महिलाओं की मेहनत से बदल रही तस्वीर — छत्तीसगढ़ में ‘लखपति दीदी’ बन रहीं आत्मनिर्भरता की मिसाल, 8 लाख का लक्ष्य पूरा, अब 10 लाख का नया संकल्प
जशपुर/, 21 अप्रैल 2026।
छत्तीसगढ़ में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में चलाया जा रहा ‘लखपति दीदी’ अभियान अब एक जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है। सुशासन सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत प्रदेश में करीब 8 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। अब सरकार ने इस अभियान को और आगे बढ़ाते हुए 10 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का नया लक्ष्य निर्धारित किया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह पहल ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला रही है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं अब केवल घर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आज वे आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। दुग्ध उत्पादन, कुक्कुट पालन, मशरूम उत्पादन, लघु उद्योग, हस्तशिल्प और कृषि आधारित कार्यों के माध्यम से महिलाएं सालाना एक लाख रुपए या उससे अधिक की आय अर्जित कर ‘लखपति दीदी’ का दर्जा हासिल कर रही हैं।
जशपुर और रायगढ़ जैसे जिलों में इस योजना का असर साफ नजर आ रहा है। गांव-गांव में महिलाएं समूह बनाकर स्वरोजगार से जुड़ रही हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं। पहले जहां महिलाएं आर्थिक रूप से निर्भर थीं, वहीं अब वे घर की आय बढ़ाने के साथ-साथ बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और बेहतर जीवन स्तर सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
सरकार द्वारा महिलाओं को प्रशिक्षण, बैंक लोन, विपणन सुविधा और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर उत्पादों को बाजार से जोड़ने की व्यवस्था भी की जा रही है, जिससे महिलाओं की आय में निरंतर वृद्धि हो रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में ‘लखपति दीदी’ बनने वाली महिलाओं की सफलता अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही है। यही कारण है कि अब बड़ी संख्या में महिलाएं इस अभियान से जुड़ने के लिए आगे आ रही हैं।
सरकार का मानना है कि 10 लाख ‘लखपति दीदी’ का लक्ष्य पूरा होने के बाद न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी, बल्कि छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगी।
कुल मिलाकर ‘लखपति दीदी’ योजना ने प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की एक नई कहानी लिखनी शुरू कर दी है, जो आने वाले समय में पूरे देश के लिए एक उदाहरण बन सकती है।
