नौ दिनों तक शक्ति उपासना और आध्यात्मिक साधना में लीन रहेंगे श्रद्धालु, नारायणपुर अघोर आश्रम में विशेष अनुष्ठानों के साथ मनाया जा रहा नवरात्र महोत्सव
सप्तमी को निकलेगी मां सर्वेश्वरी की भव्य डोली यात्रा, सोलह श्रृंगार के साथ ग्राम भ्रमण करेंगी माता; अष्टमी-नवमी पर विशेष अनुष्ठान, कन्या पूजन और प्रसाद वितरण के साथ होगा नवरात्र महोत्सव का समापन
नारायणपुर । शक्ति की आराधना, आध्यात्मिक साधना और अटूट श्रद्धा के संगम के रूप में नवरात्र महोत्सव का विशेष महत्व है। देशभर के विभिन्न अघोर एवं औघड़ आश्रमों में नवरात्र का पर्व विशेष आध्यात्मिक अनुष्ठानों, हवन-पूजन और साधना के साथ मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में जशपुर जिले के नारायणपुर स्थित जनसेवा अभेद आश्रम में प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुरूप नवरात्र महोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। आश्रम परिसर में मां सर्वेश्वरी की आराधना के साथ आध्यात्मिक गतिविधियों का सिलसिला जारी है। नौ दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ दूसरे राज्यों से पहुंचने वाले साधक भी शामिल होकर मां की आराधना कर रहे हैं।
अघोर परंपरा में शक्ति उपासना को साधना और आत्मिक अनुशासन का महत्वपूर्ण अंग माना जाता है। इसी परंपरा के अनुरूप नारायणपुर स्थित अघोर पीठ में प्रतिदिन सुबह और संध्या विशेष हवन-पूजन, आरती तथा प्रसाद वितरण किया जा रहा है। आश्रम में अघोर गुरु संहिता का पाठ, सामूहिक योग साधना और अनुभवी साधकों के मार्गदर्शन में साधना सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं। इन धार्मिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियों के माध्यम से श्रद्धालु नवरात्र के नौ दिनों को भक्ति, साधना और आत्मचिंतन के लिए समर्पित कर रहे हैं।
मां सर्वेश्वरी की आराधना में जुट रहे श्रद्धालु
नारायणपुर स्थित अघोर पीठ के देवी मंदिर में नवरात्र के दौरान विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है। यहां विधि-विधान के साथ मां सर्वेश्वरी की उपासना की जा रही है। सुबह से लेकर संध्या तक आश्रम में धार्मिक गतिविधियों का वातावरण बना रहता है। मां के दर्शन, पूजन और अनुष्ठानों में भाग लेने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु आश्रम पहुंच रहे हैं।
नवरात्र महोत्सव की विशेषता यह है कि इसमें केवल स्थानीय क्षेत्र के भक्त ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड सहित अन्य राज्यों से भी साधक पहुंचते हैं। कई साधक पूरे नौ दिनों तक आश्रम में निवास करते हुए विभिन्न अनुष्ठानों और साधना कार्यक्रमों में शामिल होते हैं। अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं की उपस्थिति इस आयोजन को व्यापक आध्यात्मिक स्वरूप प्रदान करती है।
आश्रम में मां सर्वेश्वरी की पूजा-अर्चना के साथ सामूहिक साधना और धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व है। श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ इन कार्यक्रमों में भाग लेते हैं। नवरात्र के दौरान आश्रम परिसर में भक्ति और साधना का वातावरण बना हुआ है।
सप्तमी तिथि को निकलेगी मां सर्वेश्वरी की भव्य डोली यात्रा
नारायणपुर अघोर आश्रम में नवरात्र महोत्सव का सबसे विशेष आकर्षण सप्तमी तिथि को निकलने वाली मां सर्वेश्वरी की भव्य डोली यात्रा है। वर्षों से चली आ रही इस परंपरा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहता है। परंपरा के अनुसार सप्तमी के दिन मां सर्वेश्वरी का सोलह श्रृंगार किया जाता है। विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद माता को सुसज्जित डोली में विराजमान कराया जाता है। इसके पश्चात बाजे-गाजे और संकीर्तन के साथ मां की डोली यात्रा निकाली जाती है, जो पूरे नारायणपुर ग्राम का भ्रमण करती है।
**मां सर्वेश्वरी की डोली यात्रा के दौरान गांव में जगह-जगह और घर-घर श्रद्धा व भक्ति का अनूठा नजारा देखने को मिलता है।** माता की डोली जब गांव की गलियों से होकर गुजरती है, तो ग्रामीण अपने घरों के सामने पूजा की थाली सजाकर माता का स्वागत करते हैं। श्रद्धालु विधि-विधान से पूजा-अर्चना और आरती कर मां सर्वेश्वरी के दर्शन करते हैं तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। घर-घर में माता की आरती उतारकर श्रद्धालु अपनी आस्था प्रकट करते हैं। इस दौरान गांव का वातावरण भक्तिमय हो उठता है और मां के जयकारों के साथ भजन-कीर्तन की गूंज सुनाई देती है।
डोली यात्रा में शामिल होने और मां की डोली को अपने कंधों पर उठाने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहता है। भक्त इसे मां की सेवा और सौभाग्य का अवसर मानते हैं। बाजे-गाजे और संकीर्तन के साथ निकलने वाली यह यात्रा देर रात तक चलती है।
अष्टमी-नवमी पर होंगे विशेष धार्मिक अनुष्ठान
नवरात्र महोत्सव के अंतिम चरण में अष्टमी और नवमी तिथि पर विशेष पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। इन अवसरों पर मां की आराधना के साथ श्रद्धालु पूजा-पाठ में भाग लेंगे। नवरात्र के नौ दिनों तक चलने वाले अनुष्ठानों की पूर्णाहुति के अवसर पर आश्रम में विशेष धार्मिक कार्यक्रम होंगे।
नवमी के दिन कन्या पूजन और विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। कन्या पूजन के पश्चात श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद एवं भोजन की व्यवस्था रहेगी। इस आयोजन में बड़ी संख्या में भक्तों और क्षेत्रवासियों के शामिल होने की संभावना है। कन्या पूजन, पूजा-अर्चना और भंडारे के साथ नवरात्र महोत्सव का समापन होगा।
सोगड़ा आश्रम और गम्हरिया में भी साधना का दौर
नारायणपुर के साथ जशपुर जिले के अन्य अघोर आश्रमों में भी नवरात्र के अवसर पर धार्मिक गतिविधियां जारी हैं। सोगड़ा आश्रम तथा वामदेव नगर, गम्हरिया स्थित मां सर्वेश्वरी समूह में भी साधना, पूजा-अर्चना और आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
अघोर एवं औघड़ परंपरा से जुड़े इन आश्रमों में नवरात्र शक्ति की उपासना और साधना के विशेष अवसर के रूप में मनाया जाता है। श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुरूप पूजा-पाठ और साधना में भाग ले रहे हैं।
