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पक्का घर हर व्यक्ति का सपना : हर परिवार का प्रधानमंत्री आवास का संकल्प तेजी से हो रहा साकार 

जशपुर :पक्का घर हर व्यक्ति का सपना होता है। जब वर्षों से कच्चे मकान में रह रहे किसी परिवार को शासन की योजना से पक्का मकान मिलता है, तो यह उनके जीवन में नई उम्मीद और सुरक्षा लेकर आता है। ऐसा ही हुआ जिला मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर ग्राम खरसोता निवासी श्री संजय राम का, जब उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत पक्का मकान स्वीकृत हुआ। उन्होंने बताया कि उन्हें योजना की दो किश्तों में राशि प्राप्त हुई है और वर्तमान में उनका मकान निर्माणाधीन है।

श्री संजय राम ने बताया कि पहले वे अपने परिवार के साथ कच्चे मकान में रहते थे, जहाँ बरसात के मौसम में छत टपकने जैसी समस्याओं के साथ जहरीले जीवों का भी सामना करना पड़ता था। अब उन्हें पक्का मकान मिलने से न सिर्फ राहत मिली है, बल्कि उनके परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर भी मिलेगा।

उल्लेखनीय हैं कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शासन द्वारा पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण अंचलों में जीवन स्तर में काफी सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में प्रत्येक जरूरतमंद हितग्राही तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी रूप से पहुँचाया जा रहा है। “हर परिवार को आवास” का संकल्प अब तेजी से साकार हो रहा है।

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विश्व सायकल दिवस : 1 जून को सुबह 7 बजे हॉकी स्टेडियम से निकाली जाएगी सायकल रैली 

जशपुर : विश्व सायकल दिवस के उपलक्ष्य में रविवार एक जून को प्रात : 7 बजे '' फिट इंडिया,फिट जशपुर के तहत सायक्लिंग ड्राइव का आयोजन हॉकी स्टेडियम जशपुर से किया जा रहा है। आम नागरिक जनप्रतिनिधिगण और स्कूली बच्चे, अधिकारियों और कर्मचारियों को साइक्लिंग ड्राइव में शामिल होने हेतु विनम्र अपील है |

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सार्वजनिक वितरण प्रणाली:  कलेक्टर ने राशनकार्डधारी हितग्राहियों को तीन माह चावल एक साथ देने के दिए निर्देश 

जशपुरनगर : सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) छत्तीसगढ़ खाद्य और पोषण सुरक्षा अधिनियम (सीजीएफएसए) एवं मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना (एमकेएसवाय) के राशनकार्डधारी परिवारों को माह जून, 2025 से अगस्त 2025 कुल 3 माह के लिए पात्रता अनुसार चावल का आबंटन जारी किया गया है। जिसका वितरण राशनकार्ड हितग्राही को ई-पॉस से माह जून, 2025 में एकमुश्त किया जाना है। 
                कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने इसके लिए पूर्व में गठित निगरानी समितियों के माध्यम से प्रत्येक ग्राम पंचायत में 07 जून 2025 से 10 जून 2025 के मध्य चावल उत्सव मनाये जाने हेतु निर्देश जारी कर निगरानी समिति के समक्ष हितग्राहियों को चावल का वितरण कराया जाये साथ ही इसका व्यापक प्रचार-प्रचार एवं गावों में मुनादी करवाने के निर्देश दिए हैं। 
                कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देश जारी कर कहा है कि  वितरण के दौरान पात्र हितग्राहियों को पात्रता अनुसार निर्धारित मात्रा में एकमुश्त 3 माह का चावल प्राप्त हो रहा है कि नहीं इस हेतु विकास खण्डस्तर पर दुकानवार निरीक्षणकर्ता अधिकारी की नियुक्ति करें। वितरण के दौरान उचित मूल्य दुकानों में ई-पॉस मशीन में प्रत्येक माह की राशन सामग्री के उठाव हेतु हितग्राही को बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की सुविधा एईपीडीएस में दी गयी है साथ ही प्रत्येक माह के प्रदाय चावल की वितरण रसीद भी ई-पॉस मशीन से जेनरेट कर हितग्राही को प्रदाय कराया जाना भी सुनिश्चत करावें इस हेतु संबंधित खाद्य निरीक्षक को निर्देशित करें ।

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टोकरी बनाकर दीदियाँ बन रही है लखपति,समूह की 100 महिलाएं छिंद और कांसा से बना रही है सुन्दर और आकर्षक टोकरी 

सफलता की कहानी 

जशपुरनगर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में महिलाओं को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्व सहायता समूहों को मजबूत किया जा रहा है और उनको विभिन्न आजीविका मूलक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है।

जशपुर जिले के दूरस्थ अंचलों की महिलाओं के द्वारा छिंद कांसा से बनाई हुई टोकरी एवं अन्य उत्पाद काफी टिकाऊ एवं मनमोहक हैं। यह मूलतः जशपुर जिले के काँसाबेल विकासखण्ड की स्व सहायता समूह की दीदिओं द्वारा बनाया जा रहा है और अच्छी आमदनी प्राप्त की जा रही है। चूकि यह अभ्यास लगभग 30 साल पुराना है परंतु इसमे उद्यमिता की छाप राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन तत्पश्चात छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प बोर्ड के प्रयास से संभव हो सका है। 
            
वर्तमान मे लगभग 100 महिलाएं इस उद्योग में जुड़ी हैं और सतत् रूप से उत्पादन एवं विक्रय कार्य में लगी हुई है। आकर्षक एवं सुन्दर छिंद कांसा की टोकरी होने की वजह से जिले में और राज्य के कोने-कोने से इसकी सतत मांग बनी रहती है। जशपुर जिला उत्पादों की विशेष ब्रांड जशप्योर के बनने के पश्चात भारत के अन्य राज्यों से भी लगातार मांग बढ़ रही है, जिससे इस उद्योग में जुड़ी महिलयों में विशेष उत्साह नजर आ रहा है। 
        
यह कार्य काँसाबेल विकासखण्ड के कोटानपानी ग्राम पंचायत के अधिकतर घरों की महिलायें द्वारा किया जा रहा है कोटानपानी ग्राम पंचायत मूलतःआदिवासी बाहुल्य क्षेत्र हैं।

छिंद एवं कांसा का सामाजिक एवं सांस्कृतिक महत्व:   
        
जशपुर के आदिवासी समुदाय मे विवाह देवता पूजन, छठ पूजा आदि में छिंद कांसा का विशेष महत्व है। छिंद और कांसा घास से निर्मित टोकरी एवं उत्पाद प्राकृतिक और सांस्कृतिक प्रतीत होते हैं। वैसे छिंद कांसा टोकरी बनाने का प्रचलन लगभग 30 वर्ष पुराना है। इसके पूर्व सदिओं से छिंद की चटाई बनाने का प्रचलन भारत के विभिन्न राज्यों मे व्याप्त रहा है।
           
