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हॉलीक्रास नर्सिंग कॉलेज कुनकुरी में धर्मांतंरण का मामला पकड़ा तूल,विजय आदित्य सिंह जूदेव ने कॉलेज की मान्यता रद्द करने की मांग की,नही तो सड़क पर उतरने की दी चेतावनी

जशपुरनगर :- जशपुर जिले के कुनकुरी में संचालित हॉलीक्रास नर्सिंग कॉलेज, की छात्रा पर धर्मातंरण के लिए दबाव डाले जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। बजरंग दल के जिलाध्यक्ष विजय आदित्य सिंह जूदेव ने इस मामले में तत्काल विवादित नर्सिंग कालेज की मान्यता रद्द कर,उस पर ताला लगाने की मांग की है। मांग पूरी ना होने पर हजारों समर्थकों के साथ सड़क में उतरने की चेतावनी भी दी है। विवाद सामने आने के बाद विजय आदित्य सिंह जूदेव शुक्रवार को 
कुनकुरी के बेहराटोली निवासी पीड़ित छात्रा अमीषा बाई से मिलने पहुंचे। यहां पीड़िता ने उन्हें बताया कि हिंदू धर्म को मानने वाली छात्रा है और नर्सिंग कोर्स के अंतिम वर्ष में है। उसने आरोप लगाया कि कॉलेज की प्राचार्य विंसी जोसेफ ने कई बार धर्मांतरण के लिए दबाव बनाया और नन बनने के लिए तरह-तरह के प्रलोभन दिए। जब उसने इन प्रस्तावों को ठुकरा दिया, तो प्राचार्य ने उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। पीड़ित छात्रा का आरोप है कि नर्सिग कालेज में प्रवेश लेने के बाद से ही प्राचार्य सिस्टर जोसेफ उस पर नन बनने का दबाव डाल रही थी। शुरूआत में नन बनने पर विदेशों में नौकरी लगाने और मोटा वेतन का सब्जबाग दिखाया। लेकिन जब उसने अपने धर्म और परिवार को ना छोड़ने की बात कही तो उसे तरह-तरह से प्रताड़ित किया जाने लगा। एक साल पहले उसे छात्रावास से भी निष्कासित कर दिया गया। फिर उस पर जबरन अनुपस्थिति और अनुशासनहिनता का आरोप लगाया जाने लगा। पीड़िता के पिता मुन्नाराम सहित उनके स्वजनों का कहना है कि उनकी बेटी किसी भी स्थिति में सनातन धर्म नहीं छोड़गी। उन्होनें बताया कि अगर अमिषा अविवाहित रहने का निर्णय भी करती है तो वह किसी सनातनी संस्था से जुड़ कर मानवता की सेवा करेगी। अमिषा ने भी कहा कि किसी भी स्थिति में ना तो सनातन धर्म को छोड़ेगी और ना ही परिवार को। अमिषा ने कहा कि उसकी पढ़ाई के लिए उसकी मां और भाईयों ने दिन-रात मेहनत की है। इसलिए वह परिवार का साथ किसी भी स्थिति में नहीं छोड़ेगी।  पीड़िता अमिषा ने बताया कि उसकी बड़ी बहन दुर्गेश्वरी बाई भी एक साल पहले इसी कालेज से नर्सिंग पास हुई है। लेकिन 15 हजार फिस बकाया बता कर प्राचार्य ने उसे पंजियन प्रमाण पत्र नहीं दिया। दुर्गेश्वरी इन दिनों रायपुर के एक नीजि नर्सिंग होम में नौकरी कर रही है। लेकिन पंजियन प्रमाण पत्र ना होने से उसे कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। पीड़िता का आरोप है कि दुर्गेश्वरी की पढ़ाई पूरी होने के बाद नर्सिंग कालेज ने लगभग 6 माह तक अस्पताल में दुर्गेश्वरी से नौकरी कराया लेकिन वेतन के नाम पर एक रूपया भी नहीं दिया। अब 15 हजार रूपये फिस बकाया बता कर पंजियन प्रमाण पत्र देने में आनाकानी कर रहे हैं।  
तत्काल लटकाएं ताला,नहीं तो होगा आंदोलन -
   पीड़िता से चर्चा के बाद विजय आदित्य सिंह जूदेव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होनें विवादित संस्था की तत्काल मान्यता रद्द कर संस्था के गेट पर ताला लटकाने की मांग की है। मांग पूरी ना होने हजारो समर्थकों के साथ सड़क में उतरने की चेतावनी भी दी है। उन्होनें मिडिया से चर्चा करते हुए कहा कि धर्मांतरण कराने वाले मिशनरी संस्थाओं को अब सबक सिखाने का समय आ गया है। अमीषा जैसी छात्राओं को मानसिक रूप से प्रताड़ित करना, धर्म बदलने के लिए मजबूर करना और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करना निंदनीय है। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। प्रशासन को तुरंत इस मामले में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, अन्यथा हम बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ बड़ा आंदोलन करेंगे। विजय आदित्य सिंह जूदेव ने अमीषा की हिम्मत की सराहना करते हुए कहा कि वह उन सभी छात्राओं के लिए प्रेरणा है, जो इस प्रकार के जबरन धर्मांतरण की घटनाओं का शिकार हो रही हैं।

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मुख्यमंत्री शामिल हुए कुदरगढ़ महोत्सव के समापन समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय हुए शामिल,आस्था, भक्ति और परंपरा का अनूठा संगम: मुख्यमंत्री श्री साय

कुदरगढ़ मंदिर धाम ’प्रसाद योजना‘ में शामिल: विकास के लिए केन्द्र सरकार से मिलेगी मदद

रायपुर, :मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि कुदरगढ़ महोत्सव आस्था, भक्ति और परंपरा का अनूठा संगम है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार के प्रस्ताव पर इस अंचल के आस्था के प्रमुख केन्द्र कुदरगढ़ मंदिर धाम को केन्द्र सरकार की ’प्रसाद योजना‘ में शामिल किया है। इससे यहां के विकास के लिए केन्द्र सरकार से मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज सूरजपुर जिले के कुदरगढ़ धाम में चैत्र नवरात्र के अवसर पर आयोजित कुदरगढ़ महोत्सव का समापन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।

कुदरगढ़ धाम में शुरू होगा चिकित्सालय

 मुख्यमंत्री श्री साय ने कुदरगढ़ धाम में बनने वाले रोपवे का भूमिपूजन किया। यह रोपवे दो वर्ष में बनकर तैयार होगा। इस अवसर पर उन्होंने कुदरगढ़ धाम के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं की। उन्होंने प्रशासनिक भवन एवं सर्व सुविधायुक्त सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 50-50 लाख तथा गढ़वातियां माता मंदिर में सीढ़ी निर्माण और पेयजल व्यवस्था हेतु 50 लाख सहित कुल 1 करोड़ 50 लाख रुपये के निर्माण कार्यों की घोषणा की। इस दौरान रोपवे निर्माण के लिए अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने धाम में चिकित्सालय निर्माण की भी घोषणा की, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सके।
 
105 करोड़ रूपए से अधिक लागत के कार्यो का भूमिपूजन-शिलान्यास

 मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए माता कुदरगढ़ी से प्रदेश की सुख-शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की और श्रद्धालुओं को चैत्र नवरात्रि की शुभकामनाएं दी। उन्होंने इस अवसर पर 105 करोड़ रूपए से अधिक लागत के 43 विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने भटगांव विधानसभा क्षेत्र के लिए सुशासन रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जो राज्य सरकार की योजनाओं का प्रचार-प्रसार करेगा।

