ताजा खबरें


बड़ी खबर

वित्त विभाग के निर्देश पर आहरण अधिकारियों से चेक बुक कोषालयों में जमा कराने निर्देश जारी,

जशपुरनगर : छत्तीसगढ़ शासन वित्त विभाग के निर्देशानुसार 24 मार्च 2025 अपरान्ह 5.30 बजे तक समस्त चेक आहरण अधिकारी, अपने चेकबुक कोषालय अधिकारी के पास जमा करेंगे तथा उपयोग किये गए व निरंग चेक का स्पष्ट विवरण कोषालय अधिकारी को चेक बुक के साथ उपलब्ध कराएंगे। 
            अत्यावश्यक परिस्थितियों में 26 से 28 मार्च 2025 तक कोषालय अधिकारी, संचालक बजट से उनके ई-मेल के माध्यम से स्वीकृति प्राप्त कर संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारी को चेकबुकक उपलब्ध करायेंगे। जिस पर संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारी के हस्ताक्षर एवं कोषालय अधिकारी द्वारा प्रतिहस्ताक्षर किए जाएंगे। वित्तीय वर्ष के लेन-देने की समाप्ति के पश्चात् आहरण एवं संवितरण अधिकारी की प्राप्ति अभिस्वीकृति लेकर चेकबुक वापस किया जा सकेगा। जारी किए गए समस्त चेकों का भुगतान 30 मार्च 2025 तक किया जाएगा। 
          इसी प्रकार राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 के देयकों को स्वीकृत व पारित कराने एवं ऑनलाईन भुगतान के संबंध में भी निर्देश जारी किए गए हैं। जिसके अनुसार वर्ष 2024-25 से संबंधित समस्त देयक कोषालयों व उपकोषालयों में प्राप्त होने की अंतिम तिथि 24 मार्च निर्धारित की गई है। एनएनए-स्पर्श से संबंधित समस्त भुगतान के लिए देयक स्वीकृति की अंतिम तिथि 27 मार्च निर्धारित है। अंतिम तिथि के पश्चात देयक एवं ई-पेरोल संबंधी देयक 28 मार्च तक नवीन एवं कोषालय द्वारा आपत्ति सहित वापस किए गए, जामा किए जा सकेगें। 24 मार्च तक स्वीकार किए गए देयाकों पर ली गई आपत्तियों के नियमानुसार निराकरण कर प्रस्तुत किए जाने वाले देयकों पर भी यह प्रतिबंध लागू होगा। वित्त विभाग द्वारा 24 मार्च के पश्चात् यादि कोई सहमति व स्वीकृति जारी की गई है तो उन प्रकरणों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। भारत सरकार से प्राप्त राशि से संबंधित देयकों एवं विधायकों के स्वत्वों से संबंधित देयकों, राजभवन सचिवालय, विधानसभा सचिवालयव निवास कार्यालय से संबंधित प्राप्त देयकों, उच्च न्यायालय एवं अधीनस्थ न्यायालयों से संबंधित देयकों पर भी उक्त प्रतिबंध लागू नहीं होगा। समस्त कोषालय व उप कोषालय अधिकारी उक्त तिथि तक प्राप्त समस्त देयकों का निराकरण 30 मार्च 2025 तक किए जाने हेतु सुनिश्चित करेगें।  समस्त कोषालय व उप कोषालय अधिकारी 24 मार्च को प्राप्त अंतिम देयक का प्रकरण, बीटीआर क्रमांक तथा देयक राशि, किए गए भुगतान की जानकारी कार्यालयीन समय के तुरंत बाद वित्त विभाग को मेल द्वारा उपलब्ध कराऐंगे। मुख्यमंत्री, मंत्री गण एवं विधायकों के स्वेच्छानुदार मद से संबंधित देयकों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। कार्य विभागों एवं वन विभाग के संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को ऑनलाईन पेमेंट फाईल का जनरेशन 24 मार्च 2025 अपरान्ह 5.30 बजे  के पश्चात नहीं कराने के निर्देश जारी किए गए हैं, अत्यावश्यक प्रकरण में सहमति पश्चात् ही ऑनलाईन भुगतान किया जा सकेगा। इसके साथ ही देयकों को पारित कराने एवं शासकीय जमा संबंधी वित्तीय संव्यवहारों के निष्पादन हेतु 29 मार्च 2025 एवं 30 मार्च 2025 को समस्त कोषालयों व उप कोषालयों को खुला रखा जाएगा। भारतीय रिजर्व बैंक का ई-कुबेर पोर्टल 29 मार्च एवं 30 मार्च को खुला रहेगा।

और भी

नगर पालिका,नगर पंचायत नव निर्वाचित अध्यक्ष पद के अभ्यर्थियों द्वारा निर्वाचन व्यय का अंतिम लेखा किया गया दाखिल

जशपुरनगर : नगरीय निकाय निर्वाचन अंतर्गत नगर पालिका जशपुर, नगर पंचायत कुनकुरी, पत्थलगांव, बगीचा और कोतबा के अध्यक्ष पद के अभ्यर्थियों द्वारा निर्वाचन व्यय लेखा का अंतिम लेखा दाखिल किया गया। व्यय प्रेक्षक श्री नंदकिशोर चक्रधारी द्वारा निरीक्षण कर अंतिम लेखा को संतोषजनक पाते हुए उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा आयोग को प्रेषित करने एवं परिशिष्ट 53 को संपूर्ण कर जिला निर्वाचन शाखा में प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया।
     इस दौरान व्यय प्रेक्षक द्वारा परिशिष्ट 53 में हस्ताक्षर करने उपरांत प्रतिवेदन को वेबसाइट में अपलोड करने एवं जिला निर्वाचन शाखा के पटल में रखे जाने हेतु निर्देशित किया गया। निर्देशों के परिपालन में निर्वाचन व्यय संपरीक्षक, प्रभारी अधिकारी, नोडल अधिकारी लोकेश्वर पैंकरा के मार्गदर्शन में व्यय लेखा टीम द्वारा निर्धारित प्रपत्र चार एवं पांच बनाकर व्यय प्रेक्षक एवं जिला निर्वाचन अधिकारी को प्रेषित किया गया। जिसके आधार पर आयोग को प्रतिवेदन प्रेषित किए जाएंगे। निर्वाचन व्यय संपरीक्षक द्वारा समस्त अभ्यर्थियों का व्यय लेखा रजिस्टर बिल वाउचर्स एवं प्रतिवेदन संलग्न कर जिला निर्वाचन अधिकारी को प्रेषित कर पावती प्राप्त किया गया। सफलतापूर्वक कार्य संपन्न करने में उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री विश्वाश राव मस्के ,सहायक अधीक्षक श्री राजेंद्र प्रसाद चौहान की विशेष भूमिका रही। 
   व्यय लेखा को पूर्ण कर प्रस्तुत करने श्री लोकेश्वर पैंकरा नोडल अधिकारी व्यय लेखा टीम के निर्देशन में कार्यरत नगर पालिका जशपुर के प्रभारी अधिकारी श्रीमती इरमा तिग्गा एवं व्यय संपरीक्षक  विनय गुप्ता, संजीव वर्मा, नगर पंचायत कुनकुरी के व्यय लेखा प्रभारी अधिकारी प्रदीप भगत, व्यय संपरीक्षक सुंदर मरकाम ,बिट्टू श्रीवास,नगर पंचायत पत्थलगांव के प्रभारी अधिकारी दिलीप केरकेट्टा,व्यय संपरीक्षक रोहित गुप्ता ,बजरंग सिदार,नगर पंचायत कोतबा के प्रभारी अधिकारी अविनाश सिन्हा,व्यय संपरीक्षक जगतपाल एवं दिलीप चौहान जी ,एवं नगर पंचायत बगीचा के प्रभारी अधिकारी अविनाश टोप्पो,व्यय संपरीक्षक मनोज बाखला,दीपक गुप्ता जी साथ साथ लिपिक उमेश साहू ,जयनारायण परहा एवं समस्त टीम के लिपिकों ने भी बेहतर कार्य का संपादन किया।

