किसानों के एग्रीस्टेक पंजीयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, कलेक्टर रोहित व्यास ने राजस्व अमले को दी सख्त चेतावनी — लंबित नामांतरण, सीमांकन, भू-अर्जन और स्वामित्व योजना के प्रकरण समय-सीमा में निपटाने के निर्देश
जशपुरनगर 15 जून 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने बैठक में विभिन्न राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर ने एग्रीस्टेक पोर्टल में किसान पंजीयन की जानकारी लेते हुए पेंडिंग प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि किसानों का एग्रीस्टेक ऑनलाइन पंजीयन शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। पंजीयन कार्य को प्राथमिकता में लेते हुए सभी पेंडिंग पंजीयन तेजी से निराकृत करे। इसके लिए कलेक्टर ने कृषि विभाग के एसएडीओ, आरएईओ से समन्वय कर गंभीरतापूर्वक पंजीयन कार्य को पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी एसडीएम को पंजीयन कार्य की नियमित निगरानी रखने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा पंजीयन उपरांत आवेदनों के पेंडिंग अप्रूवल और वेरिफिकेशन कार्यों को भी तेजी से निराकरण करने के निर्देश दिए। इसके लिए राजस्व अधिकारियों को गंभीरता पूर्वक कार्य करने को कहा। इस दौरान बैठक में सभी एसडीएम सहित तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं अन्य राजस्व अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में कलेक्टर श्री व्यास ने कहा कि रिकॉर्ड अपडेशन की शिकायत नहीं आनी चाहिए। राजस्व प्रकरणों में आदेश पारित होने वाले सभी रिकॉर्डों का ऑनलाइन एंट्री सुनिश्चित करें। साथ ही लंबे समय से लंबित राजस्व प्रकरणों में सक्रियता दिखाते हुए सभी को निराकृत करे। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नामांतरण, डायवर्सन, भू-अर्जन, त्रुटि सुधार, सीमांकन, स्वामित्व योजना, आरबीसी 6-4 सहित सभी लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए और पारदर्शिता के साथ कार्य किया जाए। उन्होंने स्वामित्व योजना, मसाहती गांव सर्वेक्षण, किसान किताब में आधार प्रविष्टि, डिजिटल हस्ताक्षर से अभिलेख सत्यापन, भू-नक्शा अद्यतन, भू-बंटन रिकॉर्ड दुरुस्ती तथा त्रुटि सुधार कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी कार्यों को तय समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री व्यास ने कहा कि राजस्व विभाग के मैदानी अमले सक्रियता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें, ताकि आम जनता को प्रकरणों के निराकरण में त्वरित लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर निराकरण किए जा सकने वाले प्रकरणों के आवेदन कलेक्टर जनदर्शन में आ रहे है। ऐसे प्रकरणों को स्थानीय स्तर पर ही निराकृत कर लोगों की समस्याओं का समाधान करे। जिससे उन्हें अनावश्यक जिला कार्यालय न आना पड़े।
