मनोरा के मूटू जकबा जंगल में गौ तस्करी का मामला, पुलिस ने 10 गौवंशों को कराया मुक्त; अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर तस्कर फरार
जशपुर। जिले में गौ तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन शंखनाद के तहत जशपुर पुलिस ने एक बार फिर कार्रवाई करते हुए 10 गौवंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया है। मामला मनोरा चौकी क्षेत्र के ग्राम मूटू जकबा के जंगल का है, जहां कुछ लोग गौवंशों को पैदल हांककर झारखंड की ओर ले जा रहे थे। पुलिस की टीम को देखकर संदिग्ध तस्कर अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने सभी 10 गौवंशों को सुरक्षित बरामद कर लिया है और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 14 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 4:30 बजे चौकी मनोरा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम मूटू जकबा के जंगल के रास्ते कुछ लोग बड़ी संख्या में गौवंशों को पैदल हांककर झारखंड की ओर ले जा रहे हैं। सूचना में गौवंशों के साथ बेरहमी से मारपीट किए जाने की बात भी सामने आई थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए मनोरा पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया और तत्काल पुलिस टीम को मौके के लिए रवाना किया।
ग्राम मूटू जकबा के जंगल में पहुंचने पर पुलिस ने देखा कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति गौवंशों को तेजी से पैदल हांककर ले जा रहे थे। पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर उन्हें पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस को देखकर संदिग्ध गौ तस्कर गौवंशों को मौके पर छोड़कर जंगल की ओर भाग निकले। अंधेरा होने और जंगल का फायदा उठाने के कारण आरोपी पुलिस की पकड़ में नहीं आ सके।
इसके बाद पुलिस ने मौके पर मौजूद सभी 10 गौवंशों को सुरक्षित बरामद किया। बरामद गौवंशों का पशु चिकित्सक से स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया है। पुलिस अब फरार आरोपियों की पहचान करने और उनकी गिरफ्तारी के लिए पतासाजी कर रही है।
गौ तस्करी के मामले में अपराध दर्ज
मामले में चौकी मनोरा पुलिस ने छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 4, 6 एवं 10 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11(1)(क) एवं (घ) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले में संलिप्त आरोपियों की तलाश जारी है और उनकी पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ऑपरेशन शंखनाद के तहत जारी रहेगी कार्रवाई
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि मनोरा क्षेत्र से 10 गौवंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया गया है। मामले में आरोपी फरार हैं, जिनकी पुलिस लगातार तलाश कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गौ तस्करी के मामलों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ऑपरेशन शंखनाद के तहत कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी मनोरा उप निरीक्षक विवेक कुमार भगत, सहायक उप निरीक्षक शांति प्रमोद टोप्पो, प्रधान आरक्षक निर्मल बड़ा तथा आरक्षक शैलेन्द्र तोमर और सुधीर मिश्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
