सड़क की क्षमता कम, भारी वाहनों का दबाव ज्यादा, सिंगीबहार से अबिरा और झारखंड सीमा को जोड़ने वाले मार्ग पर ओवरलोड ट्रकों की लगातार आवाजाही से सड़क की हालत बिगड़ने लगी
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सड़क की क्षमता कम, भारी वाहनों का दबाव ज्यादा, सिंगीबहार से अबिरा और झारखंड सीमा को जोड़ने वाले मार्ग पर ओवरलोड ट्रकों की लगातार आवाजाही से सड़क की हालत बिगड़ने लगी

जशपुर। सिंगीबहार से अबिरा होते हुए झारखंड सीमा को जोड़ने वाली करीब 5.6 किलोमीटर लंबी सड़क पर क्षमता से अधिक भार वाले भारी वाहनों की लगातार आवाजाही अब सड़क की सेहत पर भारी पड़ने लगी है। ग्रामीण आवागमन के लिए बनाए गए इस महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग पर बड़े-बड़े मालवाहक ट्रकों की लगातार आवाजाही से सड़क की सतह पर नुकसान के संकेत दिखाई देने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की निर्धारित क्षमता से अधिक लोड लेकर चलने वाले वाहनों के लगातार गुजरने से सड़क पर अत्यधिक दबाव पड़ रहा है, जिसके कारण सड़क की ऊपरी परत जगह-जगह उखड़ने लगी है।

मौके की तस्वीरों में भी भारी मालवाहक ट्रक इस ग्रामीण मार्ग से गुजरते दिखाई दे रहे हैं। लगातार भारी वाहनों के आवागमन से सड़क के किनारों और सतह पर दबाव का असर नजर आने लगा है। ग्रामीणों के अनुसार सामान्य यातायात के लिए बनाई गई सड़क पर जब क्षमता से अधिक वजन वाले वाहन लगातार गुजरते हैं तो सड़क की संरचना पर अतिरिक्त भार पड़ता है। इससे सड़क की ऊपरी परत कमजोर होकर टूटने और उखड़ने लगती है। बारिश के दौरान सड़क के कमजोर हिस्सों में पानी पहुंचने से नुकसान और बढ़ने की आशंका रहती है।

सिंगीबहार से अबिरा होते हुए झारखंड सीमा तक पहुंचने वाला यह मार्ग क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क सड़क है। इस मार्ग से ग्रामीणों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में आवागमन होता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का निर्माण ग्रामीणों की सुविधा और आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से किया गया है, लेकिन वर्तमान में बड़े मालवाहक वाहनों और क्षमता से अधिक लोड वाले वाहनों की आवाजाही बढ़ने से सड़क पर लगातार दबाव बना हुआ है।

ग्रामीणों का कहना है कि ओवरलोड वाहनों के गुजरने से सड़क को होने वाला नुकसान तत्काल पूरी तरह नजर नहीं आता, लेकिन लगातार अधिक भार पड़ने से सड़क की मजबूती धीरे-धीरे कम होती जाती है। पहले सड़क की सतह में दरारें और उखड़ने की स्थिति बनती है, इसके बाद यही नुकसान आगे चलकर गड्ढों और बड़े क्षतिग्रस्त हिस्सों में बदल सकता है। यदि समय रहते भारी वाहनों के आवागमन और ओवरलोडिंग पर नियंत्रण नहीं लगाया गया तो आने वाले समय में सड़क की स्थिति और खराब होने की आशंका है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क की निर्धारित क्षमता से अधिक भार लेकर गुजरने वाले वाहनों की जांच की जाए और ओवरलोड वाहनों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पूरी तरह खराब होने के बाद मरम्मत कराने के बजाय अभी से आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि सरकारी राशि से बनी इस सड़क को समय से पहले क्षतिग्रस्त होने से बचाया जा सके और ग्रामीणों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिलती रहे।

"ग्रामीणों से सूचना मिली है,प्रधानमंत्री सड़क पर क्षमता से अधिक भारी वाहन लगातार आवागमन कर रही है,जिससे जल्द ही सड़क खराब होने की संभावना बढ़ जाती है। उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया जाएगा। भारी वाहनों पर रोक लगना आवश्यक है"

राजेश कुमार दुबे - एस डी ओ प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना -जशपुर

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