शिक्षक सम्मान सम्मेलन में दिखा सम्मान और सहयोग का संगम, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक ने शिक्षकों को स्मृति चिन्ह भेंटकर बढ़ाया मान, वित्तीय प्रबंधन के बताए गुर
छुरिया/राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक द्वारा क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले शिक्षकों के सम्मान में भव्य शिक्षक सम्मान सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में क्षेत्र के लगभग 300 शिक्षकों को प्रतीक चिन्ह एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बैंक के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे। आयोजन का उद्देश्य शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ ही बैंक की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देना तथा शिक्षकों के साथ बैंक के संबंधों को और मजबूत बनाना रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक आशीष सिंह एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी जितेंद्र उइके रहे। वहीं, विशेष अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू, जिलाध्यक्ष राजकुमार साहू, ब्लॉक अध्यक्ष अमरदास बंजारे, छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के पूर्व जिला प्रवक्ता एवं ब्लॉक संरक्षक दिनेश कुरेटी, ब्लॉक अध्यक्ष योगेंद्र वर्मा तथा छत्तीसगढ़ सहायक/समग्र शिक्षक फेडरेशन के ब्लॉक अध्यक्ष कीरत गणवीर सहित अन्य शिक्षक नेता शामिल हुए।
इसके अलावा शिक्षक नेता राजेंद्र लाडेकर, लोकेश साहू, ग्रामीण बैंक के सेवानिवृत्त अधिकारी विजय गुप्ता, छुरिया शाखा प्रबंधक अनुराग सोनी, चिचोला शाखा प्रबंधक पूजा बुधौलिया, गैंदाटोला शाखा प्रबंधक देवेश कुमार भोई तथा भोलापुर शाखा प्रबंधक पी. यशवंत की उपस्थिति रही। बैंक परिवार के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अतिथियों और शिक्षकों का स्वागत करते हुए उन्हें प्रतीक चिन्ह एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया।
शिक्षकों के लिए सहयोगी बैंक के रूप में ग्रामीण बैंक की भूमिका
सम्मेलन को संबोधित करते हुए अतिथियों ने छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की विभिन्न योजनाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि बैंक शिक्षकों एवं अन्य वेतनभोगी कर्मचारियों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। क्षेत्र के अनेक शिक्षकों के वेतन खाते ग्रामीण बैंक में संचालित हैं, जिसके माध्यम से उन्हें बैंकिंग सुविधाओं और वित्तीय सहायता का लाभ मिलता है।
अतिथियों ने शिक्षकों से बैंक की नवीन ग्रामीण आवास ऋण योजना, बचत योजनाओं तथा व्यक्तिगत ऋण जैसी सुविधाओं का लाभ लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि बेहतर बैंकिंग सेवाओं और योजनाओं की जानकारी होने से कर्मचारी अपनी आर्थिक जरूरतों की पूर्ति के साथ भविष्य की योजनाओं को भी व्यवस्थित रूप से पूरा कर सकते हैं।
वित्तीय अनुशासन और भविष्य की बचत पर दिया जोर
सम्मेलन के दौरान बैंक अधिकारियों ने शिक्षकों को वित्तीय अनुशासन, धन प्रबंधन और भविष्य के लिए नियमित बचत के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान आय का सही नियोजन करते हुए भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बचत करना जरूरी है। आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए अलग से आपातकालीन निधि तैयार रखने तथा सोच-समझकर निवेश करने की सलाह भी दी गई।
बैंक अधिकारियों ने बताया कि नियमित बचत और उचित वित्तीय प्रबंधन से परिवार की आर्थिक सुरक्षा मजबूत की जा सकती है। इसके लिए आय एवं खर्च के बीच संतुलन बनाए रखना और उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करना आवश्यक है।
555 दिन की एफडी और ग्रामीण आवास ऋण योजना की दी जानकारी
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की 555 दिनों की विशेष मियादी जमा योजना के संबंध में भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने योजना की विशेषताओं, ब्याज दरों और इससे मिलने वाले लाभों के बारे में उपस्थित शिक्षकों को बताया।
इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए शुरू की गई ग्रामीण आवास ऋण योजना की जानकारी साझा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण अंचलों में सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को अपना पक्का मकान बनाने के लिए ऋण सुविधा उपलब्ध कराना है। शिक्षकों को अपनी आवश्यकताओं और आर्थिक क्षमता के अनुरूप बैंक की योजनाओं की जानकारी लेकर उनका लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।
लगभग 300 शिक्षकों का हुआ सम्मान
सम्मेलन में जगदीश साहू, संतोष जैन, नाथूराम सूर्यवंशी, ओमप्रकाश नेटी, नूरजहां खान, रेखा पुजारी, बीरेंद्र साहू, नवल सिंह साहू, कोमल गुरु, मोहित राम साहू, ईश्वर लाल मंडावी, चिम्मन लाल साहू, ज्ञानेश्वर जामुलकर, रत्नदीपा कमलेश्वर, रीना जगनित, हेमलाल सहारे, मुकेश साहू, बाबूलाल बसु, सरोज कोटरे, चेतन दुबे, शैलेन्द्र कोटरे, बृजलाल चंद्रवंशी, बलेश्वर साहू, सुनील देवांगन, गिरधर साहू, मूलचंद साहू, बेदराम टांडेकर, गजेंद्र साहू, प्रकाश साहू, कांति साहू, गिरधारी सहारे, प्रीतम कोठारी और रेशमी टंडन सहित क्षेत्र के लगभग 300 शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में बैंक प्रबंधन ने सभी अतिथियों, शिक्षक प्रतिनिधियों एवं उपस्थित शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही भविष्य में भी बेहतर बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने और ग्राहकों की जरूरतों के अनुरूप योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई। शिक्षक सम्मान सम्मेलन ने शिक्षकों के प्रति सम्मान प्रकट करने के साथ ही उन्हें वित्तीय प्रबंधन और बैंकिंग सुविधाओं के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया।
