मातृभाषा से शिक्षा की मजबूत नींव तैयार करने जशपुर में अनूठी पहल, सादरी भाषा में तैयार हो रही कक्षा पहली-दूसरी की नई शिक्षण सामग्री, 202 विद्यालयों के बच्चों को मिलेगा लाभ
जशपुर। बच्चों को उनकी मातृभाषा के माध्यम से शिक्षा से जोड़ने और प्रारंभिक कक्षाओं में सीखने की प्रक्रिया को सहज एवं प्रभावी बनाने की दिशा में जशपुर जिले में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। नींव बहुभाषी शिक्षा (MLE) कार्यक्रम के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के द्वितीय चरण के लिए कक्षा पहली एवं दूसरी के बच्चों हेतु सादरी भाषा में नई शिक्षण सामग्री विकसित की जा रही है। इसी कड़ी में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) जशपुर में 2 नवंबर से 5 नवंबर 2026 तक चार दिवसीय सामग्री निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।
कार्यशाला में जिला स्रोत समूह (DRG) के सदस्य बच्चों की स्थानीय भाषा, संस्कृति, रहन-सहन और परिवेश को ध्यान में रखते हुए शिक्षण सामग्री तैयार करने में जुटे हैं। इसके तहत बच्चों के लिए 12 बिग बुक के साथ अभ्यास पुस्तिकाएं तथा शिक्षकों के लिए संदर्शिका विकसित की जा रही हैं, ताकि कक्षाओं में पढ़ाई को बच्चों के अनुभवों और उनकी मातृभाषा से जोड़कर अधिक रुचिकर एवं प्रभावी बनाया जा सके।
इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहल में डाइट जशपुर द्वारा आवश्यक सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। डाइट की उपप्राचार्या श्रीमती संगीता भोई, श्री पैंकरा एवं श्री राठौर के मार्गदर्शन में सामग्री विकास की प्रक्रिया संचालित हो रही है। वहीं लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन (LLF) की राज्य, जिला एवं ब्लॉक स्तरीय टीम के सदस्य कार्यशाला में अकादमिक एवं तकनीकी सहयोग प्रदान कर रहे हैं।
नींव बहुभाषी शिक्षा कार्यक्रम जशपुर जिले के बगीचा एवं कुनकुरी विकासखंड के चयनित प्राथमिक विद्यालयों में संचालित किया जा रहा है। इन दोनों विकासखंडों में बच्चों की मातृभाषा सादरी है। ऐसे में बच्चों को शुरुआती शिक्षा उनकी परिचित भाषा में उपलब्ध कराने के साथ-साथ विद्यालयी भाषा हिंदी में दक्षता विकसित करने के लिए सादरी को एक मजबूत सेतु के रूप में उपयोग किया जा रहा है। इससे बच्चों को विद्यालयी वातावरण से जुड़ने, अपनी बात सहजता से व्यक्त करने और पढ़ाई को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में यह कार्यक्रम राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), छत्तीसगढ़ के मार्गदर्शन तथा लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन (LLF) के तकनीकी एवं अकादमिक सहयोग से संचालित हो रहा है। कार्यक्रम के तहत बगीचा और कुनकुरी विकासखंड के कुल 202 प्राथमिक विद्यालयों की कक्षा पहली एवं दूसरी में बहुभाषी शिक्षा लागू है।
द्वितीय चरण की शिक्षण सामग्री तैयार करने से पहले कार्यक्रम के प्रथम चरण के अंतर्गत दोनों विकासखंडों में पांच दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण आयोजित किया जा चुका है। इसके साथ ही संकुल अकादमिक समन्वयकों (CAC) के लिए तीन दिवसीय सहयोगात्मक पर्यवेक्षण प्रशिक्षण भी सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। प्रथम चरण में जिला स्रोत समूह द्वारा अभ्यास पुस्तिकाएं, शिक्षक संदर्शिका, बिग बुक, कविता चार्ट, कहानी की पुस्तकें, चित्र चार्ट एवं ग्रिड कार्ड जैसी उपयोगी शिक्षण सामग्री विकसित की गई थी। इन सामग्रियों के कक्षाओं में सफल उपयोग के बाद अब बच्चों की शैक्षणिक जरूरतों और स्थानीय परिवेश को ध्यान में रखते हुए दूसरे चरण की सामग्री तैयार की जा रही है।
कार्यशाला के बाद तैयार की गई सामग्री का विद्यालयों में प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर रहेगा। जिला शिक्षा विभाग एवं LLF की टीम के सहयोग से संकुल तथा विकासखंड अकादमिक समन्वयकों द्वारा शाला अवलोकन के दौरान कक्षाओं में इन सामग्रियों के उपयोग की निगरानी एवं आवश्यक अकादमिक सहयोग प्रदान किया जाएगा। इस पहल से जशपुर जिले के 202 प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को अपनी मातृभाषा के माध्यम से सीखने के बेहतर अवसर मिलेंगे। साथ ही स्थानीय भाषा और संस्कृति को शिक्षा से जोड़कर बच्चों की प्रारंभिक बुनियादी साक्षरता एवं भाषाई दक्षता मजबूत करने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण साबित होगी।
