नारायणपुर में 96 विद्यार्थियों ने सीखी कृत्रिम बुद्धिमत्ता की बारीकियां, कलेक्टर रोहित व्यास की पहल पर छह दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में चैटजीपीटी, जेमिनी और ग्रोक समेत कई आधुनिक एआई साधनों का कराया गया व्यावहारिक अभ्यास
ताजा खबरें


बड़ी खबर

नारायणपुर में 96 विद्यार्थियों ने सीखी कृत्रिम बुद्धिमत्ता की बारीकियां, कलेक्टर रोहित व्यास की पहल पर छह दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में चैटजीपीटी, जेमिनी और ग्रोक समेत कई आधुनिक एआई साधनों का कराया गया व्यावहारिक अभ्यास

नारायणपुर। बदलते तकनीकी दौर में विद्यार्थियों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की दिशा में नारायणपुर जिले में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। कलेक्टर रोहित व्यास की पहल पर स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय, नारायणपुर में 5 अगस्त से 11 अगस्त तक छह दिवसीय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण शिविर में विद्यालय के 96 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता की बुनियादी जानकारी के साथ-साथ विभिन्न आधुनिक AI टूल्स का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को Artificial Intelligence की मूलभूत अवधारणाओं से परिचित कराना, तकनीक के प्रभावी एवं जिम्मेदार उपयोग की समझ विकसित करना तथा उन्हें भविष्य की डिजिटल आवश्यकताओं के लिए तैयार करना रहा। छह दिनों तक चले प्रशिक्षण में विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं दी गई, बल्कि विभिन्न AI टूल्स पर प्रत्यक्ष अभ्यास भी कराया गया।

ChatGPT से लेकर Gemini और Grok तक, विद्यार्थियों ने जाना AI का इस्तेमाल

प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को Canva, Gamma, Party Rock, Perplexity, ChatGPT, Gemini एवं Grok जैसे आधुनिक AI टूल्स से परिचित कराया गया। विद्यार्थियों ने इन टूल्स का उपयोग करते हुए विभिन्न गतिविधियों का अभ्यास किया। उन्हें यह समझाया गया कि AI का उपयोग केवल मनोरंजन या सामान्य जानकारी हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उपयोग पढ़ाई, शोध, रचनात्मक कार्य, प्रस्तुतीकरण, डिजाइन और प्रोजेक्ट तैयार करने में भी प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।

प्रशिक्षण में विद्यार्थियों को प्रॉम्प्ट राइटिंग का विशेष अभ्यास कराया गया। सही प्रश्न या निर्देश देकर AI से अपेक्षित एवं उपयोगी परिणाम कैसे प्राप्त किए जा सकते हैं, इसकी जानकारी विद्यार्थियों को दी गई। इसके साथ ही प्रेजेंटेशन तैयार करने, आकर्षक पोस्टर बनाने और क्रिएटिव प्रोजेक्ट विकसित करने का भी व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

AI के साथ जिम्मेदारी भी जरूरी, विद्यार्थियों को कराया गया जागरूक

प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को AI के सकारात्मक उपयोग के साथ इसके जिम्मेदार एवं सावधानीपूर्वक इस्तेमाल के महत्व के बारे में भी बताया गया। विद्यार्थियों को समझाया गया कि AI एक उपयोगी तकनीक है, लेकिन इससे प्राप्त जानकारी को समझना, जांचना और उसका विवेकपूर्ण उपयोग करना भी उतना ही आवश्यक है।

इस प्रशिक्षण से विद्यार्थियों में डिजिटल साक्षरता, रचनात्मक सोच, आत्मविश्वास और तकनीकी समझ को बढ़ावा मिला। विद्यार्थियों ने अलग-अलग AI टूल्स पर स्वयं अभ्यास कर तकनीक को नजदीक से समझा और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी प्राप्त किया।

प्राचार्य ने कहा—भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार करेगा AI प्रशिक्षण

प्रशिक्षण के प्रथम दिवस विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती ए. तिग्गा ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए AI प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में तकनीक तेजी से बदल रही है और आने वाले समय में AI का प्रभाव शिक्षा एवं रोजगार सहित विभिन्न क्षेत्रों में और अधिक देखने को मिलेगा। ऐसे में विद्यार्थियों को समय के साथ स्वयं को अपडेट करते रहना आवश्यक है।

उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि AI प्रशिक्षण आधुनिक युग में विद्यार्थियों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई तकनीकों का सकारात्मक, रचनात्मक और जिम्मेदार उपयोग करने का आह्वान किया।

दंतेवाड़ा से पहुंचीं प्रशिक्षक, विद्यार्थियों को दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण

छह दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का संचालन बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिले से आई प्रशिक्षक रेणुका चक्रधारी एवं संजना मरकाम द्वारा किया गया। प्रशिक्षकों ने विद्यार्थियों को विभिन्न AI टूल्स की कार्यप्रणाली समझाने के साथ-साथ उन्हें स्वयं प्रयोग करने के अवसर भी दिए। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी रही और उन्होंने विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।

आज के दौर में AI क्यों जरूरी?

आज AI शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, प्रशासन, संचार, डिजाइन, शोध और रोजगार जैसे अनेक क्षेत्रों में तेजी से अपनी जगह बना रहा है। आने वाले समय में AI की समझ रखने वाले विद्यार्थियों के लिए नए अवसरों के द्वार खुलने की संभावना है। ऐसे में स्कूल स्तर पर विद्यार्थियों को AI की जानकारी देना उन्हें बदलती तकनीकी दुनिया के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

प्रशिक्षण से विद्यार्थियों में दिखा नया उत्साह

छह दिवसीय AI प्रशिक्षण शिविर के बाद विद्यार्थियों में आधुनिक तकनीकों को लेकर उत्साह और जिज्ञासा देखने को मिली। विद्यार्थियों ने AI टूल्स के माध्यम से नए-नए प्रयोग किए और अपनी रचनात्मक क्षमताओं को सामने रखा। प्रशिक्षण ने उन्हें यह समझने का अवसर दिया कि तकनीक केवल भविष्य की चीज नहीं, बल्कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था का भी महत्वपूर्ण हिस्सा बनती जा रही है।

नारायणपुर में आयोजित यह AI प्रशिक्षण शिविर स्कूल के विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से सक्षम, रचनात्मक और भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में एक उल्लेखनीय पहल के रूप में सामने आया है।

Leave Your Comment

Click to reload image