भारी बारिश और खराब मौसम भी नहीं डिगा सकी सुहागिनों की आस्था, पति की लंबी उम्र के लिए महिलाओं ने रखा निर्जला करवा चौथ व्रत
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भारी बारिश और खराब मौसम भी नहीं डिगा सकी सुहागिनों की आस्था, पति की लंबी उम्र के लिए महिलाओं ने रखा निर्जला करवा चौथ व्रत

जशपुर। जिले में लगातार हो रही भारी बारिश और खराब मौसम के बावजूद सुहागिन महिलाओं की आस्था और विश्वास में कोई कमी नहीं आई। पति की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना को लेकर महिलाओं ने पूरे दिन निर्जला करवा चौथ का व्रत रखा। इस दौरान महिलाओं ने दिनभर बिना अन्न-जल ग्रहण किए अपने पति की दीर्घायु के लिए उपवास किया।

करवा चौथ हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखने वाला पर्व है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य की कामना करते हुए विधि-विधान से व्रत रखती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, करवा नाम की एक पतिव्रता महिला ने अपने पति के प्राणों की रक्षा के लिए अपनी पतिव्रता शक्ति से यमराज को प्रसन्न कर लिया था। तभी से करवा चौथ का व्रत पति की लंबी उम्र और रक्षा के प्रतीक के रूप में मनाए जाने की मान्यता प्रचलित है। वहीं, माता पार्वती द्वारा भगवान शिव को प्राप्त करने के लिए तप और व्रत करने तथा अखंड सौभाग्य का वरदान मिलने की कथा भी इस पर्व से जुड़ी हुई है।

करवा चौथ के दिन महिलाएं सुबह से ही व्रत का संकल्प लेकर दिनभर निर्जला उपवास रखती हैं। शाम को सोलह श्रृंगार कर करवा माता की पूजा-अर्चना करती हैं और पारंपरिक रूप से करवा चौथ की कथा सुनती हैं। इसके बाद रात में चंद्रमा के दर्शन कर अर्घ्य अर्पित किया जाता है तथा पति के हाथों जल ग्रहण कर व्रत का पारण किया जाता है।

मान्यता के अनुसार, पूजा में इस्तेमाल होने वाले मिट्टी के पात्र को करवा कहा जाता है, जिससे चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है। इसी करवे के नाम पर इस पर्व को करवा चौथ कहा जाता है। जिले में खराब मौसम और लगातार बारिश के बीच भी महिलाओं ने पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ इस पारंपरिक पर्व को मनाया। पति-पत्नी के प्रेम, विश्वास और अटूट रिश्ते का प्रतीक करवा चौथ एक बार फिर क्षेत्र में धार्मिक आस्था और पारिवारिक परंपराओं की झलक दिखाता नजर आया।

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