बाल विवाह, मानव तस्करी और बाल श्रम जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ विद्यार्थियों को किया जागरूक, सेजेस पतराटोली में महिला एवं बाल विकास विभाग ने आयोजित की विशेष कार्यशाला
जशपुर। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिंदी माध्यम विद्यालय पतराटोली, विकासखंड दुलदुला में 4 नवंबर 2026 को जिला महिला एवं बाल विकास विभाग के तत्वावधान में विश्व मानसिक स्वास्थ्य एवं बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ विषय पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य, बाल अधिकार, बाल विवाह के दुष्परिणाम, मानव तस्करी, बाल श्रम तथा महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा के लिए संचालित शासकीय योजनाओं और सहायता सेवाओं की विस्तार से जानकारी दी गई।
उल्लेखनीय है कि विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस प्रतिवर्ष 10 अक्टूबर को मनाया जाता है। इसी के तहत जिला महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिले के विभिन्न शासकीय विद्यालयों में जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित कर विद्यार्थियों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने तथा स्वच्छ, सुरक्षित और जागरूक समाज के निर्माण का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यशाला में जिला कार्यक्रम नोडल श्रीमती नेहा नायक ने विश्व मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए शासन द्वारा संचालित मिशन शक्ति योजना, समर्थ, सखी वन स्टॉप सेंटर, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान और लिंगानुपात जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार की प्रताड़ना, घरेलू हिंसा, सामाजिक कुरीतियों अथवा मानसिक, शारीरिक एवं भावनात्मक परेशानी से जूझ रही महिलाएं शासन द्वारा जारी महिला हेल्पलाइन नंबर 181 पर संपर्क कर तत्काल सहायता प्राप्त कर सकती हैं। सखी वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से पीड़ित महिलाओं को काउंसलिंग एवं परामर्श, विधिक सहायता, पांच दिनों तक निःशुल्क आश्रय तथा स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
कार्यक्रम की दूसरी वक्ता श्रीमती लीलावती सिंह ने चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को बच्चों की सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बताया कि अनाथ, बेघर, बेसहारा और गुमशुदा बच्चों के संरक्षण एवं पुनर्वास के लिए बालक एवं बालिकाओं के अलग-अलग बाल आश्रय गृह संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि शिक्षा और जागरूकता के अभाव में कई बार बच्चे मानव तस्करी, शोषण, बाल विवाह तथा नौकरी और अच्छी कमाई का झांसा देने वाले लोगों के जाल में फंस जाते हैं। ऐसी परिस्थितियों से बचने के लिए सतर्कता, शिक्षा और सही जानकारी बेहद जरूरी है।
