संत चिन्मयानंद बापू के आगमन पर उमड़ा जनसैलाब, गाजे-बाजे, जयघोष के बीच हुआ दिव्य स्वागत - 7 दिनों तक सलियाटोली में धर्म,मर्यादा और आदर्शों की करेंगे अमृतवर्षा
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संत चिन्मयानंद बापू के आगमन पर उमड़ा जनसैलाब, गाजे-बाजे, जयघोष के बीच हुआ दिव्य स्वागत - 7 दिनों तक सलियाटोली में धर्म,मर्यादा और आदर्शों की करेंगे अमृतवर्षा

जशपुर/नारायणपुर 1 अफ़्रेल 2026 । बुधवार को संत चिन्मयानंद बापू जी का कुनकुरी आगमन हुआ, जहां उनका स्वागत अत्यंत भव्य और भावपूर्ण तरीके से किया गया।उनके आगमन पर श्रद्धालुओं में उत्साह की लहर दौड़ गई। मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय आयोजन समिति के सदस्यों और नगर के गणमान्य नागरिकों ने उनका पुष्पगुच्छ व मालाओं से अभिनंदन किया।

इसके पश्चात जय स्तंभ चौक पर पारंपरिक वाद्य-यंत्रों, गाजे-बाजे और जयघोष के बीच भव्य स्वागत हुआ। नगर की महिलाओं ने आरती उतारकर संत का अभिनंदन किया, जिससे पूरा वातावरण भक्ति और श्रद्धा से सराबोर हो गया।

जशपुर जिले के कुनकुरी नगर में एक बार फिर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। 2 अप्रैल से 8 अप्रैल 2026 तक सलियाटोली मिनी स्टेडियम में आयोजित होने जा रहा सात दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव पूरे क्षेत्र को राममय करने के लिए तैयार है। इस पावन आयोजन में परम पूज्य संत चिन्मयानंद बापू जी अपने श्रीमुख से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन की प्रेरक कथा सुनाएंगे।

प्रतिदिन 3 घंटे होगा कथा का रसपान

आयोजन समिति के अनुसार, कथा का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक किया जाएगा। सलियाटोली स्टेडियम में विशाल पंडाल तैयार किया गया है, जहां हजारों श्रद्धालु एक साथ बैठकर श्रीराम कथा का श्रवण कर सकेंगे।

राम कथा: जीवन को दिशा देने वाली प्रेरणा

इस सात दिवसीय कथा के दौरान संत चिन्मयानंद बापू जी भगवान श्रीराम के जीवन के विभिन्न प्रसंगों—धर्म, मर्यादा, त्याग, कर्तव्य और आदर्शों—का गहन वर्णन करेंगे। कथा के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि किस प्रकार श्रीराम का जीवन आज भी समाज और व्यक्ति को सही मार्ग दिखाता है।

यह कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मिक शुद्धि और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम भी बनेगी। श्रद्धालुओं को भक्ति, ज्ञान और संस्कारों की अनमोल सीख प्राप्त होगी।

कुनकुरी में आयोजित यह श्रीराम कथा महोत्सव न केवल एक धार्मिक कार्यक्रम है, बल्कि यह समाज को नैतिकता, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम भी है। आने वाले सात दिनों तक कुनकुरी की धरती पर राम नाम की गूंज, भक्ति की सरिता और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।

श्रद्धालुओं से अपील

आयोजन समिति ने सभी धर्मप्रेमी जनों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर श्रीराम कथा का श्रवण करें और इस दुर्लभ आध्यात्मिक अवसर का लाभ उठाएं।

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