दौरान प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े और राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा उपस्थित थीं।

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फॉरेस्ट टू फार्मेसी मॉडल को साकार करने की दिशा में सरकार की ऐतिहासिक पहल....मुख्यमंत्री ने आयुर्वेदिक प्रसंस्करण इकाई और केन्द्रीय भंडार गृह परिसर का किया लोकार्पण

रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज दुर्ग जिले के पाटन विधानसभा के अंतर्गत ग्राम जामगांव (एम) में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित द्वारा निर्मित आधुनिक आयुर्वेदिक औषधि प्रसंस्करण इकाई एवं केन्द्रीय भंडार गृह परिसर तथा स्प्रेयर बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड द्वारा पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप अंतर्गत निर्मित हर्बल एक्सट्रेक्शन इकाई का लोकार्पण किया।

 मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि   प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को हमारी सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूरा कर रही है। हमारी सरकार डेढ़ वर्षों से लगातार विकास की दिशा में अग्रसर है। तीन करोड़ जनता से किए गए वचनों को हम प्राथमिकता से पूरा कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि  तीन नई हर्बल इकाइयों से लगभग दो हजार लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। छत्तीसगढ़ का 44 प्रतिशत भू-भाग वन क्षेत्र से आच्छादित है, जो हमारे लिए सौभाग्य का विषय है। आयुर्वेदिक औषधियों की कच्ची सामग्रियां जंगलों से एकत्र कर संयंत्रों तक पहुंचाई जाएंगी, जिससे वनवासियों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि यह प्रसंस्करण इकाई मध्य भारत की सबसे बड़ी इकाई है और आयुर्वेदिक औषधि निर्माण के क्षेत्र में एक मील का पत्थर सिद्ध होगी। इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयुर्वेदिक केंद्र के रूप में स्थापित होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए सरकार ने संग्रहण दर 4,500 रुपए से बढ़ाकर 5,500 रुपए प्रति मानक बोरा कर दी है, जिससे लगभग 13 लाख तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही पूर्ववर्ती सरकार में बंद की गई ‘चरण पादुका योजना’ को पुनः प्रारंभ किया गया है, जिसके अंतर्गत आज पांच हितग्राही महिलाओं को चरण पादुका वितरित की गईं।

मुख्यमंत्री ने लोगों से ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी माँ के नाम पर कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाना चाहिए और उसका संरक्षण करना चाहिए। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ ही माँ के प्रति सम्मान भाव भी बना रहेगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 44.10 प्रतिशत वनाच्छादित क्षेत्र है, जिससे वनोपज की बहुलता है। यह प्रसंस्करण इकाई मध्य भारत की सबसे बड़ी इकाई है। इसके प्रारंभ से वनोपज का संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन सुगम होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का वनोपज अब वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बनाएगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में 67 प्रकार की वनोपज का संग्रहण किया जाता है, जिससे 13 लाख 40 हजार वनवासियों को सीधा लाभ मिलेगा। श्री कश्यप ने कहा कि ‘मोदी की गारंटी’ के अनुरूप ‘चरण पादुका योजना’ को पुनः प्रारंभ किया गया है।

महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 स्वामी कैलाशनंद गिरी जी महाराज ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आयुर्वेदिक औषधियों की महत्ता पर प्रकाश डाला।

मुख्यमंत्री श्री साय ने लोकार्पण से पूर्व प्रसंस्करण इकाई परिसर में आंवला का पौधा रोपित किया। इसके साथ ही वन मंत्री श्री कश्यप ने सीताफल का पौधा, सांसद श्री विजय बघेल ने बेल तथा महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 डॉ. स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज ने भी सीताफल का पौधा रोपित किया।

उल्लेखनीय है कि आयुर्वेदिक प्रसंस्करण इकाई छत्तीसगढ़ की समृद्ध वन संपदा को विज्ञान और आधुनिक तकनीक से जोड़कर ‘फॉरेस्ट टू फार्मेसी मॉडल’ को साकार करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल है। 27.87 एकड़ क्षेत्र में 36.47 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित यह इकाई प्रतिवर्ष 50 करोड़ रुपए मूल्य के उत्पाद तैयार करेगी। यहां प्रदेश के वनों से प्राप्त औषधीय और लघु वनोपज – जैसे महुआ, साल बीज, कालमेघ, गिलोय, अश्वगंधा आदि का संगठित एवं वैज्ञानिक प्रसंस्करण कर चूर्ण, सिरप, तेल, टैबलेट एवं अवलेह जैसे गुणवत्तापूर्ण उत्पाद निर्मित होंगे। यह इकाई ‘छत्तीसगढ़ हर्बल्स’ ब्रांड के तहत प्रदेश के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाने का प्रमुख केंद्र बनेगी।

परियोजना के अंतर्गत 2,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित होगी, जिससे उन्हें स्वरोजगार मिलेगा। वहीं युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त होने से स्थानीय स्तर पर आजीविका के नए द्वार खुलेंगे। इकाई में आधुनिक वेयरहाउस की 20,000 मीट्रिक टन की संग्रहण क्षमता विकसित की गई है, जिससे मौसमी वनोपजों के दीर्घकालीन संरक्षण एवं गुणवत्ता नियंत्रण में सहायता मिलेगी। यह परियोजना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ एवं ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को साकार करती है। यह न केवल वन उत्पादों के स्थानीय मूल्य संवर्धन का उदाहरण प्रस्तुत करती है, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन, आर्थिक विकास और सामाजिक समावेशिता को भी सशक्त बनाती है।