कोटानपानी की दीदियों से बात करने पर उन्होंने बताया की मन्मति नाम की एक किशोरी बालिका आज से 25 वर्ष पूर्व समीप के विकासखण्ड फरसाबहार के ग्राम पगुराबहार में अपने नानी के घर गई थी और वहाँ पर अपनी ननिहाल की महिलाओं से टोकरी बनाने का कार्य सीखा। चूकि यह एक नया प्रयोग था पूर्व मे केवल चटाई बनाई जाती रही है। इस कार्य मे विशेषता यह थी की टोकरी छिंद और कांसा घाँस से मिश्रित करते हुए टोकरी का ढांचा तैयार किया जाना था। छिंद को कांसा घास के साथ मिश्रित कर गोल आकार में तैयार किया जाना आसान और रोचक था। मन्मति अपने ननिहाल से लौटकर
कोटानपानी में यह कार्य शुरू किया और अपने व्यक्तिगत उपयोग के लिए बनाया करती थी। पड़ोस की महिलाओं ने सुन्दर टोकरी निर्माण करते हुए मन्मति को देखा और कुछ महिलाएं भी इसे बनाने की इच्छा प्रकट कर सीखने लगी। कुछ महिलायें टोकरी बनाकर स्थानीय बाजार मे बेचना शुरू कर दी जिस से उन्हे कुछ लाभ प्राप्त हुए और ये सिलसिला लगभग 10 वर्षों तक चलता रहा।  2017 मे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका बिहान के स्व सहायता समूह का गठन शुरू हो गया। आजीविका गतिविधि सर्वेक्षण मे छिंद कांसा टोकरी निर्माण को ग्रहण किया गया और प्रशिक्षण, स्थानीय स्तर पर समूह को ऋण एवं बाजार की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु प्रयास शुरू किए गए। प्रारंभ मे कुल तीन समूह, हरियाली, ज्ञान गंगा और गीता समूह यह कार्य करने लगे। 2019 में छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प बोर्ड का आगमन हुआ और उनकी तरफ से 12 महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया। 
            सर्वप्रथम बिहान मेला में टोकरी की प्रदर्शिनी लगाई गई जिसमे कोटानपानी ग्राम से लक्ष्मी पैंकरा और रिंकी यादव, बिहान के क्षेत्रीय समन्वयक आशीष तिर्की इस मेला मे सम्मिलित हुए। आज छिंद कांसा टोकरी की पहचान सारे भारत वर्ष मे है। मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन के सतत प्रयास से महिलायें अच्छा उत्पादन एवं विक्री कर लखपति दीदियाँ बन चुकी है। जिला प्रशासन, एनआरएलएम एवं छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प बोर्ड के माध्यम से लगभग 15 समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण प्रदान कर एवं 100 से ज्यादा महिलाओं को रोजगार से जोड़ा गया है। अब इन्हें इनके कार्य को सम्मान और पहचान दिलवाना है। यह टोकरी फल, पूजा सामग्री एवं उपहार सामग्री के रूप में उपयोग किया जाता है एवं आकर्षक होने की वजह से इसकी मांग जोरों पर है। 
           छिंद सामान्य खजूर के पेड़ की पत्तियां हैं जिन्हें तोड़कर सूखा लिया जाता है। यह पतियां 2 तरह की होती है थोड़ी कठोर और मुलायम टोकरी निर्माण में थोड़ी कठोर किस्म छिंद उपयोग में लाए जाते हैं। मुलायम छिंद से चटाई बनाई जाती है। छिंद बारह मासी पेड़ है, जिस से आसानी से वर्ष भर उपलब्धता बनी रहती है। छिंद के वृक्ष सामान्यतः समीप के राज्य झारखंड तथा जशपुर जिले के कॉसाबेल और फरसाबहार विकासखण्ड मे बहुतायत में पाए जाते हैं। छिंद की पत्तियां एक बार काटने के उपरांत तीन महीने के इंतजार के बाद ही काटा जा सकता है। 
      कांसा घास एक प्रकार का घास होता है और यह आस पास के खुले क्षेत्रों में और कम वर्षा वाले जमीन में बहुतायत मे प्राप्त हो जाता है। सामान्यतः जून के महीनों से शुरू होकर यह जुलाई या अगस्त माह की शुरुआत में काट कर सुरक्षित सूखा कर रख लिया जाता है। हरा चारा होने की वजह से मवेशिओ से बचाकर रखा जाता है। कोटानपानी की महिलाओं द्वारा छिंद एवं कांसा कच्चा माल के रूप मे पूर्व से ही एवं उचित समय पर संरक्षित रख लिया जाता है। “सावन में सांवा फूटे भादों मे कांसा‘‘ यह प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ी गीत यह संदेश भी देती है की कांसा को भादों महीने के पहिले काट लेना अन्यथा यह फ्लाउअरिंग हो जाएगा जो किसी काम का नहीं रहेगा। कांसा घास का उपयोग घाँस को सम्मिलित कर बेलनाकार बनाकर टोकरी को गोलनुमा आकार एवं मजबूती प्रदान करने के लिए होता है। छिंद की पत्तियों से कांसा के ऊपर लपेटकर आकर्षक रूप दिया जाता है। अन्यथा इन्हे ग्रामीणों से छिंद और कांसा दोनों प्रति किलोग्राम 150 रुपये के दर से खरीदा जाता है।

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पुलिस को मिली बड़ी सफलता, चार गुम बच्चियों को ढूंढ कर जशपुर पुलिस ने लौटाई उनके परिवारों को,आई उनके  चहरे पर  मुस्कान....आरोपी को गिरप्तार कर भेजा जेल

 जशपुर :-जशपुर पुलिस का ऑपरेशन मुस्कान निरंतर जारी है, पुलिस ने एक सप्ताह का ऑपरेशन मुस्कान अभियान चलाकर 4 लापता बच्चों को रिकवर कर परिवार को किया सुपुर्द. परिवार के गुमशुदा बालक-बालिकाओं को परिजनों से मिलाकर उनके चेहरे पर मुस्कान लौटाई है.  वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह के नेतृत्व व दिशानिर्देश में जशपुर पुलिस के द्वारा प्राथमिकता के आधार पर गुम बच्चों को ढूंढने का लगातार प्रयास किया जा रहा है, इसी क्रम में जशपुर पुलिस ने गत एक सप्ताह में दो नाबालिक बच्ची व एक बालिग महिला सहित तीन लोगों को ढूंढ सकुशल परिजनों के सुपुर्द कर उनके चेहरे पर मुस्कान लाई है। ऑपरेशन मुस्कान के तहत जशपुर पुलिस ने अब तक प्रदेश व प्रदेश के बाहर जाकर 160 गुम बच्चों को ढूंढ सकुशल परिजनों के सुपुर्द किया गया है।
        थाना सन्ना क्षेत्रांतर्गत मामले में पुलिस ने ठाणे (महाराष्ट्र) से एक बच्ची को ढूंढ सकुशल वापस लाया है, मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि  दिनांक 11 .05.25 को थाना सन्ना क्षेत्रांतर्गत प्रार्थिया ने  थाना में रिपोर्ट दर्ज कराया था, कि दिनांक 19.03.25 को उसकी 17 वर्षीय नाबालिक बेटी घर से सन्ना बाजार जा रही हूं कहकर निकली परंतु वापस घर नहीं लौटी, जिस पर प्रार्थिया के द्वारा मोबाइल फोन से संपर्क करने पर नाबालिक बालिका द्वारा बताया गया कि वह कुनकुरी में है व झाड़ू पोछा का काम कर रही है, जिस पर प्रार्थिया के द्वारा अपने परिजनों के साथ, अपनी नाबालिक बेटी को ढूंढने कुनकुरी जाया गया, परंतु वहां उसकी बेटी का पता नहीं चला तथा उसका मोबाइल भी बंद था, जिस पर प्रार्थिया के द्वारा आस पड़ोस, रिश्तेदारों में पता साजी किया गया, कही पता नहीं चला, उन्हें संदेह है कि उसकी नाबालिक बेटी को किसी व्यक्ति के द्वारा बहला फुसलाकर भगा कर ले जाया गया है।
        मामले के संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल थाना सन्ना में गुम इंसान व बी एन एस की धारा 137(2) के तहत मामला पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया तथा पुलिस के द्वारा गुम बच्ची की पता साजी हेतु प्रयास किया जाने लगा।
            गुम नाबालिक बालिका की पातासाजी के दौरान परिजनों के सहयोग, मुखबिर की सूचना व पुलिस की टेक्निकल टीम की मदद से नाबालिक बच्ची की ठाणे (महाराष्ट्र) में होना पता चलने पर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह के द्वारा नाबालिक बच्ची की दस्तयाबी हेतु तत्काल एक पुलिस टीम गठित कर ठाणे महाराष्ट्र रवाना की गई, पुलिस टीम के द्वारा ग्राम गोवाना, थाना कोनगांव, जिला ठाणे (महाराष्ट्र) से नाबालिक बालिका को आरोपी आनंद राम उम्र 24 वर्ष के कब्जे से सकुशल बरामद कर , आरोपी आनंद राम को अभिरक्षा में लेकर वापस लाया गया।
          पुलिस की पूछताछ पर नाबालिक बालिका ने बताया कि आरोपी आनंद राम, उसे शादी का झांसा देकर, बहला फुसलाकर कर भगा कर ले गया था, इस दौरान आरोपी ने नाबालिक बालिका का शारीरिक शोषण भी किया है।
       आरोपी आनंद राम उम्र 24 वर्ष के द्वारा अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त अपराध सबूत पाए जाने पर मामले में दुष्कर्म के लिए बी एन एस की धारा 87,64(2)(एम)  व 4,6 पोस्को एक्ट जोड़कर, विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
     मामले की कार्यवाही व नाबालिक बच्ची की दस्तयाबी व आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी सन्ना उप निरीक्षक श्री बृजेश यादव, प्रधान आरक्षक विजय खूंटे, दलेश्वर यादव,महिला आरक्षक पुन्नी यादव व आरक्षक उकील साय की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
         जशपुर पुलिस के द्वारा थाना फरसाबहार क्षेत्रांतर्गत भी एक नाबालिक बच्ची व एक बालिग महिला सहित दो को ढूंढने में सफलता मिली है, जिसका संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है, दिनांक 27.05.25को थाना फरसाबहार क्षेत्रांतर्गत एक प्रार्थीया ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि उसकी 16 वर्षीय नाबालिक बेटी दिनांक  दिनांक 05.04.25 को घर वालो को बिना बताए कहीं चली गई है, आस पास रिश्तेदारों में पता साजी किए कहीं पता नहीं चला, जिस पर थाना में गुम इंसान व बी एन एस की धारा 137(2) के तहत मामला पंजीबद्ध कर जांच विवेचना एवं पता साजी में लिया गया था, पता साजी के दौरान परिजनों के सहयोग व पुलिस की टेक्निकल टीम की मदद से पुलिस के द्वारा गुम नाबालिक बालिका को उड़ीसा राज्य स्थित एक सरहदी ग्राम से ढूंढ सकुशल परिजनों के सुपुर्द किया गया है।
        पुलिस की पूछताछ पर गुम नाबालिक बालिका ने बताया कि वह अपने परिजनों की बात से रूष्ठ होकर, घर वालों को बिना बताए अपने रिश्तेदार के यहां चली गई थी।
        वहीं थाना फरसाबहार क्षेत्रांतर्गत एक अन्य गुम इंसान के मामले में एक 49 वर्षीय महिला 10.01.24 को अपने घर वालों की बिना बताए कहीं चली गई थी, उनके परिजनों की रिपोर्ट पर थाना फरसाबहार में गुम इंसान दर्ज कर पता साजी की जा रही थी, इसी दौरान पुलिस को  सूचना मिली कि उक्त महिला  थाना फरसाबहार क्षेत्रांतर्गत अपने एक रिश्तेदार के यहां आई हुई है, जिस पर पुलिस के द्वारा महिला को उसके रिश्तेदार के घर जाकर दस्तयाब कर, परिजनों के सुपुर्द किया गया। पुलिस की पूछताछ पर महिला ने बताया कि वह बाहर काम करने हेतु, घर वालों को बिना बताए गई थी।
     इसी प्रकार थाना पत्थलगांव क्षेत्रांतर्गत मामले में प्रार्थी ने 24.01.25 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि उसकी 13 वर्षीय नाबालिक बेटी जो कि बचपन में आंगनबाड़ी जाती थी, उसके बाद पढ़ाई नहीं की है व घर में ही रहती थी , जिसे दिनांक 19.01.25 को प्रार्थी ने गांव में इधर उधर घूमती रहती हो कहकर डांट दिया था, जिससे नाराज होकर वह दोपहर 1.00 बजे के लगभग घर वालो को बिना बताए कहीं चली गई है, आस पास रिश्तेदारों में पता साजी किए कहीं पता नहीं चला।
     रिपोर्ट पर थाना पत्थलगांव में गुम इंसान व बी.एन.एस. की धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच पता साजी में लिया गया था।
           इसी दौरान दिनांक 29.05.25 को पत्थलगांव पुलिस को पता चला कि उक्त गुम बच्ची सीतापुर जिला अंबिकापुर में है, जो कि घर से भागकर, बस में बैठकर कर वहां चली गई थी, और इधर उधर भटक रही थी, जिसे सीतापुर में ही एक सभ्य परिवार के द्वारा आश्रय दिया गया था।, जिनके द्वारा नाबालिक बच्ची से उसके परिजनों के संबंध में पूछताछ करने पर सीतापुर पुलिस के माध्यम से पत्थलगांव पुलिस से संपर्क करने पर, पुलिस के द्वारा गुम बच्ची के परिजनों को लेकर सीतापुर जाकर गुम नाबालिक बच्ची को सकुशल दस्तयाब कर लिया गया है  उक्त नाबालिक बच्चियों व महिला के साथ किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटनाएं नहीं हुई हैं।


       मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह ने बताया कि जशपुर पुलिस का ऑपरेशन मुस्कान लगातार जारी है, तीन नाबालिक व एक बालिग महिला सहित चार लोगों को पुलिस ने सकुशल दस्तयाब कर, परिजनों के सुपुर्द किया है। ऑपरेशन मुस्कान जारी रहेगा।*

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मुख्यमंत्री ने कोंडागांव, बस्तर एवं सुकमा जिलों की समीक्षा बैठक ली ,कहा अधिकारी-कर्मचारीयों को सजगता और संवेदनशीलता से काम करने की जरूरत

रायपुर, :मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य सरकार द्वारा बीते डेढ़ वर्ष में किए गए कार्यों की जमीन हकीकत का मूल्यांकन और जनता जनार्दन से संवादकर फीडबैक प्राप्त करना है। राज्य शासन का लक्ष्य जनसेवा है और इसके लिए प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी को सजगता और संवेदनशीलता से काम करने की जरूरत है। जनसुविधाओं का ध्यान, समस्याओं का तत्परता से समाधान और गुणवत्तापूर्ण सेवा से ही सुशासन है। मुख्यमंत्री श्री साय ने यह बातें कोंडागांव कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान कहीं।

मुख्यमंत्री ने बस्तर क्षेत्र में वनोपज आधारित रोजगार पर जोर देते हुए कहा कि इमली एवं रेशम कोकून जैसे उत्पादों पर विशेष रणनीति बनाकर वैल्यू एडिशन करें, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अधिकाधिक अवसर प्राप्त हों। उन्होंने रेशम, मधुमक्खी पालन, लाख उत्पादन जैसे उत्पादों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। स्थानीय स्तर पर निर्मित वस्तुओं के प्रचार-प्रसार एवं विपणन के माध्यम से व्यवसायिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने जनसामान्य से उज्ज्वला योजना के अंतर्गत बड़ी संख्या में प्राप्त आवेदनों के मद्देनजर अधिकारियों को रिफिलिंग प्रतिशत बढ़ाने एवं गैस सब्सिडी के प्रचार-प्रसार हेतु विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। राजस्व प्रकरणों, विशेषकर सीमांकन से संबंधित मामलों को 15 जून के पूर्व निराकृत करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर संभाग में मक्का प्रमुख फसल है, इसे उन्न्त तकनीक से जोड़कर उत्पादकता में वृद्धि की जाए। उन्होंने कहा कि जैविक सुगंधित धान की खेती को बढ़ावा देने हेतु कलेक्टर व्यक्तिगत रुचि लेकर कार्य करें तथा सर्टिफिकेशन, मार्केटिंग एवं ब्रांडिंग के लिए भी विशेष प्रयास करें।

प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह ने त्रुटि सुधार कार्यों, विशेषकर नाम वर्तनी संबंधी त्रुटियों को शीघ्र सुधारने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत कोंडागांव जिले में अप्रारंभ आवासों की संख्या अधिक होने पर इसका त्वरित निराकरण तथा राजमिस्त्री की कमी को देखते हुए स्थानीय युवाओं को इसका प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने बीजापुर में आत्मसमर्पित माओवादियों को राजमिस्त्री प्रशिक्षण दिए जाने की सराहना करते हुए इसे अन्य जिलों को भी अपनाने का सुझाव दिया। 

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए कि फॉरेस्ट क्लियरेंस, रिटेंडर प्रक्रिया, मुआवजा प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाए, जिससे निर्माण कार्यों में तेजी लाई जा सके।

बैठक में बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप, केशकाल विधायक श्री नीलकंठ टेकाम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजू एस., कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आई.जी. श्री सुंदरराज पी., तीनों जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, सीईओ जिला पंचायत, वनमंडलाधिकारी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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स्व. ओमप्रकाश साय स्मृति रात्रिकालीन क्रिकेट प्रतियोगिता का हुआ भव्य समापन,श्रीमती कौशल्या साय रहीं मुख्य अतिथि,केशवपुर बना प्रतियोगिता के विजेता

जशपुर : स्वर्गीय ओमप्रकाश साय की स्मृति में बगिया में आयोजित रात्रिकालीन क्रिकेट प्रतियोगिता का समापन समारोह हर्षोल्लास और गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ। इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने प्रतियोगिता के समापन समारोह में विजेता व उपविजेता टीमों को सम्मानित कर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

फाइनल मुकाबले में केशवपुर अंबिकापुर ने मारी बाजी

प्रतियोगिता का फाइनल मैच केशवपुर अंबिकापुर और भेड़ीमुड़ा रायगढ़ की टीमों के बीच खेला गया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए केशवपुर के बल्लेबाजों ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। उन्होंने मैदान के चारों ओर शानदार चौकों और छक्कों की बौछार कर दी।

