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चुनाव प्रक्रिया को विधिक ढांचे के भीतर और सुदृढ़ करने आयोग ने पार्टी अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं को किया आमंत्रित साथ ही किसी भी अनसुलझे मुद्दों पर सुझाव मांगे 


 
रायपुर : भारतीय निर्वाचन आयोग ने सभी राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों से 30 अप्रैल 2025 तक उन किसी भी अनसुलझे मुद्दों पर सुझाव मांगे हैं, जो संबंधित निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO), जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) या मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) के स्तर पर लंबित हैं। राजनीतिक दलों को आज जारी एक व्यक्तिगत पत्र में, आयोग ने यह भी प्रस्ताव रखा है कि पार्टी अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं के साथ परस्पर सहमति से सुविधाजनक समय पर बातचीत की जाएगी, जिससे स्थापित विधिक प्रावधानों के अनुरूप चुनावी प्रक्रियाओं को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।
इससे पहले, गत सप्ताह आयोजित निर्वाचन आयोग के एक सम्मेलन में, मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO), जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) को निर्देश दिया था कि वे राजनीतिक दलों के साथ नियमित संवाद करें, उन बैठकों में प्राप्त सुझावों का समाधान पूर्व निर्धारित विधिक ढांचे के तहत करें और 31 मार्च 2025 तक आयोग को कार्यवाही रिपोर्ट प्रस्तुत करें। आयोग ने राजनीतिक दलों से इस विकेंद्रीकृत संवाद प्रक्रिया का सक्रिय रूप से उपयोग करने का भी आग्रह किया।
राजनीतिक दल, 28 प्रमुख हितधारकों में से एक हैं, जिन्हें संविधान और वैधानिक ढांचे के तहत आयोग द्वारा चुनावी प्रक्रियाओं के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए चिह्नित किया गया है।
आयोग ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और 1951; निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण  नियम, 1960; निर्वाचन संचालन नियम, 1961; माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश; तथा भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा समय-समय पर जारी किए गए दिशा-निर्देश, नियमावली और हैंडबुक (जो निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं) एक विकेंद्रीकृत, मजबूत और पारदर्शी विधिक ढांचे की स्थापना करते हैं, जिससे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों का सफल आयोजन सुनिश्चित हो सके।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुख्यमंत्री निवास में आध्यात्मिक गुरु एवं द आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने सौजन्य मुलाकात कर प्रदेशवासियों के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज मुख्यमंत्री निवास में आध्यात्मिक गुरु एवं द आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना करते हुए श्री श्री रविशंकर का आशीर्वाद प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीकस्वरूप, जशपुर जिले में स्थित विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग - मधेश्वर पहाड़ का छायाचित्र एवं बस्तर आर्ट शैली में निर्मित नंदी की प्रतिकृति भेंट कर श्री श्री रविशंकर का अभिनंदन किया।
श्री श्री रविशंकर ने मुख्यमंत्री श्री साय को अवगत कराया कि इस बार वे अपने साथ 1000 वर्ष पुराने सोमनाथ मंदिर के खंडित शिवलिंग के अवशेष लेकर आए हैं। उन्होंने बताया कि इस ऐतिहासिक शिवलिंग के अवशेष को सदियों से एक अग्निहोत्री परिवार द्वारा सुरक्षित रखा गया था। अब वे इसे पूरे देश में दर्शनार्थ श्रद्धालुओं तक पहुंचाने का पावन कार्य कर रहे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सहित उपस्थित गणमान्य लोगों ने खंडित शिवलिंग के दर्शन किए और आस्था प्रकट की।
पूर्व में केबिनेट में लिए गए निर्णय अनुरूप मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और श्री श्री रविशंकर के मध्य छत्तीसगढ़ सरकार एवं व्यक्ति विकास केंद्र इंडिया (द आर्ट ऑफ लिविंग) के बीच हुए एमओयू को लेकर भी चर्चा हुई।  एमओयू का उद्देश्य आजीविका सृजन और ग्रामीण छत्तीसगढ़ के समग्र कल्याण सहित ग्रामीण विकास के विविध  पहलुओं से जुड़ा है, जिसके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर दोनों पक्षों ने विचार-विमर्श किया।
शंखनाद महासत्संग का न्योता
श्री श्री रविशंकर ने मुख्यमंत्री श्री साय को राजधानी रायपुर स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित 'शंखनाद महासत्संग' कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने इस आमंत्रण के लिए श्री श्री रविशंकर जी का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, सचिव डॉ. बसवराजू एस., श्री पी. दयानंद, श्री राहुल भगत, जनसंपर्क आयुक्त श्री रवि मित्तल, मुख्यमंत्री श्री साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय सहित परिवार के अन्य सदस्यगण उपस्थित थे।

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जनजातीय समाज के विकास को नई दिशा – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में जनजातीय समुदाय के सशक्तिकरण, शिक्षा, सामाजिक-आर्थिक और संस्कृति से जुड़े मुद्दों पर किया गया विचार-विमर्श 


रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज छत्तीसगढ़ जनजाति सलाहकार परिषद की पुनर्गठन पश्चात पहली बैठक विधानसभा परिसर स्थित समिति कक्ष में संपन्न हुई। बैठक में जनजातीय समुदाय के सशक्तिकरण, शिक्षा, सामाजिक-आर्थिक उन्नयन, प्रशासनिक सुधार और संस्कृति संरक्षण से जुड़े अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।  
बैठक में कैबिनेट मंत्री एवं जनजाति सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष श्री रामविचार नेताम सहित प्रदेश के वरिष्ठ मंत्रीगण, विधायक, प्रशासनिक अधिकारी एवं परिषद के सभी सदस्य उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने परिषद की पहली बैठक में सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में जनजाति समुदाय की जनसंख्या 32% है, और उनका समग्र विकास हमारे राज्य की प्राथमिकता है। यह परिषद केवल विचार-विमर्श का मंच नहीं, बल्कि नीति-निर्माण और निर्णय-क्रियान्वयन की महत्वपूर्ण संवैधानिक इकाई है।उन्होंने बैठक में रखे गए सभी बहुमूल्य सुझावों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए और अधिकारियों से कहा कि जनजातीय समुदाय के जाति प्रमाण पत्र से जुड़ी त्रुटियों के निवारण हेतु विस्तृत अध्ययन कर समाधान सुनिश्चित किया जाए। जनजातीय आस्था स्थलों के संरक्षण एवं विकास हेतु देवगुड़ी के साथ-साथ सरना स्थलों को भी शामिल करने की व्यवस्था की जाए। शिक्षा में सुधार हेतु आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षक विहीन और एकल शिक्षक स्कूलों की समस्या को शीघ्रता से हल किया जाए। जनजातीय समुदाय की आर्थिक सशक्तिकरण योजनाओं पर प्रभावी अमल किया जाए, जिससे उनकी प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि हो।
कैबिनेट मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ जनजाति सलाहकार परिषद, सरकार और जनजातीय समाज के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करती है। हम सभी सदस्य प्रदेश के एक-तिहाई जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए हमारी जिम्मेदारी है कि हम शासन की योजनाओं को प्रभावी रूप से समुदाय तक पहुँचाएँ।उन्होंने परिषद द्वारा लिए गए निर्णयों को नीति-निर्माण में प्रभावी रूप से शामिल करने का आश्वासन दिया।
बैठक में सभी उपस्थित सदस्यों ने जनजातीय समुदाय की शिक्षा, आजीविका, सामाजिक-आर्थिक विकास और प्रशासनिक सुधार को लेकर ठोस सुझाव दिए। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सभी प्रस्तावों पर त्वरित और प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए एवं अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि नीतिगत सुधारों का वास्तविक लाभ जनजातीय समुदाय तक पहुँचे। यह बैठक जनजातीय समाज के विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।
बैठक में परिषद के सदस्यों ने जनजातीय समुदाय के सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए, जिनमें जनजातीय बालिकाओं के लिए छात्रावासों की संख्या एवं सुविधाओं में वृद्धि, जनजातीय बहुल क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं भर्ती प्रक्रिया को प्रोत्साहित करना, स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर उपलब्धता एवं जनजातीय क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार, आदिवासियों की पारंपरिक आजीविका को सशक्त करने हेतु विशेष योजनाएँ लागू करना,जनजातीय कला, संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए विशेष योजनाएँ लागू करना शामिल है।
बैठक में आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने विभिन्न एजेंडा बिंदुओं पर प्रेजेंटेशन दिया और परिषद के समक्ष विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक सुश्री लता उसेण्डी, श्रीमती शंकुतला सिंह पोर्ते, श्रीमती उद्देश्वरी पैंकरा, श्रीमती रायमुनी भगत, श्रीमती गोमती साय, विधायक श्री रामकुमार टोप्पो, श्री प्रणव कुमार मरपच्ची, श्री विक्रम उसेण्डी, श्री आशाराम नेताम, श्री नीलकंठ टेकाम, श्री विनायक गोयल, श्री चैतराम अटामी सहित मनोनित सदस्य श्री रघुराज सिंह उईके एवं श्री कृष्ण कुमार वैष्णव उपस्थित थे। बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की महत्वपूर्ण उपस्थिति रही, जिनमें मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक श्री अरूण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, श्रीमती ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, पंचायत विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया , सचिव  श्री राजेश सुकुमार टोप्पो, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, आयुक्त श्री पदुम सिंह एल्मा सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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बघेल संविधान का सम्मान करें, संवैधानिक पद्धति से चुनकर आए मुख्यमंत्री का अपमान करने का भूपेश बघेल को कोई अधिकार नहीं है,चोरी पकड़ी जाने पर बौखलाहट से काम नहीं चलता : केदार कश्यप

रायपुर : छत्तीसगढ़ के वन व सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री बघेल को प्रदेश के पहले आदिवासी सौम्य और सरल मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के बारे में कुछ भी बोलने से पहले हजार बार सोचना चाहिए। श्री कश्यप ने कहा कि भूपेश हमेशा से आदिवासी विरोधी रहे हैं। उन्हें यह पच ही नहीं रहा है कि कोई आदिवासी भी प्रदेश की कमान सम्भाल सकता है।

प्रदेश के वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय प्रदेश ही नहीं, बल्कि समूचे देश के सबसे अनुभवी आदिवासी नेता हैं। उनका अनुभव और राजनीतिक करियर भी भूपेश बघेल से कई गुना बड़ा है। एक बार केंद्रीय मंत्री, दो बार विधायक, तीन बार प्रदेश अध्यक्ष, चार बार सांसद और अब प्रदेश के चौथे मुख्यमंत्री के रूप मेंश्री साय के कार्यकाल की देशभर में सराहना हो रही है। श्री कश्यप ने कहा कि श्री साय के नेतृत्व में आज नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों में कांग्रेस का सफाया हो गया। लोकसभा चुनाव में मोदी गारंटी पूरे करने का असर दिखा, समूचे देश में सौम्य सरल लेकिन कड़े निर्णय लेने वाले नेता के रूप में विष्णुदेव साय की पहचान है। 

प्रदेश के वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि भूपेश बघेल को यह समझना चाहिये कि बड़बोलेपन से राजनीति नहीं चलती। अनावश्यक बयानबाजी को छत्तीसगढ़ की सहज-सरल जनता कितना नापसंद करती है, वह भूपेश बघेल ने स्वयं अनुभव किया होगा। श्री कश्यप ने कहा कि जिस तरह एक सरल आदिवासी कवासी लखमा के कंधे पर बन्दूक रखकर भूपेश बघेल ने अपने घोटालों की गोली चलाई, जैसे सारी मलाई चट कर आदिवासी विधायक लखमा के सिर पर सारा ठीकरा फोड़ दिया है, यह भूपेश बघेल की आदिवासी विरोधी मानसिकता को दिखाता है। 

प्रदेश के वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री से आग्रह है कि वे घोटालों के आरोपों का सामना न्यायिक प्रक्रिया द्वारा करें। जिस संविधान को बचाने की बड़ी-बड़ी बात कांग्रेस करती है, उसी संविधान के तहत संवैधानिक संस्थाएँ जाँच कर रही है। इसी संविधान ने देश के वंचितों और आदिवासियों को अधिकार दिए हैं, भूपेश बघेल का संवैधानिक संस्थाओं का मजाक उड़ाना संविधान विरोधी कृत्य भी है। श्री कश्यप ने कहा कि बघेल संविधान का सम्मान करें, संवैधानिक पद्धति से चुनकर आए प्रतिनिधियों का भी अपमान करने का भूपेश बघेल को कोई अधिकार नहीं है। चोरी पकड़ी जाने पर बौखलाहट से काम नहीं चलता है।

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जशपुर में पहली बार आगडीह हवाई अड्डे में एयर एनसीसी का चल रही है फ्लाइंग ट्रेनिंग,प्रदेश के युवा यहां के खुले आसमान में भर रहे हैं उड़ान,

रायपुर :  जशपुर के आगडीह हवाई अड्डे में वर्तमान  में  एयर एनसीसी का फ्लाइंग ट्रेनिंग  चल  रही है। एनसीसी  कैडेट  को छोटे हवाई जहाज से उड़ान भरने और रनवे पर लैंड करने से लेकर, विमान के कॉकपिट से लेकर हर हिस्से और विमान के नियंत्रण को लेकर सभी बेसिक जानकारी दी जा रही है।
  विंग कमांडर वी  के  साहू  के  अनुसार इस महीने के 7 तारीख से संचालित की जा रही इस प्रशिक्षण में फिलहाल 35 प्रशिक्षु कैडेट्स हिस्सा ले रहे हैं और इस माह के अंत तक 3 सीजी एयर स्क्वाड्रन रायपुर के बैनर के तले प्रदेश के युवा जशपुर के खुले आसमान में हवा में उड़ान सीख रहे हैं। एयर एनसीसी के द्वारा 2 सीटर माइ‌को लाइट एयरक्राफ्ट के जरिए जशपुर के आगडीह हवाई पट्टी पर एनसीसी सीनियर डिवीजन के कैडेट्स जिनमें लड़के और लड़कियां दोनों शामिल हैं।

