नारायणपुर में माता रानी की भव्य विसर्जन शोभायात्रा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर नाचते-गाते निकले महिला-पुरुष, श्रीराम के हाथों रावण दहन और भव्य आतिशबाजी ने बांधा समां
ताजा खबरें


बड़ी खबर

नारायणपुर में माता रानी की भव्य विसर्जन शोभायात्रा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर नाचते-गाते निकले महिला-पुरुष, श्रीराम के हाथों रावण दहन और भव्य आतिशबाजी ने बांधा समां

मां दुर्गा की विसर्जन शोभायात्रा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, ढोल-नगाड़ों की धुन पर झूमे महिला-पुरुष, राम-लक्ष्मण-हनुमान के रूप में सजे नन्हे बच्चों ने मोहा मन

नारायणपुर। बुराई पर अच्छाई, असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक विजयादशमी का पर्व मंगलवार को नारायणपुर में पूरे उत्साह, उमंग और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर नगर में मां दुर्गा की प्रतिमाओं की भव्य विसर्जन शोभायात्रा निकाली गई, वहीं कन्या शाला मैदान में आकर्षक आतिशबाजी के बीच भगवान श्रीराम के हाथों रावण दहन किया गया। एक ओर मां दुर्गा की विदाई के दौरान श्रद्धालुओं की आंखें नम हुईं, तो दूसरी ओर रावण दहन के समय जय श्रीराम के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। दशहरे के इस आयोजन में नगरवासियों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली।

शारदीय नवरात्रि की पूजा-अर्चना संपन्न होने के बाद मंगलवार को नारायणपुर के विभिन्न दुर्गा पंडालों से मां दुर्गा की प्रतिमाओं की विसर्जन यात्रा निकाली गई। ढोल-नगाड़ों, डीजे और भक्तिगीतों की गूंज के बीच निकली शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा और बच्चे शामिल हुए। माता रानी के जयकारे लगाते हुए श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ आगे बढ़ते रहे। विसर्जन शोभायात्रा के दौरान महिला-पुरुषों ने भक्तिगीतों और ढोल-नगाड़ों की धुन पर जमकर नृत्य किया। युवाओं की टोलियां डीजे की धुन पर थिरकती हुई चल रही थीं, वहीं महिलाएं और युवतियां भी माता के भजनों पर नृत्य करते हुए उत्सव की खुशियां मनाती नजर आईं। श्रद्धालुओं के उत्साह और माता रानी के जयकारों से नगर का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया।

दुर्गा पंडालों से प्रारंभ हुई विसर्जन शोभायात्रा जय स्तंभ चौक, नगर बस्ती चौक, अटल चौक, कन्या शाला मैदान और रावण दहन स्थल सहित नगर के प्रमुख चौक-चौराहों और मुख्य मार्गों से होकर गुजरी। शोभायात्रा के रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन के लिए खड़े रहे। लोगों ने माता रानी की प्रतिमाओं का स्वागत किया और श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। सड़क किनारे महिला, पुरुषों और बच्चों की भीड़ लगी रही। माता की प्रतिमाओं के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। पूरे मार्ग में जय माता दी के जयकारे गूंजते रहे। विसर्जन यात्रा के दौरान भक्ति, उल्लास और धार्मिक आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला।

अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश, रावण दहन के साथ आसमान में बिखरी आतिशबाजी की छटा

विजयादशमी के अवसर पर नारायणपुर के कन्या शाला मैदान में रावण दहन का भव्य आयोजन किया गया। भगवान श्रीराम के स्वरूप में सजे पात्र के हाथों रावण के पुतले का दहन किया गया। जैसे ही श्रीराम ने रावण दहन किया, मैदान में उपस्थित लोगों ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए। इसके साथ ही आसमान में रंग-बिरंगी आतिशबाजी का शानदार नजारा दिखाई दिया। भव्य आतिशबाजी से पूरा मैदान रोशनी से जगमगा उठा। आसमान में चमकती रंग-बिरंगी रोशनी और पटाखों की गूंज ने दशहरा उत्सव के रोमांच को और बढ़ा दिया। रावण दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में नगरवासी मैदान में पहुंचे थे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। आतिशबाजी के मनमोहक दृश्य को लोगों ने उत्सुकता के साथ देखा और इस यादगार पल का आनंद उठाया।