भोरमदेव मंदिर हेतु स्वदेश दर्शन योजना में 148 करोड़ रूपए मंजूर

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य सरकार के प्रस्ताव पर छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध भोरमदेव मंदिर के विकास के लिए भारत सरकार ने स्वदेश दर्शन योजना के तहत 148 करोड़ रूपए की स्वीकृति दी है। प्रदेश की पांच शक्तिपीठों सूरजपुर के कुदरगढ़, चंद्रपुर की चंद्रहासिनी, रतनपुर की मॉ महामाया, डोंगरगढ़ की मॉ बम्लेश्वरी और दंतेवाड़ा की मॉ दंतेश्वरी शक्तिपीठ के विकास के लिए चार धाम की तर्ज पर योजना बनाई गई है। राज्य सरकार द्वारा तीर्थ दर्शन योजना पुनः प्रारंभ की गई है। इस योजना में 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के साथ-साथ विधवा, परित्यक्ता और दिव्यांगजनों को तीर्थ यात्रा का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि पात्र नागरिकों से इस योजना का भरपूर लाभ उठाने की अपील की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के तहत 22 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने रामलला के दर्शन किए। उन्होंने कहा कि प्रयागराज में कुंभ के दौरान छत्तीसगढ़ का मंडप बनाया गया था, जहां छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को ठहरने और भोजन के निःशुल्क व्यवस्था की गई थी। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य को नक्सलमुक्त बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास योजनाओं के साथ-साथ समावेशी विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। अंदरूनी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। लोगों को रोजगार से जोड़ा जा रहा है। बस्तर क्षेत्र में नियद नेल्लानार योजना के तहत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ ग्रामीणों को केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। यहां बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया। 

 इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े और सांसद श्री चिंतामणि महाराज ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय को नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए प्रदेश की समृद्धि, शांति और उन्नति की कामना की। साथ ही रोपवे निर्माण के लिए बधाई देते हुए इसे ऐतिहासिक पहल बताया।  

समापन समारोह में दिखी लोकसंस्कृति की झलक

 समापन समारोह में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम के दौरान भक्ति संगीत ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम में माता कुदरगढ़ को समर्पित भजन प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर विभिन्न विभागों की योजनाओं पर लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया और हितग्राहियों को हितग्राहीमूलक सामग्री का वितरण किया। 

 कार्यक्रम में विधायक श्री भूलन सिंह मरावी, श्रीमती शकुंतला पोर्ते, श्रीमती रजनी शंकर त्रिपाठी, वन विकास निगम एवं कुदरगढ़ धाम ट्रस्ट अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा  सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित थे।

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जनसेवा अभेद आश्रम नारायणपुर में निकला मां भगवती का डोला, ढोल, नगाड़ों से गूंजा क्षेत्र, आस्था का दिखा अद्भूत नजारा

नारायणपुर : जनसेवा अभेद नारायणपुर चिटकवाईन आश्रम में आज आस्था का अद्भूत नजारा दिखा। यह पुनीत अवसर था मां भगवती का डोला निकलने का । इसमें शामिल होने भारी संख्या में श्रद्धालु आश्रम पहुंचे। जनसेवा अभेद आश्रम में सप्तमी  के प्रवेश के साथ ही देवी मां का डोला भक्तिमय वातावरण में धूमधाम से निकाला गया ।
   प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी सप्तमी को माँ कालरात्रि का पूजन  आश्रम में विधिवत मनाया गया ।शुक्रवार शाम सात बजे मां भगवती का डोला नारायणपुर चिटकवाईन आश्रम में निकाला गया। बाबा उत्साही राम जी ने विशिष्ठ अनुष्ठान, पूजा आराधना की, जिसके बाद साधक अनुयायी मां का डोला लेकर जयकारा लगाते हुए निकले।

      स्थानीय ग्रामीणों एवं श्रद्धालुओं की उपस्थिति में ढोल नगाड़ों,विभिन्न पारम्परिक वाद्य यंत्रों के साथ भक्तों का समूह भजन-कीर्तन करते हुये डोला में शामिल हुए, माँ का डोला आश्रम स्थित मंदिर से निकलकर नारायणपुर गांव का  भ्रमण करते हुये पुनः आश्रम पहुंचा , जहाँ पर पूजन अर्चना के बाद आरती की गई,आज सप्तमी के दिन डोला का विषेष महत्व है। इसके बडी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर सप्तमी के पूजन का फल प्राप्त करते हैं। आज के ही दिन माँ भगवती का विषेष श्रृंगार किया जाता है। क्षेत्र का यह इकलौता देवी मंदिर है, जहां श्रद्धालुओं के द्वारा पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ शामिल होते हैं और भक्ति रस में डूब जाते हैं, और खुद को धन्य समझते हैं ।

डोला यात्रा समाप्ति के बाद पूजा अर्चना के साथ महाआरती की गई । डोला यात्रा को लेकर सर्वेश्वरी अनुयायियों में काफी उत्साह देखने को मिला और बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ यहां उमड़ी । संकीर्तन में हर आयु वर्ग के लोगों के साथ ही भारी संख्या में महिलाओं का भी उत्साह देखने को मिला

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के गृह निवास में भव्य कलश यात्रा के साथ चार दिवसीय रामनवमी महायज्ञ का हुआ शुभारम्भ

जशपुर: जिले के कांसाबेल ब्लॉक के बगिया में स्थित सीएम निवास में शुक्रवार को भव्य कलश यात्रा के साथ चार दिवसीय रामनवमी महायज्ञ का भव्य शुभारम्भ हुआ। हिन्दू नव वर्ष और भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव राम नवमी के शुभ अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम मे शामिल होने के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जमा होने लगी।सीएम निवास झांझ-मांदर की थापो के साथ भगवान श्रीराम के जयकारे और माता रानी की भक्ति गीतों से गूंज रहा था। दोपहर लगभग तीन बजे सीएम निवास से कलश यात्रा शुरू हुई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी कौशल्या साय भी इस कलश यात्रा मे शामिल हुईं और श्रद्धालु महिलाओं के साथ कदम से कदम मिला कर नदी तट तक पहुंचीं और वापस आयोजन स्थल आईं। सिर पर कलश रखकर श्रद्धांलु महिलाओं ने पेंड्रा नदी के तट से पवित्र जल लेकर आयोजन स्थल पहुंचीं। पवित्र जल से पूजा स्थल को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शुद्धिकरण किया गया। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार माता रानी की प्रतिमा का प्राण प्रतिष्ठा की प्रक्रिया शुरू हुई। हवन पूजन और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्रतिमा स्थापित की गईं।उल्लेखनीय है कि बगिया में इस भव्य राम नवमी महायज्ञ का आयोजन धर्म संस्थापक परम पूज्य गुरुदेव स्वामी सर्व श्री धनपति पंडा जी महाराज गुरुधाम भुईयांपानी लैलूंगा के आशीर्वाद से सत्य सनातन धर्म देवी समाज के सानिध्य में किया गया है। कार्यक्रम के दूसरे दिन शनिवार को आरती व पूजन के साथ प्रवचन, लीला व भजन का आयोजन किया जाएगा।रविवार को नियमित पूजा के साथ संधि पूजा, प्रवचन और लीला भजन और कार्यक्रम के अंतिम दिन सोमवार को नवकन्या पूजन, पूर्णाहुति, सहस्त्र स्नान, आशीर्वाद, प्रतिमा विसर्जन व प्रसाद वितरण के साथ रामनवमी महायज्ञ का यह कार्यक्रम संपन्न होगा।प्रवचन, लीला और भजन संध्या का होगा आयोजन कलश यात्रा के बाद मां दुर्गे की प्रतिमा स्थापना, हवन पूजन और आरती का आयोजन किया जाएगा। दूसरे और तीसरे दिन आरती, पूजा, प्रवचन, लीला और भजन का आयोजन किया जाएगा। वहीं अंतिम दिन में नवकन्या पूजन, पूर्णाहुति, सहस्त्र स्नान, आशीर्वाद, प्रतिमा विसर्जन और प्रसाद वितरण के साथ रामनवमी महायज्ञ का यह कार्यक्रम संपन्न होगा। सत्य सनातन धर्म देवी संत समाज ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि, वे इस कार्यक्रम में ज्यादा-से-ज्यादा संख्या में शामिल हों।

