सैकड़ों की भीड़ के बीच विजय आदित्य सिंह जूदेव ने धर्मांतरण पर बोला तीखा हमला— “लालच और छल से हो रहे धर्म परिवर्तन को अब नहीं किया जाएगा बर्दाश्त
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सैकड़ों की भीड़ के बीच विजय आदित्य सिंह जूदेव ने धर्मांतरण पर बोला तीखा हमला— “लालच और छल से हो रहे धर्म परिवर्तन को अब नहीं किया जाएगा बर्दाश्त

जशपुर 17 अफ़्रैल 2026 
छत्तीसगढ़ और झारखंड की सीमा पर स्थित कोन्डरा गांव उस वक्त पूरी तरह सनातन चेतना के रंग में रंग गया, जब यहां आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में हजारों लोगों की मौजूदगी में जशपुर राजपरिवार के प्रतिनिधि विजय आदित्य सिंह जूदेव ने धर्मांतरण के मुद्दे पर जोरदार हुंकार भरी। जैसे ही जूदेव मंच पर पहुंचे, पूरा पंडाल जयकारों और नारों से गूंज उठा, जिससे माहौल पूरी तरह उत्साह और ऊर्जा से भर गया।

सकल हिंदू समाज और कोब्जा मंडल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस भव्य सम्मेलन में क्षेत्र के दूर-दराज गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। कार्यक्रम का मुख्य केंद्र धर्मांतरण जैसे संवेदनशील विषय पर जागरूकता फैलाना और समाज को एकजुट करना रहा। अपने ओजस्वी संबोधन में विजय आदित्य सिंह जूदेव ने साफ शब्दों में कहा कि भोले-भाले ग्रामीणों को लालच, प्रलोभन और छल के जरिए धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करना एक गंभीर साजिश है, जिसे अब किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सनातन धर्म केवल आस्था नहीं, बल्कि हमारी पहचान और परंपरा की जड़ है। यदि इसे कमजोर किया गया तो समाज की एकता और संस्कृति दोनों खतरे में पड़ सकती हैं। जूदेव ने समाज के सभी वर्गों से आह्वान करते हुए कहा कि अब समय आ गया है जब हर व्यक्ति को जागरूक होकर अपनी संस्कृति की रक्षा के लिए आगे आना होगा।

युवाओं को विशेष रूप से संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश और समाज का भविष्य उनके हाथों में है। यदि युवा अपनी जड़ों से जुड़े रहेंगे और अपनी परंपराओं पर गर्व करेंगे, तभी समाज मजबूत बनेगा। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सोशल मीडिया और आधुनिक साधनों का उपयोग करते हुए सही जानकारी फैलाएं और लोगों को जागरूक करें।

अपने संबोधन में जूदेव ने छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता कानून का भी उल्लेख किया और बताया कि जबरन या लालच देकर कराया गया धर्मांतरण कानूनन अपराध है। उन्होंने लोगों को इस कानून की जानकारी रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना प्रशासन को देने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि बाहरी शक्तियां समाज को तोड़ने और विखंडित करने की कोशिश कर रही हैं, जिनसे निपटने के लिए एकजुटता और सतर्कता बेहद जरूरी है।

इस अवसर पर रामरेखा धाम के स्वामी अखंड दास जी महाराज और स्वामी प्रकाश प्रपन्नाचार्य जी महाराज का आशीर्वाद भी उपस्थित जनसमूह को प्राप्त हुआ। धार्मिक संतों ने भी अपने उद्बोधन में सनातन संस्कृति की महत्ता बताते हुए समाज को एकजुट रहने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में हिंदू जागरण मंच के डॉ. सुमन कुमार, वीरूगढ़ के राजा दुर्ग विजय सिंह देव सहित कई प्रमुख सामाजिक और धार्मिक हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में धर्मांतरण के खिलाफ समाज को जागरूक रहने और संगठित होने का आह्वान किया।

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