*मील का पत्थर साबित होगा यह प्रशिक्षण*
विंग कमांडर वीके साहू ने बताया की एयर फोर्स और एविएशन के क्षेत्र में करियर के रूप में इसे चुनने वाले युवाओं के लिए यह प्रशिक्षण बेहद कारगर है। उन्होंने बताया की वो खुद बसना क्षेत्र के लाखौली के निवासी है और सबसे पहले उन्होंने भी एनसीसी कैडेट्स के रूप में उड़ान भरी थी जो आगे चलकर उनके करियर के लिए मील के लिए एयरफोर्स या एविएशन क्षेत्र में जाने वाले युवा के लिए यह प्रशिक्षण फ्लाइंग स्कूल में प्रवेश के लिए सहायक सिद्ध होता है। उन्होंने
बताया कि रायपुर के माना एयरपोर्ट पर उड़ान के सीमित अवसर के कारण इस ट्रेनिंग को जशपुर शिफ्ट किया गया है।  उन्होंने इस पूरे प्रशिक्षण अभियान के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, प्रदेश के शिक्षा सचिव और कलेक्टर जशपुर रोहित व्यास का आभार प्रकट किया, जिनके प्रयासों से जशपुर हवाई पट्टी पर चिकित्सा स्टाफ के साथ एम्बुलेंस और फायर फाईटिंग दस्ते के साथ तमाम तरह गई है, जिससे पूरी टीम और कैडेट्स के रुकने रहने, खाने और प्रशिक्षण का सारा काम सुचारू रूप से चल रहा है।

विंग कमांडर वीके साहू ने बताया की रायपुर के माना स्थित स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डे पर इस प्रशिक्षण का संचालन किया जा रहा था लेकिन माना एयरपोर्ट में एयर ट्रैफिक के दबाव और उसके बीच 100 कैडेट्स को एयरक्राफ्ट उड़ान का प्रशिक्षण देने में कई प्रकार की दिक्कतें आ रही थी। इसके बाद इस प्रशिक्षण को प्रदेश के किसी और छोटे हवाई अड्डे या रनवे पर शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद जशपुर के आगडीह हवाई अड्डे का चयन किया गया, यहां का शांत वातावरण और रनवे इस प्रशिक्षण के लिए बहुत अच्छा साबित हुआ है, यह पूरा प्रशिक्षण और एयर एनसीसी के कैडेट्स के साथ जशपुर के लिए भी मील का पत्थर साबित होगा। जशपुर के उपर उड़ने का अनुभव अनूठा माइक्रो लाइट एयरक्राफ्ट के उड़ान के प्रशिक्षण में शामिल एयर कुछ ऐसा है ट्रेनी एयरक्राफ्ट है जिसमें 2 सीटर माइक्रो लाइट एयरक्राफ्ट से एयर एनसीसी के कैडेट्स को उड़ान का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह एक घंटे की उड़ान में 13 लीटर ईंधन खर्च करता है और इसमें 50 लीटर एवियशन फ्यूल भरने की क्षमता है। इसे 20000 फुट की ऊंचाई पर उड़ाया जा सकता है, लेकिन फिलहाल लगभग 1000 फुट की ऊंचाई पर प्रशिक्षु कैडेट्स को इसे उड़ाना सिखाया जा रहा है। जानकारी के अनुसार रायपुर से जशपुर तक उड़कर आने में इस विमान को 2 घंटे 5 मिनट का समय लगा।

एनसीसी कैडेट्स वंश कुमार, एसआर साहू, अंजू सिन्हा, बिपाशा परिहार और सिमरन साहू ने बताया की उन्होंने रायपुर के माना एयरपोर्ट पर भी इससे पहले एयर एनसीसी का प्रशिक्षण लिया है, लेकिन जशपुर की शांत फिजा यहां का एयरनॉट, एनवायरनमेंट में पायलट के बगल में को पायलट के रूप में प्रशिक्षण प्राप्त करना एक अनूठा अनुभव है।

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जिले को मिला पहला महिला थाना,महिला सुरक्षा को मिलेगी मजबूती,मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी के द्वारा जशपुर में महिला थाना का किया वर्चुअल लोकार्पण 

जशपुर :जिले में लंबे समय से महिला थाना की जरूरत महसूस की जा रही थी । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कल जशपुर जिले के नवीन महिला थाना का वर्चुअल शुभारंभ राजधानी रायपुर से किया गया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम, ओएसडी राहुल भगत, पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा व आला अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री द्वारा थानों का वर्चुअल उद्घाटन कर बधाई और शुभकामनाएं दी गई । राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 के मुख्य बजट में प्रदेश में पांच नए महिला थानों की स्थापना को मंजूरी दी गई थी, जिसमें जशपुर का भी चयन किया गया है

  गौरतलब है कि महिलाओं की सुरक्षा एवं न्याय दिलाने हेतु छत्तीसगढ़ राज्य में  पांच नवीन महिला थाना की स्थापना की गई है। इसी क्रम में दिनांक 10 मार्च को नेताजी सुभाषचंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी चंद्रखुरी (छ. ग) में माननीय मुख्यमंत्री छ. ग श्री विष्णु देव साय जी के मुख्य आतिथ्य में कार्यक्रम का आयोजन कर , रायगढ़, जगदलपुर, दंतेवाड़ा सहित जशपुर जिले के महिला थाने का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, पुलिस महानिदेशक श्री अरूण देव गौतम, ओ एस डी श्री राहुल भगत व आला अधिकारी उपस्थित रहे।
             लोकार्पण पश्चात वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देश में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री अनिल कुमार सोनी के द्वारा  एस डी ओ पी कार्यालय परिसर जशपुर में स्थित महिला थाना का शुभारंभ किया गया।
              महिला थाने का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षा तथा त्वरित न्याय प्रदान करना है। यहां महिला अधिकारी एवं कर्मचारी की तैनाती की गई है, जिससे कि पीड़ित महिलाएं अपनी बातों को आसानी से रख सके तथा उन्हें सहज व सुरक्षित माहौल मिल सके।
         वर्तमान में महिला थाना जशपुर में प्रभारी अधिकारी के रूप में निरीक्षक आशा तिर्की सहित दो महिला प्रधान आरक्षक, चार महिला आरक्षक सहित एक आरक्षक की तैनाती की गई है।
              इस अवसर पर  एस डी ओ पी जशपुर श्री चंद्र शेखर परमा, रक्षित निरीक्षक जशपुर श्री अमरजीत खूंटे, निरीक्षक आशा तिर्की सहित महिला थाना में तैनात अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
            उल्लेखनीय है कि विगत वर्ष  मुख्यमंत्री निवास बगिया से माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के द्वारा महिलाओं की सुरक्षा व न्याय हेतु जिले में नोनी रक्षा रथ का शुभारभ किया गया था। जिसमे जशपुर पुलिस द्वारा महिलाओं हेतु हेल्पलाइन नंबर 9479128400 जारी किया गया था। जिसमे पीड़ित महिलाएं फोन पर अपनी समस्याओं को बता सके।
                   वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह ने कहा कि जशपुर की महिलाओं के लिए, महिला थाना के उद्घाटन से, महिला संबंधी अपराध के निराकरण में गति आएगी, नोनी रक्षा दल भी पूर्ववर्त करता रहेगा, नोनी रक्षा दल द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर अभी भी अमल में लाया जाएगा