केशवपुर की टीम ने निर्धारित 8 ओवर में 6 विकेट खोकर 110 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। टीम के स्टार बल्लेबाज टेनिस ने मात्र 14 गेंदों में 39 रन की तूफानी पारी खेली, जबकि राकेश ने 12 गेंदों में 31 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। भेड़ीमुड़ा की ओर से गेंदबाज लेजर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 विकेट चटकाए।

लक्ष्य का पीछा करने में नाकाम रही भेड़ीमुड़ा की टीम

भेड़ीमुड़ा रायगढ़ की टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए दबाव में नजर आई। हालांकि अनिल ने 22 गेंदों में 33 रन बनाकर कुछ संघर्ष जरूर किया, लेकिन बाकी बल्लेबाज केशवपुर के गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सके। भेड़ीमुड़ा की पूरी टीम 8 ओवर में 6 विकेट खोकर केवल 77 रन ही बना सकी।
केशवपुर के गेंदबाज कन्हैया ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट लिए और टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।
केशवपुर ने 33 रनों से जीत दर्ज कर ट्रॉफी पर किया कब्जा।
इस प्रकार केशवपुर अंबिकापुर की टीम ने भेड़ीमुड़ा रायगढ़ को 33 रनों से हराकर प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम किया। विजेता टीम को ₹1,00,000 नकद राशि और ट्रॉफी, वहीं उपविजेता भेड़ीमुड़ा टीम को ₹51,000 नगद पुरस्कार प्रदान किया गया।इस भव्य समापन समारोह में जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव,जनपद सदस्य अटल बिहारी साय,दोकड़ा मण्डल अध्यक्ष रवि यादव, महामंत्री रामविलास राम सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।मुख्य अतिथि श्रीमती कौशल्या साय ने अपने वक्तव्य में कहा, "स्वर्गीय ओमप्रकाश साय जी के नाम से आयोजित यह प्रतियोगिता एक प्रेरणास्पद पहल है। ग्रामीण अंचल में इस प्रकार के खेल आयोजनों से युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है और उनमें आत्मविश्वास का संचार होता है।उन्होंने आयोजन समिति को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी और भविष्य में ऐसे आयोजनों को और अधिक प्रोत्साहित करने की बात कही।

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मुख्यमंत्री के निर्देश पर रेचुवां घाट का ब्लैक स्पॉट दूर करने हेतु  50.00 लाख  की राशि की मिली स्वीकृति. . दुर्घटना में आएगी कमी यातायात होगा सुलभ

     जशपुरनगर:  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर  लोक निर्माण विभाग ने  जिले में रेचुवां घाट का ब्लैक स्पॉट दूर करने हेतु  50.00 लाख रुपए की राशि की स्वीकृति प्रदान की है। यह ब्लैक स्पॉट बन जाने से यातायात सुलभ होगा और दुर्घटनाओं  से बचाव होगा। 
  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले के यातायात सुविधा को सुलभ बनाने के लिए करोड़ों रुपये की स्वीकृतियां मिल चुकी हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से जिले की सड़कें बेहतर हो रही है, जिससे स्थानीय लोगों को यात्रा में आसानी होगी और क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी। ।

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आधुनिक मनोरंजन और तकनीकी नवाचार का नया केंद्र रिटेल कॉम्प्लेक्स,स्मार्ट सिटी के अनुरूप एक ही जगह पर विविध सुविधाएं

रायपुर. ;. छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर के सेक्टर-21 में 2.65 लाख वर्गफीट में निर्मित छह मंजिला सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट (CBD) देश के इस पहली स्मार्ट सिटी की नई पहचान बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। नवा रायपुर का नवनिर्मित रेल्वे स्टेशन इसके पास ही है, जिस वजह से यह सीबीडी रेल्वे स्टेशन के नाम से ही जाना जाता है। अभी सीबीडी में मिराज मल्टीप्लेक्स, आईपी क्लब रेस्टोरेंट और एएसपी कार्यालय संचालित हो रहे हैं। मनोरंजन के अद्वितीय अनुभव के लिए यहां जल्द ही इमर्सिव होलोग्राफिक एंटरटेनमेंट सेंटर प्रारंभ होने जा रहा है। हर तरह की खरीदारी के लिए गोकुल सुपर मार्केट भी शीघ्र शुरू होगा।

स्मार्ट सिटी के अनुरूप सीबीडी में एक ही जगह पर विविध सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। स्थानीय व्यवसाईयों को 100 से अधिक रिटेल दुकानें आबंटित की गई हैं जो यहां तेजी से फुटफाल बढ़ाएंगी। सीबीडी नवा रायपुर के आर्थिक विकास को गति देने के साथ ही रोजगार, पर्यटन, सांस्कृतिक-तकनीकी केंद्र और नवाचार आधारित स्टार्ट-अप्स के लिए नया मंच प्रदान करेगा। स्मार्ट सिटी की परिकल्पना को साकार करने वाला यह कॉम्प्लेक्स आने वाले वर्षों में नवा रायपुर की नई पहचान बनेगा जहां शिक्षा, मनोरंजन और दैनिक जरूरतें जैसी सभी चीजें एक ही स्थान पर सुलभ होंगे। इमर्सिव टेक्नोलॉजी, तकनीकी प्रशिक्षण संस्थान और शॉपिंग की सहुलियतों से सुसज्जित यह भविष्य के नए आकर्षण का केंद्र है।  

सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट का कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स चार विंग्स में फैला हुआ है, जिसका कुल कारपेट एरिया दो लाख 65 हजार वर्गफीट है। यहां हर तल की योजना नागरिकों की अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। भू-तल में लगभग पांच हजार वर्गफीट एरिया गोकुल सुपर मार्केट को आबंटित किया गया है जो शीघ्र ही प्रारंभ होने वाला है। इसी तल पर नवा रायपुर का अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय भी संचालित है। भू-तल पर 100  से अधिक रिटेल दुकानें भी आबंटित की गई हैं। 

सीबीडी का द्वितीय तल एनआईईएलआईटी (National Institute of Electronics & Information Technology) को आबंटित किया गया है, जो युवाओं को इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा एनालिटिक्स और आईटी में प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाएगा। इस तल पर आईपी क्लब रेस्टोरेंट भी संचालित है, जो लोगों को विभिन्न तरह के खानपान उपलब्ध कराता है। तृतीय तल पर पांच करोड़ 33 लाख रुपए की लागत से इमर्सिव होलोग्राफिक एंटरटेनमेंट सेंटर बनाया जा रहा है। यह वीआर (VR), एआर (AR) और होलोग्राफिक तकनीकों के माध्यम से प्रदेशवासियों को मनोरंजन का अद्वितीय अनुभव प्रदान करेगा। चौथे व छटवें फ्लोर पर संचालित मिराज सिनेमा ने सीबीडी को नवा रायपुर में मनोरंजन के लोकप्रिय स्थल के रूप में स्थापित कर दिया है। 

सीबीडी केवल शॉपिंग डेस्टिनेशन नहीं है। यह छत्तीसगढ़ की आधुनिक राजधानी नवा रायपुर को निकट भविष्य में आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी रूप से गहरे तक प्रभावित करेगा। देश की पहली स्मार्ट सिटी नवा रायपुर अटल नगर तेजी से भविष्य के शहर के रूप में उभर रहा है, जहां मुख्यमंत्री निवास, मंत्रालय, सचिवालय, विभागाध्यक्ष भवन और अन्य सरकारी कार्यालय संचालित हैं। विधानसभा का नया भवन भी यहां निर्माणाधीन है। शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीकी विकास और निवेश के क्षेत्र में भी नवा रायपुर नई ऊचांईयाँ छू रहा है। वर्ष 2018 में सीबीडी का निर्माण पूर्ण होने के बाद वर्तमान सरकार ने 2025 में ही गोकुल सुपर मार्केट, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय जैसे कई स्थानों को आबंटित किया है। कॉम्प्लेक्स के अन्य बिल्ड-अप स्पेस के आबंटन की कार्यवाही भी तेजी से प्रक्रियाधीन है।

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मुख्यमंत्री कोंडागांव के शबरी एंपोरियम पहुंचे,बेलमेटल कलाकृतियों की सराहना,शिल्पकारों ने सीएम को भेंट किया बेलमेटल से बने कलाकृति