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फर्जी जन्म प्रमाण-पत्र बनाने वाले गिरोह की अब खैर नही,होगी एफ.आई.आर.,जाएंगे जेल

जशपुर : जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया है कि राज्य में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाने वाले व्यक्ति व गिरोह सक्रिय है। 
          जिला योजना एवं सांख्यिकी के उप संचालक ने रजिस्ट्रार जन्म-मृत्यु एवं अधीनस्थ समस्त रजिस्ट्रार एवं उप रजिस्ट्रार के संज्ञान में उनके क्षेत्राधिकार अंतर्गत् फर्जी जन्म प्रमाण-पत्र बनवाने वाले व्यक्ति व गिरोह का पता चलता है तो इनके विरूद्ध नजदीकी पुलिस थाने में एफ.आई.आर. पंजीकृत करवाते हुए अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।

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शम्भूनाथ चक्रवती बने छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष

नारायणपुर :- छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने 2 अप्रैल को निगम, मंडल, बोर्ड और आयोग में अध्यक्ष पदों की सूची जारी कर दी है. जिसमे 4 महिलाएं और 32 पुरुष शामिल हैं. साय सरकार सरकार बनने के बाद से इन मंडल और निगमों में नियुक्तियों का इंतजार किया जा रहा था. इसमें शम्भूनाथ चक्रवती  को प्रदेश माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष बनाए गए हैं. 
      प्रदेश के कुम्हारों को आर्थिक एवं सामाजिक विकास में मदद देने के लिए राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड का गठन किया है,छत्तीसगढ़ सरकार ने शम्भूनाथ चक्रवती क छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया है।
    छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के नव नियुक्तअध्यक्ष शम्भूनाथ चक्रवती ने कहा कि प्रदेश के कुम्हारों और माटी शिल्पियों के आर्थिक और तकनीकी विकास से लिए बोर्ड का गठन किया गया है। बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के जरिए माटी शिल्पियों के कौशल विकास के साथ ही उनके द्वारा उत्पादित वस्तुओं के विक्रय की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि बोर्ड की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लागों तक पहुंचाया जाएगा।उन्होंने आगे कहा  कि शिल्प एवं माटी कला शिल्पकार जातियों के जीवन की महत्वपूर्ण कड़ी है। हमें पूर्ण जिम्मेदारी व सतर्कता से कार्य करते हुए मुख्यमंत्री जी की भावना के अनुरूप शिल्प एवं माटी कला संस्कृति को संरक्षित व प्रोत्साहित करना है, कला व कलाकारों के उत्थान के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।

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'जल जागृति जशपुर' अभियान का विधायक ने किया शुभारम्भ, ग्रामीणों को सिखाये गए जल एवं भूमि संरक्षण के तरीके

जशपुर :  जिले में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए विधायक जशपुर श्रीमती रायमुनी भगत ने लोदाम से'जल जागृति जशपुर' अभियान का गुरुवार को शुभारम्भ किया। जल जागृति अभियान जल शक्ति मंत्रालय द्वारा चलाये जा रहे जल शक्ति अभियान के कैच द रैन का एक भाग है। इसके तहत गांव गांव में जाकर जल एवं भूमि संरक्षण तथा संवर्धन के प्रति जागरूकता लाने के साथ साथ श्रमदान एवं अन्य आयोजनों द्वारा लोगों को जल संरक्षण हेतु प्रोत्साहित किया रहा है।
       इस अवसर पर विधायक ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जल को जीवन की संज्ञा दी गयी है। जल के बिना इस पृथ्वी पर जीवन की कल्पना भी नहीं कि जा सकती। ऐसे में जल का सदुपयोग करना हमारी जिम्मेदारी है। सभी को अपने घरों में बारिश के शुद्ध जल को एकत्र करने के लिए सोक पिट और वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाना चाहिए। उन्होंने पानी के संरक्षण के द्वारा पृथ्वी को बचाने का संदेश देने के लिए घड़ों के रूप में पृथ्वी को नदी, तालाब एवं कुएं के प्रतितात्मक घड़ों से भर कर लोगों से जल संरक्षण की अपील की।
       कार्यक्रम में भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा जल प्रहरी एवं वाटर हीरो के रूप में सम्मानित श्री नीरज वानखेड़े द्वारा मनोरंजक तरीकों से भूमि एवं जल संचयन के तरीकों का प्रशिक्षण दिया गया। इसमें उन्होंने चित्रकला, वीडियो, खेल, मॉडल के माध्यम से ग्रामीणों को जल संरक्षण के तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने लाइव मॉडल के माध्यम से जल संरक्षण की आवश्यकता को प्रदर्शित कर लोगों को इसके महत्व को दर्शाया। 
        इस दौरान समाज सेवी संस्था श्रद्धा सबूरी के स्वयंसेवकों द्वारा सोख़्ता गड्ढा, बोर रिचार्ज, वाटर हार्वेस्टिंग, डिप सीसीटी, गेबियन स्ट्रक्चर, एलबीएस, मेढ़ बंधान आदि जल संरक्षण के तरीकों की जानकारी दी गयी। उल्लेखनीय है कि जिले में लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने एवं जल संरक्षण को तीव्र गति से संचालित करने के लिए जल जागृति जशपुर अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में एक माह तक सभी स्कूल, कॉलेजों एवं ग्रामीण संस्थाओं में जागरूकता हेतु जल जागृति शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही नदी, नालों, जल वितरिकाओं, जल संभरण करने वाली अवनालिकाओं एवं जल स्त्रोतों के आस पास जन सहयोग से श्रमदान द्वारा सफाई की जाएगी। 
        इसके अंतर्गत 04 अप्रैल को ग्राम नीमगांव, 05 अप्रैल को ग्राम घोलेंग, 06 अप्रैल को ग्राम बोकी में जागरूकता शिविर एवं श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। सभी शासकीय कार्यालयों में भी वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को लगाया जाएगा। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिख साय, उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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लोदाम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का कलेक्टर ने  किया  निरीक्षण,मरीजों से चर्चा कर व्यवस्थाओं की ली जानकारी

