ऑटो चालक के बेटे मो. जीशान ने रचा इतिहास, 8वीं बोर्ड में 94.20% अंक के साथ जिले में तीसरा स्थान, राष्ट्रीय पत्रिका 'चकमक' में तीन बार प्रकाशित होकर लोधमा-कुनकुरी और जशपुर का बढ़ाया मान
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ऑटो चालक के बेटे मो. जीशान ने रचा इतिहास, 8वीं बोर्ड में 94.20% अंक के साथ जिले में तीसरा स्थान, राष्ट्रीय पत्रिका 'चकमक' में तीन बार प्रकाशित होकर लोधमा-कुनकुरी और जशपुर का बढ़ाया मान

कुनकुरी/नारायणपुर। जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड अंतर्गत लोधमा गांव के 14 वर्षीय मेधावी छात्र मो. जीशान ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और रचनात्मक सोच से यह साबित कर दिया है कि सफलता संसाधनों की मोहताज नहीं होती। एक ऑटो चालक के बेटे जीशान ने 8वीं बोर्ड परीक्षा में 94.20 प्रतिशत अंक हासिल कर विकासखंड और जिला स्तर पर तृतीय स्थान प्राप्त किया है। इसके साथ ही उन्होंने गौ सेवा परीक्षा में भी ब्लॉक में प्रथम और जिले में तीसरा स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

जीशान के पिता मो. समीद ऑटो चालक हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद परिवार ने शिक्षा को प्राथमिकता दी और जीशान ने अपनी मेहनत से हर चुनौती को अवसर में बदल दिया। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा मदरसा मजहरुल उलूम प्राथमिक शाला, लोधमा से तथा आगे की पढ़ाई शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, लोधमा से पूरी की।

उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए उन्हें क्लस्टर स्तर पर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लोधमा में कक्षा 9वीं में प्रवेश के दौरान आयोजित शाला प्रवेशोत्सव में भी विशेष सम्मान प्रदान किया गया।

राष्ट्रीय स्तर पर भी चमकी प्रतिभा

मो. जीशान की पहचान केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है। उनकी रचनात्मक प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है। भोपाल स्थित 'एकलव्य' संस्था द्वारा प्रकाशित प्रतिष्ठित हिंदी बाल विज्ञान एवं साहित्यिक मासिक पत्रिका 'चकमक' में उनकी रचनाएं और नाम जनवरी, मार्च और जून 2026 के अंकों में प्रकाशित हो चुके हैं।

इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर अजीत फाउंडेशन की ओर से लवनेश सर ने उन्हें पेन और डायरी भेंट कर सम्मानित किया। साथ ही, जिन-जिन अंकों में उनका नाम प्रकाशित हुआ, वे सभी पत्रिकाएं उन्हें निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं।

इंजीनियर बनने का सपना

वर्तमान में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लोधमा में कक्षा 9वीं के छात्र मो. जीशान का लक्ष्य भविष्य में इंजीनियर बनकर समाज और देश की सेवा करना है। वे अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और सभी मार्गदर्शकों को देते हैं, जिन्होंने हर कदम पर उनका उत्साह बढ़ाया।

मो. जीशान की सफलता केवल एक छात्र की उपलब्धि नहीं, बल्कि यह उन हजारों ग्रामीण बच्चों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस रखते हैं। लोधमा का यह होनहार बेटा आज पूरे जशपुर जिले के लिए गर्व और प्रेरणा का प्रतीक बन गया है।

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