गुरु के बिना ज्ञान अधूरा और ज्ञान के बिना जीवन अपूर्ण : प्रियंवदा सिंह जूदेव, गुरुपूर्णिमा पर राष्ट्र सेविका समिति के ध्वज पूजा उत्सव में सेविकाओं को किया संबोधित
ध्वज को गुरू मान कर सेविकाओं ने मनाया ध्वज पूजा उत्सव
कल्याण आश्रम में राष्ट्र सेविका समिति ने किया आयोजन
जशपुरनगरः शनिवार को शहर के वनवासी कल्याण आश्रम में गुरू पूर्णिमा का आयोजन किया गया। वनयोगी बाला साहेब देशपांडे स्मारक भवन में आयोजित इस कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय सेविका समिति ने किया था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियंवदा सिंह जूदेव और राजा देवशरण जिला चिकित्सालय की हड्डी रोग विशेषज्ञ डा मधुलिका श्रीवास्तव शामिल थी। मुख्य वक्ता के रूप में समिति की बौद्विक प्रमुख गायत्री देवता ने कार्यक्रम में उपस्थित रही। प्रियंवदा सिंह जूदेव ने सेविकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्र सेविका समिति द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम गुरू और राष्ट्र के प्रति संपूर्ण सम्पर्ण का संकल्प लेने का अवसर देता है। उन्होनें कहा कि भगवा ध्वज को गुरू मान कर स्वयं को समर्पित कर,सेविका राष्ट्र उत्थान का संकल्प लेती है,वह पूरे देश और समाज के लिए अनुकरणीय है। जूदेव ने कहा कि गुरू के बिना ज्ञान प्राप्त करना संभव नहीं है और ज्ञान के बिना जीवन अधूरा है। इसलिए भारतीय संस्कृति में गुरू को देवताओं से उपर का दर्जा दिया गया है। उल्लेखनिय है कि प्रति वर्ष गुरू पूर्णिमा के अवसर पर राष्ट्र सेविका समिति द्वारा आयोजित किया जाता है। गुरू पूर्णिमा के दिन से लेकर रक्षा बंधन तक,इस कार्यक्रम का आयोजन सभी शाखाओं में किया जाता है।