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जन्मदिन विशेष:छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय समाजसेवा एवं धार्मिक कार्यों में विशेष रुचि,श्री साय की जीवनसंगिनी के रूप में हर कदम में सहभागी

जशपुर :  आज 11 मार्च को श्रीमती कौशल्या साय जी का जन्मदिवस है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती साय समाजसेवा में भी गहरी रुचि रखती हैं। उनकी सादगी, अपनत्व और सेवा भाव के कारण वे जनसामान्य के बीच अत्यंत लोकप्रिय हैं। लोगों की समस्याओं को स्वयं की जिम्मेदारी मानकर उनका समाधान निकालने की वजह से उनके निवास स्थान पर सदैव लोगों का आना-जाना लगा रहता है।
   राजनीति शास्त्र में स्नातकोत्तर श्रीमती कौशल्या साय न केवल राजनीतिक क्षेत्र में बल्कि धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों में भी गहरी पकड़ रखती हैं। 27 मई 1991 को उनका विवाह श्री विष्णुदेव साय से हुआ। साय दंपति की एक पुत्र और दो पुत्रियों  हैं। त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था में जनपद सदस्य के रूप में चुनाव में जीत हुई। स्वर्गीय कुमार दिलीप सिंह जूदेव उन्हें स्नेहपूर्वक 'बहुरिया साहब' कहकर संबोधित करते थे ।श्रीमती कौशल्या साय सामाजिक और धार्मिक आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभाती हैं। विष्णुदेव साय के विधायक से मुख्यमंत्री बनने तक के सफर में वे उनकी सशक्त सहभागी रही हैं। उन्होंने पारिवारिक और सामाजिक दायित्वों को बखूबी संभाला, जिससे श्री विष्णुदेव साय निश्चिंत होकर संगठन और प्रशासनिक कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर सके। उनका मानना है कि विष्णुदेव साय के मुख्यमंत्री बनने से समस्त समाज को यह अनुभव हो रहा है कि उनका अपना व्यक्ति इस महत्वपूर्ण पद पर पहुंचा है। 
   अपने एक वक्तव्य में श्रीमती साय ने बताया कि जब उनका विवाह हुआ जब  श्री विष्णुदेव साय विधायक थे और आज वे ईश्वर तथा जनता के आशीर्वाद से मुख्यमंत्री पद पर आसीन हैं। उनके अनुसार यह आशीर्वाद और विश्वास ही उनके परिवार को प्रेरित करता है कि वे छत्तीसगढ़ और इसके नागरिकों की प्रगति और समृद्धि के लिए सतत कार्य करते रहें।
  श्रीमती कौशल्या साय का पारिवारिक जीवन भी संतुलित है। वे बताती हैं कि उनके परिवार में मां, पुत्र, पुत्रियां सहित सभी सदस्य साथ रहते हैं। घर में शुद्ध पारिवारिक और सामाजिक चर्चाएं होती हैं। घर में  जबकि राजनीति की चर्चा से बचा जाता है। उनका प्रयास रहता है कि जब श्री विष्णुदेव साय घर में हों, तो वे पारिवारिक गतिविधियों में ही व्यस्त रहें। उनका यह विश्वास है कि छत्तीसगढ़ की जनता का स्नेह, सहयोग और समर्थन ही मुख्यमंत्री को इस महत्वपूर्ण दायित्व को निभाने की शक्ति प्रदान करता है।

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आयुष विभाग ने आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में 3934 बच्चों का स्वर्णप्राशन,800 बच्चों को स्वर्णप्राशन किट और 350 को बाल रक्षा किट भी दिए गए

रायपुर : राजधानी रायपुर के शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में पुष्य नक्षत्र पर आज 3934 बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया गया। स्वर्णप्राशन के लिए पहुंचे 800 बच्चों को स्वर्णप्राशन किट और 350 बच्चों को बाल रक्षा किट भी वितरित किए गए। नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान द्वारा महाविद्यालय को ये किट उपलब्ध कराए गए थे।
आयुष विभाग की संचालक सुश्री इफ्फत आरा ने आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय में बच्चों और परिजनों को ये किट प्रदान किए। उन्होंने स्वयं बच्चों का स्वर्णप्राशन भी कराया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जी.आर. चतुर्वेदी, छत्तीसगढ़ आयुर्वेदिक चिकित्सा परिषद के रजिस्ट्रार डॉ. संजय शुक्ला और महाविद्यालय की प्रभारी अधीक्षक डॉ. अरुणा ओझा सहित अनेक प्राध्यापक भी इस दौरान मौजूद थे।
स्वर्णप्राशन कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. लवकेश चंद्रवंशी ने बताया कि हर पुष्य नक्षत्र तिथि में आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में शून्य से 16 वर्ष के बच्चों का स्वर्णप्राशन कराया जाता है। यह बच्चों के व्याधिक्षमत्व, पाचन शक्ति, स्मरण शक्ति, शारीरिक शक्तिवर्धन एवं रोगों से बचाव में बहुत लाभदायक और उपयोगी है। वे स्वर्णप्राशन के लिए आने वाले बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण भी करते हैं। इसी कड़ी में आज करीब चार हजार बच्चों का स्वर्णप्राशन किया गया है।

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मुख्यमंत्री श्री साय ने महिला पत्रकारों को किया सम्मान साथ ही साझा किए अपने अनुभव,मुख्यमंत्री के साथ लंच कर ली सेल्फी 


रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित "महतारी वंदन अभिनंदन" कार्यक्रम में महिला पत्रकारों को सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ महिला पत्रकारों ने मीडिया में महिलाओं की भूमिका पर खुलकर चर्चा की। महिला पत्रकारों ने कहा कि महिला पत्रकार राजनीति, अपराध, खेल सहित हर क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन कर सकती हैं, बशर्ते उन्हें बराबरी का अवसर मिले। उन्होंने कामकाजी महिलाओं के लिए बनाए जा रहे छात्रावासों की सराहना की और कहा कि यह पहल महिलाओं को घर से दूर भी सुरक्षित माहौल प्रदान करेगी। इससे अब अभिभावक अपनी बेटियों के करियर को लेकर निश्चिंत हो सकेंगे। उन्होंने पत्रकारों की सम्मान निधि ₹10,000 से बढ़ाकर ₹20,000 करने के फैसले के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय पत्रकारों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम है।
महिला पत्रकारों ने मुख्यमंत्री निवास में सम्मान समारोह आयोजित करने पर खुशी जताई और कहा कि ऐसा लग रहा है जैसे एक पिता ने हमें अपने घर बुलाया हो। उन्होंने कहा कि यह पहल महिला पत्रकारों के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है।अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रदेश में पहली बार इस तरह का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महिलाएँ समाज निर्माण की सशक्त धुरी हैं, और महिला पत्रकार अपनी लेखनी से सामाजिक परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
 महिला पत्रकारों ने मुख्यमंत्री श्री साय के साथ लंच किया और उनके साथ सेल्फी भी ली।  मुख्यमंत्री श्री साय ने महिला पत्रकारों के लिए भविष्य में नई योजनाओं पर विचार करने का भरोसा दिलाया और कहा कि सरकार महिला पत्रकारों को हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने माता कौशल्या व प्रभु श्रीराम के दर्शन कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की जलसेन सरोवर में कछुओं को खिलाया दाना मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण हेतु दिए दिशा निर्देश


रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के ग्राम चंदखुरी स्थित माता कौशल्या मंदिर में दर्शन व पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने माता कौशल्या एवं प्रभु श्रीराम के समक्ष नमन करते हुए राज्य की प्रगति, जनता की मंगलकामना और सामाजिक समरसता की प्रार्थना की। इसके साथ ही उन्होंने मंदिर परिसर में स्थित वैद्यराज सुषेण मंदिर और श्री दशरथ दरबार के भी दर्शन किए।
इस अवसर पर माता कौशल्या जन्मभूमि सेवा संस्थान के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को माता कौशल्या और प्रभु श्रीराम का छायाचित्र भेंट किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने माता कौशल्या मंदिर परिसर में स्थित जलसेन सरोवर में कछुओं को दाना खिलाया और मंदिर परिसर के रखरखाव व सौंदर्यीकरण हेतु दिशानिर्देश दिए।

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कुनबी महासंगठन ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से की सौजन्य मुलाकात, फिल्म "छावा" को कर मुक्त करने पर किया आभार प्रकट,मुख्यमंत्री को छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा भेंट कर सुशासन की सराहना की

 
रायपुर, :छत्तीसगढ़ प्रदेश कुनबी समाज महासंगठन के 20 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से सौजन्य भेंट कर, छत्रपति शंभाजी महाराज के जीवन पर आधारित फिल्म "छावा" को राज्य में कर मुक्त किए जाने पर आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि यह निर्णय इतिहास को सहज और सरल रूप में जन-जन तक पहुँचाने की महत्वपूर्ण पहल है।
प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा, मराठी टोपी, शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया तथा कहा कि आपके नेतृत्व में प्रदेश सुशासन और प्रगति के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। प्रतिनिधि मंडल  ने शिवाजी जयंती के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग रखी। प्रतिनिधि मंडल की महिला सदस्यों श्रीमती सारिका गेडेकर व श्रीमती मनिषा बारसे ने मुख्यमंत्री श्री साय को बताया कि कुनबी समाज की महिलाओं ने सामाजिक भवन में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए कुटीर उद्योग की स्थापना की है। इसके तहत हल्दी, मिर्च, मसाले आदि का निर्माण और पैकेजिंग कर बाजार में उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने महिलाओं की इस पहल की सराहना करते हुए इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम बताया।
प्रतिनिधि मंडल ने प्रदेश कुनबी समाज भवन निर्माण से संबंधित जानकारी मुख्यमंत्री को दी और समाज के भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की। प्रतिनिधि मंडल में श्री रंजीत भाऊ मुनेश्वर, श्री उमेश घोड़मोड़,  श्रीमती सारिका गेडेकर, श्रीमती मनिषा बारसे,  श्री दिलीप गेडेकर,  श्री हेमराज,  श्री प्रेम बोहरे, श्री वासुदेव फुंडे, श्रीमती रागिणी गेडेकर, श्रीमती संगिता भंडारकर, श्रीमती रिंकु सहित अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

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वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर सरगुजा वनमण्डल में अवैध नीलगिरी कटाई एवं परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई,अवैध लकड़ी तस्करों में मचा हड़कंप 


 
वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देश पर और मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही श्रीनिवास राव के मार्गदर्शन में सरगुजा वनमण्डल ने नीलगिरी लकड़ी की अवैध कटाई और परिवहन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। वन अधिकारियों को वन संपदा की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने और कठोर कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। कई स्थानों पर छापेमारी कार्रवाई कर अवैध रूप से संग्रहित लकड़ी जब्त की गई, वहीं अवैध परिवहन में संलिप्त वाहनों को भी राजसात कर दिया गया। वन विभाग की इस कार्रवाई से अवैध लकड़ी तस्करों में हड़कंप मच गया है।
वनमंडलाधिकारी सरगुजा वनमंडल से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब वनोपज परिवहन के लिए नेशनल ट्रांसिट पास सिस्टम (एनटीपीएस) पोर्टल से ऑनलाइन आवेदन अनिवार्य कर दिया गया है। मैन्युअल टी.पी. जारी करने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। उन्होंने बताया कि लखनपुर परिक्षेत्र में 28 नग नीलगिरी लट्ठा (5.045 घ.मी.) और 2 नग बल्ली जप्त की गई तथा अम्बिकापुर परिक्षेत्र में हाईड्रा वाहन और नीलगिरी लट्ठा लोड ट्रक (सी.जी. 15 ए.सी. 4127) जब्त की गई है। इसी तरह अंबिकापुर परिक्षेत्र के अंतर्गत ग्राम मेण्ड्राकला में लकड़ियों के अवैध भंडारण भंडारण पर राजस्व विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं और लखनपुर परिक्षेत्र में निजी भूमि पर कटे वृक्षों के भंडारण पर जांच के आदेश दिए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि सरगुजा वनमंडल कार्यालय में टिम्बर एसोसिएशन की बैठक लेकर नीलगिरी वृक्षों एवं राजस्व भूमि-निजी भूमि के वृक्षों की कटाई के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। वनमंडलाधिकारी सरगुजा वनमंडल ने बताया कि अवैध परिवहन में फर्जी टी.पी. जारी करने पर पुलिस अधीक्षक, सरगुजा को प्राथमिक अपराध दर्ज करने के लिए पत्र भेजा गया है।

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व्यापम द्वारा आयोजित परीक्षाओं के लिए प्रोफाइल पंजीकरण और अपडेट करना अनिवार्य


 
रायपुर : छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) द्वारा आयोजित विभिन्न प्रवेश, पात्रता और भर्ती परीक्षाओं के लिए अभ्यर्थियों के प्रोफाइल पंजीकरण की प्रक्रिया अनिवार्य कर दी गई है। व्यापम की नई वेबसाइट को 27 फरवरी 2025 से शुरू किया गया है। जिन अभ्यर्थियों ने पहले से प्रोफाइल पंजीकरण किया हुआ है, उन्हें अपने प्रोफाइल को अद्यतन करना अनिवार्य होगा। अभ्यर्थियों की सुविधा की दृष्टि से प्रोफाइल पंजीकरण की व्यवस्था लागू की गई है, जिससे अभ्यर्थी को अपनी व्यक्तिगत जानकारी बार-बार नहीं भरनी होगी। प्रोफाइल पंजीकरण सिर्फ एक बार करना होगा और इसी प्रोफाइल पर अभ्यर्थी लॉगिन करके ऑनलाइन आवेदन कर करते हैं।
        प्रोफाइल अद्यतन करने के लिए अभ्यर्थियों को अपने पूर्व के प्रोफाइल लॉगिन एवं पासवर्ड के माध्यम से अपडेशन ऑनलाइन करना अनिवार्य होगा, जिसमें अभ्यर्थी अपने पुराने फोटो के स्थान पर नवीनतम पासपोर्ट साइज का फोटो एवं हस्ताक्षर (50 से 100 केबी जेपीजी) अपलोड कर अपना प्रोफाइल पासवर्ड बदलना होगा। अभ्यर्थी को अपना वैध ई-मेल एडेªस दर्ज करना होगा। यदि कोई अभ्यर्थी दिव्यांग है, तो नये वेबसाइट में उल्लेखित दिव्यांगता के प्रकार का चयन करके अपना प्रोफाइल अपडेट करते हुए जिला मेडिकल बोर्ड या सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र का क्रमांक एवं जारी होने का दिनांक भी प्रविष्ट करना अनिवार्य होगा।  इसके अतिरिक्त यदि अभ्यर्थी अपने प्रोफाइल की व्यक्तिगत जानकारी में कोई सुधार करना चाहते हैं, तो नये वेबसाइट में अपने प्रोफाइल लॉगिन में जाकर अनिवार्य रूप से सुधार कर सकते हैं।
        जिन अभ्यर्थियों ने व्यापम के वेबसाइट में पूर्व में अपना प्रोफाइल पंजीकरण नहीं किया है, वे व्यापम के नये बेवसाइट पर प्रोफाइल पंजीकरण कर सकते हैं। व्यापम की परीक्षाओं में ऑनलाइन आवेदन के लिए प्रोफाइल पंजीकरण अनिवार्य है।

