सावन महोत्सव में बड़ा धार्मिक आयोजन: सवा लाख पार्थिव शिवलिंग का पूजन, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 500 धर्मांतरित परिवारों की सनातन में सम्मानपूर्वक घर वापसी; प्रबल प्रताप सिंह जूदेव का कड़ा संदेश— “भगवान शिव पर अशोभनीय टिप्पणी करने वाले सुन लें, सनातन को छेड़ा है, अब सनातन तुझे छोड़ेगा नहीं”
शिवरीनारायण के तेंदुवाधाम स्थित राम मिलेंगे आश्रम में धार्मिक आयोजन, वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक संस्कारों के बीच हुआ कार्यक्रम

शिवरीनारायण (जांजगीर-चांपा)। सावन के पवित्र महीने में शिवरीनारायण की धार्मिक नगरी में मंगलवार को आस्था और भक्ति का माहौल देखने को मिला। तेंदुवाधाम स्थित राम मिलेंगे आश्रम में सावन महोत्सव के अंतर्गत सवा लाख पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं पूजन का धार्मिक आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की।
आयोजन के दौरान 500 परिवारों की सनातन परंपरा में घर वापसी कराए जाने का कार्यक्रम भी हुआ। आयोजकों के अनुसार धर्मांतरित परिवारों ने धार्मिक विधि-विधान, वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक संस्कारों के बीच सनातन परंपरा को अपनाया। कार्यक्रम के दौरान धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-पाठ का सिलसिला चलता रहा।
पूजा-अर्चना के बाद कराया गया पारंपरिक संस्कार
राम मिलेंगे आश्रम, कुमार दिलीप सिंह जूदेव सनातन फाउंडेशन एवं सेवा न्याय उत्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय घर वापसी अभियान प्रमुख एवं छत्तीसगढ़ भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह जूदेव भी शामिल हुए। उन्होंने पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चार के बाद घर वापसी करने वाले परिवारों का पारंपरिक धार्मिक संस्कारों के साथ स्वागत किया।
कार्यक्रम में मौजूद श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के जयकारे लगाए। सावन के अवसर पर आयोजित पार्थिव शिवलिंग पूजन से पूरा परिसर धार्मिक वातावरण में नजर आया।
पिता के संकल्प को आगे बढ़ाने की बात कही
प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि उनके पिता कुमार दिलीप सिंह जूदेव ने घर वापसी अभियान के लिए लंबे समय तक कार्य किया और इसे आगे बढ़ाना उनके जीवन का संकल्प है। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति, धर्म जागरण और अपनी मूल परंपराओं से दूर हुए परिवारों को सम्मानपूर्वक जोड़ने का प्रयास लगातार जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की संस्कृति, परंपरा और जीवन दर्शन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि अपनी जड़ों और परंपराओं से जुड़ना हर व्यक्ति का अधिकार है।
भगवान शिव पर टिप्पणी को लेकर जताई नाराजगी
कार्यक्रम के दौरान प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने भगवान शिव को लेकर की गई कथित अशोभनीय टिप्पणी पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्थाओं और सनातन संस्कृति का अपमान स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए और समाज में आपसी सौहार्द बना रहना जरूरी है।
बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्यजन रहे मौजूद
आयोजन में धर्माचार्यों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की पूजा की और सावन महोत्सव में अपनी सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम में डॉ. अशोक हरिवंशी, अंजू गबेल, जगन्नाथ दादा, महात्यागी बाबा, शालिनी अत्री, ज्योति जायसवाल, श्यामता, भुवनेश्वरी साहू, माधुरी पांडे, शीलू साहू, लक्ष्मी पटेल, संतोषी साहू, दुर्गा बरेठ, पुष्पा साहू, पूर्णिमा गबेल, पुष्पा गबेल, परमेश्वरी सिदार, मीना साहू, अनीता कंवर, रोशनी राज, लक्ष्मी कंवर, नेम पटेल, धर्मसेना लिमिश जायसवाल, बृजेश जायसवाल, करण खुटे, नीतीश वैष्णव, राजेश कुमार साहू, उज्जैन सिंह कंवर, अनिल गबेल, सरिता दुबे, कुत्री जांगड़े, रूपेंद्र गबेल, अवधेश शुक्ला, भूपेंद्र सिंह, सुधाकर त्रिपाठी, विकास, ठाकुर श्रवण सिंह, महेश, अश्विनी, विष्णु, महेंद्र पाल, जानकी सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
धार्मिक आयोजन से भक्तिमय रहा माहौल
सावन महोत्सव के तहत आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम को लेकर तेंदुवाधाम और आसपास के क्षेत्र में लोगों में उत्साह देखा गया। सुबह से ही आश्रम परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही रही। पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच पूरा परिसर भक्तिमय नजर आया। सवा लाख पार्थिव शिवलिंग पूजन के साथ आयोजित कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का स्मरण कर क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