*मुख्यमंत्री श्री साय की दिखी संवेदनशीलता: अपने हाथों से पहनाई चरणपादुका*

इस अवसर पर मानवीय संवेदनशीलता और सम्मान का अनूठा दृश्य भी देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ग्राम बढ़भुम (जिला बालोद) की हितग्राही श्रीमती शकुंतला कुरैटी को स्नेहपूर्वक अपने हाथों से चरण पादुका पहनाई।मुख्यमंत्री श्री साय की पहल से प्रेरित होकर वन मंत्री सहित अन्य अतिथियों ने भी हितग्राहियों – श्रीमती वैजयंती कुरैटी, श्रीमती निर्मला उईके, श्रीमती ललिता उईके तथा श्रीमती अघनतीन उसेंडी को अपने हाथों से चरण पादुका पहनाई। 

इस अवसर पर सांसद श्री विजय बघेल, विधायकगण श्री डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, श्री सम्पत लाल अग्रवाल, श्री ललित चन्द्राकर, श्री गजेन्द्र यादव एवं श्री रिकेश सेन, पूर्व मंत्री श्रीमती रमशीला साहू, पूर्व विधायक श्री दया राम साहू, महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 डॉ. स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज, स्थानीय आदिवासी स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम, वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा, वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव, छत्तीसगढ़ राज्य वनोपज संघ के प्रबंध संचालक श्री अनिल कुमार साहू एवं संघ के कार्यकारी अध्यक्ष श्री एस. मणिकासगन उपस्थित थे।

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*मुख्यमंत्री ने मोदी की सुनी  मन की बात' : प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विचारों ने बढ़ाया उत्साह, छोटे प्रयासों से बड़े बदलाव की अपील – मुख्यमंत्री श्री साय*

रायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ को सुना और इसे प्रेरणादायी बताया। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 'मन की बात' कार्यक्रम के माध्यम से देश के कोने-कोने में हो रहे नवाचारों, जन-भागीदारी और सकारात्मक प्रयासों की चर्चा करते हैं, जिससे राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित लोगों को पहचान और सम्मान मिलता है।
            मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विचारों से प्रेरणा लेकर छत्तीसगढ़ में जनभागीदारी के साथ स्वास्थ्य और प्रकृति की रक्षा के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने उपयोगी जानकारियां साझा की। प्रधानमंत्री ने स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में चल रहे नवाचारों के बारे में बताया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जीवन में छोटे-छोटे प्रयास बड़े बदलाव का आधार बनते हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी का यह दृष्टिकोण हम सभी को प्रेरित करता है और यदि हम नियमित रूप से छोटे लेकिन सार्थक कदम उठाएं, तो समाज और देश में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन संभव है। 

        मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री देश की छोटी-छोटी से लेकर बड़ी उपलब्धियों पर भी अपनी बात साझा करते हैं और उसकी सराहना करते हैं। श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने योग दिवस की भव्यता, पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी, महिला सशक्तिकरण, भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की उपलब्धि, 1975 के आपातकाल और भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों की वियतनाम यात्रा और भारत के ट्रेकोमा मुक्त होने जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत हम सभी का संकल्प है और राष्ट्र को आगे ले जाने के लिए छत्तीसगढ़ हर मोर्चे पर दृढ़ संकल्प के साथ खड़ा है।

  इस अवसर पर निरंजन पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशनंद गिरी जी महाराज,  केंद्रीय राज्य मंत्री महिला एवं बाल विकास श्रीमती सावित्री ठाकुर, कैबिनेट मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक श्री राजेश मूणत, विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक श्री राजेश अग्रवाल, विधायक श्री संपत अग्रवाल, विधायक श्री प्रबोध मिंज, राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, सीजीएमएससी के चेयरमैन श्री  दीपक म्हस्के, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामसेवक पैंकरा, छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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*निरंजन पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी कैलाशनंद गिरी जी महाराज ने मुख्यमंत्री से की सौजन्य भेंट*

रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज निरंजन पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी कैलाशनंद गिरी जी महाराज ने सौजन्य भेंट की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने निरंजन पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी कैलाशनंद गिरि जी महाराज के साथ विभिन्न आध्यात्मिक विषयों पर चर्चा की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, केंद्रीय राज्य मंत्री महिला एवं बाल विकास श्रीमती सावित्री ठाकुर, राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामसेवक पैंकरा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत सहित अन्य प्रबुद्धजन उपस्थित थे।

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*वाणिज्यिक कर विभाग में पारदर्शिता और सुधार की नई पहल : वर्षों बाद हुए व्यापक तबादले*

रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की गुड गवर्नेंस नीति के अनुरूप सभी विभागों में शासकीय कार्यप्रणाली को पारदर्शी, निष्पक्ष और जनहितकारी बनाने की दिशा में अनेक पहल की जा रही है। इसी क्रम में वाणिज्यिक कर (जीएसटी) विभाग में वर्षों बाद बड़े पैमाने पर तबादले किये गये हैं। इससे पहले विगत दो-तीन वर्षों में विभाग में एकाध बार ही सीमित संख्या में (केवल 10-15 अधिकारियों के) ही तबादले हुए थे। जीएसटी विभाग के अधिकांश अधिकारी-कर्मचारी एक ही पदस्थापना स्थल पर लंबे समय से कार्यरत थे। कुछ अधिकारी तो लगातार 18 वर्षों तक एक ही स्थान पर पदस्थ थे। यह स्थिति विभाग के कार्य निष्पादन और कर संग्रहण में पारदर्शिता तथा निष्पक्षता की भावना को बाधित करती है।

