जंगल में घेराबंदी, भागती कार और नशीले इंजेक्शनों का जखीरा...झारखंड से कार में भरकर लाई जा रही हजारों नशीले इंजेक्शनों की खेप जब्त, जंगल में भागे तस्करों को पुलिस मितान की मदद से घेराबंदी कर दबोचा, 5 आरोपी गिरफ्तार
ताजा खबरें


बड़ी खबर

जंगल में घेराबंदी, भागती कार और नशीले इंजेक्शनों का जखीरा...झारखंड से कार में भरकर लाई जा रही हजारों नशीले इंजेक्शनों की खेप जब्त, जंगल में भागे तस्करों को पुलिस मितान की मदद से घेराबंदी कर दबोचा, 5 आरोपी गिरफ्तार

 

जशपुर। जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जशपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए झारखंड से छत्तीसगढ़ के रास्ते नशीले इंजेक्शनों की तस्करी कर रहे एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से हजारों नशीले इंजेक्शन, कार, मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और नगदी जब्त की है। पूरी कार्रवाई में पुलिस मितान टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनकी मदद से जंगल में छिपे आरोपियों को पकड़ने में सफलता मिली।

जानकारी के अनुसार 9 जून की देर रात सिटी कोतवाली जशपुर की पुलिस टीम सारूडीह मार्ग पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध कार तेज रफ्तार में आती दिखाई दी। पुलिस को देखकर कार चालक घबरा गया और वाहन को जंगल की ओर मोड़कर भागने लगा। पुलिस टीम ने तुरंत पीछा शुरू किया। कुछ दूरी तक पीछा करने के बाद कार सवार आरोपी वाहन को हाथीसार (किनकेल) जंगल के किनारे छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए जंगल में फरार हो गए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल आसपास के क्षेत्र में मौजूद पुलिस मितानों को बुलाया। इसके बाद जंगल में चारों तरफ से घेराबंदी की गई। कई घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद जंगल में छिपे तीन आरोपी दीपक लकड़ा, अमन सिंह और आलोक साय को पकड़ लिया गया।

इसके बाद पुलिस ने संदिग्ध कार की तलाशी ली तो अंदर मौजूद सामान देखकर पुलिसकर्मी भी चौंक गए। कार से भारी मात्रा में नशीले इंजेक्शन बरामद हुए। तलाशी के दौरान Rexogesic (Buprenorphine) इंजेक्शन की सैकड़ों एम्पूल तथा Avil इंजेक्शन की बड़ी खेप मिली। साथ ही दो मोबाइल फोन और तस्करी में प्रयुक्त मारुति सेलेरियो कार को भी जब्त कर लिया गया।

पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने कई अहम खुलासे किए। आरोपियों ने बताया कि नशीले इंजेक्शन झारखंड के गुमला जिले के तिगरा निवासी मो. शमशेर खान से खरीदे गए थे और इन्हें अंबिकापुर की ओर खपाने ले जाया जा रहा था। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने झारखंड और अंबिकापुर तक जांच का दायरा बढ़ाया।

जांच के दौरान मुख्य सप्लायर मो. शमशेर खान को भी गिरफ्तार कर लिया गया। उसके कब्जे से 750 अतिरिक्त नशीले इंजेक्शन, बिक्री की रकम में से बची नकदी और एक मोटरसाइकिल जब्त की गई। वहीं घटना के बाद से फरार चल रहे आरोपी अरुण राम को भी पुलिस ने अंबिकापुर से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से कुल 865 एमएल Rexogesic (Buprenorphine) इंजेक्शन, 1200 शीशी Avil (Pheniramine Maleate) इंजेक्शन, एक कार, एक मोटरसाइकिल, 6500 रुपये नगद और चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। जब्त सामग्री और वाहनों की कुल कीमत लगभग 3 लाख 98 हजार रुपये बताई जा रही है।

गिरफ्तार आरोपियों में सिंगीटाना निवासी दीपक लकड़ा, विशुनपुर निवासी अमन सिंह, गांधीनगर अंबिकापुर निवासी आलोक साय, सुभाष नगर अंबिकापुर निवासी अरुण राम तथा झारखंड के गुमला जिले के तिगरा निवासी मो. शमशेर खान शामिल हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ सिटी कोतवाली जशपुर में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(ग) के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।

इस पूरी कार्रवाई में एसडीओपी जशपुर श्री परमा, डीएसपी के.आर. चौहान, थाना प्रभारी निरीक्षक मोरध्वज देशमुख, उपनिरीक्षक खोमराज ठाकुर, पीएसआई लक्ष्मी मरकाम, पीएसआई जितेंद्र साहू सहित पुलिस टीम के जवानों ने अहम भूमिका निभाई।

डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस मितान और पुलिस टीम के संयुक्त प्रयास से नशे की तस्करी में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि जशपुर जिले में नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ आगे भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और ऐसे तत्वों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

Leave Your Comment

Click to reload image