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मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन की अध्यक्षता में आज  मंत्रालय में राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने पर्यटन विभाग की अंतर्विभागीय समिति की बैठक हुई सम्पन्न,समन्वय से कार्य करने के दिए निर्देश 

 रायपुर : मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने और पर्यटन क्षमता में वृद्धि करने हेतु गठित अंतर्विभागीय समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न विभागों की भूमिका पर चर्चा हुई।
बैठक में मुख्य सचिव श्री जैन ने पर्यटन विकास हेतु विभिन्न सहयोगी विभागों के मध्य समन्वय से कार्य करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने पर्यटन स्थलों को पर्यटकों के लिए सुविधाजनक बनाने की बात भी कही। बैठक में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भूमि, विद्युत व्यवस्था, पेयजल, परिवहन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कार्य करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए।
 
बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न जिलों में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा नवनिर्मित राष्ट्रीय राजमार्ग तथा जिलों के नगरों तथा शहरों के समीप नवनिर्मित बायपास मार्गों के प्रमुख स्थानों पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा सुविधा केन्द्र बनाने के संबंध में व्यापक चर्चा की गई। इसी तरह से टूरिज्म बोर्ड द्वारा निर्मित विभिन्न रिसॉटर्स में पर्याप्त जल आपूर्ति हो इसके लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने कहा गया। इसी तरह से मंदिरों, तालाबों, झीलों सहित अन्य पर्यटन स्थलों की सौंदर्यीकरण करने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा पुरातत्व विभाग को समन्वय से कार्य करने कहा गया।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि भोरमदेव वाईल्ड लाईफ सफारी प्रारंभ करने से पर्यटकों को सुविधा होगी। अधिकारियों ने बताया कि कुरदूर रिसॉर्ट के पास स्थित बंद गेट को अचानकरमार जंगल सफारी के लिए खोलने की कार्यवाही प्रस्तावित है। अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के कुरदूर रिसॉर्ट तथा आमाडोब रिसॉट में पर्यटकों के लिए जंगल सफारी में  जिप्सी की सुविधा भी प्रस्तावित है। नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों को कहा गया है कि छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों में स्थित हॉटल, मोटल एवं रिसॉट आदि से वेस्ट कलेक्शन नियमित रूप से किया जाए और पर्यटन स्थलों में स्वच्छता एवं प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित किया जाए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि गिरौदपुरी अमृत कुंड होते हुए छातापहाड़ को सतनाम मार्ग के रूप में विकसित करने तथा गिरौदपुरी धाम एवं छातापहाड़ को तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करने के लिए 128.20 लाख का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा आयोजित इस बैठक में संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के सचिव श्री अन्बलगन पी., मुख्यमंत्री एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव श्री पी.दयानंद, मुख्यमंत्री एवं वित्त विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव श्री बसवराजु एस., परिवहन विभाग के सचिव श्री एस.प्रकाश सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग, राजस्व, वित्त, वाणिज्य एवं उद्योग, जल संसाधन, कौशल विकास, संस्कृति एवं राजभाषा, पुरातत्व एवं सीएसआईडीसी के अधिकारी शामिल हुए।

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किसानों, गरीबों और मजदूरों का विकास हमारी प्राथमिकता,सरकार प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदने की गारंटी को किया पूरा : मंत्री श्री बघेल


रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा में  चर्चा के बाद आज खाद्य, नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री दयाल दास बघेल के विभागों से संबंधित 9,362 करोड़ रूपए की अनुदान मांगे ध्वनिमत से पारित कर दी गई। चर्चा में विधायक श्री अजय चंद्राकर, श्री पुन्नूलाल मोहले, श्रीमती भावना बोहरा, श्रीमती गोमती साय, श्री सुशांत शुक्ला और श्री राजेश मूणत ने हिस्सा लिया।  
खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने अपने विभागों की अनुदान मांगों की चर्चा के जवाब में कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है। हमारी सरकार किसानों, गरीबों सहित सभी वर्गाें के विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्हांेने सदन में बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की गारंटी को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार ने पूरा करते हुए पंजीकृत किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से धान की खरीदी की है। इस खरीफ सीजन में 25 लाख 49 हजार 592 पंजीकृत किसानों से 149.25 लाख मेट्रिक टन धान की रिकॉर्ड खरीदी की गई है, जो राज्य बनने के बाद से अब तक की सर्वोच्च खरीदी है। धान खरीदी की एवज में इन किसानों को समर्थन मूल्य के तहत 34 हजार 348 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है।
मंत्री श्री बघेल ने बताया कि इस साल किसानों ने पिछले वर्ष की तुलना मंे 77 हजार 151 अधिक धान बेचा है। वहीं 04 लाख 32 हजार टन से अधिक धान की खरीदी की गई है।  वहीं पिछले साल की तुलना में 28 लाख 76 हजार रकबा का धान किसानों द्वारा बेचा गया  है। उन्होंने कहा कि राज्य में संचालित 2739 धान खरीदी केंद्रों में किसानों के बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के द्वारा धान खरीदी की गई। अधिकांश किसानों को धान बेचने के 72 घंटे के भीतर उनके खाते में धान की राशि का भुगतान किया गया। उन्होंने बताया कि धान के अवैध परिवहन तथा समितियों में बोगस विक्रय को रोकने के लिए जांच दल गठित कर निरंतर कार्यवाही की गई। इस दौरान 1317 प्रकरण दर्ज कर 69,251 क्विंटल धान तथा 221 वाहनों को जप्त किया गया।
मंत्री श्री बघेल ने सदन में कहा कि इस वर्ष रिकार्ड धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मीलिंग के माध्यम से धान के त्वरित निराकरण की कार्यवाही भी की जा रही है। इस खरीफ सीजन में खरीदे गए 149.25 लाख मीट्रिक टन धान में से 98.37 लाख मीट्रिक टन याने 66 प्रतिशत धान का कस्टम मीलिंग के लिए उठाव हो चुका है।
मंत्री श्री बघेल ने सदन में कहा कि खाद्य विभाग आम जनता से जुड़ी हुई विभाग है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली हमारी सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शीं सोच कि कोई भी गरीब भूखा न सोए, इस संकल्पना को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध कोरोना काल में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना की शुरूआत कर गरीबों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया, जिसका लाभ राज्य के ढाई करोड़ से अधिक परिवारों को मिला। इस योजना को बढ़ाकर दिसंबर 2028 तक कर दिया गया है। राज्य सरकार भी योजना को निरंतरता प्रदान करते हुए राज्य के सभी गरीब, अंत्योदय तथा प्राथमिकता वाले 72 लाख 29 हजार राशनकार्डधारियों को दिसंबर 2028 तक निःशुल्क चावल वितरण का निर्णय लिया है, इससे राज्य के इन परिवारों को वर्ष 2028 तक अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि देश में कुपोषण की समस्या की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार ने फोर्टिफाईड चावल वितरण का निर्णय लिया है। ताकि स्वास्थ्य सूचकांक में बेहतर प्रदर्शन कर सके। सार्वजनिक वितरण प्रणाली, मध्यान्ह भोजन तथा पूरक पोषण आहार योजना के हितग्राहियों में एनिमिया एवं पोषक तत्वों की कमियों को दूर करने के लिए पोषक तत्वों से युक्त फोर्टिफाईड चावल का वितरण किया जा रहा है। इसमें आयरन, फॉलिक एसिड, विटामिन बी-12 आदि भरपूर मात्रा में होता है। यह कुपोषण को दूर करने में कारगर साबित हो रहा है।
मंत्री श्री बघेल ने बताया कि सुदूर आदिवासी क्षेत्रों में कुपोषण की समस्या से निपटने के लिए बस्तर और सरगुजा आदिवासी विकासखण्डों के गरीब परिवारों को रियायती दर पर 02 किलो चना प्रदान किया  जा रहा था। इसका दायरा बढ़ाकर माढ़ा क्षेंत्रों को शामिल किया गया। वर्तमान में 25 लाख से अधिक परिवारों को प्रति माह 5800 मीट्रिक टन चना वितरण किया जा रहा है। इसके लिए बजट में 400 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।  साथ ही अमृत मिशन योजना के तहत अंत्योदय, निराश्रित तथा बीपीएल राशनकार्डधारियों को प्रतिमाह आयोडिन युक्त नमक प्रदान किया जा रहा है। इसके लिए बजट में 100 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।
 मंत्री श्री बघेल ने सदन में बताया कि राज्य में पीडीएस की अधोसंरचना के विस्तार के लिए 136 नए उचित मूल्य की दुकानें खोली गई, जिससे हितग्राहियों को सुगमता से राशन सामग्री प्राप्त हो रही है। इसके साथ ही 500 से अधिक राशनकार्ड होने पर दुकानों को विघटन कर नई राशन दुकान प्रारंभ करने का प्रावधान किया गया है। ताकि नए-नए स्व-सहायता समूह-समितियों को रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025 के दौरान 4 लाख 73 हजार नए राशन कार्ड जारी किए गए हैं तथा 6 लाख 13 हजार नए सदस्यों के नाम राशनकार्डों में जोड़े गए। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में संचालित 13 हजार 907 उचित मूल्य की दुकानों में ई-पास मशीन स्थापित की जा चुकी है। प्रतिमाह औसतन 96 प्रतिशत हितग्राहियों को आधार प्रमाणीकरण के जरिए राशन सामग्री वितरित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही वन नेशन वन राशनकार्ड व्यवस्था के तहत राशनकार्डधारियों को मनपसंद दुकान चुनने की भी सुविधा प्रदान की गई है। माह जनवरी 2025 में 9 लाख 20 हजार राशनकार्डधारी परिवारों द्वारा अपनी मूल दुकान के बजाय अपनी मनपसंद एवं सुविधा अनुसार अन्य दुकानों से राशन सामग्री का उठाव किया गया।
खाद्य मंत्री श्री बघेल ने सदन में बताया कि छत्तीसगढ़ में खाद्यान्न की बंपर उत्पाद को देखते हुए भण्डारण क्षमता को बढ़ाने निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि खाद्यानों का रख-रखाव उचित ढंग से हो सके। वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य भण्डार गृह निगम की 139 शाखाएं संचालित हैं। निगम की स्वनिर्मित भण्डारण क्षमता 24.77 लाख टन है तथा 1.95 लाख टन क्षमता के गोदामों का निर्माण किया जा रहा हैं। वहीं निगम द्वारा चावल उपार्जन हेतु गोदामों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए 10.30 लाख टन क्षमता के नए गोदामों के निर्माण की कार्ययोजना तैयार की गई है, इसके लिए बजट में 300 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि माप एवं तौल की पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए बांट माप तौल के सत्यापन की कार्यवाही निरंतर की जा रही है। इसके लिए सत्यापन की सेवाएं ऑनलाईन भी करने का सुविधा भी दी गई है। पिछले वित्तीय वर्ष में 314 बांट माप सत्यापन शिविरों का आयोजन 88 हजार 121 व्यापारियों का बांटमाप तौल का सत्यापित किया गया, इससे राज्य को 10 करोड़ 76 लाख की राजस्व की प्राप्ति हुई है।

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भारतीय सेना में अग्निवीरों की भर्ती हेतू 12 मार्च से 10 अप्रैल 2025 तक कर सकते हैं आवेदन


रायपुर :भारतीय सेना में अग्निवीर पदों की भर्ती के लिए युवाओं के लिए सुनहरा अवसर मिलने जा रहा है। इच्छुक युवा 12 मार्च से अपना ऑनलाईन आवेदन प्रस्तुत कर सकते है। सेना भर्ती कार्यालय रायपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार अग्निवीरों की भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की जा चुकी है, जो भारतीय सेना की वेबसाइट  पर उपलब्ध है। अग्निवीर की भर्ती जनरल, तकनीकी, क्लर्क, ट्रेडमेन (8वीं एवं 10वीं), महिला सैन्य पुलिस और रेगुलर कैडर भर्ती धर्म गुरू, नर्सिंग सहयोगी और सिपाही फार्मा के पदों के लिए जारी की गई है। इच्छुक युवा सेना में भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रकिया 12 मार्च से 10 अप्रैल 2025 तक कर सकते हैं।
अभ्यार्थी अग्निवीर के दो पदों के लिए अपनी योग्यता अनुसार आवेदन कर सकते है। अग्निवीर क्लर्क के अभ्यार्थियों को ऑनलाइन परीक्षा सीईई के समय टाइपिंग टेस्ट भी देना होगा। ऑनलाइन परीक्षा सीईई जून 2025 मे होने की संभावना है।
किसी भी अन्य जानकारी और समस्या के लिए युवा सेना भर्ती कार्यालय रायपुर के टेलिफोन नंबर 0771-2965212/0771-2965214 पर संपर्क कर सकते हैं। सेना के अधिकारियों ने बताया है कि भारतीय सेना में चयन निष्पक्ष, पारदर्शी और केवल योग्यता के आधार पर की जाती है। इसलिए किसी भी अनाधिकृत व्यक्तियों के झांसे में न आए।

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ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही से भड़िया आश्रम के जर्जर हुए पर्श ओर वाशरूम को प्रियंवदा सिंह जूदेव की पहल पर कराया गया मरम्मत ,छात्राओं को मिली राहत

