कलेक्टर रोहित व्यास के सख्त निर्देश पर दूसरे दिन भी चला  सर्च ऑपरेशन, जंगल-पहाड़ छान मारी टीम, फिर भी नहीं मिला एयर क्रैश का कोई सुराग—अफवाह पर प्रशासन ने कसा शिकंजा
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कलेक्टर रोहित व्यास के सख्त निर्देश पर दूसरे दिन भी चला  सर्च ऑपरेशन, जंगल-पहाड़ छान मारी टीम, फिर भी नहीं मिला एयर क्रैश का कोई सुराग—अफवाह पर प्रशासन ने कसा शिकंजा

नारायणपुर 21 अफ़्रैल 2026। बादलखोल अभ्यारण्य के सेऊरखण्ड पहाड़ी इलाके में एयर एम्बुलेंस क्रैश की फैली अफवाह के बीच जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया। सोमवार को दिनभर चले सर्च ऑपरेशन के बावजूद कोई ठोस सबूत नहीं मिलने पर कलेक्टर रोहित व्यास ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मंगलवार को भी दोबारा व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाने के निर्देश दिए।

कलेक्टर के निर्देश के बाद मंगलवार सुबह 6 बजे से ही वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम एक बार फिर मैदान में उतरी। उप निदेशक एलिफेंट रिजर्व सरगुजा श्रीनिवास तनेटि और जशपुर एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के मार्गदर्शन में टीम ने आरा पहाड़, सेऊरखण्ड, देव टोंगरी, मयूर चुन्दी,घोंसरा पहाड़,ठेंगनाकूचा जंगल सहित आसपास के दुर्गम और घने जंगलों में सघन सर्चिंग शुरू की।

टीम ने पहाड़ी इलाकों, गहरी घाटियों और जंगल के भीतर तक पहुंचकर हर संभावित स्थान की बारीकी से जांच की। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और भीषण गर्मी के बावजूद वन विभाग के नाकेदार,दरोगा सहित नारायणपुर पुलिस के जवानों और अधिकारियों ने दोपहर शाम तक लगातार ऑपरेशन जारी रखा। कई ऊंचे चोटी,नदी नालों में पैदल पहुंचकर तलाशी ली गई।ड्रोन कैमरों की मदद से भी निगरानी की गई, ताकि ऊपर से पूरे इलाके की स्पष्ट तस्वीर मिल सके। 

हालांकि, इतने व्यापक और गहन सर्च ऑपरेशन के बाद भी  दूसरे दिन टीम को किसी भी प्रकार के विमान या एयर एम्बुलेंस क्रैश का कोई सबूत नहीं मिला।

फर्जी वीडियो वायरल करने वालों की खोज शुरू-कार्यवाही तय

सोशल मीडिया पर प्लेन क्रैश की अफवाह फैलाने के मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि सबसे पहले किसने यह भ्रामक जानकारी पोस्ट की गई थी।

दरअसल, सोमवार को एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें आरा पहाड़ क्षेत्र से धुआं उठता दिखाई दे रहा था। वीडियो शेयर करने वालों ने दावा किया कि यह धुआं विमान हादसे का है। इसके साथ ही कुछ लोगों ने प्राइवेट एयरक्राफ्ट की तस्वीरें भी पोस्ट कर खबर को और फैलाया।

सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन चलाया गया। कई घंटे की जांच और छानबीन के बाद भी कहीं कोई मलबा या हादसे के संकेत नहीं मिले।

अंततः प्रशासन ने स्पष्ट किया कि प्लेन क्रैश जैसी कोई घटना नहीं हुई थी और यह पूरी तरह अफवाह थी। पुलिस अब वीडियो बनाने और उसे वायरल करने वालों की पहचान कर कार्रवाई की तैयारी में है। शुरुआती जांच में ही स्पष्ट हो गया था कि पहाड़ी से उठ रहा धुआं दरअसल जंगल में लगी आग का था, जिसे गलतफहमी में हादसे से जोड़ दिया गया।

      कुनकुरी एसडीओपी को दिया है जांच का जिम्मा
प्लेन क्रैश होने की अफवाह कैसे उड़ी इसकी जांच शुरू कर दी गई है। कुनकुरी  एस डी ओ पी को जांच का जिम्मा सौंपा गया है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 

           लाल उमेद सिंह - एस एस पी जशपुर

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