विभाग में स्वीकृत 35 राज्य कर उपायुक्त पदों में से 17 अधिकारियों को पदोन्नति उपरांत नवीन पदस्थापना प्रदान की गई। शेष 8 उपायुक्तों में 3 अधिकारी पिछले 10 वर्षों से, 2 अधिकारी 8 वर्षों से तथा 3 अधिकारी 4-5 वर्षों से रायपुर में पदस्थ थे। इसके अतिरिक्त 8 उपायुक्त तथा 4 सहायक आयुक्त 5 वर्षों से अपने गृह जिले में ही कार्यरत थे।
178 राज्य कर अधिकारी/राज्य कर निरीक्षक भी पिछले 4-5 वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ थे, जिनमें से 34 राज्य कर  अधिकारी एवं 45 राज्य कर निरीक्षक लगातार 5 वर्षों से अपने गृह जिले में ही नियुक्त थे। टैक्स कलेक्शन विभाग होने के कारण इतनी लंबी अवधि तक एक ही क्षेत्र में पदस्थ रहने से व्यापारिक संस्थाओं से व्यक्तिगत संबंध विकसित होने की संभावना बढ़ती है, जिससे कामकाज पर असर पड़ता है।

वाणिज्यिक कर मंत्री श्री ओ पी चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इस स्थिति में आवश्यक सुधार करते हुए राज्य में कर प्रशासन के विकेन्द्रीकरण और सुदृढ़ीकरण की दिशा में प्रभावी कदम उठाये गये हैं। पूर्व में विभाग के वृत्तों की संख्या  30 होते हुए भी विभागीय कार्यालय महज 15 जिलों में ही सीमित थे, जबकि राज्य सरकार के सभी प्रमुख विभागों के कार्यालय सभी  जिलों में है। इसे कमी को दूर करते हुए  पहली बार दंतेवाड़ा, कोंडागांव, जशपुर और नवगठित जिले सक्ती एवं सारंगढ़ में वृत्त स्थापित कर वहां अधिकारियों की पदस्थापना सुनिश्चित की गई है।

राजस्व संग्रहण को सशक्त बनाने के लिये विभाग में बीआईयू एवं ऑडिट यूनिट का गठन कर उनमें अधिकारियों की तैनाती की गई है। इतने बड़े पैमाने पर तबादलों के बावजूद मानवीय संवेदनाओं का पूरा ध्यान रखा गया है। विशेषकर पति-पत्नी दोनों अधिकारियों की पदस्थापना एक ही जिले में सुनिश्चित की गई है तथा महिला अधिकारियों को यथासंभव निकटवर्ती जिलों में ही स्थानांतरित किया गया है।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा की राज्य सरकार आगामी समय में भी सभी विभागों में ईमानदार, पारदर्शी और निष्ठावान कार्य संस्कृति को सुदृढ़ करने के लिये निरंतर कदम उठाती रहेगी।

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*तपकरा को मिली नई पहचान: मुख्यमंत्री श्री साय ने तहसील कार्यालय का किया शुभारंभ, नगर पंचायत का दर्जा देने की घोषणा*

रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के तपकरा में तहसीलदार एवं कार्यपालिक दंडाधिकारी कार्यालय का शुभारंभ किया। विदित हो कि 14 जनवरी को जशपुर जिले के प्रवास पर मुख्यमंत्री ने तपकरा को पूर्ण तहसील बनाने की घोषणा की थी। तहसील बनने से इसका लाभ 33 ग्रामों के किसानों, छात्रों और नागरिकों को मिलेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने तपकरा को नगर पंचायत बनाने, तपकरा स्थित खेल स्टेडियम के सौंदर्यीकरण के लिए 50 लाख रुपए स्वीकृत करने और फरसाबहार में विश्राम गृह निर्माण करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि  हमारी सरकार विकास के हर मोर्चे पर मोदी की गारंटी को तेजी से लागू कर रही है। सरकार बनते ही पहली कैबिनेट में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए। महिलाओं को सशक्त बनाने महतारी वंदन योजना के माध्यम से 70 लाख महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपए दिए जा रहे हैं। तेंदूपत्ता संग्राहकों की आय में वृद्धि के लिए तेंदूपत्ता का समर्थन मूल्य प्रति मानक बोरा 5,500 रुपए किया गया है। गांव में ही बैंकिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अटल डिजिटल सेवा केंद्र खोले जा रहे हैं।आगामी पंचायत दिवस पर सभी ग्राम पंचायतों में इसे शुरू करने की योजना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आम नागरिकों की सुविधा के लिए रजिस्ट्री में 10 नई क्रांतियों के तहत नवाचारों का बेहतर उपयोग कर पंजीयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल, डिजिटल और नागरिक केंद्रित बनाया गया है। 

कार्यक्रम में कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने बताया कि यहां तहसील कार्यालय खुलने से किसानों, भूस्वामियों, छात्रों और नागरिकों को विशेष सुविधा होगी। उन्होंने बताया कि एसडीएम फरसाबहार का लिंक कोर्ट भी आगामी सोमवार से प्रारंभ हो जाएगा।

विधायक श्रीमती गोमती साय ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। आम नागरिकों की सुविधा के लिए राज्य सरकार पूर्ण समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। 

