जशपुर में पुलिस, अभियोजन और न्यायपालिका की संयुक्त समन्वय बैठक, नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
जशपुरनगर, 19 जुलाई। जशपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शनिवार को पुलिस, अभियोजन और शासकीय अधिवक्ताओं की संयुक्त समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री जनार्दन खरे तथा डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, गुणवत्तापूर्ण विवेचना, अभियोजन की मजबूती और न्यायालयों में दोषसिद्धि दर बढ़ाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में जिले के सभी राजपत्रित पुलिस अधिकारी, थाना प्रभारी, विवेचक, अभियोजन अधिकारी तथा शासकीय अधिवक्ताओं ने भाग लिया। इस दौरान लंबित प्रकरणों की समीक्षा, दोषमुक्ति मामलों की निगरानी, एफएसएल एवं डीएनए रिपोर्ट की उपलब्धता तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS-2023) के प्रावधानों के प्रभावी पालन पर विस्तार से चर्चा की गई।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री जनार्दन खरे ने कहा कि नवीन आपराधिक कानूनों के सफल क्रियान्वयन के लिए पुलिस, अभियोजन और न्यायपालिका के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण विवेचना, वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन और प्रभावी पैरवी को दोषसिद्धि बढ़ाने का आधार बताते हुए प्रत्येक प्रकरण में समय-सीमा और विधिक प्रावधानों का गंभीरता से पालन करने पर बल दिया।
डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने अधिकारियों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS-2023) के तहत सत्र ट्रायल, वारंट ट्रायल, समन ट्रायल और संक्षिप्त ट्रायल की प्रक्रियाओं की जानकारी देते हुए कहा कि नए कानूनों का उद्देश्य पीड़ितों को समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी न्याय उपलब्ध कराना है। उन्होंने विवेचना में तकनीक, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और वैज्ञानिक जांच के अधिकतम उपयोग के निर्देश दिए।
बैठक में निर्देश दिए गए कि प्रत्येक माह की 7 तारीख तक सभी दोषमुक्ति प्रकरणों की जानकारी उपसंचालक अभियोजन कार्यालय को भेजी जाए। साथ ही जप्ती कार्रवाई की वीडियोग्राफी, न्यायालय में उसके प्रदर्शन, आवश्यक प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से दर्ज गवाहियों का पृथक अभिलेख रखने तथा एफएसएल और डीएनए रिपोर्ट शीघ्र प्राप्त करने के लिए संबंधित प्रयोगशालाओं से नियमित समन्वय बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।
डीआईजी एवं एसएसपी ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण विवेचना, प्रभावी अभियोजन और सभी संबंधित विभागों के बेहतर समन्वय से ही न्यायालयों में दोषसिद्धि दर बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने अधिकारियों से प्रत्येक प्रकरण में नए विधिक प्रावधानों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित करने का आह्वान किया, ताकि पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सके और न्याय व्यवस्था के प्रति आम जनता का विश्वास और मजबूत हो।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार, एसडीओपी चंद्रशेखर परमा, विनोद मंडावी, दिलीप कोसले, डीएसपी भवेश समरथ, डीएसपी आशा तिर्की, डीपीओ विपिन कुमार, एडीपीओ आरती कटकवार, राहुल गुप्ता, मेरी रोजालिया कुजूर सहित अभियोजन अधिकारी, शासकीय अधिवक्ता एवं जिले के विवेचक उपस्थित रहे।
