जशपुर के विद्यार्थियों ने रचा सफलता का स्वर्णिम इतिहास: राष्ट्रीय साधन-सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा में रिकॉर्ड 428 आवेदन, 164 विद्यार्थी सफल, 77 को मिलेगी छात्रवृत्ति... सुनियोजित रणनीति, शिक्षकों की मेहनत और 'यशस्वी जशपुर' अभियान ने लिखी कामयाबी की नई इबारत
जशपुर। जिला कलेक्टर श्री रोहित व्यास , जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालंन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार के दिशा निर्देश मे जिले के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय साधन-सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा 2025-26 में जशपुर जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। जिला शिक्षा अधिकारी श्री नरेंद्र कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन, यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी श्री विनोद कुमार गुप्ता और ओपन लिंक्स फाउंडेशन के समन्वय मे शिक्षकों और विद्यार्थियों को यह परीक्षा मे भाग लेने हेतु प्रेरित किया गया । जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं सहयोगी संस्थाओं के समन्वित प्रयासों का परिणाम है कि पिछले तीन वर्षों कि तूलना मे जिले ने सफलता की नई मिसाल स्थापित की है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023-24 में जिले से केवल 66 विद्यार्थियों ने आवेदन किया था, जिनमें से 5 विद्यार्थी चयनित जिन्हे छात्रवृत्ति प्राप्त हुई। वर्ष 2024-25 में आवेदन संख्या बढ़कर 84 हुई तथा 31 विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त कर छात्रवृत्ति हासिल की।
वहीं 2025-26 में जशपुर जिले ने अभूतपूर्व प्रगति दर्ज करते हुए 428 विद्यार्थियों का आवेदन सुनिश्चित किया। इनमें से 164 विद्यार्थियों ने परीक्षा उत्तीर्ण की तथा 77 विद्यार्थियों का राष्ट्रीय साधन-सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा के लिए चयन हुआ। यह पिछले तीन वर्षों की तुलना में जिले के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
यदि वर्ष 2023-24 और 2025-26 की तुलना की जाए, तो आवेदन करने वाले विद्यार्थियों की संख्या 66 से बढ़कर 428 हो गई, इसी प्रकार परीक्षा में सफल विद्यार्थियों की संख्या 5 से बढ़कर 164 तथा छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या 5 से बढ़कर 77 तक पहुँच गई। यह उपलब्धि जिले में गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक तैयारी और प्रभावी मार्गदर्शन का प्रमाण है।
यह सफलता यशस्वी जशपुर के मार्गदर्शन मे प्राप्त हुआ। माध्यमिक विद्यालय के सभी प्रधान पाठकों को शाला प्रारंभ के समय ही इस छात्रवृति हेतु प्रशिक्षण दिया गया था। साथ ही सभी संकुल समन्वयकों को भी विद्यार्थियों को फॉर्म भरवाने हेतु प्रेरित करने के लिए प्रशिक्षण दिया गया था। ओपन लिंक्स फाउंडेशन कि ओर से विद्यालय स्तर पर तीन अभ्यास परीक्षा, पूर्व वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास, समूह प्रशिक्षण तथा डिजिटल माध्यमों विशेषकर विनोबा ऐप के उपयोग ने विद्यार्थियों की तैयारी को और अधिक सशक्त बनाया।
जशपुर जिले का यह प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि यदि सही रणनीति, नियमित मॉनिटरिंग, गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सहयोग तथा शिक्षकों की प्रतिबद्धता एक साथ कार्य करें, तो सीमित संसाधनों में भी उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
यह उपलब्धि न केवल जशपुर जिले के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक प्रेरणादायक शिक्षा मॉडल के रूप में उभर रही है। यशस्वी जशपुर के सहयोगी संजीव शर्मा, सदस्य अवनीश पांडे, विनोबा टीम के जितेंद्र सिंह, अजहर शेख, बिपलब देवशर्मा, आनंद कुमार टोप्पो और सोमनाथ साहू ने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाए दिया ।
