खून से लथपथ सड़क पर जिंदगी और मौत से जूझते रहे दो युवक..… तभी देवदूत बनकर पहुंचे पत्थलगांव एसडीओपी ध्रुवेश जायसवाल; अपनी गाड़ी में डालकर पहुंचाया अस्पताल, इंसानियत और कर्तव्यनिष्ठा की बनी मिसाल
जशपुर/नारायणपुर : 03 अप्रैल 2026। जिले के पत्थलगांव क्षेत्र अंतर्गत काडरों बाजार पारा के पास शुक्रवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब दो बाइकों की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक सवार युवक सड़क पर दूर जा गिरे और देखते ही देखते पूरा मंजर खून से लाल हो गया। घायल युवक दर्द से कराहते हुए सड़क पर तड़पते रहे, वहीं मौके पर मौजूद लोग सहम गए और कोई समझ ही नहीं पाया कि आखिर क्या किया जाए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों बाइकें तेज रफ्तार में थीं और आमने-सामने भिड़ंत होते ही उनके परखच्चे उड़ गए। हादसे में घायलों के सिर और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं, जिससे भारी रक्तस्राव होने लगा। घायलों में महेशपुर निवासी समारू नाग सहित एक अन्य युवक शामिल है,।
इसी बीच एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसने पूरे घटनाक्रम को इंसानियत की मिसाल में बदल दिया। पत्थलगांव के एसडीओपी ध्रुवेश जायसवाल कोतबा क्षेत्र के आकस्मिक निरीक्षण से लौट रहे थे। जैसे ही उनकी नजर सड़क पर पड़े लहूलुहान युवकों पर पड़ी, उन्होंने बिना एक पल गंवाए तुरंत वाहन रुकवाया और खुद मौके पर उतरकर हालात को संभालने में जुट गए। आसपास खड़े लोगों को मदद के लिए बुलाया और दोनों घायलों को सावधानीपूर्वक उठवाया।
सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने एंबुलेंस का इंतजार करने के बजाय समय की गंभीरता को समझते हुए खुद ही दोनों घायलों को अपनी गाड़ी में बैठाया और सिविल अस्पताल पत्थलगांव के लिए रवाना हो गए। उनकी इस तत्परता के कारण घायलों को समय पर उपचार मिल सका, जो इस तरह के हादसों में सबसे अहम माना जाता है। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू कर दिया और फिलहाल दोनों की हालत सामान्य बताई जा रही है ।
घटना को लेकर प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार और लापरवाही को कारण माना जा रहा है। यह भी आशंका जताई जा रही है कि हेलमेट का उपयोग नहीं करने से चोटें और गंभीर हुईं। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
घटना के बाद एसडीओपी ध्रुवेश जायसवाल ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वाहन चलाते समय जरा सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि शराब पीकर वाहन चलाना, हेलमेट न पहनना और यातायात नियमों की अनदेखी करना ऐसे हादसों को न्योता देता है। उन्होंने सभी से सुरक्षित ड्राइविंग अपनाने की अपील की।
काडरों बाजार पारा की यह घटना एक तरफ सड़क सुरक्षा को लेकर लोगों की लापरवाही को उजागर करती है, तो दूसरी तरफ एक पुलिस अधिकारी की संवेदनशीलता और मानवता का ऐसा चेहरा सामने लाती है, जो आज के समय में मिसाल बन गया है। जब कई लोग हादसों के वक्त मूकदर्शक बने रहते हैं, ऐसे में एक अधिकारी का खुद आगे बढ़कर घायलों की जान बचाने के लिए कदम उठाना यह साबित करता है कि वर्दी के पीछे भी एक संवेदनशील दिल धड़कता है।
