जशपुर जम्बूरी 2026 का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया शुभारंभ, 26 से 29 नवंबर तक रोमांच, जनजातीय संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य का दिखेगा अनूठा संगम
जशपुरनगर, 06 नवंबर 2026:-* मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बीते दिवस संध्या काल मे मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया में जशपुर जम्बूरी 2026 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने जम्बूरी के आयोजन से जुड़े सभी प्रतिभागियों, प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं एवं आयोजकों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन युवाओं में साहस, आत्मविश्वास, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सामूहिक सहभागिता की भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि जशपुर प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध जनजातीय संस्कृति और विशिष्ट लोक परंपराओं से परिपूर्ण जिला है। जशपुर जम्बूरी के माध्यम से जिले की इन विशेषताओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के साथ ही पर्यटन की नई संभावनाओं को भी बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जशपुर में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। यहां के मनमोहक प्राकृतिक स्थल, हरे-भरे जंगल, पहाड़ियां, झरने, समृद्ध आदिवासी संस्कृति और पारंपरिक जीवनशैली पर्यटकों को आकर्षित करने की विशेष क्षमता रखते हैं। जशपुर जम्बूरी जैसे आयोजन स्थानीय युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने, नई गतिविधियों से जुड़ने और जिले की सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाने का अवसर प्रदान करेंगे। उन्होंने युवाओं से ऐसे आयोजनों में उत्साहपूर्वक भाग लेने और सकारात्मक ऊर्जा के साथ जिले के विकास में सहभागी बनने का आह्वान किया।
जिला प्रशासन जशपुर द्वारा 26 से 29 नवंबर 2026 तक चार दिवसीय जशपुर जम्बूरी का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष जम्बूरी की थीम 'रोमांच, संस्कृति एवं समुदाय का उत्सव' रखी गई है। आयोजन के दौरान प्रतिभागियों को रॉक क्लाइंबिंग, रैपलिंग, जिपलाइन, हॉट एयर बैलून, एटीवी राइड, कायाकिंग, ट्रेजर हंट, लाइव रॉक बैंड, फन गेम्स एवं स्टार गेजिंग जैसी रोमांचक गतिविधियों का अनुभव मिलेगा। इसके साथ ही जिले के प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन स्थलों को करीब से जानने का अवसर भी प्राप्त होगा।
जम्बूरी के प्रथम दिवस 26 नवंबर को आगमन, परिचय एवं संगीत संध्या का आयोजन होगा। इसमें पंजीयन, स्वागत एवं परिचय सत्र के साथ ट्रेजर हंट, लाइव रॉक बैंड और मनोरंजक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। दूसरे एवं तीसरे दिन 27 एवं 28 नवंबर को एडवेंचर गतिविधियों के अंतर्गत देशदेखा में रॉक क्लाइंबिंग, सासबहार्डी एवं संग्रहालय भ्रमण तथा अन्य रोमांचक गतिविधियां होंगी। साथ ही मायाली में ट्रेकिंग, वॉटर स्पोर्ट्स एवं जनजातीय नृत्य और रात्रि में सामुदायिक खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
आयोजन के अंतिम दिवस 29 नवंबर को नीमगांव डैम पर सुबह बर्ड वॉचिंग, जनजातीय एवं समकालीन आर्ट फेयर (कला मेला), स्थानीय हस्तशिल्प एवं पारंपरिक व्यंजनों की प्रदर्शनी तथा समापन समारोह आयोजित किया जाएगा।
जशपुर जम्बूरी में एडवेंचर गतिविधियों के साथ जिले की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी विशेष स्थान दिया गया है। प्रतिभागियों को करमा एवं सुआ नृत्य, गोदना एवं छिंद कला, हस्तशिल्प कार्यशाला तथा स्थानीय व्यंजनों के माध्यम से जशपुर की जनजातीय परंपराओं और जीवनशैली से परिचित कराया जाएगा। इसके अलावा सासबहार्डी बायो गार्डन, बर्ड वॉचिंग और स्टार गेजिंग जैसी गतिविधियां प्रकृति प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण रहेंगी।
इस आयोजन का उद्देश्य जशपुर जिले को एडवेंचर टूरिज्म, इको टूरिज्म और सांस्कृतिक पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना, स्थानीय युवाओं एवं समुदाय को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ना तथा जिले की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक पहचान को व्यापक स्तर पर स्थापित करना है। जशपुर जम्बूरी निश्चित रूप से जिले में पर्यटन को नई दिशा देने, स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ाने और छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति को नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।
इस अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, जिला मिशन प्रबंधक श्री विजय शरण प्रसाद, डीपीएम श्री गयाप्रसाद चौरसिया, श्री भरत सिंह, श्री सुनील गुप्ता सहित जनप्रतिनिधिगण और अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