जशपुर, : जिले में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुदृढ करने के लिए कलेक्टर रोहित व्यास एवं जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार द्वारा गुरूवार को लोदाम स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर ने लोदाम सीएचसी में ओपीडी पर्ची की व्यवस्था का अवलोकन किया। उन्होंने बीएमओ एवं अन्य अधिकारियों से स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों एवं अन्य चिकित्साकर्मियों की व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली। 
        उन्होंने इस दौरान एनसीडी कक्ष, परामर्श कक्ष, स्टोर रूम, फार्मेसी, ड्रेसिंग कक्ष, दन्त चिकित्सा कक्ष, प्रयोगशाला, फिजियोथेरेपी कक्ष, प्रसव कक्ष आदि का निरीक्षण किया। जिसमें उन्होंने सभी उपकरणों की जांच की एवं पंजियों की जांच करते हुए प्रतिदिन मरीजों की संख्या एवं दिए जा रहे उपचार के संबंध में सभी से विस्तृत चर्चा की तथा मरीजों को हर संभव सहायता करने हेतु निर्देशित किया।
          उन्होंने उपचार कराने आये मरीजों एवं उनके परिजनों से चल रहे उपचार एवं सुविधाओं के संबंध में चर्चा करते हुए व्यवस्थाओं की जानकारी ली। जिस पर मरीजों द्वारा व्यवस्थाओं के संबंध में संतुष्टि व्यक्त की गई। कलेक्टर ने एक्स रे मशीनों की जानकारी लेते हुए किये जा रहे टेस्टों एवं उपचारों की पंजी की भी जांच की। उन्होंने अस्पताल परिसर के शौंचालयों की जांच करते हुए उनमें सफाई करवाने एवं सभी नलों को पानी के कनेक्शन से जुड़वाने को कहा। उन्होंने अस्पताल परिसर में छतों से आने वाले वर्षा जल को संचयित करने के लिए अस्पताल परिसर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल में उपचार प्राप्त कर रहे मरीजों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने फार्मेसी में दवाइयों की उपलब्धता एवं टीकाकरण की सुविधाओं का भी अवलोकन किया। उन्होंने अस्पताल परिसर में कक्षों को सुव्यवस्थित करने के भी निर्देश दिए।

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योग आयोग अभिनंदन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी  ने भारत की प्राचीन विधा योग को विश्वपटल पर किया स्थापित - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

रायपुर :योग आत्मा, मन और शरीर को संतुलित करने का सबसे बड़ा माध्यम है। हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने योग को विश्वपटल पर स्थापित किया और आज पूरी दुनिया भारत की इस प्राचीन विधा को अपनाकर आरोग्य की प्राप्ति कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री रूपनारायण सिन्हा के पदभार ग्रहण हेतु अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ राजधानी रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित गरिमामयी समारोह में मुख्यमंत्री श्री साय ने संतों का अभिवादन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने योग आयोग के नव-नियुक्त अध्यक्ष श्री सिन्हा को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्री सिन्हा को छत्तीसगढ़ को जोड़ने और स्वस्थ रखने की बड़ी जिम्मेदारी मिली है। जनसेवा को समर्पित उनका सामाजिक जीवन और सांगठनिक दायित्वों के लंबे अनुभव का लाभ योग आयोग के साथ ही प्रदेशवासियों को भी मिलेगा। 2017 में स्थापित योग आयोग की अब तक की यात्रा शानदार रही है और श्री सिन्हा के नेतृत्व में यह नए कीर्तिमान स्थापित करेगी।
मुख्यमंत्री  श्री साय ने कहा कि भारत में योग ऋषि-मुनियों की देन है और वे इस सुंदर परंपरा के संवाहक भी हैं। योग शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक अभ्यास है और इसका अर्थ है जुड़ना या एकजुट होना, जो शरीर और चेतना के मिलन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से ही योग रूपी इस चेतना का विश्वभर में विस्तार हुआ और संयुक्त राष्ट्र संघ ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने को मान्यता दी। श्री साय ने कहा कि योग विश्वभर में विभिन्न रूपों में प्रचलित है और इसकी लोकप्रियता निरंतर बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी से अपील करते हुए कहा कि हमें स्वस्थ तन-मन के लिए योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए और भावी पीढ़ी को योग से जोड़कर इसका महत्व समझाना चाहिए।
योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री रूपनारायण सिन्हा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि योग सभी के लिए है और सभी को जोड़ने का काम करता है। संगठन में काम करते हुए सदैव मैंने लोगों को जोड़ने का कार्य किया है और आज मुझे योग आयोग के माध्यम से सभी को जोड़ने की बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। श्री सिन्हा ने कहा कि प्रकृति में अनेक महत्वपूर्ण संपदाएं उपलब्ध हैं, परंतु इनमें सर्वश्रेष्ठ मानव संपदा है। मुख्यमंत्री जी ने मुझे मानव संपदा को स्वस्थ रखने का जिम्मा सौंपा है और इसे पूरा करने के लिए योग को जन-जन तक पहुंचाना हमारा लक्ष्य है।हमारे प्रधानमंत्री जी नियमित योग करते हैं। उनकी ऊर्जा और कार्यक्षमता से आज सारी दुनिया वाकिफ है। श्री सिन्हा ने योग की विश्वव्यापी लोकप्रियता और प्रासंगिकता पर अपने विचार साझा किए।
इस अवसर पर समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री संपत अग्रवाल, विधायक श्री अनुज शर्मा, डॉ. रामप्रताप सिंह, श्री संजय श्रीवास्तव, महामंडलेश्वर श्री हरिहरानंद महाराज, पूज्य संत उदयनाथ जी महाराज, श्री वासु देवानंद जी महाराज, समाज कल्याण विभाग के सचिव श्री भुवनेश यादव, संचालक समाज कल्याण श्रीमती रोक्तिमा यादव सहित पूजनीय संत समाज, योग आचार्य और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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पुलिस का ऑपरेशन शंखनाद जारी : गौ वंश तस्करी के दौरान पुलिस का पीछा करते वक्त वाहन छोड़ फरार आरोपी को पुलिस ने गिरप्तार कर भेजा जेल