और भी

कुनकुरी के मयाली में सात दिवसीय भव्य शिव कथा की तैयारी शुरू,पंडित प्रदीप मिश्रा सुनाएंगे शिव कथा लाखों श्रद्वालुओं की भीड़ जुटने की संभावना

जशपुर :  जिले के कुनकुरी ब्लाक में स्थित प्रसिद्व धार्मिक व प्राकृतिक पर्यटन स्थल मयाली में 21 से 27 मार्च तक सात दिवसीय भव्य शिव कथा का आयोजन किया गया है। इस आयोजन को भव्य रूप देने और आने वाले श्रद्वालुओं के लिए सुविधा जुटाने की तैयारी जिला प्रशासन और आयोजन समिति मधेश्वर महादेव शिव पुराण कथा समिति ने शुरू कर दी है। मयाली के पास स्थित पांच एकड़ जमीन में डोम टेंट लगाने का काम इन दिनों जोरो से चल रहा है। टेंट हाउस लगा रहे नारायण साहू और पंकज साहू ने बताया कि टेंट 55000 स्क्वायर फिट में विस्तृत होगा। इसमें एक मुख्य डोम होगा,जिसमे कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के साथ व्हीव्हीआईपी,व्हीआईपी और मिडिया गैलरी के साथ श्रद्वालुओं की बैठने की व्यवस्था होगी। इसके अलावा दो लेफ्ट-राईट डोम होगे। इसके साथ ही एक अलग से टेंट श्रद्वालुओं के लिए होगी। इन सारे टैंट में लगभग एक लाख श्रद्वालु शिव कथा का रसास्वादन कर सकेगें। आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि कथा का शुभारंभ 21 मार्च को सुबह से होगी। इधर,शिव कथा में उमड़ने वाली भीड़ की संभावना को देखते हुए आयोजन समिति मधेश्वर महादेव शिव कथा समिति और जिला प्रशासन ने वाहन पार्किंग और शौचालय की व्यवस्था जुटाने का काम शुरू कर दिया है। सोमवार को कुनकुरी के एसडीएम नंदजी पांडेय और सीएमएचओ जीएस जात्रा सहित स्थानीय अधिकारियों ने आयोजन स्थल का निरीक्षण किया और यहां पर पार्किंग सहित अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। आयोजन स्थल पर आपात स्थिति से निबटने के लिए अग्नि शमन वाहन,एंबुलेंस और मेडिकल टीम तैनात रहेगी।

और भी

राष्ट्रीय कन्नौजिया सोनार महापरिवार के प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम में  सीएम श्री साय हुए शामिल,सामाजिक भवन बनाने के लिए 25 लाख देने की घोषणा  

 जशपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज जशपुर विकास खंड के श्याम पैलेस में राष्ट्रीय कन्नौजिया सोनार महापरिवार जशपुर मंडल के प्रतिभा सम्मान समारोह कार्यक्रम में शामिल हुए। और समाज को समाजिक भवन बनाने के लिए 25 लाख की घोषणा की मुख्यमंत्री ने सोनार समाज के 10 वीं और 12 बोर्ड वीं में अच्छे अंक लाने वाले और आई आई टी में प्रवेश पाने वाले मेडिकल में प्रवेश लेने वाले प्रतिभाशाली बच्चों का प्रतीक चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा सोनार समाज समाजिक क्षेत्र में अच्छा कार्य कर रहा है। समाज द्वारा निशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर, निर्धन बेटियों का विवाह, रक्तदान शिविर, वृक्षारोपण के भी सार्थक कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने इसके लिए समाज को ऐसे ही आगे बढ़ने के लिए अपनी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी।
उन्होंने कहा अपने बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाए और कमजोर परिवार के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान करें।
उन्होंने कहा कि शिक्षा एक बहुत बड़ा हथियार है। शिक्षा के बिना जीवन अधुरा है। शिक्षा व्यक्ति के जीवन को नई दिशा देता है। उनका रहन-सहन सब बदल जाता है। समाज में सम्मान भी मिलता है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बने लगभग 15 माह हो गए हैं और मोदी जी की गारंटी को भी पूरा कर रहे हैं। नगरीय निकाय के शपथग्रहण समारोह में आज शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि नगरीय निकाय में नव निर्वाचित अध्यक्ष और हमारे पार्षद जीतकर आए हैं। वे लोगों  जशपुर के विकास कार्य के  लिए बेहतर कार्य करेंगे। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्री शौर्य प्रताप सिंह जुदेव, कृष्णा राय, डां. राम प्रताप सिंह श्री विजय आदित्य सिंह जूदेव सोनी समाज के जिला अध्यक्ष श्री विकाश सोनी और सोनी समाज के लोग  बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

और भी

जिला अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों को मुख्यमंत्री श्री साय ने दिलाई शपथ,बार काउंसिल मरम्मत एवं ई-लाइब्रेरी निर्माण के लिए एक करोड़ राशि की घोषणा

