जनजातीय इतिहास का सबसे बड़ा संगम बनकर उभरा दिल्ली का डीलिस्टिंग आंदोलन,गृह मंत्री अमित शाह ने बिरसा मुंडा के उलगुलान से की तुलना, गणेश राम भगत के नेतृत्व की सराहना, आज शाम 6 बजे जशपुर बस स्टैंड पर भव्य नागरिक अभिनंदन

जशपुर। जनजातीय समाज के अधिकारों, संस्कृति संरक्षण और डीलिस्टिंग जैसे मुद्दों को लेकर चल रहे आंदोलन के राष्ट्रीय विमर्श में आने के बाद इसका प्रभाव अब जशपुर जिले तक स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में जनजाति सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय संयोजक श्री गणेश राम भगत का आज 2 जून 2026 को शाम 6 बजे जशपुर आगमन हो रहा है। उनके आगमन को लेकर जशपुर, सरगुजा और झारखंड क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है, वहीं स्थानीय स्तर पर बस स्टैंड जशपुर में भव्य नागरिक अभिनंदन कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
मिली जानकारी के अनुसार हाल ही में दिल्ली में आयोजित एक विशाल जनजातीय जनसमागम में देशभर की लगभग 550 जनजातियों के करीब 2 लाख लोगों ने भाग लेकर एक ऐतिहासिक उपस्थिति दर्ज कराई। इस आयोजन को जनजातीय समाज के इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना माना जा रहा है, जहां पहली बार इतनी बड़ी संख्या में विभिन्न जनजातीय समुदायों के प्रतिनिधि एक मंच पर एकत्र हुए और अपनी संस्कृति, परंपरा, सामाजिक पहचान तथा अधिकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखा गया। इस कार्यक्रम के दौरान डीलिस्टिंग आंदोलन को लेकर व्यापक चर्चा हुई, जो अब राष्ट्रीय स्तर पर एक गंभीर सामाजिक और राजनीतिक विमर्श का विषय बन चुका है।
कार्यक्रम में देश के गृह मंत्री श्री अमित शाह की उपस्थिति भी चर्चा का विषय रही, जहां उन्होंने जनजाति सुरक्षा मंच और इसके राष्ट्रीय संयोजक श्री गणेश राम भगत के प्रयासों की सराहना करते हुए इस आंदोलन को भगवान बिरसा मुंडा के “उलगुलान” की परंपरा से जोड़कर देखा। उन्होंने इसे जनजातीय समाज की जागरूकता और एकजुटता का प्रतीक बताते हुए “जनजातीय महाकुंभ” की संज्ञा भी दी, जिससे इस आयोजन की व्यापकता और महत्व और अधिक बढ़ गया।
इसी अवसर पर जनजाति सुरक्षा मंच के राष्टीय संयोजक गणेश राम भगत सहित प्रतिनिधिमंडल द्वारा देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु एवं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन सौंपकर डीलिस्टिंग कानून को शीघ्र लागू करने की मांग की गई। ज्ञापन में जनजातीय समाज के सामाजिक, सांस्कृतिक और संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया है।
सूत्रों के अनुसार श्री गणेश राम भगत पिछले लगभग 50 वर्षों से जनजातीय समाज, संस्कृति संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा, परंपराओं के संवर्धन और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाते आ रहे हैं। उनके नेतृत्व में यह आंदोलन अब केवल क्षेत्रीय नहीं बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनता जा रहा है।
जशपुर में उनके आगमन को लेकर समर्थकों और जनजातीय समाज में खासा उत्साह देखा जा रहा है। बस स्टैंड परिसर में आयोजित होने वाले नागरिक अभिनंदन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है। सरगुजा और झारखंड से भी लोगों के आने की सूचना है, जिससे यह कार्यक्रम एक विशाल जनसमूह का रूप ले सकता है। स्थानीय स्तर पर आयोजन स्थल पर व्यवस्थाएं लगभग पूरी कर ली गई हैं और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा भी सक्रिय सहयोग किया जा रहा है।
जनजाति सुरक्षा मंच ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे शाम 6 बजे जशपुर बस स्टैंड पर पहुंचकर इस ऐतिहासिक नागरिक अभिनंदन कार्यक्रम के साक्षी बनें और जनजातीय समाज के इस महत्वपूर्ण क्षण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।