जशपुर : पुलिस ने बताया कि  दोकड़ा पुलिस को मुखबीर से सूचना मिली थी, कुछ व्यक्ति एक सफेद रंग की पिकअप वाहन क्रमांक JH01-EX-7159में अवैध रूप से गौ वंशों को लोड कर दोकड़ा - बंदरचुआ रोड से रांची (झारखंड) की ओर ले जा रहे हैं, जिस पर दोकड़ा पुलिस के द्वारा तत्काल वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सूचना से अवगत कराते हुए, त्वरित कार्यवाही करते हुए, दोकड़ा चोंगरीबहार चौक में नाकाबंदी कर  वाहनों की चेकिंग की जा रही थी, कि इसी दौरान संदेही पिकअप वाहन क्रमांक JH01-EX-7159 तेज रफ्तार से आया, व पुलिस को देखकर पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेट के किनारे से पिकअप वाहन को तेजी से निकाल कर भगाने लगा, जिसका पुलिस के द्वारा पीछा किया गया था, पुलिस को पीछा करते हुए देख आरोपी पिकअप चालक ग्राम बगिया के पास पिकअप वाहन को छोड़कर भाग गया था, पुलिस के द्वारा जब उक्त संदेही पिकअप वाहन की तलाशी ली गई तो उसमें 11 नग गौ वंशों को बेरहमी पूर्वक, ठूस ठूस कर भरा गया था, पुलिस के द्वारा सभी 11 नग गौ वंशों को सकुशल पिकअप से बाहर निकाल कर बरामद कर लिया गया था व सभी गौ वंशों की चिकित्सीय ईलाज भी कराई गई थी। साथ ही तस्करी में प्रयुक्त पिकअप वाहन को भी जप्त कर लिया गया था।
               चौकी दोकड़ा में फरार आरोपी चालक के विरुद्ध4.6.10 छ ग कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 के तहत् अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया था, साथ ही मुखबिर व पुलिस की टेक्निकल टीम की मदद से फरार आरोपी चालक की पता साजी की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबीर से पता चला कि उक्त संदेही पिकअप वाहन को आरोपी चालक मो. आरिफ उम्र 26वर्ष निवासी साईं टांगर टोली थाना लोदाम जिला जशपुर( छ ग) के द्वारा घटना दिनांक को   गौ वंशों की तस्करी करते हुए चलाया जा रहा था, जो कि पुलिस को पीछा करते देख पिकअप को छोड़ फरार हो गया था।
            पुलिस के द्वारा आरोपी चालक मो. आरिफ उम्र 26वर्ष निवासी साईं टांगर टोली थाना लोदाम जिला जशपुर( छ ग) को उसकी गृह ग्राम साईं टांगर टोली से हिरासत में लेकर चौकी दोकड़ा लाया गया ।
                पुलिस की पूछताछ में आरोपी के द्वारा अपराध स्वीकार करते हुए बताया गया कि वह पिकअप वाहन के मालिक,साकिर मीर निवासी मुर्गु थाना सीसई जिला गुमला ( झारखंड)के कहने पर 11 नग गौ वंशों को पिकअप में भरकर लुड़ेग क्षेत्र से गुमला ले जा रहा था। जिसके संबंध में पुलिस की जांच जारी है, शीघ्र मामले में शामिल अन्य संदेहियों की भी गिरफ्तारी की जाएगी।
           प्रकरण के आरोपी मो. आरिफ उम्र 26वर्ष निवासी साईं टांगर टोली थाना लोदाम जिला जशपुर( छ ग) के द्वारा अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त अपराध सबूत पाए जाने पर विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
             फरार आरोपी की गिरफ्तारी एवं मामले की विवेचना में थाना प्रभारी लोदाम निरीक्षक श्री हर्षवर्धन चौरासे, चौकी प्रभारी दोकड़ा श्री अशोक यादव, सहायक उप निरीक्षक श्री रामजी साय पैंकरा, प्रधान आरक्षक प्रदीप लकड़ा, आरक्षक दिवान साय, कुलकांत हंसरा, श्याम कुमार चौहान व नगर सैनिक सतीश तिर्की की सराहनीय भूमिका रही है।
         मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह ने बताया कि जशपुर पुलिस ऑपरेशन शंखनाद के तहत् पशु तस्करी में संलिप्त फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चला रही है, किसी भी फरार आरोपी को बख्शा नहीं जावेगा

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मृतिका महिला सरपंच का जेठ ही निकला हत्या का  आरोपी,अंधविश्वास एवं घरेलू ईष्या में आरोपी ने दिया जघन्य अपराध को अंजाम,

 जशपुर पुलिस ने 24 के घंटे के अंदर सुलझाई महिला सरपंच के अंधे कत्ल की गुत्थी, आरोपी को किया गिरफ्तार।

 अपने परिवार की परेशानी से काफी दिनों से परेशान था आरोपी।

थाना तुमला क्षेत्र के ग्राम डोंगादरहा का मामला,आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त लोहे का कुल्हाड़ी जप्त

आरोपी के विरुद्ध थाना तुमला चौकी कोल्हेनझरिया में बी.एन.एस. की धारा 103(1) के तहत अपराध पंजीबद्ध।


जशपुर : पुलिस से मिली जानकारी अनुसार  प्रार्थी उत्तम सिदार उम्र 40 साल निवासी डोंगादरहा ने चौकी कोल्हेनझरिया थाना तुमला में रिपोर्ट दर्ज कराया कि यह 1 अप्रैल के लगभग 09 बजे मोटर सायकल मरम्मत करवाने घर से निकला था, लगभग 12ः20 बजे इसे इसकी पुत्री ने सूचना दिया कि घर के सिन्टेक्स टंकी के पास इसकी पत्नी श्रीमती प्रभावती बाई के सिर, गले में अज्ञात आरोपी ने धारदार हथियार से वार कर गंभीर चोंट पहुंचाया है, जिसे ईलाज हेतु कोतबा अस्पताल लेकर आये हैं, वहीं पर पहुचने हेतु कहने पर प्रार्थी के कोतबा अस्पताल में पहुंचने पर देखा कि उसकी पत्नी की मृत्यू हो चुकी है। मर्ग जाॅंच एवं पी.एम. रिपोर्ट में मृतिका की मृत्यू हत्या करने से होना पाये जाने पर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध बी.एन.एस. की धारा 103(1) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
                      एसएसपी जशपुर श्री शशि मोहन सिंह द्वारा उक्त अंधे कत्ल के आरोपी की पतासाजी हेतु अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री अनिल सोनी एवं एसडीओपी पत्थलगांव श्री ध्रुवेश कुमार जायसवाल के नेतृत्व में टीम गठित कर पतासाजी हेतु रवाना किया गया, टीम में सायबर सेल, डाॅग स्कवायड एवं फारेंसिक एक्सपर्ट को भी सम्मिलित किया गया।
                                पुलिस टीम को विवेचना के दौरान ज्ञात हुआ कि मृतिका नव निर्वाचित सरपंच है, उसकी 02 पुत्री हैं। घटना दिनांक के प्रातः लगभग 09 बजे मृतिका के पति उत्तम सिदार अपनी मोटर सायकल मरम्मत करवाने घर से बाहर किसी दुकान पर गये थे। मृतिका की दोनों पुत्री घर में थी उसी दौरान लगभग 09ः30 बजे पुत्री के बुआ की लड़की का फोन आया और वो बताई कि बस से आ रही हुं, लेने के लिये आओ तो दोनों बहनें घर से निकलकर बस का इंतजार करने के लिये रोड तरफ आ गई वो 12 बजे तक इंतजार की, परंतु उसकी बुआ की लड़की नहीं आई। उसी समय बुआ की लड़की ने उन्हें फोन कर बताया कि वो उसे अप्रैल फूल बना रही थी। इसके पश्चात् दोनों पुत्री घर में आ गये और माॅं को ढूंढते हुये घर के पीछे सिन्टेक्स टंकी के पास जाकर देखे तो उसकी माॅं घायल अवस्था में थी, उसके सिर, गले पर चोंट का निषान था, एवं परिजनों की सहायता से उसे ईलाज हेतु कोतबा अस्पताल में ले जाया गया था जहां उसकी मृत्यू हो गई। 