जशपुर, : जशपुर के जिला व्यवहार न्यायालय में जिला अधिवक्ता संघ के द्वारा नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के लिए आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। यहां उन्होंने नव निर्वाचित अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष एवं सदस्यों को शपथ दिलाई। इस दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री मंसूर अहमद, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री जनार्दन खरे, उपाध्यक्ष सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण एवं विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय, विधायक जशपुर श्रीमती रायमुनी भगत उपस्थित रहे।
           जिसमें जशपुर जिला अधिवक्ता संघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश साय, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री जनार्दन प्रसाद सिन्हा, कनिष्ठ उपाध्यक्ष श्रीमती दीपिका कुजूर, सचिव श्री सत्य प्रकाश तिवारी, सह सचिव श्री सूरज चौरसिया, कोषाध्यक्ष श्री सुचेन्द्र कुमार सिंह, ग्रंथपाल श्री गोपाल प्रसाद रवानी, क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक सचिव श्री सत्येन्द्र जोल्हे शामिल रहे।
        इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने नव निर्वाचित अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज न्यायालयों में करोड़ों मामले लंबित हैं और न्याय की आशा में लोग न्यायालयों का रास्ता देख रहे हैं। हम सभी को अपने प्रयासों से सभी शोषित, पीड़ित एवं दलितों को न्याय दिलाने का कार्य करना है। जशपुर का जिला अधिवक्ता संघ अपने आप में ऐतिहासिक रहा है, यहां श्री भारतचंद काबरा, श्री बालासाहेब देशपांडे जैसी महान विभूतियों के साथ मेरे परिवार के श्री नरहरि साय ने भी नेतृत्व किया है। सभी ने शोषित, पीड़ित लोगों को न्याय दिलाने के लिए कार्य किया, जिससे कई लोगों को न्याय प्राप्त हुआ है, यह परंपरा हमें बनाये रखनी है। इस अवसर पर उन्होंने बार काउंसिल के जीर्णोद्धार, ई-लाइब्रेरी निर्माण हेतु 1 करोड़ रुपये देने की घोषणा भी की।
          कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री मंसूर अहमद ने कहा कि अधिवक्ता संघ एवं न्याय व्यवस्था में अटूट रिश्ता रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अधिवक्ता संघ के द्वारा लोगों को न्याय दिलाने एवं नई पीढ़ी के अधिवक्ताओं को मार्गदर्शन देने का कार्य सदा जारी रहेगा। उन्होंने न्याय व्यवस्था को सशक्त बनाने के साथ गरिमा पूर्ण रूप से समाज सेवा करने का संदेश अधिवक्ताओं को दिया। इस कार्यक्रम में कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, पवन साय, कृष्ण कुमार राय, रामप्रताप सिंह सहित अन्य अधिवक्तागण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

और भी

मुख्यमंत्री की मौजूदगी में जशपुर के नगर पालिका परिषद के नवनिर्वाचित अध्यक्ष और पार्षदों का शपथ ग्रहण हुआ सम्पन्न,अध्यक्ष सहित सभी पार्षदों को दी शुभकामनाएं

 जशपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में आज नगरपालिका परिषद, जशपुरनगर के नव निर्वाचित अध्यक्ष श्री अरविंद भगत एवं पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह स्वामी आत्मानंद शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रांगण में संपन्न हुआ। एसडीएम जशपुर ने अध्यक्ष एवं सभी पार्षदों को वार्डवार शपथ दिलाई।कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री सालिक साय मौजूद थे।
    इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री अरविंद भगत सहित सभी पार्षदों को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि नवनिर्वाचित अध्यक्ष और पार्षदगण नगर को स्वच्छ, सुव्यवस्थित एवं समृद्ध  बनाने की दिशा में दृढ़ संकल्प के साथ कार्य करते हुए  जन आकांक्षाओं की उम्मीदों में खरा उतरेंगे।

अध्यक्ष सहित 20 वार्डों के पार्षदों ने ली शपथ
 
   अध्यक्ष श्री अरविंद भगत सहित जिन नवनिर्वाचित पार्षदों ने शपथ ली उनमें, वार्ड क्रमांक 01 से अनुज कुमार, वार्ड क्रमांक 02 से सत्येंद्र कुमार पाठक, वार्ड क्रमांक  03 से राजेश गुप्ता, वार्ड क्रमांक 04 से  शशि बाई, वार्ड क्रमांक 05 से फैजान खान, वार्ड क्रमांक 06 से कमला कुमारी, वार्ड क्रमांक 07 से सुधीर कुमार भगत, वार्ड क्रमांक 08 से प्रभा शर्मा, वार्ड क्रमांक 09 से रमाशंकर प्रसाद गुप्ता, वार्ड क्रमांक 10 से द्वारिका मिश्रा, वार्ड क्रमांक 11 से शबनम, वार्ड क्रमांक 12 से कंचन बैरागी, वार्ड क्रमांक 13 से विक्रांत सिंह, वार्ड क्रमांक 14 से प्रियम्बदा देवी, वार्ड क्रमांक 15 से विनोद कुमार निकुंज, वार्ड क्रमांक 16 से  विजेता भगत, वार्ड क्रमांक 17 से मुकेश्वर इंदवार, वार्ड क्रमांक 18 से देवधर नायक, वार्ड क्रमांक 19 से यश प्रताप सिंह जूदेव और वार्ड क्रमांक 20 से शैलेंद्री यादव शामिल हैं।
   शपथ ग्रहण उपरांत विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत  उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, सरगुजा आयुक्त श्री नरेंद्र दुग्गा,  आईजी श्री अंकित गर्ग, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, विक्रमादित्य सिंह जूदेव, पवन साय, कृष्ण कुमार राय, भरत सिंह, रामप्रताप सिंह, नरेश नंदे, रजनी प्रधान, शांति भगत, सहित जनप्रतिनिधिगण अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

और भी

जशपुर में पहली बार विमान उड़ानें का दिया गया प्रशिक्षण,सीजी एअर स्कवाड्रन एनसीसी रायपुर के कैडेट्स का मुख्यमंत्री ने किया उत्साह वर्धन 

जशपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज आगडीह के हवाई पट्टी में 3 सीजी एयर एसक्वीएन एनसीसी रायपुर के कैंडिडेट का उत्साहवर्धन किया और उनके अनुभव जाने मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर के युवाओं  को मेडिकल , इंजिनियर, शिक्षक, सहित हर क्षेत्र में कैरियर बनाने के लिए बेहतर प्रयास किया जा रहा है। जशपुर के युवाओं पायलट में अपना भविष्य बनाए इसके लिए छत्तीसगढ़ शासन हर संभव सहायता उपलब्ध कराया जाएगा उन्होंने बच्चों को जशपुर के पर्यटन स्थल का भ्रमण करवाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बताया कि जशपुर प्राकृतिक सौंदर्य से बहुत अच्छा जिला यहां काजू, चाय पत्ती नाशपाती सहित अच्छा फलों की खेती होती है ‌। जशपुर में सेव की भी खेती की जा रही है। मुख्यमंत्री ने माइक्रो लाइट एयर स्कवाड्रन विमान का अवलोकन कर तकनीकी जानकारी ली ।

इस अवसर पर सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय विधायक जशपुर श्रीमती रायमुनी भगत  जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय डी डी सी श्रीमती शान्ति भगत सरगुजा कमिश्नर श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा आईजी श्री अंकित गर्ग कलेक्टर श्री रोहित व्यास एस एस पी श्री शशि मोहन सिंह जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।


 उल्लेखनीय है कि जिले में 7 मार्च 25 से  रोज सुबह  छोटे विमान का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विमान आसमान की सैर कर वापस जमीन पर आ जाता है।  दरअसल आगडीह हवाई पट्टी से 3 सीजी एअर स्कवाड्रन एनसीसी रायपुर के 100 चयनित केडेट्स को हल्के विमान उड़ाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। रायपुर से बाहर जशपुर जिले में पहली बार हो रहा प्रशिक्षण को लेकर केडेट्स मे भी भारी उत्साह है। एक तरफ जशपुर का मनोरम दृश्य और प्रशिक्षण पाने का उत्साह उनके जोश को दोगुना कर देता है। लगभग एक माह तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में केडेट्स का विमान उड़ाने की ट्रेनिंग दिया जा रहा है। 100 केडेट्स को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है।
 
ट्वीन सीटर एसडब्ल्यू 80 विमान से दिया जा रहा है प्रशिक्षण

 आगडीह हवाई पट्टी की लंबाई 1200 मीटर और चौड़ाई 25 मीटर है। सिंगल इंजन ट्वीन सीटर वायरस एसडब्ल्यू 80 विमान से कैडेट्स को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विमान 20 हजार फीट तक उड़ान भर सकता है। फिलहाल प्रशिक्षण के लिए 1000 फीट तक ही उड़ान का संचालन किया जा रहा है। कमांडिग ऑफिसर ने बताया की यह प्रशिक्षण केडेट्स के सुनहरे भविष्य की नींव तैयार कर रहा है। उन्होंने बताया कि एनसीसी के एयर विंग से  सी प्रमाण पत्र परीक्षा में अच्छे ग्रेडिंग से पास करने पर केडेट्स सीधे एयर फ़ोर्स के इंटरव्यू के लिए पात्र माने जाते हैं।

 एअर फोर्स पायलट बनने का सपना लिए ले रहे हैं प्रशिक्षण

  प्रशिक्षु नितेश प्रजापति ने बताया की वे पहली बार जशपुर में प्रशिक्षण के लिए आए हैं। यहां का साफ-स्वच्छ और खूबसूरत वातावरण में फ्लाईंग की ट्रेनिंग लेना उन्हें काफी अच्छा लग रहा है। उन्होंने बताया की वे एअर फोर्स पायलट बनना चाहते हैं और यह प्रशिक्षण उनका सपना को पूरा करेगा। इसी तरह प्रशिक्षण ले रहे प्रांशु चौहान ने बताया की यहां पर एअर ट्रैफिक क्लीयर रहता है। रनवे भी क्लीयर मिलने की वजह से प्रशिक्षण में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होती है। यहां का  स्वच्छ वातावरण और खूबसूरत प्राकृतिक दृश्य होने की वजह से जशपुर में प्रशिक्षण प्राप्त करना उनके लिए हमेशा यादगार रहेगा।

और भी

उपनिदेशक एलिफेंट रिजर्व सरगुजा ने अग्नि माह को लेकर दिए कड़े निर्देश,इस अभ्यारण्य में आग लगने पर रेंज के कर्मचारियों पर लगाई फटकार,मुख्यालय में रहें नही तो होगी बड़ी कार्यवाही,स्थानीय ग्रामीणों से बनाएं रखें सम्पर्क

जशपुर/नारायणपुर : बादलखोल अभ्यारण्य के उप निदेशक एलिफेंट रिजर्व सरगुजा ने अग्नि सीजन के दौरान अभ्यारण्य के वनों को आग से बचाने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गेम क्षेत्र के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़े   निर्देश जारी किए हैं। इस दौरान वन क्षेत्रों में आगजनी पर नियंत्रण और बचाव के लिए सतर्कता बरतने के साथ ही प्रभावी कदम उठाने के आदेश दिए गए हैं।

उपनिदेशक ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में समिति गठन कर सतत गश्ती करने, स्थानीय ग्रामीणों के साथ संपर्क बनाए रखने और सैटेलाइट से प्राप्त अग्नि सूचनाओं के आधार पर तत्काल फायर पॉइंट पर पहुंचकर आग बुझाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, ग्रामीणों में जागरूकता फैलाने के लिए गांवों में कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराने  और अन्य प्रचार-प्रसार माध्यमों का उपयोग करने की सख्त हिदायत दी गई है। मुख्यालय के बाहर गए कर्मचारियों पर सख्त कार्यवाही करने की हिदायत दी गई है।

 बादलखोल अभ्यारण्य में इन दिनों लगातार आगजनी हो रही है जिसको ध्यान में रखते हुए विशेष गश्ती करने और आकस्मिक घटनाओं पर नजर रखने के साथ ही वन और वन्यप्राणियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए हैं।

और भी

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की विशेष पहल : जशपुर के आगडीह हवाई पट्टी से पहली बार आदिवासी अंचल के युवाओं को मिला विमान उड़ाने का सुनहरा अवसर

जशपुर : जशपुर जिले के आदिवासी अंचल में पहली बार हल्के विमान उड़ाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्साह और रोमांच का माहौल बना हुआ है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की विशेष पहल से शुरू हुए इस ऐतिहासिक प्रशिक्षण कार्यक्रम में 3 सीजी एयर स्क्वाड्रन एनसीसी रायपुर के चयनित कैडेट्स को पायलट बनने की दिशा में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हर सुबह जब ट्वीन-सीटर एसडब्ल्यू 80 विमान आसमान में ऊंची उड़ान भरता है, तो आस-पास के लोगों के लिए यह दृश्य किसी सपने के साकार होने जैसा लगता है।

