सड़क हादसे में मौत के मुहाने पर पहुंचे दो युवकों को अस्पताल की तत्परता ने दी नई जिंदगी, डॉक्टरों की सूझबूझ और लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस से बची सांसें
मनेंद्रगढ़। सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल दो युवकों की जान 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल, मनेंद्रगढ़ की चिकित्सकीय टीम की त्वरित कार्रवाई से बच गई। दोनों युवकों को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने तत्काल जीवनरक्षक उपचार शुरू किया और प्राथमिक इलाज के बाद बेहतर उपचार के लिए लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर रेफर किया।
जानकारी के अनुसार, घायल युवकों की पहचान अनिल (21 वर्ष) और सुरेश (22 वर्ष) निवासी ग्राम छिपछिपी के रूप में हुई है। दोनों एक ही गांव के रहने वाले हैं और सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। एक युवक के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई थीं, जबकि दूसरे के चेहरे पर चोट के साथ जांघ (फीमर) की हड्डी टूट गई थी।
अस्पताल पहुंचते ही ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों ने बिना देर किए इलाज शुरू किया। एक युवक की सांसें प्रभावित होने पर डॉ. राजीव गुप्ता और उनकी टीम ने तत्काल इंट्यूबेशन कर श्वास मार्ग सुरक्षित किया, जिससे उसकी सांसें सामान्य हो सकीं। इसके अलावा आवश्यक दवाइयां, आईवी फ्लूइड, दर्द निवारक उपचार और अन्य आपातकालीन चिकित्सा भी उपलब्ध कराई गई।
प्राथमिक उपचार के बाद दोनों घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस के जरिए चिकित्सकीय निगरानी में मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर रेफर किया गया, ताकि उन्हें उच्च स्तरीय उपचार मिल सके।
घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल की चिकित्सकीय टीम की सराहना करते हुए कहा कि समय पर इलाज मिलने से दोनों युवकों की जान बच सकी। वहीं अस्पताल प्रशासन ने इसे आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की तत्परता और टीमवर्क का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
