चरित्र शंका में पति बना हैवान: आधी रात पत्नी के गले पर दौली से वार कर की हत्या, तपकरा पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
जशपुर, 7 मार्च 2026। जशपुर जिले के तपकरा थाना क्षेत्र के ग्राम पुटली में चरित्र शंका के चलते एक पति द्वारा अपनी ही पत्नी की बेरहमी से हत्या कर देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी ने आधी रात घर में रखे लोहे के धारदार हथियार (दौली) से पत्नी के गले पर वार कर उसकी हत्या कर दी। घटना की सूचना मिलते ही तपकरा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पुटली निवासी जूलियस तिर्की (45 वर्ष) ने थाना तपकरा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 6 मार्च की रात करीब 2:30 बजे उसका बड़ा भाई जेरोम तिर्की (56 वर्ष) उसके घर पहुंचा और बताया कि उसने अपनी पत्नी अलकिसलिया तिर्की (53 वर्ष) की हत्या कर दी है। यह सुनकर जूलियस तिर्की अपनी पत्नी व परिवार के अन्य सदस्यों के साथ आरोपी के घर पहुंचा।
घर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि अलकिसलिया तिर्की बिस्तर पर मृत अवस्था में पड़ी हुई थी। उसके गले पर धारदार हथियार से गहरा घाव था और खून बह रहा था। पूछताछ करने पर आरोपी जेरोम तिर्की ने बताया कि वह अपनी पत्नी के चरित्र को लेकर लंबे समय से संदेह करता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था।
घटना की रात भी इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच कहासुनी हुई। विवाद बढ़ने पर गुस्से में आकर आरोपी ने घर में रखे लोहे के धारदार हथियार दौली से पत्नी के गले पर वार कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना तपकरा पुलिस ने तत्काल प्रार्थी की रिपोर्ट पर आरोपी जेरोम तिर्की के विरुद्ध बीएनएस की धारा 103(1) के तहत हत्या का अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी। पुलिस टीम तुरंत घटनास्थल पहुंची और मौके का निरीक्षण करते हुए पंचनामा कार्रवाई की। इसके बाद मृतिका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। साथ ही हत्या में प्रयुक्त लोहे का धारदार हथियार दौली भी आरोपी के कब्जे से जब्त कर लिया गया है।
इस पूरे मामले की जांच व आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी तपकरा निरीक्षक संदीप कुमार कौशिक, सहायक उपनिरीक्षक रामजी साय पैंकरा, प्रेमिका कुजूर, प्रधान आरक्षक अजय लकड़ा, आरक्षक पुनीत साय एवं याकूब एक्का की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