युवाओं के सपनों को नई उड़ान

यह पहली बार है जब रायपुर से बाहर जशपुर में इस स्तर का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आदिवासी अंचल के युवाओं के लिए यह न केवल एक सुनहरा अवसर है, बल्कि उनके पायलट बनने के सपने को साकार करने का मंच भी है। लगभग एक महीने तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में कुल 100 कैडेट्स को विमान उड़ाने की ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसकी शुरुआत 10 कैडेट्स से हो चुकी है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा, "हमारी सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक युवा को अपने सपनों को साकार करने का अवसर देना है। जशपुर के आदिवासी युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, उन्हें सिर्फ सही मंच और मार्गदर्शन की जरूरत थी। यह प्रशिक्षण उन्हें वायुसेना में करियर बनाने के लिए एक नई दिशा देगा।"

प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे कैडेट नितेश प्रजापति का कहना है, "हम पहली बार जशपुर में प्रशिक्षण के लिए आए हैं। यहां का स्वच्छ और सुंदर वातावरण हमें खास अनुभव दे रहा है। यह प्रशिक्षण हमारे लिए एयरफोर्स पायलट बनने की राह आसान बनाएगा।"

वहीं, कैडेट प्रांशु चौहान ने बताया कि, "यहां हवाई यातायात कम होने के कारण प्रशिक्षण बिना किसी रुकावट के हो रहा है। रनवे क्लीयर होने की वजह से उड़ान भरना आसान हो जाता है। जशपुर की खूबसूरत वादियों में यह अनुभव हमें हमेशा याद रहेगा।"

आगडीह हवाई पट्टी से गूंजती उम्मीदों की आवाज़

1200 मीटर लंबी और 25 मीटर चौड़ी आगडीह हवाई पट्टी से हर दिन जब विमान उड़ान भरते हैं, तो आसपास के ग्रामीण भी रोमांचित हो उठते हैं। ग्रामीण विकास लकड़ा और राजू कुजूर ने बताया कि, "रोजाना विमान को उड़ान भरते और उतरते देखना हमारे लिए अविश्वसनीय अनुभव है। इससे हमारे घरों और गांवों में भी पायलट बनने का सपना जन्म ले रहा है।"

एनसीसी कैडेट्स के लिए सुनहरा अवसर

कमांडिंग ऑफिसर ने बताया कि यह प्रशिक्षण कैडेट्स के उज्जवल भविष्य की नींव रख रहा है। उन्होंने कहा कि एनसीसी एयर विंग से C सर्टिफिकेट परीक्षा में अच्छे ग्रेड प्राप्त करने वाले कैडेट्स को सीधे भारतीय वायुसेना के इंटरव्यू के लिए पात्र माना जाता है। ऐसे में यह प्रशिक्षण युवा सपनों को हकीकत में बदलने का एक बड़ा मंच साबित हो रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल से शुरू हुआ यह प्रशिक्षण न केवल जशपुर के युवाओं को प्रेरित कर रहा है, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक नवाचार और अवसर का नया द्वार खोल रहा है। आदिवासी अंचल के युवाओं को इस क्षेत्र में करियर बनाने का अवसर देकर सरकार ने सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

और भी

गृह ग्राम बगिया में गांव के बच्चों संग मुख्यमंत्री ने मनाई रंगों की होली,होली मेल-जोल, प्रेम और सौहार्द का पर्व :मुख्यमंत्री

जशपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज गांव के बच्चों के साथ होली का उत्सव हर्षोल्लास से मनाया और उनके संग रंगों की खुशियां साझा कीं। बगिया के मंझापारा गांव में होली के रंगों से सराबोर बच्चों का मुख्यमंत्री के प्रति उत्साह और अपनापन देखते ही बनता था, जब वे अपने गांव के पुरोधा और प्रदेश के मुखिया से मिलने उनके निवास पहुंचे, तो दृश्य किसी पारिवारिक उत्सव जैसा प्रतीत हुआ।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने निज निवास पर बच्चों की टोली का आत्मीय स्वागत किया और खुद भी उनके संग होली के रंगों में रंग गए। उनकी सहजता और सादगी ने बच्चों को बेझिझक उनसे मिलने और घुल-मिलकर बातचीत करने का अवसर दिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने न केवल बच्चों से उनका हालचाल जाना, बल्कि उन्हें मिठाई खिलाई और उनके साथ ठहाके लगाते हुए हंसी-ठिठोली भी की।

बच्चों ने बताया कि वे पूरे गांव में होली खेलते हुए मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे हैं, और जब वे वहां पहुंचे, तो मुख्यमंत्री ने भी उनके संग पूरी आत्मीयता से रंग-गुलाल खेला। यह मिलन एक अनोखे उल्लास का प्रतीक बन गया, जिसमें प्रेम, स्नेह और भाईचारे के रंग घुल गए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि होली मेल-जोल, प्रेम और सौहार्द का पर्व है, जो समाज में भाईचारे को और भी मजबूत करता है। इस तरह के उत्सव हमारी सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखते हैं और हमें अपनी जड़ों से जोड़े रखते हैं।

गांव के बच्चों के उत्साह और मुख्यमंत्री की आत्मीयता ने इस होली को और भी यादगार बना दिया। यह अवसर केवल रंगों का नहीं था, बल्कि उसमें अपनत्व, स्नेह और खुशियों के अनगिनत रंग घुले हुए थे।

और भी

बादलखोल अभ्यारण्य विभाग बेबस या लापरवाह? जंगल की आग पर कब लगेगी लगाम .....फायर वाचरों के व्यवस्था के बाद भी अब देखना होगा की विभाग जंगल की आग रोकने में कितना सफल होगा 

जलती हुई आग की धुंआ पूरे जंगल एवं पहाड़ी इलाकों में दिखाई दे रही है।

जशपुर/नारायणपुर : बादलखोल अभ्यारण्य के जंगल के विभिन्न बीटों में अभी से धू-धू कर जंगल जलना शुरू हो गया, जिसमें अनेक छोटे-छोटे पौधे व वन्य जीवों पर खतरा मड़रा रहा है। साथ ही पर्यावरण को हानि भी पहुंच रहा है। बावजूद इसके गेम रेंज  इन सब खबरों से बेपरवाह है