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, श्री भरत साय, श्री रोहित साय, आईजी श्री दीपक कुमार झा, पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह, तपकरा सरपंच श्रीमती सविता जायसवाल सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

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*प्रदेश में शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता: बिलासपुर में 100 करोड़ रुपये की लागत से बनेगी आधुनिक एजुकेशन सिटी – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और छात्रों के सर्वांगीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसी क्रम में बिलासपुर शहर को एक आधुनिक एजुकेशनल हब के रूप में विकसित करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दिशानिर्देश पर बिलासपुर में एजुकेशनल सिटी की अवधारणा विकसित की गई है। इस परियोजना के लिए बिलासपुर नगर पालिक निगम की लगभग 13 एकड़ भूमि का उपयोग प्रस्तावित है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि बिलासपुर एजुकेशनल सिटी में नालंदा परिसर की स्थापना की जाएगी, जहां 500 छात्र-छात्राएं एक साथ बैठकर फिजिकल एवं डिजिटल लाइब्रेरी का लाभ ले सकेंगे। इसके साथ ही तीन बहुमंजिला इमारतों का निर्माण किया जाएगा, जिनमें कुल 48 हॉल सेटअप ( 1 सेटअप में 1 हॉल, 2 कक्ष और 1 टॉयलेट) तैयार किए जाएंगे। इस व्यवस्था में एक साथ 4,800 विद्यार्थियों के कोचिंग क्लास अटेंड करने की सुविधा रहेगी।

छात्रों के शैक्षणिक एवं व्यक्तित्व विकास के लिए 700 सीटों वाले आधुनिक ऑडिटोरियम का निर्माण भी किया जाएगा। वहीं, बाहर से आने वाले लगभग 1000 विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल फैसिलिटी भी निर्मित की जाएगी।

खेलकूद और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए एजुकेशनल सिटी में एस्ट्रोटर्फ खेल मैदान तथा सुंदर गार्डन भी विकसित किए जाएंगे। साथ ही, वाहनों के लिए मल्टी लेवल पार्किंग की व्यवस्था होगी ताकि आने-जाने में कोई असुविधा न हो।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत करीब 100 करोड़ रुपये होगी और इसके निर्माण कार्य की कार्य योजना नगर पालिक निगम बिलासपुर द्वारा तैयार कर ली गई है। शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा, जिससे बिलासपुर एजुकेशनल सिटी प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में नई मिसाल कायम करेगी।

उल्लेखनीय है कि राज्य गठन के पश्चात बिलासपुर शहर ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। बिलासपुर में एसईसीएल का मुख्यालय और रेलवे का डीआरएम कार्यालय भी स्थित है, जिससे यह शहर न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश में अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। यहां एक केंद्रीय विश्वविद्यालय, दो विश्वविद्यालय, आठ महाविद्यालय, लोक सेवा आयोग, व्यापम और आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं की तैयारी करवाने वाले करीब 100 से अधिक कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं, जिनमें प्रदेश के 50,000 से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।

छत्तीसगढ़ सरकार शिक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में स्थान देती है। हमारी यह अटल प्रतिबद्धता है कि प्रदेश का प्रत्येक विद्यार्थी आधुनिक संसाधनों, उन्नत अधोसंरचना और प्रेरक वातावरण में अपनी क्षमताओं को संवार सके और आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार कर सके।

बिलासपुर एजुकेशन सिटी का निर्माण इसी दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। यह न सिर्फ बिलासपुर को छत्तीसगढ़ का एजुकेशनल हब बनाएगा, बल्कि प्रदेश के हजारों युवाओं को उच्चस्तरीय सुविधाओं में अध्ययन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर देगा।

नालंदा परिसर, बहुमंजिला कोचिंग भवन, डिजिटल और फिजिकल लाइब्रेरी, हॉस्टल, ऑडिटोरियम, खेल मैदान और ग्रीन जोन – ये सभी सुविधाएं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को समर्पित होंगी।

मुझे विश्वास है कि यह परियोजना आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ के शैक्षणिक परिदृश्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी और हमारे युवाओं को उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर करेगी।

      – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

  

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मुख्यमंत्री ने सम्पर्क स्मार्ट स्कूल और स्मार्ट ब्लाक कार्यक्रम का किया शुभारंभ......50 प्राथमिक स्कूलों के बच्चों के लिए सम्पर्क स्मार्ट किट वितरण किए