रायपुर, :मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज शिल्पनगरी कोण्डागांव के आगमन पर शबरी एंपोरियम का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने बेलमेटल, रॉट आयरन, बांस एवं काष्ठ शिल्प के बस्तर की जीवन शैली और समृद्ध जनजातीय संस्कृतियों को दर्शाती कलाकृतियों को देखा और इसकी सराहना की। उन्होंने यहां शिल्पियों से मुलाकात कर बेलमेटल सहित विभिन्न कलाकृतियों की निर्माण प्रक्रिया और उनकी मार्केटिंग के संबंध में जानकारी ली। शिल्पकारों ने मुख्यमंत्री को बेलमेटल से बने कलाकृति भेंट की।

इस अवसर पर बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप, केशकाल विधायक श्री नीलकंठ टेकाम, नगर पालिका अध्यक्ष श्री नरपति पटेल, उपाध्यक्ष श्री जसकेतु उसेंडी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसव राजू, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक श्री सुंदरराज पी, कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना, पुलिस अधीक्षक श्री वाय अक्षय कुमार, पूर्व विधायक श्री सेवकराम नेताम सहित जनप्रतिनिधि एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री ने बस्तर के नारायणपाल में लगाई चौपाल, जानी योजनाओं की जमीनी हकीकत....जनकल्याण ही हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता: सीएम श्री साय

रायपुर :मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि हर जरूरतमंद के साथ राज्य सरकार खड़ी है, जनकल्याण ही हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सुशासन मतलब है अच्छा शासन। सुशासन तिहार के अंतिम चरण के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज बस्तर जिले के ग्राम नारायणपाल पहुंचे। उन्होंने नारायणपाल के देवगुड़ी परिसर में आम के पेड़ के नीचे अपनी चौपाल लगाई और ग्रामीणों से जीवंत संवाद कर योजनाओं की जानकारी ली। 
 
मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से बिजली व्यवस्था, राशन वितरण, पीएम आवास योजना और महतारी वंदन योजना के साथ ही गांव में राशन कार्ड की स्थिति, राशन की उपलब्धता, शिक्षकों और पटवारियों की उपस्थिति जैसे बुनियादी मुद्दों पर भी जानकारी ली। ‘महतारी वंदन योजना’ की लाभार्थी श्रीमती सरिता कश्यप ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं, महतारी वंदन से मिलने वाली राशि का उपयोग घरेलू खर्चों और बच्चों के इलाज में करती हैं। श्री जगमोहन कश्यप ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान निर्माण पूरा होने की जानकारी दी। 

श्रीमती ललिता बघेल ने बताया कि पहले उन्हें बेल मेटल का काम करने के लिए अपने गहने गिरवी रखने पड़ते थे। अब बिहान योजना के तहत उन्हें 15,000 रूपए की सहायता और बैंक से 1.5 लाख रूपए तक का ऋण मिल रहा है, जिससे उनका काम बेहतर तरीके से चल रहा है। श्रीमती पदमिनी ठाकुर ने बताया कि वे ऑर्गेनिक खाद और कीटनाशक दवाओं के निर्माण से जुड़ी हैं। स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने इस मौके पर मुख्यमंत्री को फूड बास्केट भेंट किया। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी जरूरतमंदों को आवास मिलेगा, ‘आवास प्लस’ में जिनका नाम है, उन्हें भी आवास दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ‘महतारी वंदन योजना’ में जिन महिलाओं का नाम नहीं जुड़ा है, उनके नाम भी जोड़े जाएंगे। उन्होंने बताया कि सरकार तकनीक के उपयोग से भ्रष्टाचार के सभी रास्ते बंद कर रही है। पंजीयन की नई प्रक्रिया से रजिस्ट्री के साथ नामांतरण की प्रक्रिया को सरल किया गया है। उन्होंने कहा कि 24 अप्रैल से 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र शुरू किए गए हैं। जल्द ही इसका विस्तार सभी ग्राम पंचायतों में होगा।

*अनेक विकास कार्यों की घोषणा*

मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की मांग पर अनेक घोषणाएं की, जिनमें नारायणपाल माध्यमिक शाला भवन के लिए 20 लाख रूपए, प्राथमिक शाला मंदिरपारा के लिए 20 लाख रूपए, स्ट्रीट लाईट, हाई मास लाईट के लिए 15 लाख रूपए, व्यावसायिक परिसर हेतु 20 लाख रूपए, सी.सी. रोड 600 मी. (गोवर्धन भाटा से बोधघरा घर तक) 15 लाख रूपए, पुलिया 2 मी. स्पान 2 नग के लिए 12 लाख रुपए, सी.सी सड़क धरमु घर से नाव घाट तक 9 लाख रूपए, इस प्रकार कुल 1 करोड़ 11 लाख रूपए की लागत के कार्यों की घोषणा की। 

नारायणपाल में मुख्यमंत्री ने कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान की वन समिति के 11 हितग्राहियों को वाहन का वितरण किया। इसमें कोटमसर, तीरथगढ़ और कामानार के वन समिति के हितग्राही शामिल थे। उन्होंने कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं के मेधावी छात्र छात्राओं को टैबलेट और किताबें देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर सांसद श्री महेश कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री बसवराजू एस सहित अनेक जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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ब्रेकिंग न्यूज : जशपुर में बगैर वीजा पासपोर्ट के अवैध रूप से घूम रहा नाइजीरियन मूल का नागरिक इस तरह से आया पुलिस की गिरफ्त में....पुलिस कर रही है विदेशियों विषयक अधिनियम 1946 की धारा 14 के तहत कार्यवाही

जशपुर : छत्तीसगढ़ के जशपुर जिला की पुलिस ने एक विदेशी नागरिक को अपने एक महिला दोस्त के साथ घूमते हुए पकड़ा। पुलीस के पूछताछ में यह शख्स नाइजीरियन मुल्क का निकला और उसके पास भारत में आने का कोई वैध दस्तावेज नहीं था। मुखिबर की सूचना पर जशपुर सिटी कोतवाली पुलिस ने गम्हरिया से उसे हिरासत में लिया। पुलिस ने विदेशियों विषयक अधिनियम 1946 की धारा 14 के तहत कार्रवाई की है।

      पुलिस से मिली जानकारी अनुसार कोतवाली जशपुर पुलिस को मुखबीर से सूचना मिली थी कि नेशनल हाइवे 43 में गम्हरिया गर्ग उद्यान  के पास एक काले रंग की स्कूटी क्रमांक CG14MT7848 में दो व्यक्ति घूम रहे हैं, जिसमें से एक व्यक्ति नाइजीरियन मूल का प्रतीत होता है, जिस पर सिटी कोतवाली जशपुर पुलिस के द्वारा सूचना की तस्दीक हेतु तत्काल रवाना होकर, गम्हरिया में गर्ग उद्यान के पास उक्त संदेहियों को रोककर पूछताछ किया गया, तो स्कूटी चालक ने अपना नाम राहुल खलखो उम्र 21 वर्ष निवासी ग्राम कस्तूरा खूंटीटोली थाना दुलदुला का होना बताया व दूसरा व्यक्ति जो कि अफ्रीकन मूल का प्रतीत हो रहा था, ने अपना नाम गैरी पिता इकवाबोर , उम्र 46 वर्ष, निवासी  इंडम्बो ऑफ साकपोड़ा रोड, बैनी सिटी नाइजीरिया अफ्रीका का होना बताया, पुलिस के द्वारा जब उससे वीजा पासपोर्ट व अन्य पहचान सम्बन्धी दस्तावेजों की मांग करने पर, उसके द्वारा कोई दस्तावेज पेश  नहीं किया जा सका, जिस पर पुलिस को संदेह होने पर उक्त विदेशी नाइजीरियन मूल के व्यक्ति को अभिरक्षा में लेकर वापस थाना लाया गया है।
           पुलिस की पूछताछ पर  उक्त नाइजीरियन व उसके साथ घुम रहे कस्तूरा खूंटीटोली निवासी ने बताया कि उक्त नाइजीरियन व उसकी एक महिला रिश्तेदार जो कि मुंबई में रहती है, दोनो मित्र हैं, व उसकी महिला रिश्तेदार के द्वारा ही उक्त नाइजीरियन मूल के निवासी को, गांव घुमाने के लिए लाया गया था। जिसके सम्बन्ध में पुलिस की जांच जारी है।
         पुलिस के द्वारा अवैध रूप से बिना वीजा पासपोर्ट के भारत में घूमने के लिए, सिटी कोतवाली जशपुर में  विदेशियों विषयक अधिनियम 1946 की धारा 14 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया है।
              पुलिस के द्वारा अवैध रूप से बिना वीजा पासपोर्ट के जशपुर में घूमने पर नाइजीरियन मूल के विदेशी नागरिक  गैरी पिता इकवाबोर , उम्र 46 वर्ष, निवासी  इंडम्बो ऑफ साकपोड़ा रोड, बैनी सिटी नाइजीरिया अफ्रीका को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
       मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह ने बताया कि जशपुर में विदेशी नागरिक पाए जाने से उसके खिलाफ संबंधित धारा कायम कर कार्यवाही किया गया है, लेकिन जिस परिवार में आकर वह रह रहा था, उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को नहीं दी थी। मै आम जनता से अपील करता हूं कि आपके पास या क्षेत्र में कोई भी विदेशी नागरिक आता है तो फार्म नंबर C भरकर पुलिस को अवश्य सूचित करें।