एक तरफ जहां पर्यावरण को सुरक्षित रखने व वन्य जीवों पौधों को बचाने के लिए पूरी दुनिया मुहिम चला रही है, तो वहीं बादलखोल अभ्यारण्य में अभी से जंगल में आग लगनी शुरू हो गई है। जहां इन आग से जंगल में छोटे-छोटे पौधे जलकर नष्ट हो रहे हैं, तो दूसरी तरफ वन्यजीवों पर संकट के बादल भी मड़राने लगे हैं। जंगल मे आग लगने का सिलसिला हर साल बदस्तूर जारी रहता है, लेकिन नारायणपुर रेंज आज तक इस इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है।

श्रबादलखोल अभ्यारण में धधक रहे जंगल,  पिछले कई दिनों से जंगलों में आग लगने की घटना हो रही है, लेकिन वन विभाग आग लगाने वाले शरारती तत्वों का पता लगाने में नाकामयाब है.पिछले कई दिनों से आग लगने से जंगल झुलस रहे हैं, लेकिन यंहा आग बुझाने में नाकामयाब साबित हो रहा है विभाग इस बात का भी पता भी नहीं लगा पा रहा है कि आग कौन शरारती तत्व लगा रहा है.
शनिवार को बादलखोल अभ्यारण्य क्षेत्र के जंगल आग से धधक रहे थे. वहीं, आज सेन्द्रीमुंडा के पास जंगल में भीषण आग लगी हुई थी. नारायणपुर के आरा पहाड़,चेली टोंगरी जंगल में आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं. आग की घटनाओं से जहां जंगल तबाह हो रहे हैं. साथ ही इन जंगलों में पाई जाने वाली औषधियों के साथ जंगली जानवरों की जान पर भी खतरा बना हुआ है।

इस अभ्यारण्य के जंगलों में कई जगह भीषण आग लगी है। बताया जा रहा है कि नारायणपुर क्षेत्र और सेन्द्रीमुंडा  के जंगलों में पिछले कई दिनों से लगातार आग लग रही  है दर्जनों एकड़ एरिया में लगी आग को बुझाने में वन अमला नाकाम है। तेंदूपत्ता तोड़ाई सीजन के पहले लगी आग का नुकसान सीधे तेंदूपत्ता तोड़ने वाले ग्रामीणों को भी हो रहा है।
जानकारी के मुताबिक, बादलखोल अभ्यारण्य के जशपुर वन मण्डल क्षेत्र नारायणपुर के जंगलों में आग लगी है। तेज हवाओं के कारण आग लगातार फैल रही है। जंगल में लगी भीषण आग का धुआं गांवों में भी पहुंच रहा है। 

आग पर काबू पाने के लिए हर बार  विभाग ने फायर वाचर दस्ते का गठन करता है। यह अग्नि रोधक दस्ता  जंगल में आग लगने की सूचना पर फौरन मौके पर जाना होता और वहां आग बुझाने का काम करता है। साथ ही जंगलों में गश्त कर यह देखना होता है कि कहीं आग तो नहीं लगी है। रेंज के प्रत्येक बिट में एक से दो फायर वाचरो को पूरे गर्मी के मौसम तक के लिए रखा जाता है, क्या कारण है कि इनके गस्ती करने के वावजूद भी जंगल मे आग लग रही है

वन विभाग की कोशिश नाकाम

ग्रामीणों द्वारा आगजनी की सूचना वन अमले को हमेशा दी जाती है, लेकिन सही समय पर गेम रेंज के स्टाफ आग पर काबू पाने में नाकाम रहती है। जिससे आग फैलते चला जाता है और बुझाते बुझाते कई एकड़ जंगल के छोटे छोटे पौधे नष्ट हो जाते है। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना के बाद भी आग बुझाने की तत्काल स्टापो के द्वारा कोशिश नहीं की जा रही है। 

जल रहे हैं पौधे, तेंदूपत्ता को भी नुकसान

वन मण्डल जशपुर के अंतर्गत आने वाले जंगल के कई इलाके में आग लगातार लग रही है। आग से छोटे पेड़ों के साथ ओषधि पौधे भी जल जा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि तेंदूपत्ता सीजन आने वाले कुछ महीनों में शुरू होने वाला  है। इस इलाके में ग्रामीण बड़ी संख्या में तेंदूपत्ता तोड़ने पहुंचते हैं। तेंदूपत्ता तोड़ने वाले ग्रामीणों को आग का नुकसान उठाना पड़ेगा।

वन विभाग द्वारा आगजनी की जानकारी सेटेलाइट से मिलने के दावे भी यहां नाकाम होते दिख रहे हैं। वन विभाग के अधिकारी अपने दायित्व का अच्छे से निर्वहन नहीं कर पा रहे हैं. बादलखोल अभ्यारण्य की लापरवाही के कारण हर वर्ष क्षेत्र के जंगलों में आग लग रही है जंगल में आग लगने से विभाग के अधिकारियों को फायर की जानकारी मोबाइल पर मिल जाती है उसके बाद भी आग पर विभाग काबू नहीं पा रही हैं. इससे वनों को तो नुकसान होता ही है, साथ ही वन्य जीवों पर भी संकट खड़ा हो जाता है.

     लगातार भेजी जा रही है टीम

इस मामले में उप निदेशक एलिफेंट रिजर्व सरगुजा ने कलम की आवाज टीम से फोन पर बातचीत के दौरान कहा कि आगजनी की सूचना मिली है। आग बुझाने टीम भेजी गई है। टीम ने कुछ हद तक आग पर काबू पा लिया। जंहा जंहा आग लग रही है सभी में भी टीम भेजी जा रही है। जल्द ही आग पर पूरा नियंत्रण कर लिया जाएगा।

और भी

शासकीय करण का वादा नही हुआ पूरा,इस मांग को लेकर पंचायत सचिव करेंगें विधानसभा का धेराव, कलेक्टर,जिला सीईओ,पुलिस अधीक्षक,एसडीएम एवं जनपद सीईओ को सौंपा ज्ञापन

जशपुर : छत्तीसगढ़ में पंचायत सचिवों के शासकीयकरण की मांग पूरी न होने पर राज्य भर के पंचायत सचिवों में भारी नाराजगी है। पंचायत सचिव संघ ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है।

सचिव संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 17 मार्च को विधानसभा का घेराव किया जाएगा। इसके बाद 18 मार्च 2025 से प्रदेशभर के जनपद मुख्यालयों में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू होगी और 1 अप्रैल 2025 को मंत्रालय का घेराव कर प्रदेश सरकार पर दबाव बनाया जाएगा।

