जनजातीय उत्थान की मुहिम को मिला नया नेतृत्व, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या साय सर्वसम्मति से चुनी गईं भारतीय आदिम जाति सेवक संघ की उपाध्यक्ष,जनजातीय समाज के विकास को मिलेगी नई दिशा
जशपुरनगर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी कौशल्या साय को भारतीय आदिम जाति सेवक संघ का उपाध्यक्ष चुना गया है। बोर्ड ने यह निर्णय मंगलवार को रायपुर के निमोरा स्थित ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान में आयोजित अपनी पहली बैठक में लिया। इस बैठक की अध्यक्षता श्री प्रकाश कुमार उइके ने की। बैठक में संगठन के विस्तार और जनजातीय समाज के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। संगठन का विस्तार करते हुए श्रीमती कौशल्या साय को संगठन का उपाध्यक्ष नियुक्त करने की घोषणा अध्यक्ष श्री प्रकाश उइके ने की। अध्यक्ष उइके ने बताया कि बैठक में भारतीय आदिम जाति सेवक संघ के संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए सदस्यता अभियान तेज करने,जनजातीय समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता लाने,स्वास्थ्य,रोजगार और सामाजिक उत्थान के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने पर पदाधिकारियों से विचार विमर्श किया गया। अध्यक्ष उइके ने बताया कि श्रीमती कौशल्या साय के उपाध्यक्ष बनने से संगठन की सक्रियता बढ़ने के साथ मजबूती भी मिलेगी। उल्लेखनिय है मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र में सक्रिय है। श्रीमती साय अखिल भारतीय कंवर समाज की राष्ट्रीय अध्यक्ष भी है। कंवर समाज की हर बैठक में वे शामिल होती हैं और संगठन के साथ समाज में जागरूकता व उत्थान में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
विकास के लिए संगठित प्रयास की आवश्यकता -
बैठक को संबोधित करते हुए श्रीमती कौशल्या साय ने उन विश्वास जताने के लिए संघ के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए कहा कि समेकित विकास के लिए संगठित प्रयास करने की आवश्यकता होती है। मनुष्य अपने बुद्वि के बल पर सुई और हवाई जहाज जैसे आधुनिक यंत्र बनाया है। समाज की क्षमता को सही दिशा की ओर ले जाए तो इस देश व समाज को विश्व गुरू बनने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होनें कहा कि भारतीय आदिम जाति सेवक संघ जनजातीय समाज को वह मंच दे सकता है जो जनजातीयों को सही दिशा दे सके। इसके लिए हम सब मिल कर काम करेगें।
