महुआ सीजन में आग की साजिश या लापरवाही? बादलखोल अभ्यारण्य में अलर्ट मोड पर विभाग — हर बीट में फायर वाचर, मिनटों में बुझाई जा रही आग, वन्यजीव पूरी तरह सुरक्षित
जशपुर, 4 अप्रैल 2026। महुआ बीनने के दौरान अभ्यारण्य क्षेत्र में आगजनी की खबरों ने जहां इलाके में हलचल मचा दी है, वहीं अब वन विभाग ने पूरे मामले में स्थिति स्पष्ट करते हुए सख्त और सक्रिय कार्रवाई का दावा किया है। उप निदेशक एलीफेंट रिजर्व सरगुजा टी श्रीनिवास तनेटि से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, बादलखोल अभ्यारण्य नारायणपुर क्षेत्र में सामने आए घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए बिंदुवार जांच कराई गई है।
बताया गया है कि 28 मार्च 2026 को प्रकाशित समाचार में उठाए गए सभी बिंदुओं की जांच गेम रेंजर नारायणपुर द्वारा की गई, जिसमें यह सामने आया कि अभ्यारण्य क्षेत्र में आग की घटनाएं जरूर हुईं, लेकिन उन पर तत्काल और प्रभावी नियंत्रण भी किया गया।
करीब 104.454 वर्ग किलोमीटर में फैले इस संवेदनशील अभ्यारण्य क्षेत्र में फायर सीजन के दौरान 4 मार्च और 26 मार्च 2026 को बेन्द और सेन्द्रीमुण्डा बीट के कक्ष क्रमांक RF 81 और RF 62 में आग की घटनाएं दर्ज की गईं। इन घटनाओं की सटीक जानकारी वन प्रबंधन एवं सूचना प्रणाली (FMIS) रायपुर से सैटेलाइट के जरिए मिलते ही वन अमले ने बिना देर किए मौके पर पहुंचकर आग बुझा दी।
आंकड़ों के अनुसार, इन घटनाओं में कुल लगभग 0.525 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ, जिसमें केवल सूखे पत्ते और घास-फूस जले। राहत की बात यह रही कि इस दौरान किसी भी पेड़-पौधे या वन्यजीव को नुकसान नहीं पहुंचा, जिससे वन विभाग ने राहत की सांस ली है।
वन विभाग ने यह भी बताया कि आग पर काबू पाने के बाद संबंधित मामलों में वन अपराध प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। विभाग ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि आगजनी जैसी घटनाओं को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
बादलखोल अभ्यारण्य क्षेत्र में आग की पुनरावृत्ति रोकने के लिए वन विभाग ने पूरी ताकत झोंक दी है। हर बीट में फायर वाचर तैनात किए गए हैं, जो फायर ब्लोवर और फायर बीटर जैसे उपकरणों से लैस होकर दिन-रात जंगलों में गश्त कर रहे हैं। साथ ही पूर्व में स्थानीय ग्रामीणों और वनकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण देकर उन्हें आग से बचाव और त्वरित नियंत्रण के गुर भी सिखाए गए हैं।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अब जैसे ही कहीं से आग लगने की सूचना मिलती है, तत्काल टीम मौके पर पहुंचती है और मिनटों में आग पर काबू पा लिया जाता है, जिससे बड़े नुकसान की आशंका खत्म हो जाती है।
महुआ सीजन में आग की घटनाओं को लेकर जहां पहले सवाल उठ रहे है, वहीं अब वन विभाग की सक्रियता और त्वरित कार्रवाई ने हालात को नियंत्रण करने का प्रयासरत है। इलाके में फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य और नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन सतर्कता लगातार जारी है।