जशपुरनगर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज कांसाबेल विकास खंड के बगिया हाई स्कूल में सम्पर्क स्मार्ट स्कूल और स्मार्ट ब्लाक कार्यक्रम का शुभारंभ किया और जशपुर के 50 प्राथमिक स्कूली बच्चों के लिए सम्पर्क स्मार्ट कीट और टीवी का भी वितरण किया गया।
       इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कांसाबेल जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुशीला साय, भरत सिंह, उपेन्द्र यादव, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, एस एस पी श्री शशि मोहन सिंह और सम्पर्क फाउंडेशन के नेशनल मैनेजर प्रदीप राणा, डिप्टी कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा, जनप्रतिनिधिगण, स्कूली बच्चे और शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित थे।
      मुख्यमंत्री ने कार्यकम को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज बहुत खुशी हो रही है कि हमारे गृह ग्राम बगिया में नवाचार के तहत सम्पर्क स्मार्ट स्कूल की शुरुआत की गई है।
         मुख्यमंत्री ने अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए भावुक हो गए और इस बात की खुशी जाहिर की उनके गृह ग्राम बगिया में नवाचार के तहत सम्पर्क स्मार्ट स्कूल की शुरुआत की गई है। उन्होंने बताया कि उनका जन्म बगिया गांव में हुआ प्राथमिक शिक्षा पहली से पांचवीं तक बगिया प्राथमिक स्कूल में पढ़ाई पूरी की मुख्यमंत्री ने बताया कि 50 साल पहले बगिया स्कूल खपरैल का रहता था। पानी टपकता था पानी टपकने के कारण जगह बदलना पड़ता था लेकिन आज 50 साल बाद बगिया स्कूल का कायाकल्प हो गया है वर्तमान में हाईस्कूल संचालित हो रहा है। 50 वर्षों में बगिया का कितना विकास हो गया है। उन्होंने कहा कि पहले जमाने में प्राथमिक स्कूलों के बाद हाईस्कूल पढ़ने के लिए लम्बी दूरी करनी पड़ती थी लेकिन वर्तमान में छत्तीसगढ़ में बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा की सुविधा बच्चों को दी जा रही है।
        मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा ही एक मात्र मूल मंत्र है जिससे व्यक्ति का विकास संभव है। शिक्षक हमारे राष्ट्र के निर्माता होते हैं यही हमें अच्छा डाक्टर, इंजीनियर,वकील, वैज्ञानिक, प्रोसेसर बनाने अहम भूमिका निभा रहे हैं। जैसी मुझे जानकारी मिली है कि संपर्क फाउन्डेशन के संस्थापक अध्यक्ष विनीत नायर जी HCL Technologies के CEO रहे हैं। उन्होंने उनकी मां जनक नायर जो सरकारी स्कूल में शिक्षिका थी से प्रेरणा पाकर संपर्क कार्यकम का प्रारंभकिया गया है जो कि उतरप्रदेश, हरियाणा राज्यस्थान, हिमाचल प्रदेश एवं उत्तराखण्ड जैसे राज्यों में बच्चों के सिखने सिखाने में बहुमूल्य योगदान दिया जा रहा है। सम्पर्क फाउडेशन खेल-खेल के माध्यम से बच्चों को सीखना सिखाना असान कर रहा है। इसके लिए संम्पर्क फाउडेशन के द्वारा संम्पर्क टी.वी. डिवाइस एवं गणित किट अंग्रेजी किट प्रदान किया जाता है जो आज हमारे जिले के 50 विद्यालयों को वितरण किया जा रहा है। मुझे पूरी उम्मीद है कि विद्यालयों में इन किट का भरपूर उपयोग किया जाएगा जिससे हमारे बच्चों का न केवल झिझक दूर होगा बल्कि हमारे बच्चों को सीखना सिखाना भी असान हो जायेगा। अतः आप सभी प्रधान पाठक इन सब संसाधनों के उपयोग को सही क्रम और सही ढंग से समझें और बच्चों को आगे बढाएं।
        कलेक्टर ने अवगत कराया कि विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी जशपुर जिले के 15 विद्यार्थियों ने 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में टॉप 10 मेरिट सूची में स्थान प्राप्त कर संपूर्ण राज्य में अपना परचम लहराया । कक्षा 10वीं के 94 प्रतिशत विद्यार्थी एवं 12वीं के 94 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण होकर राज्य में सर्वाधिक उत्तीर्णता प्रतिशत वाला जिला रहा है। उच्च शिक्षा के साथ साथ प्राथमिक स्तर पर जिले ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 5वीं में 99.5 प्रतिशत एवं 8वीं में 97.3 प्रतिशत के साथ राज्य स्तर पर अपनी विशेष छाप छोडी है।
         जिले में शैक्षणिक गतिविधियों के सुचारू संचालन हेतु मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देशन में विभाग के द्वारा जिला स्तर पर समस्त प्रधान पाठकों एवं प्राचार्यों के उन्मुखीकरण का कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है, वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए इसरो आईआईटी एवं अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों से टाईअप करते हुए कई कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है, प्रतिदिवस शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की ऐप के माध्यम से उपस्थिति ली जा रही है, दैनंदिनी की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है एवं वर्तमान में जिले के समस्त विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था सुधार हेतु युक्तियुक्तकरण की कार्यवाही सम्पन्न की गई है।
     इसी क्रम में जिले के 50 प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों के आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता (एफ एल एन ) हेतु संपर्क फाउन्डेशन के माध्यम से एफ. एल. एन. किट का वितरण किया जा रहा है जो जिले के शैक्षणिक गुणवत्ता के सुधार में मील का पत्थर साबित हो सकता है।

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*मुख्यमंत्री ने एग्री-हॉर्टी एक्सपो एवं क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का किया वर्चुअली शुभारंभ.....जशपुर के कृषि विकास के इतिहास में आज का दिन साबित होगा मील का पत्थर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय*