 
जशपुर :  छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियंवदा सिंह जूदेव की पहल पर जिला प्रशासन ने बगीचा ब्लाक के भड़िया में स्थित छात्रावास वाशरूम और फर्श की मरम्मत के साथ सुरक्षा व्यवस्था चुस्त करने के लिए कदम उठाया है। आदिवासी विभाग द्वारा संचालित आश्रम छात्रावास का प्रियंवदा सिंह जूदेव बीते वर्ष दिसंबर माह में निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्हें आश्रम के क्लास रूम और कन्या छात्रावास की बदहाली की शिकायत मिली थी। इस पर उन्होनें क्लास रूम का निरीक्षण किया। निरीक्षण में क्लास रूम का फर्श पूरी तरह से जर्जर मिला। अध्ययनरत छात्र-छात्राओं ने बताया था कि इस जर्जर फर्श में फिसल कर कई बार वे गिर कर चोटिल हो जाते हैं। दरअसल,भवन निर्माण के दौरान ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा बरती गई लापरवाही से ऐसी स्थिति बनी थी। सबसे खराब स्थिति कन्या छात्रावास की थी। निरीक्षण के दौरान छात्रावास के वासरूम के दरवाजे क्षतिग्रस्त मिले थे। इस पर राज्य महिला आयोग की सदस्य से नाराजगी जताई थी। छात्राओं ने छात्रावास से गंदे पानी की निकासी की समस्या की भी शिकायत की थी। इस पर जूदेव ने कलेक्टर रोहित व्यास को पत्र लिख कर छात्रावास की समस्या से अवगत कराया था। पत्र पर कार्रवाई करते कलेक्टर व्यास ने आदिम जनजाति विकास विभाग के सहायक आयुक्त को छात्रावास की समस्या को तत्काल दूर करने का निर्देश दिया था। विभाग ने कार्रवाई करते हुए क्षतिग्रस्त फर्श की मरम्मत कराने के साथ ही कन्या छात्रावास के वासरूम की मरम्मत भी कराई है। इससे यहां अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को बडी राहत मिली है। भड़िया के छात्रावास में सबसे बड़ी समस्या बाउंड्रीवाल ना होने की है। अध्ययनरत छात्राओं ने बताया कि दिन ढलते ही छात्रावास के आसपास संदिग्ध लोग डेरा जमा लेते हैं। इससे छात्राएं स्वयं को असुरक्षित महसूस करती है। समस्या को गंभीर बताते हुए जूदेव ने कलेक्टर से छात्रावास के लिए बाउंड्रीवाल निर्माण और निर्माण होने तक सुरक्षा व्यवस्स्था करने को कहा था। प्रशासन ने तात्कालिक व्यवस्था करते हुए पुलिस पेट्रोलिंग की व्यव्स्था करते हुए बाउंड्रीवाल निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने में जुटी हुई है।

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इंटरनेशनल मास्टर्स लीग टी-20 चैंपियनशिप के अंतिम चरण का आगाज नवा रायपुर में क्रिकेट का रोमांच चरम पर, सचिन-लारा-युवराज के चौके-छक्कों का आनंद लेने उमड़े क्रिकेट प्रेमी


रायपुर : छत्तीसगढ़ के खेल प्रेमियों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज शाम नवा रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में इंटरनेशनल मास्टर्स लीग टी-20 चैंपियनशिप के अंतिम चरण का शुभारंभ किया। इस रोमांचक लीग में भारत और वेस्टइंडीज के दिग्गज क्रिकेट खिलाड़ियों के बीच मुकाबला हुआ।
आज का मैच इंडिया मास्टर्स बनाम वेस्टइंडीज मास्टर्स के बीच खेला जा रहा है, जहां इंडिया मास्टर्स की कमान सचिन तेंदुलकर और वेस्टइंडीज मास्टर्स की अगुवाई क्रिकेट लीजेंड ब्रायन लारा कर रहे हैं। इस महामुकाबले को देखने के लिए हजारों क्रिकेट प्रेमी स्टेडियम पहुंचे और अपने चहेते खिलाड़ियों के चौके-छक्कों पर उत्साह से झूम उठे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर दी शुभकामनाएँ
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मैच शुरू होने से पहले मैदान में पहुंचकर दोनों टीमों के खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और उन्हें बेहतरीन खेल प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, विधायक श्री खुशवंत साहेब और मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कॉर्पोरेट बॉक्स में बैठकर मैच का रोमांच भी देखा और खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना की।
छत्तीसगढ़ – खेलों का नया हब बनने की ओर अग्रसर
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती पर इंटरनेशनल मास्टर्स लीग में भाग लेने आए सभी महान क्रिकेट खिलाड़ियों का हृदय से स्वागत है। यह हमारे प्रदेश के लिए गर्व का क्षण है कि हम क्रिकेट जगत के दिग्गजों को एक साथ खेलते हुए देख रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से प्रदेश की युवा खेल प्रतिभाओं को नई ऊर्जा और प्रेरणा मिलेगी। छत्तीसगढ़ सरकार खेल अधोसंरचनाओं के विकास और खिलाड़ियों को उन्नत सुविधाएँ प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य में खेलों के प्रति बढ़ती रुचि और सुविधाओं के विस्तार को देखते हुए छत्तीसगढ़ तेजी से 'स्पोर्ट्स हब' बनने की दिशा में अग्रसर है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने  चैंपियनशिप में हिस्सा ले रहे सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह टूर्नामेंट क्रिकेट प्रेमियों के लिए अविस्मरणीय अनुभव होगा और भविष्य में भी छत्तीसगढ़ ऐसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी करता रहेगा।
"क्रिकेट के भगवान" सचिन तेंदुलकर से मिलकर अच्छा लगा – मुख्यमंत्री श्री साय
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सचिन तेंदुलकर से मुलाकात के बाद अपने उत्साह को साझा करते हुए कहा कि हमने सचिन को अब तक सिर्फ टीवी पर खेलते हुए देखा था, लेकिन आज उनसे प्रत्यक्ष भेंट का अवसर मिला। यह मेरे लिए अविस्मरणीय क्षण है।
सचिन तेंदुलकर ने छत्तीसगढ़ आने पर खुशी व्यक्त करते हुए यह आश्वासन दिया कि वह भविष्य में भी छत्तीसगढ़ में खेलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज युवराज सिंह, यूसुफ पठान, इरफान पठान और ब्रायन लारा जैसे महान खिलाड़ियों को लाइव खेलते देखना बेहद रोमांचक अनुभव था। इन दिग्गज खिलाड़ियों को देखकर छत्तीसगढ़ के युवा न केवल खेलों के प्रति प्रेरित होंगे, बल्कि अपने जीवन में भी उनसे सीख लेकर आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से छत्तीसगढ़ में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और राज्य के युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। छत्तीसगढ़ के क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह आयोजन एक यादगार खेल उत्सव साबित हो रहा है, जहाँ क्रिकेट की दुनिया के दिग्गज खिलाड़ी अपनी चमक बिखेर रहे हैं। राज्य सरकार भविष्य में भी ऐसे आयोजन करती रहेगी, ताकि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।

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