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तोंगपाल में 16 करोड़ से अधिक लागत के विकास कार्यों का मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने तोंगपाल  में आयोजित समाधान शिविर में  16 करोड़ 25 लाख से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण किया।  उन्होंने कुकानार  से बढ़ाईपारा 4.80 किमी सड़क निर्माण हेतु 4 करोड़ 03 लाख 73 हजार, एल 53 चिंतलनार से किस्टारम  4.50 किमी सड़क हेतु 01 करोड़ 52लाख 41 हजार, एल 80 बुरकापाल से तोकनपल्ली 3.86 किमी सड़क हेतु 01 करोड़ 24लाख 61 हजार, एल 67 मुकरम से तोंगपल्ली 5 किमी सड़क हेतु 01 करोड़ 24लाख 13 हजार की लागत से निर्माण कार्य किया गया है । इसके अलावा गादीरास से मानकापाल 12 किमी सड़क, 13 नग पुल पुलिया निर्माण हेतु 6 करोड़ 86 लाख 15 हजार, सुकमा दंतेवाड़ा 23 किमी से कासरगुड़ा 2 किमी सड़क निर्माण कार्य के लिए 01 करोड़ 34 लाख की लागत से निर्माण किया गया । इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्ममंत्री के सचिव डॉ बसव राजू एस, कलेक्टर श्री देवेश ध्रुव, पुलिस अधीक्षक श्री किरण चौहान सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे ।

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सुशासन तिहार में योजनाओं की ज़मीनी हकीकत जानने मुख्यमंत्री पहुंचे जनता के बीच...सुकमा में 500 करोड़ रूपए से अधिक लागत के विकास कार्यों की घोषणा की

रायपुर : बस्तर अपनी समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों को सहेजते हुए विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब बस्तर के कोने कोने का विकास होगा और विकास के रास्ते में आने वाली सभी बाधाओं को दूर करेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज सुशासन तिहार अंतर्गत सुकमा जिले के तोंगपाल में आयोजित समाधान शिविर को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस दौरान सुकमा जिले में 500 करोड़ रूपए से अधिक लागत के विकास कार्यों की घोषणा की और 16 करोड़ से अधिक की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण कर क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी। इस अवसर पर त्रिस्तरीय पंचायती राज सस्थाओं के जनप्रतिनिधि, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ.बसव राजु एस. भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार के अंतिम चरण में आप लोगों के बीच पहुंचकर मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही है। यहां का वातावरण बड़ा सुंदर है और महुआ की सुंदर छांव शीतलता दे रही है। उन्होंने परंपरागत रूप से स्वागत करने पर सभी का आभार जताया। श्री साय ने कहा कि बस्तर से बदलाव की बुलंद आवाज ने माओवादियों के हौसले पस्त कर दिए हैं। बस्तर में माओवाद अब अंतिम सांसे गिन रहा है। नक्सलगढ़ के रूप जाना जाने वाले सुकमा में स्कूलों की घंटियां बज रही हैं, बच्चे निर्भीक होकर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। श्री साय ने कहा कि प्रदेशव्यापी इस अभियान का उद्देश्य योजनाओं की वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन करना है। आज देखने आया हूं कि प्रधानमंत्री आवास योजना का कार्य आपके गांव में सुचारू रूप से चल रहा है या नहीं, महतारी वंदन योजना की राशि माताओं-बहनों को समय पर मिल रही है या नहीं। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान वे मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता पर विशेष रूप जानकारी ले रहे है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन चरण में आयोजित सुशासन तिहार अपने उद्देश्य में सफल हुआ है। प्रशासन ने कड़ी मेहनत कर आपकी समस्याओं का समाधान किया है। श्री साय ने कहा कि ऐसा काम वही सरकार कर सकती है जिसकी नीति और नियत साफ है। हमने ईमानदारी से काम किया है, इसीलिए जनता के बीच जाकर अपना रिपोर्ट कार्ड रख रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना से महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं। हमने पूरे प्रदेश में पीएम आवास के माध्यम से लोगों के लिए पक्का मकान स्वीकृत कर उनके गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार सुनिश्चित किया है। पहले ही कैबिनेट में हमने 18 लाख आवास स्वीकृत किया था, यह काम लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि हम किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान, 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मूल्य पर खरीद रहे हैं। धान के दो वर्षों के बकाया बोनस की राशि भी किसानों को दी जा चुकी है।  रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेशवासियों को धार्मिक स्थलों की यात्रा करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि तेंदूपता संग्राहकों को बड़ी राहत देते हुए परिश्रमिक की दर प्रति मानक बोरा 5000 रुपए की दर स्वीकृत की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाएं पंचायत भवन में ही मिले, इसे सुनिश्चित करने के लिए अटल डिजिटल सुविधा केंद्र प्रारंभ किया गया है। अगले एक वर्ष में यह सुविधा सभी पंचायतों में शुरू होगी।  

*योजनाओं की जानी हकीकत*
मुख्यमंत्री श्री साय ने तोंगपाल समाधान शिविर में पहुंचे ग्रामीणों से संवाद कर योजनाओं का फीडबैक लिया। तोंगपाल की त्रिवेणी रावटे ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें प्रति माह महतारी वंदन योजना की राशि मिल रही है। बच्चों के पालन पोषण में इस राशि के उपयोग की उन्होंने जानकारी दी। इसी तरह श्रीमती वेदमती कश्यप ने बताया कि हमारी समूह की दीदियां गणवेश सिलाई का काम करती हैं। तीन एकलव्य स्कूल के बच्चों की गणवेश सिलाई से उन्हें सालाना डेढ़ लाख रूपए से अधिक की कमाई हो रही है। शिविर में पहुंचे अन्य लोगों ने भी अपनी मांगे रखी और योजनाओं से मिल रहे लाभ की जानकारी दी।  

*किस्टाराम- कोंटा मार्ग पर दौड़ेगी ‘‘प्रतिज्ञा हक्कुम मेल‘‘*
बस्तर अंचल के कभी संवेदनशील क्षेत्र रहे किस्टाराम- कोंटा मार्ग पर अब ‘‘प्रतिज्ञा हक्कुम मेल‘‘ बस दौड़ेगी। दुरस्थ क्षेत्रों में बेहतर आवगमन सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयासों के तहत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने तोंगापाल के समाधान शिविर में मरईगुड़ा के प्रतिज्ञा महिला क्लस्टर संगठन को हुक्कुम मेल बस की चाबी सौंपी। इससे अंचल के ग्रामीणों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी।

*पीएम आवास हितग्राहियों को सौंपी खुशियों की चाबी*
मुख्यमंत्री श्री साय ने तोंगपाल के समाधान शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को खुशियों की चाबी देकर उनके सपनों के घर की सौगात दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 4 हितग्राहियों को आवास के पहली किस्त के चेक भी बांटे।  साथ ही पूरे हो चुके आवास के 4 हितग्राहियों को उनके नए घर की चाबी सौंपी। 

*खेलो इंडिया पहल के 10 खिलाड़ियों को मिले खेल किट*
शिविर में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने खेलो इंडिया योजना के अंतर्गत 10 खिलाड़ियों को खेल सामग्री (किट) प्रदान किए। इनमें 8 महिला फुटबॉल खिलाड़ी और 2 हाकी खिलाड़ी शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि खेलो इंडिया एकेडमी रायपुर और सुकमा में जिले की 8 महिला फुटबॉल खिलाड़ियों का चयन हुआ है।