दशहरा उत्सव में छोटे-छोटे बच्चों का आकर्षक रूप भी लोगों के बीच चर्चा का विषय रहा। भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और वीर हनुमान के स्वरूप में सजे नन्हे बच्चे बेहद मनमोहक लग रहे थे। पारंपरिक वेशभूषा और धार्मिक पात्रों के रूप में उनकी साज-सज्जा ने आयोजन की शोभा बढ़ा दी। इन नन्हे बच्चों को देखकर लोगों के चेहरे खिल उठे। बच्चों के आकर्षक रूप ने दशहरे के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को जीवंत कर दिया। भगवान श्रीराम के हाथों रावण दहन और रामायण के प्रमुख पात्रों के स्वरूप में सजे बच्चों की मौजूदगी ने पूरे आयोजन को विशेष बना दिया।

रावण दहन के बाद भी मैदान में लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था। युवा और बच्चे दशहरा उत्सव की खुशियों में डूबे नजर आए। भगवान श्रीराम के हाथों रावण दहन का दृश्य बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दे रहा था। पूरे आयोजन के दौरान जय श्रीराम के जयकारों और आतिशबाजी से वातावरण उत्साहपूर्ण बना रहा।

दूसरी ओर, नगर भ्रमण के बाद मां दुर्गा की प्रतिमाएं रानीकोम्बो स्थित तालाब पहुंचीं, जहां विधि-विधान के साथ प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा को नम आंखों से विदाई दी और अगले वर्ष फिर आने की कामना की। मां की विदाई के समय भक्तों के चेहरों पर भावुकता दिखाई दी। नौ दिनों तक मां दुर्गा की आराधना और पूजा-अर्चना के बाद प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ शारदीय नवरात्रि उत्सव का समापन हुआ। श्रद्धालुओं ने माता रानी से अपने परिवार, नगर और क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना की।

गौरतलब है कि नारायणपुर में 11 अक्टूबर को कलश स्थापना के साथ शारदीय नवरात्रि की पूजा प्रारंभ हुई थी। नौ दिनों तक विभिन्न दुर्गा पंडालों में मां दुर्गा की आराधना, पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मंगलवार को हवन-पूजन के बाद नवरात्रि उत्सव संपन्न हुआ। इसके बाद मां दुर्गा की प्रतिमाओं की विसर्जन शोभायात्रा और विजयादशमी पर रावण दहन के आयोजन ने नगर में धार्मिक उत्साह को और बढ़ा दिया। महिलाओं, पुरुषों, युवाओं और बच्चों की भागीदारी से नारायणपुर में दशहरा पर्व भक्तिभाव और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। श्रीराम के हाथों रावण दहन, भव्य आतिशबाजी, राम-लक्ष्मण-हनुमान के स्वरूप में सजे नन्हे बच्चों और मां दुर्गा की विदाई के भावुक दृश्यों ने इस वर्ष के दशहरा उत्सव को यादगार बना दिया।

माता रानी की विसर्जन शोभायात्रा में पुलिस रही मुस्तैद, थाना प्रभारी ने खुद संभाली ट्रैफिक व्यवस्था
नारायणपुर। मां दुर्गा की प्रतिमाओं की भव्य विसर्जन शोभायात्रा को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में नारायणपुर पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका रही। थाना प्रभारी स्वयं सड़क पर उतरकर यातायात व्यवस्था संभालते नजर आए। पुलिस जवानों ने भी पूरी मुस्तैदी के साथ भीड़ को नियंत्रित करने और आवागमन सुचारु बनाए रखने में सहयोग किया। पुलिस की सक्रियता से विसर्जन शोभायात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिली।

Leave Your Comment

Click to reload image