



जलती हुई आग की धुंआ पूरे जंगल एवं पहाड़ी इलाकों में दिखाई दे रही है।
जशपुर/नारायणपुर : बादलखोल अभ्यारण्य के जंगल के विभिन्न बीटों में अभी से धू-धू कर जंगल जलना शुरू हो गया, जिसमें अनेक छोटे-छोटे पौधे व वन्य जीवों पर खतरा मड़रा रहा है। साथ ही पर्यावरण को हानि भी पहुंच रहा है। बावजूद इसके गेम रेंज इन सब खबरों से बेपरवाह है
एक तरफ जहां पर्यावरण को सुरक्षित रखने व वन्य जीवों पौधों को बचाने के लिए पूरी दुनिया मुहिम चला रही है, तो वहीं बादलखोल अभ्यारण्य में अभी से जंगल में आग लगनी शुरू हो गई है। जहां इन आग से जंगल में छोटे-छोटे पौधे जलकर नष्ट हो रहे हैं, तो दूसरी तरफ वन्यजीवों पर संकट के बादल भी मड़राने लगे हैं। जंगल मे आग लगने का सिलसिला हर साल बदस्तूर जारी रहता है, लेकिन नारायणपुर रेंज आज तक इस इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है।
श्रबादलखोल अभ्यारण में धधक रहे जंगल, पिछले कई दिनों से जंगलों में आग लगने की घटना हो रही है, लेकिन वन विभाग आग लगाने वाले शरारती तत्वों का पता लगाने में नाकामयाब है.पिछले कई दिनों से आग लगने से जंगल झुलस रहे हैं, लेकिन यंहा आग बुझाने में नाकामयाब साबित हो रहा है विभाग इस बात का भी पता भी नहीं लगा पा रहा है कि आग कौन शरारती तत्व लगा रहा है.
शनिवार को बादलखोल अभ्यारण्य क्षेत्र के जंगल आग से धधक रहे थे. वहीं, आज सेन्द्रीमुंडा के पास जंगल में भीषण आग लगी हुई थी. नारायणपुर के आरा पहाड़,चेली टोंगरी जंगल में आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं. आग की घटनाओं से जहां जंगल तबाह हो रहे हैं. साथ ही इन जंगलों में पाई जाने वाली औषधियों के साथ जंगली जानवरों की जान पर भी खतरा बना हुआ है।
इस अभ्यारण्य के जंगलों में कई जगह भीषण आग लगी है। बताया जा रहा है कि नारायणपुर क्षेत्र और सेन्द्रीमुंडा के जंगलों में पिछले कई दिनों से लगातार आग लग रही है दर्जनों एकड़ एरिया में लगी आग को बुझाने में वन अमला नाकाम है। तेंदूपत्ता तोड़ाई सीजन के पहले लगी आग का नुकसान सीधे तेंदूपत्ता तोड़ने वाले ग्रामीणों को भी हो रहा है।
जानकारी के मुताबिक, बादलखोल अभ्यारण्य के जशपुर वन मण्डल क्षेत्र नारायणपुर के जंगलों में आग लगी है। तेज हवाओं के कारण आग लगातार फैल रही है। जंगल में लगी भीषण आग का धुआं गांवों में भी पहुंच रहा है।
आग पर काबू पाने के लिए हर बार विभाग ने फायर वाचर दस्ते का गठन करता है। यह अग्नि रोधक दस्ता जंगल में आग लगने की सूचना पर फौरन मौके पर जाना होता और वहां आग बुझाने का काम करता है। साथ ही जंगलों में गश्त कर यह देखना होता है कि कहीं आग तो नहीं लगी है। रेंज के प्रत्येक बिट में एक से दो फायर वाचरो को पूरे गर्मी के मौसम तक के लिए रखा जाता है, क्या कारण है कि इनके गस्ती करने के वावजूद भी जंगल मे आग लग रही है
वन विभाग की कोशिश नाकाम
ग्रामीणों द्वारा आगजनी की सूचना वन अमले को हमेशा दी जाती है, लेकिन सही समय पर गेम रेंज के स्टाफ आग पर काबू पाने में नाकाम रहती है। जिससे आग फैलते चला जाता है और बुझाते बुझाते कई एकड़ जंगल के छोटे छोटे पौधे नष्ट हो जाते है। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना के बाद भी आग बुझाने की तत्काल स्टापो के द्वारा कोशिश नहीं की जा रही है।
जल रहे हैं पौधे, तेंदूपत्ता को भी नुकसान
वन मण्डल जशपुर के अंतर्गत आने वाले जंगल के कई इलाके में आग लगातार लग रही है। आग से छोटे पेड़ों के साथ ओषधि पौधे भी जल जा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि तेंदूपत्ता सीजन आने वाले कुछ महीनों में शुरू होने वाला है। इस इलाके में ग्रामीण बड़ी संख्या में तेंदूपत्ता तोड़ने पहुंचते हैं। तेंदूपत्ता तोड़ने वाले ग्रामीणों को आग का नुकसान उठाना पड़ेगा।
वन विभाग द्वारा आगजनी की जानकारी सेटेलाइट से मिलने के दावे भी यहां नाकाम होते दिख रहे हैं। वन विभाग के अधिकारी अपने दायित्व का अच्छे से निर्वहन नहीं कर पा रहे हैं. बादलखोल अभ्यारण्य की लापरवाही के कारण हर वर्ष क्षेत्र के जंगलों में आग लग रही है जंगल में आग लगने से विभाग के अधिकारियों को फायर की जानकारी मोबाइल पर मिल जाती है उसके बाद भी आग पर विभाग काबू नहीं पा रही हैं. इससे वनों को तो नुकसान होता ही है, साथ ही वन्य जीवों पर भी संकट खड़ा हो जाता है.
लगातार भेजी जा रही है टीम
इस मामले में उप निदेशक एलिफेंट रिजर्व सरगुजा ने कलम की आवाज टीम से फोन पर बातचीत के दौरान कहा कि आगजनी की सूचना मिली है। आग बुझाने टीम भेजी गई है। टीम ने कुछ हद तक आग पर काबू पा लिया। जंहा जंहा आग लग रही है सभी में भी टीम भेजी जा रही है। जल्द ही आग पर पूरा नियंत्रण कर लिया जाएगा।