                       चूंकि हत्या महिला सरपंच की हुई थी, पूरे इलाके में सनसनी फैल गया था और कई लोग इसे राजनैतिक प्रतिस्पर्धा पर हत्या का एंगल कह रहे थे। पुलिस ने इस मामले की जाॅंच हेतु कई एंगल रखे थे, उसमें एक एंगल यह भी था। पुलिस की टीम घटना स्थल का निरीक्षण करने के बाद ही समझ गई थी कि इस घटना में बाहर का व्यक्ति सम्मिलित नहीं है, क्योंकि घर के एक ही आंगन में उसकी जेठानी रहती है, उस दौरान हुई हत्या में बीच-बचाव करने जरूर आई होती। बाहर के व्यक्ति अगर घटना में सम्मिलित होता तो उसे कोई न कोई घर में प्रवेष करते हुये जरूर देखा होता। पुलिस द्वारा शक का दायरा परिवारवालों के उपर ही केन्द्रीत कर जेठानी से कड़ाई से पूछताछ करने पर वह पुलिस को गुमराह करते हुये स्वयं के द्वारा हत्या करना बता रही थी। पुलिस द्वारा उसके शारीरिक रूप से कमजोर होने एवं बीमार होने पर उक्त जघन्य अपराध को अंजाम की स्टोरी पर सहज विष्वास नहीं कर रही थी। उसके द्वारा हत्या करने की बात अपने पति को बताई तो वह 02 झापड़ मार दिया। 
                     आरोपी पुस्तम सिंह सिदार को अभिरक्षा में लेकर मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ करने पर ज्ञात हुआ कि उसकी बहु से पुराना विवाद चल रहा था, मृतिका के अंधविष्वास करने से उसके परिवार के सदस्यों की तबियत हमेशा खराब रहती थी, मृतिका हमेशा उसके परिवार का मजाक उड़ाती थी। कुछ दिन पूर्व में वह परेशान होकर आत्महत्या करने की कोशिश किया था एवं पत्नी एवं 03 पुत्रियों को जहर देकर मारने की सोचा था। इसी बात से वह घटना दिनांक को मौका पाकर घर में रखे कुल्हाड़ी लेकर मृतिका के घर गया और उसे टांगी से वारकर हत्या कर दिया। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त टांगी को जप्त किया गया है। आरोपी के विरूद्ध अपराध सबूत पाये जाने पर उसे  गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।
                    प्रकरण की विवेचना कार्यवाही एवं आरोपी को गिरफ्तार करने में एसडीओपी पत्थलगांव श्री ध्रुवेश कुमार जायसवाल, निरीक्षक कोमल नेताम, सउनि. टी.आर. सारथी, प्र.आर. विनोद राम, आर. 229 शिवकुमार महतो, म.आर. सरोज इत्यादि का योगदान रहा है। 
                    मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह ने बताया कि - महिला सरपंच की हत्या करने के आरोपी को पुलिस टीम द्वारा अत्यंत प्रोफेशनल तरीके से जाॅंच कर 24 घंटे के अंदर ही गिरफ्तार कर लिया गया है, पुलिस टीम के अतिषीघ्र मामले का खुलासा करने पर उन्हें नगद ईनाम से पुरष्कृत किया गया है। 

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बिजली व्यवस्था दुरुस्त रखने सीएम कैंप कार्यालय के सराहनीय पहल, दाराख़रीका के हस्तिनापुर में बदला गया खराब ट्रांसफार्मर,बिजली से रौशन हुआ गांव,

नारायणपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर बगिया में खोले गए मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में लोगों की मांगों और समस्याओं के सामाधान का त्वरित निराकरण जारी है। कैंप कार्यालय के निर्देश पर ग्रामीण क्षेत्रों से  समस्या आने पर तत्काल ट्रांसफार्मर लगाने,लाईन सुधारने का कार्य किया जा रहा है। इससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिल रही है। हाथी प्रभावित क्षेत्र होने की वजह से मुख्यमंत्री श्री साय के द्वारा बिजली व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।इसी कड़ी में कुनकुरी विकासखंड के अंतर्गत ग्राम हस्तिनापुर में ट्रांसफार्मर खराब होने की वजह से बिजली आपूर्ति बाधित हो रही थी।

     ग्राम हस्तिनापुर में कल शाम 5 बजे ट्रांसफार्मर जल जाने से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप्प हो गई,टिकेश्वर यादव एवं ग्रामीणों ने कैम्प कार्यालय में फोन पर वाट्स अप के जरिये समस्या बताई ओर आवेदन दिया,तत्काल समस्या को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के निर्देश पर तत्काल खराब ट्रांसफॉर्मर को 1 घंटे के भीतर बदल दिया गया,जिससे बिजली आपूर्ति पुनः बहाल हो गई है। ग्रामीणों ने इसके लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। 

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गांव स्वच्छ और सुन्दर रहेगा तो नही होगी बीमारी-कलेक्टर,शौचालय निर्माण कार्य को जून तक किसी भी स्थिति में पूर्ण करने के दिए निर्देश

गांव में रहने वाले सभी लोगों को यह याद रखना चाहिए कि गांव को साफ-सुथरा रखने से बीमारियाँ कम होती हैं, इसलिए सभी को सफाई का ध्यान रखना चाहिए 

जशपुर : कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा करते हुए ग्राम पंचायतों को सुंदर स्वच्छ बनाने के लिए कहा है। उन्होंने जितने भी शौचालय के कार्य स्वीकृत हुए है। उसको हर हाल में बरसात से पहले जून तक पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार सभी जनपद सीईओ और ब्लाक कार्डिनेटर आनलाइन के माध्यम से बैठक से सीधे जुड़े थे। समीक्षा के दौरान कुनकुरी और पत्थलगांव जनपद सीईओ से शौचालय निर्माण की धीमी प्रगति के संबंध में जानकारी ली। और अगली बैठक में अपने विकास खंड के निर्माण कार्य संबंधी जानकारी अपडेट डाटा के साथ आने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने ग्राम पंचायतों में श्रमदान अभियान चलाने के लिए कहा है और गांव के लोगों के साथ जनप्रतिनिधिगण को प्रत्यक्ष रूप से शामिल करने के निर्देश दिए हैं। बगीचा विकास खंड में स्वच्छता ग्राही का काम चालू करने के निर्देश दिए हैं। स्वच्छता दीदियों के कचरा कलेक्शन करने के लिए नया रिक्शा खरीदने के लिए कहा और बिगड़े रिक्शा को ठीक करने के निर्देश दिए । स्वच्छता दीदियों को नियमित कचरा कलेक्शन करने के निर्देश दिए हैं। और ग्राम पंचायतों में यूजर जार्ज लेने के लिए कहा है। कम राशि ही ले लेकिन यूजर जार्ज अनिवार्य रूप से लेने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने ग्राम पंचायतों में स्वच्छता के महत्व की भी जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अपने आस पास के वातावरण को स्वच्छ रखगे तो बीमारियां नहीं फैलीगी लोग बीमार नहीं होंगे और डाक्टर के पास जाना नहीं पड़ेगा दवाई का खर्चा बचेगा इस बातों की जानकारी भी देने के लिए कहा है। ग्राम पंचायतों के बस स्टैंड, धार्मिक स्थल, पर्यटन स्थल और सार्वजनिक जगहों में जनप्रतिनिधियों और ग्रामवासियों के साथ सुबह 7.30 बजे स्वच्छता अभियान चलाने के  दिए निर्देश।

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गर्मी में जल आपूर्ति के लिए नगर पंचायत तैयार,मुख्यमंत्री के निर्देश पर  नल-जल के साथ टैंकरों से पहुंचाया जा रहा है पानी,जिससे गर्मी के मौसम में पेयजल व्यवस्था निर्बाध और सुचारू बनी रहे

