नए शिक्षा सत्र से शिक्षा व्यवस्था में नहीं चलेगी कोई लापरवाही: डीईओ नरेंद्र सिन्हा का सख्त फरमान, स्कूलों की तैयारी से लेकर ऑनलाइन उपस्थिति तक हर व्यवस्था आज ही पूरी करने के निर्देश
जशपुर। जिले में 16 जून से शुरू होने वाले नवीन शिक्षा सत्र को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र सिन्हा ने समस्त विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, बीआरसी, संकुल प्राचार्यों एवं सीएससी को शासन के निर्देशों के अनुरूप सभी तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नए सत्र की शुरुआत व्यवस्थित एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में हो, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं तत्काल सुनिश्चित की जाएं।
जिला शिक्षा अधिकारी ने निर्देशित किया है कि सभी स्कूलों में शाला भवन, कक्षाओं, परिसर, फर्नीचर, मध्यान्ह भोजन कक्ष तथा बर्तनों की समुचित साफ-सफाई कराई जाए। साथ ही मध्यान्ह भोजन संचालन के लिए आवश्यक खाद्य सामग्री की उपलब्धता भी पहले से सुनिश्चित की जाए। शिक्षक उपस्थिति पंजी, छात्र उपस्थिति पंजी सहित अन्य सभी आवश्यक अभिलेख तैयार रखने तथा शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन के लिए समय-सारणी, पाठ योजना एवं अकादमिक तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि 16 जून से नियमित अध्यापन कार्य प्रारंभ किया जा सके।
उन्होंने कहा कि पहले ही दिन से विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाएं। शासन के नए निर्देशों के अनुरूप प्रार्थना सभा, मध्यान्ह भोजन से पूर्व तथा संध्या समय आयोजित होने वाली गतिविधियों की भी पूरी तैयारी कर ली जाए और उनके लिए जिम्मेदार प्रभारी नियुक्त किए जाएं।
निःशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण, गणवेश वितरण तथा आवश्यकता अनुसार साइकिल वितरण की तैयारियां भी अनिवार्य रूप से पूरी करने को कहा गया है। जिन विद्यालयों में पुस्तकों की कमी है वहां बुक बैंक के माध्यम से आवश्यक पुस्तकों का संकलन करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूल, संकुल, विकासखंड एवं जिला स्तर पर शाला प्रवेश उत्सव को व्यापक जनभागीदारी के साथ मनाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए कक्षा पहली में प्रवेश लेने वाले बच्चों की सूची आंगनबाड़ी केंद्रों से, कक्षा पांचवीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों की सूची प्राथमिक विद्यालयों से तथा कक्षा नौवीं में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की सूची मिडिल स्कूलों से प्राप्त करने को कहा गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले का कोई भी बच्चा प्रवेश से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा कि प्रवेश उत्सव में विद्यार्थियों, अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों, विधायक, सांसद, मंत्री एवं समाज के अन्य प्रतिष्ठित लोगों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए, ताकि शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल बन सके। साथ ही अनियमित एवं ड्रॉपआउट बच्चों को भी इस अभियान के माध्यम से पुनः विद्यालयों से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
शासन के नए निर्देशों के अनुसार सभी विद्यालयों में एक सप्ताह के भीतर शाला प्रबंधन समिति (एसएमसी) का गठन भी अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
डीईओ नरेंद्र सिन्हा ने शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति प्रतिदिन वीएसके एप के माध्यम से दर्ज करने को अनिवार्य बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों की उपस्थिति 80 प्रतिशत से अधिक बनाए रखने के लिए सतत प्रयास किए जाएं। इसके अलावा विकासखंड शिक्षा कार्यालयों एवं जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में कार्यरत सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की ऑनलाइन उपस्थिति भी प्रतिदिन सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने बताया कि सचिव एवं संचालक स्तर से इन व्यवस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। इसलिए सभी अधिकारी-कर्मचारी निर्देशों का गंभीरता से पालन करें और सभी बिंदुओं पर अनुपालन प्रतिवेदन जिला शिक्षा कार्यालय को समय पर प्रेषित करें।
