जशपुर में स्वास्थ्य विभाग सख्त: पीएचसी कोल्हेनारिया के लैब टेक्नीशियन से 3 दिन में मांगा स्पष्टीकरण, जांच टीम को 7 दिन में जांच रिपोर्ट देने के निर्देश
जशपुर, 24 फरवरी 2026।
जिले के फरसाबहार विकासखंड स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र कोल्हेनारिया में पदस्थ मेडिकल लैब टेक्नीशियन श्री संजय कुर्रे के खिलाफ गंभीर आरोपों के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कर्मचारी से तीन दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का आदेश जारी किया है तथा पूरे प्रकरण की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित कर दी है।
अभद्रता, धमकी और अश्लील टिप्पणी के लगे हैं आरोप
दिनांक 22 फरवरी 2026 को विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों में आरोप लगाया गया था कि पीएचसी कोल्हेनारिया में पदस्थ लैब टेक्नीशियन द्वारा नर्सिंग स्टाफ के साथ अभद्र व्यवहार, अश्लील टिप्पणी तथा धमकी दी जा रही है। खबरों में यह भी उल्लेख किया गया था कि प्रताड़ना से परेशान नर्सों ने नाइट ड्यूटी करने से इंकार कर दिया है और आपातकालीन सेवाओं के बहिष्कार की चेतावनी दी है।
समाचार प्रकाशित होने के बाद मामला स्वास्थ्य विभाग के संज्ञान में आया, जिसके पश्चात विभागीय स्तर पर त्वरित कार्रवाई प्रारंभ की गई।

तीन दिवस में मांगा गया स्पष्ट अभिमत
सीएमएचओ कार्यालय से जारी आदेश में श्री संजय कुर्रे को निर्देशित किया गया है कि वे आरोपों के संबंध में अपना स्पष्ट अभिमत एवं स्पष्टीकरण तीन दिवस के भीतर अधोहस्ताक्षरकर्ता के समक्ष स्वयं उपस्थित होकर प्रस्तुत करें। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित अवधि में स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किए जाने की स्थिति में यह माना जाएगा कि संबंधित कर्मचारी को कुछ नहीं कहना है, जिसके बाद उनके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी उनकी स्वयं की होगी।
चार सदस्यीय जांच समिति गठित
प्रकरण की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। समिति में —
- डॉ. किरन्ती कुजूर, बीएमओ कुनकुरी — अध्यक्ष
- डॉ. ए.डी. तिर्की, बीएमओ लोदाम — सदस्य
- श्रीमती ललिता पैंकरा, पब्लिक हेल्थ नर्सिंग सुपरवाइजर, कुनकुरी — सदस्य
- श्री वैभव सोनी, लेखापाल जशपुर — सदस्य
को शामिल किया गया है।
समिति को निर्देश दिया गया है कि वह पूरे मामले की विस्तृत जांच कर संबंधित पक्षों के कथन, अभिलेख एवं परिस्थितियों का परीक्षण करते हुए सात दिवस के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करे।
विभाग ने दी निष्पक्ष जांच का आश्वासन
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने संकेत दिया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि कार्यस्थल पर अनुशासन, गरिमा और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है, तथा किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अब सबकी निगाहें जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो आगामी सात दिनों में सामने आने की संभावना है।