जशपुर : गर्मी के मौसम में कुनकुरी के नगरवासियों की पानी की जरूरत को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर नगर पंचायत ने पानी आपूर्ति के लिए मोर्चा सम्हाल लिया है। नल-जल से निर्बाध पानी आपूर्ति के साथ नगर पंचायत के कर्मचारी इन दिनों टैंकर से नगरवासियों की पानी की जरूरत पूरा करने के लिए पसीना बहा रहे हैं। सीएमओ प्रवीण उपाध्याय ने बताया कि सीएम के निर्देश पर गर्मी के दौरान पानी की मांग को पूरा करने के लिए नगर पंचायत ने पूरी तैयार कर ली है। उन्होनें बताया कि नगर के 15 वार्डो में मुहल्लेवासियों को पानी की आपूर्ति के लिए नगर पंचायत के पास 11 बोरवेल है। इसके अलावा ईब नदी में निर्मित एनीकट से नगर में निर्मित 3 पानी टंकियों से  948 नल कनेक्शनधारी उपभोक्ताओं को पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा जरूरत के अनुसार अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराने के लिए नगर पंचायत के पास पानी के पांच टैंकर उपलब्ध है। इनसे सुबह-शाम पानी की आपूर्ति की जा रही है। कुनकुरीवासियों को 24 घंटे पानी उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अमृत मिशन 2.0 योजना के अंर्तगत 48.81 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इस राशि से ईब नदी में एनीकट और पंप हाउस के साथ फिल्टर प्लांट का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही नगर के हर घर में नल जल पहुंचाने के लिए पाईप लाइन विस्तार की योजना भी बनाई गई है। दिसंबर 2026 तक योजना का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना के पूर्ण हो जाने से कुनकुरी में जल समस्या बीते दिनों की बात हो जाएगी।

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दंतेवाड़ा में गूंजेगा बस्तर के राम -  डॉ. कुमार विश्वास सुनाएंगे 'बस्तर के राम' की अनुपम कथा,बस्तर पंडुम के उ‌द्घाटन दिवस में होगा  कार्यक्रम

रायपुर :बस्तर क्षेत्र की कला, संस्कृति और परंपराओं के उत्सव 'बस्तर पंडुम' में  डॉ. कुमार विश्वास द्वारा "बस्तर के राम"  कथा वाचन किया जाएगा। आगामी 3 अप्रैल को होने वाला यह आयोजन, बस्तर क्षेत्र में शांति और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के नए सोपान तय करेगा। 
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय  ने “बस्तर पंडुम 2025” को बस्तर की आत्मा से जुड़ा एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण बताते हुए कहा कि यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि बस्तर की अस्मिता, आस्था और आकांक्षाओं का उत्सव है। उन्होंने कहा कि ‘बस्तर के राम’ जैसे कार्यक्रम बस्तर की धरती को आध्यात्मिक ऊर्जा से जोड़ते हैं और यह सिद्ध करते हैं कि विकास का सबसे सशक्त मार्ग संस्कृति और परंपरा से होकर जाता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास जताया कि यह उत्सव बस्तर को वैश्विक सांस्कृतिक मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएगा और हमारी जनजातीय परंपराएँ आने वाली पीढ़ियों के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत बनेंगी।
उल्लेखनीय है कि दंडकारण्य क्षेत्र का रामायण काल में विशेष स्थान रहा है और श्री राम ने अपने वनवास काल का कुछ समय दंडकारण्य के जंगलों में व्यतीत किया था। डॉ. कुमार विश्वास बस्तर क्षेत्र के परिपेक्ष्य में श्री राम के महत्व पर अपनी राम कथा "बस्तर के राम" का वाचन करेंगे।
     बस्तर पण्डुम आयोजन में डॉ. कुमार विश्वास की वाणी में जब राम कथा की गूंज बस्तर की वादियों में फैलेगी तो इसमें सिर्फ शब्द नहीं बल्कि एक भावना होगी शांति, एकता और पुनर्जागरण की। इस आयोजन के माध्यम से बस्तर क्षेत्र में श्री राम के प्रवास का स्मरण कर अपनी समृद्ध पौराणिक विरासत का अनुभव कर सकेंगे।
       उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा  ने "बस्तर के राम” के आयोजन पर कहा कि  "बस्तर पण्डुम" और "बस्तर के राम” जैसे आयोजन बस्तर क्षेत्र को भारत और विश्व से जोड़ते एक सांस्कृतिक सेतु की तरह है, जो हमारे मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के बस्तर क्षेत्र के समेकित विकास के संकल्प का परिचायक है। बस्तर क्षेत्र आज गर्व से साक्षी बन रहा है कि हिंसा का अंत संभव है और शांति का मार्ग संस्कृति से होकर गुजरता है।
      उल्लेखनीय है कि जनजातीय बाहुल्य बस्तर संभाग के स्थानीय कला, संस्कृति एवं जीवन शैली संरक्षण-संवर्धन एवं प्रोत्साहन के लिए राज्य शासन द्वारा “बस्तर पण्डुम 2025" का आयोजन किया जा रहा है जिसके उ‌द्घाटन सत्र में शाम 6 बजे "बस्तर के राम" कार्यक्रम किया जाना निर्धारित है।

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पत्नी ही निकली पति की हत्यारिन : रोज रोज धान बेच कर पति को शराब पीना पड़ा महंगा, गुस्से में आकर पत्नी ने लकड़ी के डंडे से नशे में अचेत पड़े पति के सिर व हाथ में हमला कर मौत के घाट उतार दिया

जशपुर : जशपुर थाना क्षेत्र के बड़ा कोर्नजा गांव में महिला ने लाठी से अपने शराबी पति की पिटाई कर दी। जिससे उसकी मौत हो गई। आरोपी पत्नी सविता देवी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। शराबी पति धान बेचकर शराब पिया था इसी दौरान  गुस्से में आग बबूला होकर उसकी पत्नी सुसैना मिंज पति को ढूंढने गईगांव के एक घर मे शराब पीकर सोया हुआ है, गुस्से में आकर सुसैना ने लाठी से अपने पति की पिटाई कर दी जिससे लहुलहान हो गया और उसकी मौत हो गई।

     पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 16 मार्च को मृतक का बेटा प्रार्थी स्वदीप मिंज पिता स्व. बीरबल मिंज उम्र 25 वर्ष ने थाना सिटी कोतवाली जशपुर में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि, उक्त दिनांक को वह अपने किसी निजी काम से ग्राम गिरांग आया हुआ था, इसी दौरान शाम करीबन 07.00 बजे के लगभग उसका रिश्ते का मामा इमानुएल टोप्पो ने फोन कर बताया कि उसके पिताजी बीरबल मिंज की मृत्यु हो गई है, और वह गांव के एक व्यक्ति सेमरन टोप्पो के घर के आंगन में मृत अवस्था में पड़ा हुआ है, जिस पर प्रार्थी के द्वारा तत्काल सेमरन टोप्पो के घर में जाकर देखा तो पाया कि उसका पिता मृतक बीरबल मिंज, मृत अवस्था में है, उसके माथा से खून निकला हुआ है। उसे संदेह है कि किसी व्यक्ति के द्वारा उसके पिता की हत्या कर दी गई थी।
        रिपोर्ट पर थाना सिटी कोतवाली जशपुर पुलिस के द्वारा मामले के संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अवगत कराते हुए , बी एन एस की धारा 103(1) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया। व तत्काल  फॉरेंसिक टीम के साथ घटना स्थल  पहुंच शव का पंचनामा करते हुए, डॉक्टर से पोस्ट मार्डम कराया गया, पोस्ट मार्डम रिपोर्ट में डॉक्टर द्वारा बताया गया कि मृतक बीरबल मिंज की मृत्यु, अत्यधिक रक्तश्राव के कारण हुई है।
        चूंकि मामला अंधे कत्ल से संबंधित था, जिससे कि पुलिस  हत्या के सभी पहलुओं, पर गौर करते हुए, जांच कर रही थी, कि मृतक बीरबल मिंज की किसी से दुश्मनी तो नहीं थी , उसका गांव व समाज में बात- व्यवहार किस प्रकार से था, किसी से रुपए लेन देन, व जमीन संबंधी विवाद तो नहीं था।जांच दौरान पुलिस को पता चला कि मृतक बीरबल मिंज शराब पीने का आदि था , वह गांव में घूम घूम कर शराब पीता था, घर नहीं आता था,जहां मरजी वहां सो जाता था।
           शराब पीने के लिए रुपए नहीं मिलने पर अपने घर में रखे धान को चुराकर बेच देता था, उससे मिले रुपए से शराब खरीद कर पिता था। जब पुलिस के द्वारा उक्त दिशा में जांच की गई तो पुलिस ने पाया कि घटना दिनांक को मृतक बीरबल मिंज व उसकी पत्नी के मध्य धान चुराकर शराब पीने के संबंध में विवाद हुआ था।
          शक के आधार पर पुलिस के द्वारा जब मृतक की पत्नी सुसैना मिंज उम्र 50 वर्ष से पूछताछ की गई तो प्रारंभ में उसके द्वारा पुलिस को गुमराह करते हुए, गोल मटोल जवाब दिया जा रहा था, पुलिस के द्वारा जब मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ करने पर वह टूट गई, और बताई कि वह अपने पति के रोज रोज शराब पीने के आदत से परेशान थी व उसे हमेशा समझाइश देती थी, कि वह अपने दोस्ती यारी में शराब खोरी न करे,। घर के धान को बेचकर शराब न पिए, घटना दिनांक 15.83.25 को जब वह अपने काम से घर आई, तो देखी कि उसका पति बीरबल मिंज घर में नहीं है, व घर के धान को चुराकर भी ले गया है, जिस पर उसके द्वारा आवेश में आते हुए, अपने पति की गांव में पता तलाश किया जा रहा था, कि पाया कि उसका पति बीरबल मिंज, गांव के सेमरन टोप्पो के घर में शराब पीकर सोया हुआ है, जिस पर आरोपिया के द्वारा गुस्से में वहीं रखे लकड़ी के डंडे से मृतक बीरबल के सिर व हाथ में हमला कर वापस घर लौट आई।
         जशपुर पुलिस के द्वारा अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाते हुए आरोपिया सुसैना मिंज पति स्व बीरबल मिंज उम्र 50वर्ष निवासी बड़ा कोरंजा, थाना जशपुर, जिला जशपुर (छ. ग) को गिरफ्तार कर लिया गया है, व हत्या में प्रयुक्त लाठी डंडे को भी जप्त कर लिया गया है।
    आरोपिया के द्वारा अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त अपराध सबूत पाए जाने पर विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
       मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह ने बताया कि आरोपिया के द्वारा लकड़ी के डंडे से वार कर अपने पति  हत्या कर दी गई है, आरोपिया को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है।

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मुख्यमंत्री की पहल से अब ग्रामीण क्षेत्रों के लोगो को कीचड़ में चलने से मिलेगी निजात,सड़कों के लिए मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना से दर्जनों सीसी रोड सह नाली का होगा निर्माण

जशपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की विशेष पहल से अब जिले में सड़कों का जाल बिछ रहा है।जिले में सड़क निर्माण के लिए करोड़ों रुपए की स्वीकृति मिल चुकी है।मुख्यमंत्री श्री साय के  निर्देश पर जिले के ग्रामीण सड़कों के निर्माण के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है,लोगों को बरसात में कीचड़ में आवागमन करने की समस्या को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना से गांव मोहल्लों की सड़कों को सी सी रोड सह नाली निर्माण कार्य किया जाएगा।जिसके निर्माण के लिए कई गांव की सड़कों की स्वीकृति मिली है।

जिले के फरसाबहार तहसील क्षेत्र भेलवा ग्राम पंचायत के बढ़दरहा गांव के सीसी रोड सह नाली निर्माण सितंबर घर से बोनी क्रॉस पन्ना घर तक 17 लाख 71 हजार रुपए, ग्राम पंचायत अमडीहा के जुनाडीह में सीसी रोड सह नाली निर्माण अनटोनिश तिर्की घर से जोरम लकड़ा घर तक 20 लाख 99 हजार रुपए, ग्राम पंचायत फरसाबहार के सीसी सड़क सह नाली निर्माण बांगुर सिया से हाउजिंग बोर्ड कॉलोनी तक , मीना बाई घर से मन बहाल घर तक 30 लाख 99 हजार रुपए,ग्राम पंचायत झारमुंडा के सीसी सड़क सह नाली निर्माण रतन चौहान घर से संजो घर तक 20 लाख 99 हजार रुपए,कांसाबेल तहसील के ग्राम पंचायत चोंगरीबाहर में सीसी सड़क सह नाली निर्माण आंतों निस एक्का घर से मरियम पन्ना घर तक 29 लाख 59 हजार रुपए,दुलदुला तहसील के ग्राम पंचायत गट्टीबूढ़ा के रायटोली पहुंच मार्ग से राजेंद्र घर तक सीसी सड़क सह नाली निर्माण 32 लाख 33 हजार रुपए,कुनकुरी तहसील के ग्राम पंचायत सैंड्रीमुंडा के बरदांड सीसी सड़क सह नाली निर्माण सुरेंद्र सिंह घर से राजेंद्र घर तक 14 लाख 12 हजार रुपए,ग्राम पंचायत हेटकपा के नोनपानी से बस्ती पहुंच मार्ग तक 8 लाख 79 हजार रुपए,फरसाबहार तहसील के झरन में सीसी सड़क सह नाली निर्माण मसरी घाट से चंद्रभान घर तक, स्कूल के पास से अजित घर तक 64 लाख 5 हजार रुपए,पत्थलगांव के कछार बहमा चौक लुड़ेग से फैक्ट्री तक 71 लाख 24 हजार रुपए,बगीचा के ग्राम पंचायत जूरूदांड में सीसी रोड सह नाली निर्माण चौक से स्कूल तक 20 लाख 30 हजार रुपए की स्वीकृति मिली है।

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प्रदेश में बदल सकता है मौसम का मिजाज,अप्रैल के शुरुआती दिनों में बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना

छत्तीसगढ़ : प्रदेश में अप्रैल के शुरुआती दिनों में फिर मौसम बदलने वाला है। 2 अप्रैल के बाद बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। इस वजह से कुछ क्षेत्रों में इसका असर देखने को मिलेगा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण छत्तीसगढ़ से तमिलनाडु तक ट्रफ (द्रोणिका) महाराष्ट्र और कर्नाटक तक सक्रिय है। इस सिस्टम के चलते प्रदेश के कुछ इलाकों में बादल छाने, तेज हवाएं चलने और हल्की बारिश होने की संभावना है। हालांकि, तब तक प्रदेश में मौसम शुष्क ही बना रहेगा और दिन के तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा। पिछले दो दिनों से रायपुर सबसे गर्म बना हुआ है। रविवार को यहां तापमान 40.4 डिग्री रहा। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में पिछले 24 घंटे में तापमान में बदलाव देखा गया। कुछ जिलों में पारा चढ़ा तो कुछ में मामूली गिरावट भी दर्ज हुई।

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