कलम की आवाज दबाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं” — वायरल ऑडियो-वीडियो पर खबर छापने से नाराज़ भाजपा नेता की शिकायत पर प्रेस क्लब जशपुर का तीखा विरोध, एसपी से निष्पक्ष जांच की मांग
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कलम की आवाज दबाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं” — वायरल ऑडियो-वीडियो पर खबर छापने से नाराज़ भाजपा नेता की शिकायत पर प्रेस क्लब जशपुर का तीखा विरोध, एसपी से निष्पक्ष जांच की मांग

वायरल ऑडियो-वीडियो पर खबर प्रकाशित करने से नाराज़ भाजपा नेता की शिकायत पर पत्रकारों में आक्रोश, प्रेस क्लब जशपुर ने की निष्पक्ष जांच की मांग

जशपुरनगर 25 फरवरी 2026 : सोशल मीडिया में प्रसारित हो रहे विवादित और आपत्तिजनक ऑडियो-वीडियो को लेकर प्रकाशित समाचारों के बाद भाजपा नेता कृपा शंकर भगत द्वारा पत्रकारों के विरुद्ध सिटी कोतवाली में की गई शिकायत को लेकर प्रेस क्लब जशपुर में तीखी प्रतिक्रिया देखी गई। बुधवार को शहर के सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में जिले के पत्रकारों ने एकजुट होकर इस पूरे घटनाक्रम पर नाराजगी व्यक्त की और इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर अनावश्यक दबाव बनाने की कोशिश बताया।

बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर कहा गया कि समाचारों का संकलन, सत्यापन और प्रकाशन करना मीडिया का दायित्व है। यदि सोशल मीडिया में कोई ऑडियो या वीडियो व्यापक रूप से प्रसारित हो रहा है और उसमें आपत्तिजनक या गंभीर प्रकृति की बातें हैं, तो उसे तथ्यों के आधार पर प्रकाशित करना पत्रकारिता के दायरे में आता है। ऐसे में पत्रकारों के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराना पूरी तरह अनुचित और आधारहीन है।

पत्रकारों ने कहा कि वायरल ऑडियो-वीडियो में कथित रूप से गोली मारने जैसी हिंसक और आपराधिक धमकी भरी भाषा का प्रयोग किया गया है, जो गंभीर विषय है। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि संबंधित नेता द्वारा उरांव समाज के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी की गई तथा अपनी अमर्यादित भाषा को जशपुर की बोली बताकर जिले की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया। प्रेस क्लब ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण और अस्वीकार्य बताया।

बैठक के बाद पत्रकारों का एक प्रतिनिधिमंडल एकजुट होकर पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह से मिला और उन्हें ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। पत्रकारों ने आग्रह किया कि तथ्यों के आधार पर जांच कर उचित कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि पत्रकार निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यदि सत्य को सामने लाने पर ही पत्रकारों को निशाना बनाया जाएगा, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक संकेत होगा।

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