जशपुरनगर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से कृषि क्रांति अभियान अंतर्गत एग्री-हॉर्टी एक्सपो एवं क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का वर्चुअली शुभारंभ किया। जिला पंचायत में दो दिनों तक चलने वाली इस आयोजन में  देश की कई बड़ी कृषि कंपनियां जैसे-जियो मार्ट रिटेल, देहात, हॉनेस्ट फॉर्म, आत्माकुर, धरागरी, अवनी आयुर्वेदा इत्यादि उपस्थित रहेंगे। जिनसे जिले के किसान एफपीओ के माध्यम से अपने उपज का उचित मूल्य प्राप्त होने पर फसल विक्रय एग्रीमेंट कर सकेंगे तथा बिचौलिया प्रथा समाप्त होने से किसानों को अपने उपज का उचित मूल्य प्राप्त होगा।
     इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर के कृषि विकास के इतिहास में आज का दिन मील का पत्थर साबित होने वाला है। जिला प्रशासन के अभिनव प्रयास से ‘कृषि क्रांति’ अभियान की शुरूआत हो रही है। हमारा देश कृषि प्रधान है। छत्तीसगढ़ में लगभग 80 प्रतिशत लोग कृषि और कृषि संबंधी कार्यों से जुड़े हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना फसल बीमा योजना, पीएम किसान सम्मान निधि सहित कई योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। हमारी सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए बहुस्तरीय प्रयास कर रही है। चाहे वह समर्थन मूल्य पर 3100 रूपये प्रति क्विंटल के मान से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी हो, समर्थन मूल्य पर वनोपज का संग्रहण हो, या प्रोसेसिंग और निर्यात से जुड़ी योजनाएं हों। जशपुर में कटहल, आम, लीची, नाशपाती बहुतायत में होती है। यहां पर सेव की भी फसल होने लगी है।इस सम्मेलन के माध्यम से किसानों और खरीदार कंपनियों के बीच सीधा संवाद स्थापित होगा। यह एक ऐसा मंच है जहाँ से एफ.पी.ओ. (किसान उत्पादक संगठन) के माध्यम से किसानों की उपज को सीधा बाजार मिलेगा, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल सकेगा। 
          मुख्यमंत्री ने सॉइल हेल्थ कार्ड  के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि इससे किस जमीन पर क्या उत्पादन ज्यादा होगा और कितना खाद की जरूरत होगी इसके लिए केंद्र से आए कृषि वैज्ञानिक  पूरे राज्य में जाकर सॉइल हेल्थ के बारे में लोगों को जागरूक कर रहे हैं। राज्य में  कृषि के साथ पशु पालन, मछली पालन और डेयरी विकास को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।  डेयरी विकास योजना के पायलट प्रोजेक्ट के तहत चयनित 6 जिलों में जशपुर भी शामिल है। 
         रायगढ़ से वर्चुअली जुड़े सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने कहा कि  जशपुर जिला का प्राकृतिक वातावरण आकर्षित करने वाला है। जल संरक्षण और संवर्धन के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि जल का संरक्षण किया जाना चाहिए इससे किसानों को लाभ मिलेगा और उनकी आमदनी में इजाफा होगा। जिला पंचायत से वर्चुअली जुड़ी विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने कहा कि जशपुर जिला नवाचार को तेजी से अपना रहा है। इस सम्मेलन के माध्यम से किसानों और कंपनियों के बीच सीधा अनुबंध होगा और उन्हें लाभ मिलेगा। जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय ने अपने संबोधन में कहा कि जिले में  व्यस्थित तरीके से खेती और प्रबंधन किया जाय तो किसानों को निश्चिंत रूप से लाभ मिलेगा। जशपुर आम, मिर्च, नाशपाती में अग्रणी है। उन्होंने धान के साथ दलहन और तिलहन की खेती किए जाने के लिए विषय प्रयास लिए जाने पर जोर दिया।
          कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने  एग्री-हॉर्टी एक्सपो एवं क्रेता-विक्रेता सम्मेलन के महत्व और इनसे कृषकों को होने वाले लाभों के बारे में विस्तार से बताया। जिला पंचायत से वर्चुअली जुड़े जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार ने एक वीडियो प्रजेंटेशन के माध्यम से सम्मेलन में तहत होने वाले नवाचार और विभिन्न कार्यक्रमों के बारे में बताया। इस दौरान आईजी श्री दीपक कुमार झा, पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह बगिया से और जिला पंचायत में वर्चुअली तौर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री गंगा राम भगत सहित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।

*एग्री-हॉर्टी एक्सपो एवं क्रेता-विक्रेता सम्मेलन में मिलेगी उन्नत तकनीकों की जानकारी*

   सम्मेलन के माध्यम से किसानों को उन्नत तकनीक की जानकारी देने के उद्देश्य से नाबार्ड एवं एपेडा जैसे संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित होकर एग्रीकल्चर मार्केटिंग, जैव उत्पादों का प्रमाणीकरण इत्यादि विषयों पर किसानों को जानकारी देंगे। राज्य के वरिष्ठ वैज्ञानिक फसल किस्मों का जीआई टैग, कृषि एवं उद्यानिकी फसलों के वैज्ञानिक पद्धति से खेती तथा रेशम विशेषज्ञों द्वारा किसानों को रेशम पालन की जानकारी दी जायेगी साथ ही कम्पनी एवं किसान के मध्य कान्ट्रैक्ट फार्मिंग विषय पर चर्चा का आयोजन किया गया है जिसमें कम्पनी एवं कृषकों के मध्य अनुबंध हस्ताक्षर किया जावेगा।
    कार्यक्रम में फसल प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है जिसमें जिले के एफपीओ से जुडे किसान एवं प्रगतिशील किसान अपने फसल जैसे जैविक धान, कुटकी, रागी, नाशपाती, लीची, रामतिल, टाऊ, मिर्च, सुगंधीत धान इत्यादि का किस्मवार गुणवत्ता का प्रदर्शन करेंगे। कार्यक्रम अंतर्गत आम एवं नाशपाती तथा नवाचार प्रतियोगिता आयोजन किया गया है। विजेता किसान को पुरस्कार राशि का भेंट कर अगामी समय में नवाचार एवं उन्नतशील खेती करने प्रोत्साहित किया जाएगा।

