शारदीय नवरात्र की सप्तमी पर तीन आश्रमों में दिखेगा मां भगवती की भक्ति का अद्भुत नजारा, सोगड़ा, नारायणपुर और गम्हरिया में निकलेगा भव्य डोला, दर्शन के लिए उमड़ेंगे श्रद्धालु
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शारदीय नवरात्र की सप्तमी पर तीन आश्रमों में दिखेगा मां भगवती की भक्ति का अद्भुत नजारा, सोगड़ा, नारायणपुर और गम्हरिया में निकलेगा भव्य डोला, दर्शन के लिए उमड़ेंगे श्रद्धालु

नारायणपुर। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर सप्तमी तिथि शनिवार, 17 अक्टूबर को सोगड़ा आश्रम एवं जनसेवा अभेद आश्रम नारायणपुर में मां भगवती का भव्य डोला निकाला जाएगा। मां कालरात्रि की विधि-विधान से पूजा-अर्चना और विशेष श्रृंगार के पश्चात मां भगवती को सुसज्जित डोले में विराजमान कर पारंपरिक वाद्ययंत्रों, ढोल-नगाड़ों, भजन-कीर्तन और जयकारों के बीच नगर भ्रमण कराया जाएगा। इस धार्मिक आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहता है। मां भगवती के डोले के दर्शन करने और उनकी आरती उतारकर स्वागत करने के लिए भक्त पूरे श्रद्धाभाव से इंतजार करते हैं।

सोगड़ा स्थित जनसेवा अभेद आश्रम में प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी नवरात्र की सप्तमी पर विशेष धार्मिक आयोजन किया जाएगा। ब्रह्मनिष्ठालय, सोगड़ा आश्रम में मां कालरात्रि का विधिवत पूजन संपन्न होगा। इसके बाद मां भगवती को विशेष रूप से सजाए गए डोले में विराजमान किया जाएगा। शाम 6:30 बजे के बाद पारंपरिक वाद्ययंत्रों, भजन-कीर्तन और मां के जयकारों के साथ डोला निकलेगा। भगवती मंदिर से प्रारंभ होकर डोला आश्रम परिसर की परिक्रमा करते हुए पुनः मंदिर पहुंचेगा, जहां विशेष पूजा-अर्चना के बाद मां भगवती की आरती की जाएगी।

वहीं, नारायणपुर के जनसेवा अभेद आश्रम में भी सप्तमी के दिन मां भगवती का डोला पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाला जाएगा। ढोल-नगाड़ों की गूंज, भजन-कीर्तन और मां के जयकारों के बीच डोला आश्रम परिसर से प्रारंभ होकर जयस्तंभ चौक, नारायणपुर की नगर बस्ती और अटल चौक होते हुए पुनः आश्रम परिसर पहुंचेगा। यहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद मां भगवती की आरती की जाएगी। डोला उत्सव के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय रहेगा और श्रद्धालु मां के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।

नारायणपुर में जब मां का डोला नगर भ्रमण करते हुए लोगों के घरों के सामने पहुंचते ही मां भगवती की आरती उतारी जाती है और श्रद्धापूर्वक उनका स्वागत किया जाता है। मां के दर्शन पाने के लिए श्रद्धालु अपने घरों के सामने एकत्रित होते हैं। भक्तों के लिए अपने घर और नगर बस्ती से मां भगवती का डोला गुजरना सौभाग्य का अवसर माना जाता है। इस दौरान मां के जयकारों से नगर का माहौल भक्तिमय हो उठता है।

शारदीय नवरात्र की सप्तमी तिथि को मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। इस दिन मां भगवती का विशेष श्रृंगार कर विधि-विधान से पूजन किया जाता है। सोगड़ा आश्रम सहित जिले के ओघड़ आश्रमों में सप्तमी के अवसर पर होने वाले पूजन और डोला उत्सव को श्रद्धालु विशेष धार्मिक महत्व देते हैं। बड़ी संख्या में भक्त इस आयोजन में शामिल होकर मां भगवती के दर्शन करते हैं और सुख-समृद्धि, खुशहाली तथा परिवार की मंगलकामना के साथ पूजा-अर्चना करते हैं।

सप्तमी के पावन अवसर पर सोगड़ा आश्रम और नारायणपुर में मां भगवती का डोला श्रद्धा, भक्ति और पारंपरिक उत्साह के साथ निकलेगा। भजन-कीर्तन, ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच मां का नगर भ्रमण श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेगा। घर-घर आरती और भक्तों के स्वागत के साथ यह आयोजन नारायणपुर की धार्मिक आस्था और वर्षों से चली आ रही परंपरा को जीवंत करेगा।

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