महादेवडांड़ में तलवार की धौंस दिखाकर गिरदावरी कर रहे युवक से मांगे रुपए, रकम नहीं मिलने पर लूटी मोटरसाइकिल;तीन आरोपी गिरफ्तार और चार बालक भेजे गए बाल संप्रेषण गृह
जशपुर। जिले के बगीचा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम महादेवडांड़ में खेत-जमीन की गिरदावरी का कार्य कर रहे एक युवक को तलवार दिखाकर डराने-धमकाने, उससे रुपए की मांग करने और पैसे नहीं मिलने पर उसकी मोटरसाइकिल लूट लेने का मामला सामने आया है। आरोप है कि युवकों के एक समूह ने गिरदावरी का काम कर रहे युवक को घेरकर गाली-गलौज की और रकम नहीं देने पर उसकी मोटरसाइकिल अपने कब्जे में ले ली। इतना ही नहीं, घटना की जानकारी पुलिस को देने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए बगीचा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि चार विधि से संघर्षरत बालकों को अभिरक्षा में लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल की गई तलवार और लूटी गई मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है।
गिरदावरी के दौरान युवक को घेरकर की गई रुपए की मांग
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम पकरीकछार निवासी 33 वर्षीय संतोष कुमार पिछले दो वर्षों से बासेन एवं महादेवडांड़ क्षेत्र में खेत-जमीन की गिरदावरी का काम कर रहा है। इसी क्रम में 15 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब तीन बजे वह ग्राम महादेवडांड़ के कुरोंग पंचायत अंतर्गत किसानपारा स्थित सीसी रोड के पास एक खेत में गिरदावरी का कार्य कर रहा था।
इसी दौरान डोन तिर्की अपने साथी अमीर कुमार खाखा उर्फ पठिया के साथ वहां पहुंचा। आरोप है कि डोन तिर्की के हाथ में तलवार थी। दोनों ने युवक से पूछताछ करते हुए यह जानना चाहा कि वह उनके गांव में क्या करने आया है। इसके बाद उसके साथ गाली-गलौज करते हुए डराने-धमकाने लगे। देखते ही देखते मामला विवाद में बदल गया और तलवार दिखाकर युवक से रुपए-पैसों की मांग की जाने लगी।
पैसे नहीं होने की बात कही तो साथियों को भी बुला लिया
प्रार्थी संतोष कुमार ने जब अपने पास पैसे नहीं होने की बात कही, तो आरोप है कि डोन तिर्की और अमीर कुमार खाखा के अन्य पांच साथी भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद सभी ने मिलकर उससे रुपए की मांग की। रकम नहीं मिलने पर आरोपियों ने उसकी मोटरसाइकिल क्रमांक सीजी 15 ई 2606 लूट ली।
घटना के दौरान डोन तिर्की द्वारा तलवार लेकर युवक को मारने के लिए दौड़ाने की बात भी पुलिस को दी गई शिकायत में सामने आई है। अपनी जान बचाने के लिए संतोष कुमार मौके से भाग निकला। आरोप है कि जाते समय आरोपियों ने उसे धमकी दी कि यदि उसने इस घटना की जानकारी पुलिस को दी, तो उसे जान से मार दिया जाएगा। घटना के बाद पीड़ित ने स्थानीय लोगों को इसकी जानकारी दी और फिर 16 अक्टूबर को थाना बगीचा पहुंचकर पूरे मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई।
शिकायत मिलते ही पुलिस ने शुरू की आरोपियों की तलाश
पीड़ित की शिकायत पर बगीचा पुलिस ने अपराध क्रमांक 275/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 310(2) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 एवं 27 के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। मामले में तलवार का इस्तेमाल कर धमकी देने और मोटरसाइकिल लूटने की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल संदिग्धों की पतासाजी शुरू की।
विवेचना के दौरान पुलिस ने डोन तिर्की और अमीर कुमार खाखा उर्फ पठिया को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, उनके मेमोरेंडम कथनों के आधार पर मामले में अन्य साथियों की संलिप्तता सामने आई। इसके बाद पुलिस ने आयुष कुजूर सहित चार विधि से संघर्षरत बालकों को भी हिरासत में लिया।
पहचान की कार्रवाई के बाद बरामद हुए लूट के सामान
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने सभी संदिग्धों को हिरासत में लेकर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रार्थी से पहचान की कार्रवाई कराई। पुलिस के अनुसार, प्रार्थी ने सभी आरोपियों की पहचान की। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल की गई तलवार और लूटी गई मोटरसाइकिल जब्त कर ली।
पुलिस का कहना है कि मामले में आरोपियों के अपराध स्वीकार करने और अपराध से संबंधित पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की गई।
तीन आरोपी न्यायिक रिमांड पर, चार बालक भेजे गए बाल संप्रेषण गृह
बगीचा पुलिस ने मामले में डोन तिर्की, उम्र 19 वर्ष, अमीर कुमार खाखा उर्फ पठिया, उम्र 19 वर्ष तथा आयुष कुजूर, उम्र 18 वर्ष 11 माह, को विधिवत गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। वहीं, 15 से 17 वर्ष आयु वर्ग के चार विधि से संघर्षरत बालकों को नियमानुसार अभिरक्षा में लेकर किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है।
पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
इस मामले में आरोपियों की पतासाजी, गिरफ्तारी और घटना में प्रयुक्त सामग्री की बरामदगी में बगीचा पुलिस की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्रवाई में पीएसआई संतोष वर्मा, सहायक उप निरीक्षक अनिल कामरे एवं नरेश मिंज, प्रधान आरक्षक लक्ष्मण सिंह, आरक्षक अशोक मिंज, महिला आरक्षक पूना मणि तथा नगर सैनिक बलि राम का योगदान रहा।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मामले में आगे की वैधानिक प्रक्रिया जारी है।
