अब जशपुर के कॉलेज विद्यार्थी भी बनेंगे एआई एक्सपर्ट! 40 विद्यार्थियों का पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शुरू, चैटजीपीटी, जेमिनी, कोपायलट सहित आधुनिक एआई टूल्स के इस्तेमाल की मिलेगी प्रायोगिक जानकारी
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अब जशपुर के कॉलेज विद्यार्थी भी बनेंगे एआई एक्सपर्ट! 40 विद्यार्थियों का पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शुरू, चैटजीपीटी, जेमिनी, कोपायलट सहित आधुनिक एआई टूल्स के इस्तेमाल की मिलेगी प्रायोगिक जानकारी

​जशपुर नगर।

कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में जिले के शासकीय महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए पांच दिवसीय आवासीय एआई प्रशिक्षण का आज संकल्प शिक्षण संस्थान जशपुर में शुभारंभ हुआ। प्रशिक्षण में जिले के शासकीय महाविद्यालयों के 40 विद्यार्थी शामिल हुए। प्रशिक्षण के प्रथम दिवस जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र सिंन्हा एवं यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद कुमार गुप्ता की उपस्थिति में कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के आयोजन के लिए यशस्वी जशपुर के अवनीश पांडे भी उपस्थित रहे।

​ज्वाइंट कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा के निर्देश पर आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बुनियादी जानकारी देने के साथ इसके व्यावहारिक उपयोग से परिचित कराना है। प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों में तकनीकी समझ, नवाचार, रचनात्मक सोच और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने के साथ उन्हें भविष्य की तकनीकी जरूरतों के लिए तैयार करना है। विद्यार्थियों को एआई के विभिन्न टूल्स और तकनीकों का उपयोग सिखाकर शिक्षा, अध्ययन, शोध एवं अन्य क्षेत्रों में इनके प्रभावी उपयोग के लिए सक्षम बनाना है।

​जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र सिन्हा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में तकनीकी चीजों को सीखना बहुत जरूरी है। आपको पूरे कॉन्सन्ट्रेशन के साथ प्रशिक्षण लेना है और सीखने की जिज्ञासा हमेशा बनाए रखनी है । उन्होंने विद्यार्थियों से प्रशिक्षण के दौरान बेहतर सीखने तथा सीखी गई तकनीकों का व्यावहारिक जीवन में उपयोग करने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के अंतिम दिन वे विद्यार्थियों से प्रशिक्षण का फीडबैक भी लेंगे।

​यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद कुमार गुप्ता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के तकनीकी युग में एआई की जानकारी विद्यार्थियों के लिए बेहद आवश्यक है। आने वाला समय तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का है, ऐसे में विद्यार्थियों के लिए एआई की बुनियादी समझ के साथ-साथ इसके व्यावहारिक उपयोग को जानना भी जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि आज के युग में एआई हमारा सहायक हो सकता है।
​उन्होंने आगे कहा कि प्रशिक्षण को केवल जानकारी प्राप्त करने तक सीमित न रखें, बल्कि सीखी गई तकनीकों का अभ्यास करें। ज्ञान को आगे बढ़ाकर जिले में कुशल युवाओं का निर्माण करना है।

आज प्रशिक्षण के पहले दिन विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का परिचय, इसका इतिहास एवं विकास, एआई के प्रकार तथा एआई, मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग के बीच अंतर की जानकारी दी गई। आगे शिक्षा, हेल्थकेयर, एग्रीकल्चर, रोबोटिक्स, स्पेस और बिजनेस सहित विभिन्न क्षेत्रों में एआई के उपयोग को समझाया जाएगा। विद्यार्थियों को जेनरेटिव एआई, चैटजीपीटी, जेमिनी, कोपायलट सहित अन्य एआई टूल्स के व्यावहारिक उपयोग, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, टेक्स्ट एवं इमेज जनरेशन, डेटा एनालिसिस और रिसर्च की जानकारी दी जाएगी। साथ ही  स्पीच रिकग्निशन, आईओटी में एआई के उपयोग से परिचित कराया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान एआई प्रोजेक्ट तैयार करने की प्रक्रिया और एआई चैटबॉट, स्टडी असिस्टेंट, स्मार्ट एग्रीकल्चर एवं डेटा एनालिसिस जैसे मिनी प्रोजेक्ट तैयार करने के लिए मार्गदर्शन दिया जाएगा। एआई एथिक्स, डेटा प्राइवेसी, सिक्योरिटी, एआई बायस, डीपफेक तथा एआई के भविष्य एवं करियर की संभावनाओं पर भी चर्चा होगी। अंतिम दिवस विद्यार्थियों से प्रशिक्षण को लेकर फीडबैक लिया जाएगा तथा प्रमाण-पत्र वितरित किए जाएंगे।

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