प्रदेश भर के पंचायत सचिव संघ ने कहा कि विधानसभा के चुनाव समय में मोदी की गारंटी में प्रदेश के पंचायत सचिवों का शासकीयकरण करने का वादा किया गया था। डेढ़ वर्ष बीतने के बाद भी किया गया वादों पर आज पर्यन्त तक पूरा नहीं किया किया गया। 

सचिव संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि सचिवों के हड़ताल पर चले जाने से काम काज पर सीधा असर पड़ेगा। प्रदेश में कुल 10485 पंचायत सचिव कार्यरत हैं, सचिवों के आंदोलन का असर पूरे प्रदेश में पड़ेगा। पंचायत सचिव संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पंचायत सचिवों को नियमित करने के लिए बड़ी घोषणा की थी, पर आज तक अमल नहीं हुआ।

और भी

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को रंगों और उल्लास के महापर्व होली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी


 
जशपुर :मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को रंगों और उल्लास के महापर्व होली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने इस पावन अवसर पर सभी नागरिकों के जीवन में सुख, समृद्धि, आनंद और परस्पर प्रेम की कामना की है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि होली केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि यह हमारे जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार करने वाला पर्व है। यह त्यौहार हमें सिखाता है कि जीवन में प्रेम, सौहार्द और भाईचारे के रंग सबसे अनमोल हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि होली का त्यौहार सदियों से भारतीय संस्कृति का एक अभिन्न अंग रहा है, जहां भेदभाव मिट जाते हैं, और लोग आपसी स्नेह, उल्लास और उमंग के रंगों में घुल-मिल जाते हैं। यह पर्व हमें बुराई पर अच्छाई की विजय, प्रेम की जीत और समाज में सौहार्द्र को और मजबूत करने का संदेश देता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि हम सभी होली के पावन पर्व को प्रेम, सौहार्द और आनंद के साथ मनाएं, एक-दूसरे के जीवन में खुशियों के रंग भरें और छत्तीसगढ़ की समरसता और एकता को और अधिक सशक्त बनाएं।

और भी

मुख्यमंत्री श्री साय सनातन समाज के अनुष्ठान कार्यक्रम में हुए शामिल,मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की 

जशपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कांसाबेल विकास खंड के ग्राम टाटीडांड में होली के पावन अवसर पर  सनातन समाज के दुर्गा देवी संत समाज द्वारा आयोजित अनुष्ठान में अपनी धर्म पत्नी श्रीमती कौशल्या साय के साथ शामिल हुए उन्होंने भगवान राधा कृष्ण की पूजा अर्चना कर प्रदेश की सुख समृद्धि और खुशहाली की  कामना की इस अवसर पर गुरु महाराज स्व श्री धनपति पंडा के पुत्र श्री सहदेव पंडा उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि हर साल फागुन माह में होली के पावन पर्व पर सनातन समाज द्वारा अनुष्ठान का आयोजन किया जाता है। और मुख्यमंत्री वर्षों से होली के पावन अवसर में शामिल होते हैं। 
उन्होंने सभी को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि होली रंगों और खुशियों का त्यौहार है सभी शान्ति और भाईचारे के साथ होली का पर्व मनाया।
उन्होंने कहा कि ग्राम टाटीडांड में होली के पावन पर्व पर सनातन समाज द्वारा अनुष्ठान का आयोजन किया जाता है। वे वर्षों से इस अनुष्ठान में शामिल होते हैं। उन्होंने सभी लोगों को छत्तीसगढ़ शासन की योजना का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 14 लाख लोगों को आवास बनाने के लिए स्वीकृत दी गई है। किसानों से धान खरीदी की जा रही है। और महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को हर माह 1 हजार रूपए की राशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि आगामी 21 मार्च से 27 मार्च तक कुनकुरी विकास खंड में सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर पहाड़ के पास महाशिवपुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। देश के प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित श्री प्रदीप मिश्रा कथा सुनाएंगे उन्होंने सभी को कथा सुनने के लिए आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की धर्म पत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने सभी को होली की शुभकामनाएं दी और अपने अनुभव साझा किए इस अवसर पर सनातन समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

और भी

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को होली की दी शुभकामनाएं  बगिया में सरल सहज मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे लोगों और होली की दी शुभकामनाएं 

जशपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय बगिया में बड़ी संख्या में लोग होली की शुभकामनाएं देने पहुंचे। मुख्यमंत्री ने सभी को आत्मीयता से मुलाकात करके गुलाल लगाया और अपनी शुभकामनाएं दी इस अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास एस एस पी श्री शशि मोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार जनप्रतिनिधिगण,आम नागरिक पत्रकार बंधु उपस्थित थे

और भी

गर्मी आते ही बिजली की आंख मिचौली से उपभोक्ताओं की बढ़ी परेशानी

 

नारायणपुर : क्षेत्र में गर्मी आते ही विद्युत व्यवस्था को लेकर आम जनता की परेशानी भी शुरू होते दिख रही है। आजकल नारायणपुर में  गर्मी के मौसम में बिजली की आंख मिचौली की समस्या के साथ-साथ ग्रामीण अंचल के लोग भी खासा परेशान व त्रस्त है।

 गर्मी के इस मौसम में नारायणपुर में आजकल कई बार बिजली के आंख मिचौली का सामना करना पड़ रहा हैं। लोगों का कहना है कि तेज धूप व गर्मी की शुरुआत होते ही बिजली की आंख मिचौली व अघोषित कटौती इस समय आग में घी डालने का काम करती है। किसी भी वक्त बिजली गुल हो जाती है, एक दिन में कई बार बिजली गुल होना आम बात हो गई है 

क्षेत्र में कब बिजली आएगी और कब कटेगी, इसका कोई समय-सारणी ही नहीं है। बिजली की आंख मिचौली ने लोगों का जीना हराम कर दिया है। बिजली विभाग द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बिजली की आंख मिचौली को लेकर सब स्टेशन में कारण पूछने पर जवाब भी सीधा न देकर यह कहा जाता है कि लाइन फाल्ट है जब लाइन पूरा बन्द हो जाएगा तब पता चलेगा फाल्ट का। फिर कहा जाता है कि हवा चलने से ऐसा हो रहा है।  कई तरह के जबाब देकर उपभोक्ताओं  को गुमराह में रखा जाता है।गर्मी के मौसम में लोगों को नियमित रूप से बिजली न रहने से परेशानी और भी बढ़ गई है. मौसम में परिवर्तन आने के बाद बिजली की आपूर्ति में भी परिवर्तन होने लगा है. जिसका सबसे अधिक असर छात्रों व किसानों पर पड़ रहा है।गर्मी के मौसम में लोगों को नियमित रूप से बिजली नहीं मिलने से परेशानी और भी बढ़ गई है।