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नशे के खिलाफ जशपुर पुलिस का बड़ा एक्शन: 41 हजार रुपए के प्रतिबंधित नशीली कैप्सूल के साथ आरोपी मनीष को पुलिस ने नाकाबंदी कर धर दबोचा.....भेजा जेंल

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार मुखबीर से पुख़्ता सूचना मिली थी कि ग्राम कोटिया की ओर से एक व्यक्ति , मोटर साइकल क्रमांक CG14 MN 8387 से ग्राम करमा की ओर जा रहा है, उसका नाम मनीष नेगी, निवासी  ग्राम कुरकुंगा थाना नारायणपुर है, वह अपने पास प्रतिबंधित नशीली कैप्सूल SPASMO PROXYVON PIUS को , बिक्री हेतु  रखा है।
         जिस पर सूचना के संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अवगत कराते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देश पर तत्काल थाना नारायणपुर पुलिस के द्वारा ग्राम कोटिया के पास नाकाबंदी कर, संदिग्ध वाहनों की चेकिंग की जा रही थी, कि इसी दौरान संदेही मोटर साइकल आता दिखाई देने पर पुलिस के द्वारा उक्त मोटर साइकल को, घेराबंदी कर रोका गया, पूछताछ पर संदेही ने अपना नाम मनीष नेगी , उम्र 19 वर्ष बताया,पुलिस के द्वारा जब संदेही मनीष नेगी की चेकिंग की गई, तो उसकी जेब से, प्लास्टिक पॉलीथिन में लिपटा हुआ, 12 पत्ता में 90 नग प्रतिबंधित SPASMO PROXYVON PIUS कैप्सूल मिला, पुलिस के द्वारा जब प्रतिबंधित कैप्सूल रखने के संबंध में दस्तावेजों की मांग की गई तो, उसके द्वारा कोई दस्तावेज नहीं पेश किया जा सका। जिस पर पुलिस के द्वारा आरोपी मनीष नेगी के कब्जे से प्रतिबंधित  सभी प्रतिबंधित नशीली कैप्सूल SPASMO PROXYVON PIUS व तस्करी में प्रयुक्त मोटर साइकल को जप्त करते हुए हिरासत में लिया गया।
आरोपी मनीष नेगी उम्र 19 वर्ष निवासी कुरकुंगा, थाना नारायणपुर के विरुद्ध थाना में प्रतिबंधित नशीली कैप्सूल रखने व बिक्री करने पर,21(बी) एन डी पी एस एक्ट के तहत् अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया है।
   पुलिस की पूछताछ पर आरोपी मनीष नेगी के द्वारा अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त अपराध सबूत पाए जाने पर विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
 मामले की कार्यवाही व आरोपी की प्रतिबंधित नशीली कैप्सूल सहित गिरफ्तारी में थाना प्रभारी नारायणपुर निरीक्षक श्री आर एस पैंकरा, प्रधान आरक्षक अजय कुजूर, आरक्षक मनोज एक्का, नगर सैनिक ओम प्रकाश यादव व अमित तिर्की की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
  मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह ने बताया कि ऑपरेशन आघात के तहत् नशे के खिलाफ जशपुर पुलिस की कार्यवाही लगातार जारी है, प्रतिबंधित नशीली कैप्सूल के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। नशे के कारोबार में संलिप्त किसी को भी बख्शा नहीं जावेगा। ऑपरेशन आघात जारी रहेगा।

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विधायक श्रीमती गोमती साय का मायका पहुंचकर मुख्यमंत्री ने उनकी स्वर्गीय माता को अर्पित की विनम्र श्रद्धांजलि

जशपुरनगर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज  विधायक श्रीमती गोमती साय के मायका ग्राम कोकियाखार, विकासखंड पत्थलगांव पहुंचे और उनकी माता स्वर्गीय श्रीमती बसंती पैंकरा के निधन के 13वें दिन आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। उन्होंने स्वर्गीय श्रीमती बसंती पैंकरा के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने शोक-संतप्त परिजनों से भेंट कर अपनी गहरी संवेदना प्रकट की और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना भी की।

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दोकड़ा के भव्य रथयात्रा में मुख्यमंत्री के साथ उमड़ा जनसैलाब.....स्वास्थ्य, शिक्षा, अधोसंरचना के साथ विकास के कार्यों पर दिया जा रहा है जोर - मुख्यमंत्री 

नारायणपुर : मुख्यमंत्री श्री साय ग्राम दोकडा में भव्य रथयात्रा में अपनी पत्नी श्रीमती कौशल्या साय के साथ शामिल हुए
 
मुख्यमंत्री ने सभी को रथयात्रा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आजादी के पूर्व 1942 में दोकड़ा में सुदर्शन सतपथी एवं सुशीला सतपथी द्वारा रथयात्रा की शुरुआत हुई थी। 1968 में मंदिर का भी निर्माण हुआ था। बचपन में हम इस मंदिर में बगिया से पैदल चलकर रथ यात्रा देखने आया करते थे। समय के साथ यह मंदिर जीर्ण अवस्था में आ गया था, जिसका यहां के भक्तों की सहायता से पुनः निर्माण कर भव्य मंदिर बनाया गया है। मंदिर के पुनः निर्माण के बाद यह पहली बार है जब रथ यात्रा का आयोजन हुआ है। जिसमें शामिल होने का सौभाग्य मुझे प्राप्त हुआ जिसके लिए मैं आभारी हूँ।