*मुख्यमंत्री ने सुशासन शिविर में की बड़ी घोषणाएं*
सुकमा दंतेवाड़ा मार्ग हेतु 230 करोड़ रूपए, .झीरम व्यापवर्तन योजना हेतु 32 करोड़ 50 लाख, कावराकोपा में पुलिया निर्माण हेतु 35 लाख, जैमर में पुलिया निर्माण 35 लाख, हमीरगढ़ में सामाजिक भवन 30 लाख, टहकवाडा में एक पुल- पुलिया 35 लाख, तोंगपाल में समूह के लिए प्रशिक्षण केंद्र 25 लाख, मारेंगा में सी सी सड़क हेतु 16 लाख, एलेननार में पंचायत भवन 25 लाख और पुलिया हेतु 3.50 लाख, धोबनपाल देवगुड़ी में बाउंड्री वाल हेतु 10 लाख, सीतापाल के स्कूल में बाउंड्री वाल हेतु 8 लाख, वारदेरास  में पुलिया हेतु 16 लाख रूपए की घोषणा की।

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प्रदेश में विकसित कृषि संकल्प अभियान का शुभारंभ,,गरीबों को पक्का आशियाना देकर प्रधानमंत्री के संकल्प को कर रहे हैं पूरा: मुख्यमंत्री

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज रायपुर जिले के ग्राम भैंसा में आयोजित सुशासन शिविर में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने देशभर में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 29 मई से 12 जून तक चलने वाले "विकसित कृषि संकल्प अभियान" के लिए जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित 110 पक्के मकानों की चाबियाँ हितग्राहियों को सौंपी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह अभियान वैज्ञानिक सहयोग और अनुसंधान को खेतों तक पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस अभियान में केंद्र सरकार के वैज्ञानिक राज्य के वैज्ञानिकों के साथ दल बनाकर कार्य करेंगे तथा आने वाले दिनों में राज्य के 13 लाख से अधिक किसानों से संपर्क किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कृषि वैज्ञानिक और शोधकर्ता प्रयोगशाला से निकलकर खेतों तक जाकर किसानों को उन्नत और संतुलित कृषि की जानकारी देंगे और किसानों से सुझाव भी लेंगे।

मुख्यमंत्री ने सुशासन शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि देश के हर गरीब के पास पक्का मकान होना चाहिए। इसी दिशा में राज्य सरकार ने अब तक 18 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति प्रदान की है, जिनमें से अधिकांश का निर्माण पूरा हो चुका है और शेष निर्माणाधीन हैं। "आवास प्लस प्लस" योजना में भी पात्र लोगों को जोड़ा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की 70 लाख से अधिक बहनों के खातों में महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह ₹1000 अंतरित किए जा रहे हैं। जिनके नाम अब तक नहीं जुड़े हैं, उन्हें भी शीघ्र जोड़ा जाएगा।

*हितग्राहियों से लिया फीडबैक*

मुख्यमंत्री श्री साय ने समाधान शिविर में उपस्थित हितग्राहियों से योजनाओं के क्रियान्वयन पर फीडबैक लिया। हितग्राही श्री चमार सिंह पटेल ने जल स्तर में गिरावट को देखते हुए धान के स्थान पर उद्यानिकी और कम जल-आवश्यकता वाली फसलों को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने जैविक खेती को भी प्रोत्साहित करने का सुझाव दिया। श्रीमती चंदन ने महतारी वंदन योजना के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि वे इस राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई और अन्य आवश्यकताओं में करती हैं।

*मुख्यमंत्री की घोषणाएं*

मुख्यमंत्री श्री साय ने समाधान शिविर में क्षेत्र के विकास के लिए लगभग ₹3.5 करोड़ के विभिन्न कार्यों की घोषणा की। इनमें ग्राम भैंसा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हेतु ₹75 लाख, हाईस्कूल भवन निर्माण के लिए ₹75.23 लाख, पानी टंकी एवं पाइपलाइन विस्तार हेतु ₹55 लाख, हायर सेकेंडरी स्कूल के लिए ₹50 लाख, अहाता एवं शेड निर्माण के लिए ₹20 लाख, ग्राम अमोड़ी में पाइपलाइन विस्तार हेतु ₹42 लाख और हायर सेकेंडरी स्कूल में तीन अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए ₹24 लाख की स्वीकृति दी गई। उन्होंने भैंसा में नवीन पुलिस चौकी खोलने की भी घोषणा की। इस अवसर पर कृषि पत्रिका का विमोचन भी किया गया। 

शिविर में हितग्राहियों को कृषि उपकरण हेतु अनुदान चेक, दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल और किसान क्रेडिट कार्ड भी प्रदान किए गए।

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू और कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने किसानों को कृषि संकल्प अभियान से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि रिसर्च सिर्फ प्रयोगशालाओं में न रहे, बल्कि गाँव-गाँव तक पहुँचे। केंद्र सरकार के 100 वैज्ञानिक इस अभियान में भाग लेंगे, जो स्थानीय वैज्ञानिकों और अधिकारियों के साथ मिलकर प्रतिदिन दो-दो कैंप लगाएंगे और किसानों को उन्नत खेती की जानकारी देंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का सपना है कि भारत के किसान जितने सशक्त होंगे, देश उतना ही मजबूत होगा।

कार्यक्रम में स्थानीय विधायक श्री गुरु खुशवंत साहेब ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए क्षेत्र के लिए अनेक विकास कार्यों की माँग रखी।

समाधान शिविर में रायपुर कलेक्टर श्री गौरव सिंह ने बताया कि जिले में प्रथम चरण में कुल 2,98,635 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 2,89,968 आवेदन माँग संबंधित थे और 8641 शिकायतें थीं। इनमें से सभी का समाधान कर लिया गया है, केवल 26 शिकायतें लंबित हैं। उन्होंने बताया कि शिविरों में 5000 से अधिक लर्निंग लाइसेंस भी बनाए गए हैं।

इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा, छत्तीसगढ़ बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, किसान कल्याण परिषद के अध्यक्ष श्री सुरेश चंद्रवंशी, कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव श्रीमती शाहला निगार, रायपुर संभाग के आयुक्त श्री महादेव कावरे, एसएसपी श्री लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार विश्वरंजन और नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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पुण्यश्लोक रानी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती पर मुख्यमंत्री निवास में संगोष्ठी हुआ आयोजित...

रायपुर. :. पुण्यश्लोक रानी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जन्म जयंती पर आज राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री निवास में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने संगोष्ठी की अध्यक्षता की। मध्यप्रदेश सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने प्रमुख वक्ता के रूप में संगोष्ठी को संबोधित किया। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री तोखन साहू और कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम भी संगोष्ठी में शामिल हुए। विभिन्न वर्गों के बुद्धिजीवी, समाज सेवी, डॉक्टर, इंजीनियर, आर्किटेक्ट, वकील और साहित्यकार भी बड़ी संख्या में संगोष्ठी में मौजूद थे। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने संगोष्ठी में राजमाता रानी अहिल्याबाई होल्कर के योगदानों को स्मरण करते हुए उन्हें भारत की सांस्कृतिक एकता और सुशासन का प्रतीक बताया। उन्होंने रानी अहिल्याबाई होल्कर के करीब 30 वर्षों के शासन को प्रजा कल्याण, राष्ट्र निर्माण और न्याय का स्वर्ण युग कहा। उन्होंने कहा कि इंदौर की महारानी होने के बावजूद राजमाता ने स्वयं को किसी एक भौगोलिक सीमा में नहीं बांधा। उन्होंने देशभर में मंदिरों और धर्मशालाओं का निर्माण कराया। उन्होंने रामराज्य की अवधारणा को साकार करते हुए तीन दशकों तक होल्कर राजवंश का नेतृत्व किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने काशी विश्वनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण में रानी अहिल्याबाई होल्कर के योगदान को ऐतिहासिक बताया। पेशवा माधवराव की इच्छा के अनुरूप राजमाता ने इस मंदिर का पुनर्निर्माण कर करोड़ों आस्थावानों की भावना को सम्मान दिया। उन्होंने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का भी ऐतिहासिक निर्णय लिया, जो भारत की सांस्कृतिक पुनर्स्थापना का प्रतीक बना। श्री साय ने कहा कि आज इंदौर देश में स्वच्छता में अग्रणी है, इसके पीछे राजमाता द्वारा स्थापित गुड गवर्नेंस की प्रेरणा है। वे न्यायप्रिय थीं। उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों को भी न्याय के लिए दंड देने से परहेज नहीं किया।