और भी

मिनीमाता जयंती पर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उन्हें किया नमन,नारी शिक्षा और मजदूरों के कल्याण के लिए उनके प्रयास ऐतिहासिक रहे


 रायपुर :मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महान समाजसेविका एवं छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद मिनीमाता की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि मिनीमाता जी का संपूर्ण जीवन समाज में व्याप्त छुआछूत, गरीबी, अशिक्षा और पिछड़ेपन को दूर करने के लिए समर्पित था।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नारी शिक्षा और मजदूरों के कल्याण के लिए उनके प्रयास ऐतिहासिक रहे हैं। उन्होंने सामाजिक बुराइयों के खिलाफ न केवल आवाज उठाई, बल्कि उन्हें समाप्त करने के लिए संघर्ष भी किया। वंचितों, शोषितों और महिलाओं के सशक्तिकरण में उनका योगदान अमूल्य है। श्री साय ने कहा कि मिनीमाता जी का सेवाभावी, कर्मठ और प्रेरणादायी व्यक्तित्व सभी के लिए मार्गदर्शक है। उनके विचार और कार्य हमें समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए सदैव प्रेरित करते रहेंगे।

और भी

छत्तीसगढ़ का पहला स्थल कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान विश्व धरोहर की सूची में हुआ शामिल,बस्तर को मिलेगी अंतर्राष्ट्रीय पहचान

रायपुर :छत्तीसगढ़ के  कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान (KVNP) को यूनेस्को की विश्व धरोहर की अस्थायी सूची में प्राकृतिक श्रेणी के अंतर्गत शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि ये छत्तीसगढ़ के लिये बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि ये हर्ष का विषय है कि यूनेस्को द्वारा कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान को विश्व धरोहर की सूची में शामिल किया गया है । कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान न केवल जैव विविधता के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, बल्कि यह स्थानीय जनजातीय संस्कृति और इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा देता है। इस सूची में शामिल होने से बस्तर क्षेत्र को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी एवं पर्यटन को और भी बढ़ावा मिलेगा । यह उपलब्धि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है ।
उल्लखेनीय है कि यह उद्यान तीन महत्वपूर्ण मापदंडों—प्राकृतिक सौंदर्य, भूवैज्ञानिक विशेषताएँ, और जैव विविधता पर खरा उतरता है।  कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान प्रबंधन द्वारा उद्यान को  यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल करने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI), संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार को प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था,  जिसे यूनेस्को द्वारा अपने अस्थाई सूची में चयन किया गया है।
कांगेर घाटी में प्राकृतिक सौंदर्य और अनूठी संरचनाएँ
कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान अपने मनमोहक प्राकृतिक दृश्यों, हरी-भरी घाटियों, गहरी खाइयों और झरनों के लिए प्रसिद्ध है। तीरथगढ़ जलप्रपात, जो कांगेर नदी से निकलता है, 150 फीट की ऊंचाई से गिरता हुआ एक अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करता है। कांगेर नदी अपने स्वच्छ जल और अनूठी चट्टानी संरचनाओं के कारण महत्वपूर्ण पर्यटन  स्थल है। इसके अलावा, कोटमसर, कैलाश, दंडक और ऐसी १५ से अधिक गुफाएँ अपने अद्वितीय प्राकृतिक स्वरूप और ऐतिहासिक महत्व के कारण देश और विदेश के पर्यटकों और वैज्ञानिकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र हैं।
भूवैज्ञानिक विशेषताएँ और जैव विविधता
यह उद्यान अपनी भूवैज्ञानिक विविधता के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ की कार्स्ट संरचनाएँ, चूना पत्थर की गुफाएँ, जल संरचनाएँ और चट्टानी परतें वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के लिए अध्ययन का एक महत्वपूर्ण केंद्र हैं। इस क्षेत्र में भूवैज्ञानिक परिवर्तन देखे जाते हैं।  चूना पत्थर की गुफाएँ पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है |
 जैवविविधता से भरपूर यह उद्यान में विभिन्न वनस्पति, वन्यजीव और विशेष प्रजाति के प्रजातीय पाए जाते है| 963 प्रकार की वनस्पतियाँ, जिनमें 120 फ़ैमिली  और 574 प्रजातियाँ शामिल हैं। यहाँ दुर्लभ ऑर्किड की 30 प्रजातियाँ दर्ज की गई हैं। 49 स्तनपायी, 210 पक्षी, 37 सरीसृप, 16 उभयचर, 57 मछलियाँ और 141 तितली प्रजातियाँ है । बस्तर हिल मैना (छत्तीसगढ़ का राज्य पक्षी), ट्रैवणकोर वुल्फ स्नेक, ग्रीन पिट वाइपर, मोंटेन ट्रिंकेट स्नेक जैसी दुर्लभ प्रजातियाँ है ।
बस्तर क्षेत्र में पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति को संरक्षित करता है। यहाँ गोंड और धुरवा जनजातियाँ रहती हैं, जो अपनी पारंपरिक रीति-रिवाजों, नृत्य, लोकगीतों और त्योहारों के लिए प्रसिद्ध हैं। इस क्षेत्र में स्थानीय आदिवासियों द्वारा हस्तशिल्प कला जैसे  बांस शिल्प कलाकृतियाँ विशेष रूप से लोकप्रिय हैं।  यहाँ के आदिवासी समुदाय प्रकृति से गहराई से जुड़े हुए हैं और जंगलों से जुड़ी अनेक कहानियाँ और मान्यताएँ पीढ़ियों से चली आ रही हैं। इको-टूरिज्म और साहसिक पर्यटन गतिविधियों में  जंगल सफारी, बर्ड वॉचिंग, ट्रेकिंग ,कयाकिंग बम्बू राफ्टिंग , कैम्पिंग , होमस्टे , गुफा भ्रमण और फोटोग्राफी के  बेहतरीन अवसर मिलते हैं, जिससे यह रोमांचक पर्यटन स्थल बनता है। यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक गुफाएँ, वन्यजीव, और सांस्कृतिक विरासत इसे छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करते हैं। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान  के विशेषता को देखते हुए इसे यूनेस्को ने अस्थायी सूची में शामिल किया गया है । उद्यान को यूनेस्को की अस्थायी सूची में शामिल किया जाने से बस्तर क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

और भी