मुंबई तक पहुंची जशपुर पुलिस, इंसास रायफल छोड़कर जंगल से भागा फरार आरोपी पलटू दास गिरफ्तार, पहले ही जेल जा चुका है साथी हृदय साहू, नक्सल कनेक्शन की भी जांच तेज
जशपुर। करीब दो महीने पहले बूमतेल सरनाटोली जंगल में पुलिस घेराबंदी के दौरान इंसास रायफल समेत कई हथियार छोड़कर फरार हुआ आरोपी आखिरकार जशपुर पुलिस के हत्थे चढ़ गया। लगातार फरार चल रहे आरोपी पलटू दास को जशपुर पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, साइबर इनपुट और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर मुंबई से गिरफ्तार कर जशपुर लाया है। आरोपी को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। इस मामले में उसका साथी हृदय साहू उर्फ गांगु पहले ही गिरफ्तार होकर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कई अहम खुलासे किए हैं, जिनमें उसके नक्सली संगठन से जुड़े रहने और वर्षों पहले जंगल में छिपाकर रखे गए हथियार अपने कब्जे में लेने की बात भी सामने आई है।
पुलिस के अनुसार 11 जून 2026 को सिटी कोतवाली जशपुर को सूचना मिली थी कि बूमतेल सरनाटोली जंगल क्षेत्र में दो सशस्त्र युवक राहगीरों को हथियारों के बल पर डराकर उनसे पैसे वसूल रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल इलाके की घेराबंदी कर सर्च अभियान शुरू किया। पुलिस को अपनी ओर बढ़ता देख दोनों आरोपी जंगल का फायदा उठाकर मौके से भाग निकले, लेकिन जल्दबाजी में अपने हथियार और अन्य सामान वहीं छोड़ गए।
मौके से पुलिस ने एक इंसास रायफल मैगजीन सहित, एक होममेड रायफल, एक देसी कट्टा, छह जिंदा कारतूस, चार लोहे के बोल्ट, एक हथौड़ी, एक तलवार, एक कैंची, आरोपियों के बैग तथा कई दस्तावेज बरामद किए थे। मामले में सिटी कोतवाली जशपुर में आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान झारखंड के गुमला जिले के लूँगा निवासी हृदय साहू उर्फ गांगु तथा सकरा निवासी पलटू दास के रूप में की। पुलिस ने पहले हृदय साहू को उसके गृहग्राम से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि पलटू दास लगातार फरार था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी।
इसी दौरान तकनीकी विश्लेषण और साइबर इनपुट के जरिए जानकारी मिली कि आरोपी मुंबई में छिपा हुआ है। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में विशेष पुलिस टीम गठित कर मुंबई भेजी गई। टीम ने आरोपी को वहां से हिरासत में लेकर जशपुर लाकर पूछताछ की।
पूछताछ में पलटू दास ने बताया कि उसकी पहचान हृदय साहू से उसके जीजा के गांव लूँगा में हुई थी। दोनों ने मिलकर हथियारों के दम पर लोगों को डराकर अवैध वसूली करने की योजना बनाई थी। आरोपी अपने साथ इंसास रायफल और देसी कट्टा लेकर आया था, जबकि होममेड रायफल उसने हृदय साहू को दी थी। दोनों जंगल के रास्ते छत्तीसगढ़ पहुंचे और रास्ते में एक युवक और युवती को खुद को किसी पार्टी का सदस्य बताकर धमकाया। इसके बाद उनके परिजनों से 30 हजार रुपये मंगवाकर उन्हें छोड़ दिया और रकम का आपस में बंटवारा कर लिया।
आरोपी ने यह भी बताया कि जंगल में पुटू (मशरूम) बीनने आई दो युवतियों को भी हथियार दिखाकर डराया और उनका भोजन खा लिया। बाद में लावा नदी क्षेत्र में खेत में काम कर रहे लोगों से भी भोजन लिया। इसी दौरान पुलिस का सर्च अभियान शुरू हो गया और पुलिस को देखते ही दोनों आरोपी हथियार तथा अन्य सामान छोड़कर जंगल के रास्ते फरार हो गए। लगातार पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए पलटू दास बाद में मुंबई जाकर छिप गया था।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने एक और बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि वह पहले एक नक्सली कमांडर के समूह के संपर्क में रह चुका है। उसके अनुसार वर्ष 2012 में जंगल में चट्टान के नीचे छिपाकर रखे गए हथियार उसने अपने कब्जे में ले लिए थे। पुलिस अब इस पूरे नक्सल कनेक्शन और हथियारों के स्रोत की विस्तृत जांच कर रही है।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक रियलमी मोबाइल फोन भी जब्त किया है। पर्याप्त साक्ष्य मिलने और आरोपी द्वारा अपराध स्वीकार करने के बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सिटी कोतवाली निरीक्षक मोरध्वज देशमुख, उपनिरीक्षक नसीरुद्दीन अंसारी, आरक्षक उपेंद्र सिंह तथा नगर सैनिक थानेश्वर देशमुख की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जशपुर पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े हर पहलू की गहन जांच जारी है और हथियारों के स्रोत सहित अन्य संभावित कड़ियों का भी पता लगाया जा रहा है।