मध्यप्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने संगोष्ठी को प्रमुख वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि रानी अहिल्याबाई होल्कर ने 1767 से 1795 तक अपने 28 वर्षो के शासन काल में धर्मसत्ता और न्यायसत्ता की आवाज बुलंद की। उन्होंने अपने जीवन में तमाम विपत्तियों के बीच अनेक अनुकरणीय कार्य किए। उन्होंने अपने शासन काल में सार्वजनिक धन और राजकोष के सदुपयोग की मिसालें कायम की। राजसत्ता की कोई राशि कभी अपने लिए खर्च नहीं की। श्री पटेल ने कहा कि रानी अहिल्याबाई होल्कर अपने पति के निधन के बाद कभी राजमहल में नहीं रहीं। झोपड़ी में अपना जीवन बिताया। न्याय के लिए उन्होंने अपने पुत्र को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। उन्होंने अपने शासन में विधवाओं को दत्तक पुत्र लेने की अनुमति प्रदान की। रानी अहिल्याबाई होल्कर के प्रजाहितैषी और कल्याणकारी कार्यों के कारण उनके राज्य के लोगों ने उन्हें लोकमाता का दर्जा दिया था। 

विधायक श्री किरण देव और छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष श्री नारायण चंदेल ने भी संगोष्ठी में रानी अहिल्याबाई होल्कर के व्यक्तित्व, कार्यों और उनके शासन काल की विशेषताओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि रानी अहिल्याबाई होल्कर ने अपने सुशासन, न्यायप्रियता एवं लोक कल्याणकारी कार्यों के माध्यम से भारतीय इतिहास में अमिट छाप छोड़ी है। संगोष्ठी के माध्यम से आज हम उनके विचारों का स्मरण कर रहे हैं। उनके कार्य हमें सामाजिक समरसता और जनसेवा के लिए प्रेरित करते हैं। यह संगोष्ठी आज की पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करेगी। 

संगोष्ठी में धनकर समाज के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को रानी अहिल्याबाई होल्कर का तैलचित्र भेंट किया। विधायकगण सर्वश्री सुनील सोनी, मोतीलाल साहू और पुरंदर मिश्रा, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, पूर्व मंत्री श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय, सीएसआईडीसी के पूर्व अध्यश्र श्री छगन मूंदड़ा और श्री शंकर अग्रवाल सहित कई निगमों, मंडलों, आयोगों के पदाधिकारी और युवा बड़ी संख्या में संगोष्ठी में उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़ सरकार का युक्तियुक्तकरण अभियान बना संतुलन की कुंजी

रायपुर, :छत्तीसगढ़ राज्य में शिक्षा को प्रभावशाली और समावेशी बनाने के लिए छत्तीसगढ़़ सरकार ने कई सार्थक पहलें की हैं। इन्हीं पहलों में एक है शालाओं और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण, जिसका मूल उद्देश्य है शासकीय शालाओं में दर्ज छात्र संख्या के अनुपात में शिक्षकों की पदस्थापना। इस पहल से न केवल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि ऐसे स्कूलों में भी पढ़ाई की रफ्तार बढ़ेगी, जहां वर्षों से शिक्षक संकट की स्थिति बनी हुई है।

*धरसीवां विकासखण्ड में सामने आई विसंगति*

रायपुर जिले के धरसीवां विकासखण्ड में की गई हालिया समीक्षा में कई ऐसी शालाएं सामने आईं हैं, जहां छात्रों की संख्या अपेक्षाकृत कम है, लेकिन वहां शिक्षक आवश्यकता से कहीं अधिक संख्या में पदस्थ हैं। जैसे शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कन्या सरस्वती नयापारा में केवल 33 छात्राएं हैं, जबकि 7 शिक्षक तैनात हैं। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कन्या रविग्राम में 82 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं और 8 शिक्षक कार्यरत हैं। शासकीय प्राथमिक शाला मानाकैम्प में 104 विद्यार्थी हैं और वहां 11 शिक्षक पदस्थ हैं। शासकीय प्राथमिक शाला तेलीबांधा रायपुर में 109 विद्यार्थी हैं, जबकि 9 शिक्षक हैं। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला पी.एल.वाई., बैरनबाजार में 98 विद्यार्थी हैं और 10 शिक्षक कार्यरत हैं।

इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि कुछ विद्यालयों में शिक्षक जरूरत से ज्यादा हैं, जबकि राज्य के अनेक अन्य क्षेत्रों विशेषकर सुदूर और वनांचल में, जहां छात्रों की संख्या अधिक है, वहाँ शिक्षकों की बहुत कमी है। यह असमानता बच्चों के शिक्षा के अधिकार और गुणवत्ता आधारित शिक्षा के रास्ते में बड़ी बाधा बन रही है।

*युक्तियुक्तकरण है संतुलन और सुधार की रणनीति*

छत्तीसगढ़ सरकार ने इस असंतुलन को दूर करने के लिए युक्तियुक्तकरण का निर्णय लिया है। इस नीति के तहत विद्यालयों में छात्र-शिक्षक अनुपात का गहन अध्ययन कर यह निर्धारित किया जा रहा है कि कहां कितने शिक्षक की वास्तव में जरूरत है और कहां उनकी अधिकता है। अधिशेष शिक्षकों को आवश्यकता वाले विद्यालयों में पदस्थ किया जाएगा, ताकि सभी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। यह प्रक्रिया वास्तव में छात्रों की संख्या के अनुपात में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया है कि उनकी सरकार की प्राथमिकता बच्चों को गुणवत्ता आधारित शिक्षा उपलब्ध कराना है, चाहे वे राजधानी में पढ़ते हों या बस्तर के किसी सुदूर गांव में। उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देशित किया है कि किसी भी विद्यालय में शिक्षक की कमी न रहे और हर बच्चा समान अवसर पाए। श्री साय का कहना है, शिक्षक हमारे शिक्षा तंत्र की रीढ़ हैं, लेकिन जब वे आवश्यकता से अधिक संख्या में एक ही स्थान पर केंद्रित हो जाते हैं, तो इससे अन्य क्षेत्रों में शैक्षणिक असंतुलन पैदा होता है। युक्तियुक्तकरण से हम इस असंतुलन को दूर करेंगे। शिक्षा के क्षेत्र में यह सुधार केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं है, बल्कि यह समानता, न्याय और गुणवत्ता की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

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मुख्यमंत्री ने भैंसा पहुंचकर  प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पानी टंकी, हायर सेकेंडरी स्कूल भवन सहित विभिन्न विकास कार्यों के लिए दी ₹3.5 करोड़ की सौगात

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रायपुर, : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज रायपुर जिले के ग्राम भैंसा में आयोजित सुशासन शिविर में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने देशभर में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 29 मई से 12 जून तक चलने वाले 'विकसित कृषि संकल्प अभियान' के तहत 10 जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर अभियान की शुरुआत की।

शिविर में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित 110 पक्के मकानों की चाबी हितग्राहियों को सौंपी, और कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि देश का कोई भी गरीब परिवार कच्चे मकान में न रहे। हमारी सरकार इस संकल्प को साकार करने हेतु छत्तीसगढ़ में 18 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कर चुकी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बचे हुए पात्र परिवारों को ‘आवास प्लस प्लस’ योजना के अंतर्गत जोड़ा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने ग्राम भैंसा और आसपास के क्षेत्रों के विकास के लिए करीब 3 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत वाले विभिन्न कार्यों की घोषणा की। इसमें ग्राम भैंसा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए 75 लाख रुपए, हाईस्कूल भवन निर्माण के लिए 75 लाख रुपए, पानी टंकी एवं पाइपलाइन विस्तार हेतु 55 लाख रुपए, हायर सेकेंडरी स्कूल निर्माण हेतु 50 लाख रुपए, अहाता एवं शेड निर्माण हेतु 20 लाख रुपए, ग्राम अमोड़ी में पाइपलाइन विस्तार हेतु 42 लाख रुपए, हायर सेकेंडरी स्कूल में तीन अतिरिक्त कक्षों के निर्माण हेतु 24 लाख रुपए की राशि प्रदान करने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त उन्होंने भैंसा में नवीन पुलिस चौकी खोलने की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने समाधान शिविर के दौरान विभिन्न हितग्राहियों से योजनाओं के फीडबैक भी लिए। श्रीमती चंदन ने 'महतारी वंदन योजना' के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि वे इस योजना की राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई और आवश्यक जरूरतों में करती हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तभी सार्थक होता है जब उसकी गूंज गांव-गांव और  घर-घर तक सुनाई दे। आज प्रधानमंत्री आवास की चाबियाँ सिर्फ मकान की नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और सुरक्षित जीवन की चाबियाँ हैं।

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