      
उन्होंने भगवान श्री जगन्नाथ के पूरी धाम एवं रथ यात्रा की महिमा सभी को बताते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ का सौभाग्य है कि आज भी यहां के गरियाबंद जिले के देवभोग में उत्पादित चावल से ही पूरी में श्री जगन्नाथ भगवान को महाप्रसाद के रूप में भोग लगाया जाता है।
       उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में भगवान जगन्नाथ की कृपा से शासन द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा किये गए वादों को पूरा करने का कार्य किया जा रहा है। जिसके तहत सरकार बनने के साथ ही प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत आवासहीनों को आवास प्रदान करने का कार्य किया जा रहा है। जिसके तहत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बिलासपुर से 3 लाख लोगों को गृह प्रवेश कराया गया था। आवास निर्माण की गति इतनी तीव्र है कि बाजार में घर बनाने वाले मिस्त्रियों एवं सेंट्रिग प्लेट का समय समय पर आभाव हो जाता है। उन्होंने कहा कि आवास 2.0 प्लस सर्वे के तहत अधिक हितग्राहियों को लाभ देने के लिए पात्रता में छूट प्रदान की जा रही है जिसमें 5 एकड़ असिंचित एवं 2.5 एकड़ सिंचित भूमि धारकों को भी अब आवास हेतु पात्र किया गया है।*
          *शासन द्वारा तेंदूपत्ता संग्रहण करने वाले लोगों के लिए चरण पादुका योजना पुनः प्रारम्भ की है जिससे ग्रामीण अंचल के लोगों को लाभ प्राप्त होगा। राज्य में महानदी एवं इंद्रावती नदियों को जोड़कर किसानों के लिए सिंचाई की व्यवस्था हेतु परियोजना निर्माण किया जा रहा है। बस्तर में नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान तीव्र कर उन्हें पीछे हटने पर मजबूर कर दिया गया है। राज्य के 14 सौ से अधिक ग्रामों में सभी सुविधाएं एक स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए अटल सुविधा केंद्र का निर्माण किया जा रहा है इस योजना को एक वर्ष में सभी ग्रामों में लागू कर लोगों को डिजिटल भुगतान से लेकर सभी सुविधाएं गांव में ही उपलब्ध कराई जाएंगी। राज्य में डेयरी विकास को बढ़ावा देने के लिए एनडीडीबी की सहायता से दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने के लिए उत्तम किस्म के दुधारू पशु वितरण की का कार्य प्रारम्भ किया गया है। रेलवे लाइनों के विस्तार के लिए भी शासन द्वारा विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। जशपुर के युवाओं को बेहतर उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए जिले में मेडिकल, फिजियोथैरेपी, नर्सिंग, उद्यानिकी, कृषि महाविद्यालय जिले में खोले जा रहे हैं।*
मुख्यमंत्री की पत्नी श्रीमती कौशल्या ने सभी को रथयात्रा की शुभकामनाएं दी और सभी को धर्म कर्म से जुड़कर लोगों की भलाई के लिए कार्य करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि अच्छा कर्म का अच्छा फल मिलता है कर्म करते जाएं फल की चिंता न करें उन्होंने दोकड़ा ग्रामवासियों को भव्य रथयात्रा के लिए धन्यवाद दिया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कृष्ण कुमार राय, भरत साय ,आकाश गुप्ता, टंकेश्वर यादव ,सुनील गुप्ता, पुरूषोत्तम सिंह ठाकुर, रोहित कुमार साय , सरगुजा आईजी दीपक कुमार झा कलेक्टर श्री रोहित व्यास एस एस पी श्री शशि मोहन सिंह आम नागरिक बड़ी संख्या उपस्थित थे।

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नारायणपुर में जय जगन्नाथ के उद्घोष के निकली महाप्रभु की रथयात्रा...भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और बहन सुभद्रा अपने निवास से गुंडिचा मंदिर के लिए नौ दिवसीय प्रवास पर निकले.....भारी संख्या में शामिल हुए श्रद्धालु

नारायणपुर :- आज नारायणपुर में रथ यात्रा का भव्य आयोजन हुआ  जिसमें भारी भीड़ उमड़ी। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की मूर्तियों को रथ में विराजमान करके गांव भ्रमण कराया गया, 

      नारायणपुर में रथ यात्रा का आयोजन, जो कि एक महत्वपूर्ण धार्मिक उत्सव है, में आज भारी भीड़ देखी गई। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की मूर्तियों को पारंपरिक रीति-रिवाजों और मंत्रोच्चार के बीच रथ में विराजित किया गया। भगवान महाप्रभु श्री जगन्नाथ बलभद्र,माता सुभद्रा की रथयात्रा निकाली गई। रथयात्रा गणेश मंदिर से शुरू होकर गांव के जयस्तम्भ चौक से अटल चौक तक परिक्रमा कर  शिव मंदिर में संपन्न हुई। इसी मंदिर में महाप्रभु 9 दिनों तक विराजमान रहेंगे।

   इस रथ यात्रा के दौरान श्रद्धालु भक्ति में डूबे नजर आए। बच्चे-बूढ़े महिलाएं सभी इस उत्सव में भाग लेते हुए जय जगन्नाथ के उद्घोष के बीच रथ की रस्सी खींचते नजर आए।  यहां गांव में जगह जगह सभी लोगों ने भगवान जगन्नाथ के रथ के अंदर रखी प्रतिमाओं की पूजा-अर्चना कर उनसे अपने-अपने परिवार की सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लिया

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