सामाजिक बदलाव की शुरुआत सवाल उठाने से नहीं, समाधान का हिस्सा बनने से होती है—इस सोच को साकार करने सड़क पर उतरे NSS के युवा, अंबिकापुर-जशपुर स्टेट हाईवे के गड्ढे भरकर श्रमदान से पेश की जनसेवा की अनूठी मिसाल
बगीचा। सामाजिक बदलाव की शुरुआत तब होती है, जब युवा समस्याओं को देखकर केवल सवाल नहीं उठाते, बल्कि समाधान का हिस्सा भी बनते हैं। इसी भावना को चरितार्थ करते हुए शासकीय संत रामेश्वर गहिरा गुरुजी महाविद्यालय, बगीचा की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई ने जनहित में सराहनीय पहल की। महाविद्यालय के स्वयंसेवकों ने अंबिकापुर-जशपुर स्टेट हाईवे पर श्रमदान कर सड़क के गड्ढों की मरम्मत की और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का परिचय दिया।
दरअसल, अंबिकापुर-जशपुर मुख्य मार्ग के विभिन्न हिस्सों में बने गड्ढों के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। विशेषकर तेज गति से गुजरने वाले वाहनों के लिए ये गड्ढे दुर्घटना की आशंका बढ़ा रहे थे। जनसुरक्षा से जुड़े इस विषय को गंभीरता से लेते हुए महाविद्यालय की NSS इकाई ने पहल की और सड़क की स्थिति सुधारने के उद्देश्य से सामूहिक श्रमदान का आयोजन किया।
इस अभियान में महाविद्यालय के प्राध्यापकों, कर्मचारियों और स्वयंसेवकों ने कंधे से कंधा मिलाकर भाग लिया। सभी ने मिलकर सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्सों में मरम्मत कार्य किया। युवाओं के इस प्रयास ने यह साबित किया कि समाजहित के कार्यों के लिए बड़े संसाधनों से अधिक महत्वपूर्ण सामूहिक संकल्प और सेवा की भावना होती है।
कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय के प्राचार्य श्री शरद कुमार नेताम के नेतृत्व में तथा NSS कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राजीव रंजन तिग्गा के मार्गदर्शन में किया गया।
श्रमदान अभियान में महाविद्यालय के अतिथि व्याख्याता गिरिश वर्मा, पूनम माणिकपुरी एवं सुजीत वर्मा के साथ कन्या शाला बगीचा के व्याख्याता डॉ. अफजल इमाम, सुरेंद्र पैकरा, जगजीवन राम एवं आकाश भगत ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
इस दौरान NSS स्वयंसेवकों वरुथिनी परते, अनुरानी टोप्पो, प्रिया नागेश, राशिद कुमार, कमलेश राम, मोनिका भगत, रवीना तिग्गा, असंग एक्का एवं सुदर्शन यादव ने पूरे उत्साह के साथ श्रमदान किया।
सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का सशक्त माध्यम है NSS
कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य श्री शरद कुमार नेताम ने स्वयंसेवकों के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ सामाजिक जीवन की वास्तविक परिस्थितियों से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच है। समाज की समस्याओं को समझना और उनके निराकरण में अपनी भूमिका निभाना प्रत्येक जागरूक नागरिक का दायित्व है। युवाओं की ऐसी सक्रियता समाज के लिए सकारात्मक संदेश है।
वहीं NSS कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राजीव रंजन तिग्गा ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का ध्येय वाक्य 'मैं नहीं, बल्कि आप' सेवा, सहयोग और परोपकार की भावना को अभिव्यक्त करता है।
